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फ़ेसबुक .....चेहरों के अफ़साने

वो जो , हैं न .........मेरे दोस्त , सब के सब अनमोल , बेशकीमती , ..अपनी बातें , यादें , किस्से, गुस्से , इश्क और रिस्क तक को अपने चेहरों की बोली में कहने पर उतारू हो जाते हैं न तो कसम से ...क़त्ल कर डालते हैं ...कुछ ऐसा ही लगता है ,हमें उनकी आदत है , उन्हें रोज़ पढ़ते हैं ,कलम उनकी कातिल है , हम रोज़ म...
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Tag :दोस्तों के अपडेट्स
  December 17, 2016, 1:41 pm
Rashmi Ravijaकुछ दिनों से गौर कर रही हूँ ।कुछ नामचीन लेखक/लेखिकाएं मुझे अन्फ्रेंड किये जा रहे हैं ।एक नामी प्रकाशक ने भी अन्फ्रेंड कर दिया ।वैसे भी कभीकभार ही वे लोग मेरी वाल पर आते थे मैं भी उनके स्टेटस पर नियमित नहीं थी पर जन्मदिन , एनिवर्सरी, किसी खुशखबरी की बधाई जरूर दिया क...
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Tag :facebook updates
  September 23, 2016, 6:43 am
अब ये जरूरी तो नहीं कि दोस्त जो भी कहें उसके लिए उन्हें ब्लॉगपोस्ट तक पहुंचना  ही पड़े | असल में मित्र सूची में इतने गुनी और कमाल की प्रतिभा के मालिक लोग हैं कि मन करता है एक एक शब्द को सहेज लिया जाए , कुछ को साझा कर लेता हूँ अपने और अपने मित्र समूह के लिए , यही सोच कर ब्लॉग्ग...
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Tag :फेसबुक
  September 15, 2016, 6:50 pm
टी एस दरालमलाई का हलवा : ये आपको किसी हलवाई की दुकान पर नहीं मिलेगा । खाने के लिए संपर्क करें ।सुनीता शानूहम पे सोने का पेन था जब तकसब खतों के जवाब आते थेतितलियां भेजते थे हम खत मेऔर उधर से गुलाब आते थेफ़हमी बदायूनीPadm Singhअयोध्या में हनुमान गढ़ी से लेकर जन्मभूमि तक पतली गली ...
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Tag :अपडेट
  December 6, 2015, 12:43 pm
  इसमें कोई संदेह नहीं कि व्हाट्स एप्प ने सोशल नेटवर्किंग साइट्स में खुद को सांझा करने के अन्य सभी प्लेटफ़ार्मों को पीछे छोड दिया है किंतु , फ़ेसबुक अब भी रत्ती भर भी निष्क्रिय नहीं हुआ है इसलिए हमारी मित्र मंडली में कही सुनी बातों को यहां इस ब्लॉग पोस्ट पर सहेज़ लेते हैं...
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Tag :फेसबुक
  January 29, 2015, 8:18 pm
फ़ेसबुक पर दोस्त/मित्र/सखा/सहेलियां कमाल के दिलचस्प शब्द, भाव , पंक्तियां , मुक्तक , छंद , शेर , और जाने किन किन विधाओं में खुद को अभिव्यक्त करते हैं उन्हें यहां एक ब्लॉग पोस्ट में सहेज़ते रहने के ख्याल से शुरू किया गया था ये ब्लॉग , लीजीए पढिए आज की कुछ चुनिंदा अभिवक्तियां ..........
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Tag :
  December 26, 2014, 6:02 pm
    अनूप शुक्ल  "हरिशंकर परसाई को मुकम्मल जानना आसान नहीं है। इसका दावा करना भी असम्भव है। इसमें समाजशास्त्र , सौंदर्यशास्त्र और आलोचना-कर्म की बहुतेरी जटिलतायें हैं।"-ज्ञानरंजन   Brajrani Mishraघुघनी+पूड़ी+ठेचा=उत्तम आहार...   Rashmi Prabhaई लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी के सफ...
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Tag :facebook updates
  October 5, 2014, 4:11 pm
 फ़ेसबुक पर साथी दोस्त मित्र सक्रिय रहते हैं , अपने अपने मिज़ाज़ और अपने अपने अंदाज़ में , दोस्तों को पढने का भी अपना ही एक मज़ा है और फ़िर इसे तो मुखपुस्तक कहा जाता है , तो मैं इन चेहरों को रोज़ पढता हूं और उनमें से कुछ चुनिंदा को यहां इस कोने पर सहेज़ लेता हूं , देखिए आप भी इन दिलचस...
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Tag :दोस्त
  September 17, 2014, 9:49 pm
  Rahul Singhअपने आसपास ही क्‍या-क्‍या नहीं.   Anshu Mali Rastogiबरसों पहले हमारे मोहल्ले में एक सज्जन रहा करते थे नाम था- तोतापरी।    अजय त्यागीfeeling उलझन  आय का क्या अर्थ होता है? खर्च या बचत?       Mukesh Kapilआज का दिन काफी अच्छा जा रहा है ।1 थोक महंगाई दर पिछले पांच साल में सबसे क...
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Tag :
  September 16, 2014, 3:55 pm
 Amitabh BachchanFB 712 - 14 सितम्बर - 'हिन्दी दिवस'है ! ऋता शेखर 'मधु'हिन्दी भाषा...हिन्दी भाषा में उगी, कविताओं की पौधसजे हुए हैं शाख पर, पन्त गुप्त हरिऔधपन्त गुप्त हरिऔध, महादेवी जयशंकरजायसी कालिदास, रहीम सुभद्रा दिनकरतुलसी जी के राम, कृष्णलीला कालिन्दीपा उन्नत साहित्य, फूलती फलती ...
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Tag :
  September 14, 2014, 5:54 pm
   Ajit Guptaमैंने देखा है कि फेसबुक पर कुछ लोगों की कभी कोई पोस्‍ट नहीं आती लेकिन आपकी पोस्‍ट पर ऊल-जलूल लिखने के लिए सबसे पहले आ धमकते हैं। आप कैसी भी बात लिखें लेकिन ये लोग छिछालेदारी करने से बाज नहीं आते, ऐसा लगता है कि ऐसे लोग फेसबुक पर केवल इसीलिए हैं कि वे बिना सर-पैर की...
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  May 29, 2014, 6:55 pm
   Abhishek Kumar२३ मार्चउसकी शहादत के बाद बाकी लोगकिसी दृश्य की तरह बचेताज़ा मुंदी पलकें देश में सिमटती जा रही झांकी कीदेश सारा बच रहा बाकीउसके चले जाने के बादउसकी शहादत के बादअपने भीतर खुलती खिडकी मेंलोगों की आवाजें जम गयींउसकी शहादत के बाद देश की सबसे बड़ी पार्टी के ल...
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Tag :दोस्तों के अपडेट्स
  March 23, 2014, 1:04 pm
दोस्तों को पढना जितना भाता है , उन्हें सराहना जितना पसंद आता है उतना ही उनकी कही लिखी को संजोने/सहेज़ने में आनंद आता है । इसीलिए मैंने इसके लिए ये खास कोना बना रखा है , गाहे बेगाहे इस पन्ने पर चुन कर कुछ मोती जो फ़ेसबुक पर जडे होते हैं उन्हें यहां चुन कर सज़ा लेता हूं और इस अंत...
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  February 1, 2014, 11:08 pm
गणतंत्र दिवस की 65 वीं वर्षगांठ पर आप सबको बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं ………   निरुपमा मिश्रागणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ,,,,देश के लिए भी मशविरा करिये, गुलामी का जख्म नही हरा करिये ेशह और मात के खेल तबाहियाँ, दाँव-पेंच से तो कभी डरा करियेमत दान में देना देश की अ...
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Tag :facebook updates
  January 26, 2014, 11:40 am
 ABP Newsआप सभी को ABP Newsकी तरफ से क्रिसमस की शुभकामनाएं..!!   बेचैन आत्मा shared चित्रों का आनंद's photo.पानी में सीप जइसे प्यासल हर आत्माप्यास बुझी कउने जल से ? ...केहू जाने ना।ओहरे...   Anshu Mali Rastogiसो जा प्यारे नहीं तो ईमानदार आ जाएंगे।   Awesh Tiwariआज मिल गए हौजखास चौराहे से पहले की लालबत्त...
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Tag :status updates
  December 25, 2013, 10:31 pm
 Padm Singh1-अचानक ओपिनियन पोल पर रोक की वकालत क्यों ... 2-नेहरू और इंदिरा गांधी के कारनामे दिखाने के कारण (और आडवाणी की तारीफ के कारण) एबीपी न्यूज़ वाला शो 'प्रधानमंत्री' के प्रसारण पर रोक....3-पेड न्यूज़ पर रोक लगाने संबंधी अध्यादेश का ड्राफ्ट तैयार है ... 4-न्यूज़ चैनलों के लिए एड्वाइ...
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Tag :हैप्पी फ़ेसबुकिंग
  November 9, 2013, 2:41 pm
Neeraj Kumar Mishraफेसबुक पर बड़े लोगों की पहचान क्या है पता है आपको , चलिए मैं बताता हूँ आपको:--अपने किसी बेकार पोस्ट पर भी हजारो like और सैकड़ों comments की उम्मीद और दुसरे के अच्छे पोस्ट को भी नज़रअंदाज़ कर देना । फेसबुक पर बड़े लोगो की पहचान है ।Padm Singhये चक्रपाणी महराज कौन हैं .... इनके पास कोई काम ध...
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Tag :facebook updates
  October 12, 2013, 10:59 am
 Shweta Sharma added a new photo. अरुण अरोराबहुत ग़मगीन है ..मामला बहुत संगीन है सुना है बड़ी मेहनत से इस्तीफा लिख कर लाये थे अगले ने फाड़ दिया ... Sanjay Benganiभ्रष्टाचारयुक्त सघन वातावरण में लालबहादूर शास्त्री निर्मलता का अनुभव देते है. विश्वास करना कठीन होता है कि उनका सम्बन्ध इसी कांग्रेस प...
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Tag :दोस्तों के अपडेट्स
  October 2, 2013, 12:52 pm
  कि‍सी अनंतमूर्ति‍ ने कहा कि‍ लोकतंत्र के डर से वह देश छोड़ देगा.आपको क्‍या लगता है ? कि‍ वो सचमुच चला जाएगा (?) यदि‍ हॉं तो like दबाऐंयदि‍ नहीं तो comment दि‍खाएंयदि‍ गीदड़भभकी है तो share चटकाएंयदि‍ बुद्धीजीवी बन रहा है तो kick लगाऐं (लेकि‍न ज़ुकरबर्ग ये ऑप्शन कब लाएगा रे)  Priyanka...
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Tag :status updates
  September 22, 2013, 10:34 am
Ranjana Singhआयं पिरिया मैडम, ई जो राते दिने भोरे भिनसारे 24*7,सवा सौ करोड़ जनता तक हक़ पहुँचाऊ प्रोजेक्ट में भाई लोग आपको रगेदे हुए हैं, "पांच सौ करोड़ के इमेज बिल्डिंग कॉन्ट्रैक्ट" में से आपको आपका वाजिब हक़ दिया है कि नहीं उन्होंने ??देख लीजिये, न दिया हो तो आप अपना हक़ लीजियेगा जरूर..अर...
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Tag :दोस्तों के अपडेट्स
  September 17, 2013, 8:28 pm
 आज सुबह जब मैंने फ़ेसबुक पर मित्रों से पूछाआज दिल्ली बलात्कार कांड पर आरोपियों की सज़ा का निर्णय आ सकता है । मौजूदा कानूनों के अनुसार चारों को ही "मृत्युदंड या आजीवन कारावास"में से कोई एक सज़ा सुनाई जाएगी । मैं आप सबसे सिर्फ़ एक सज़ा चुनने को कहूंगा और ये भी कि सिर्फ़ यही सज़...
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  September 13, 2013, 7:14 pm
हां सच ही तो कहा है मैंने , ये चेहरे कहां छुट्टी करते हैं , दिन रात , सुबह शाम कुछ न कुछ बयां करते ही रहते हैं , जो लब बोलें तो कहानी खामोश रह जाएं तो अफ़साना । फ़ेसबुक इन चेहरो के कहने ;सुनने का अनोखा मिलन स्थल है । अलग अलग मूड में अलग अलग शैली में , अलग अलग तेवर और अंदाज़ में दोस्त ...
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Tag :फ़ेसबुक
  September 8, 2013, 7:13 pm
सलिल वर्मामेरी आदत खराब है...मैं कमेन्ट करते वक्त जब भी कभी कई शे'र लिखता हूँ, तो शायर का नाम नहीं लिखता...वज़ह ये कि कई मर्तबा शे'र याद होता है - पर शायर का नाम नहीं...और दूसरी वज़ह ये कि मुझे अपनी बात कहना होती है... .सबसे ज़रूरी बात ये कि मेरी शायरी तो तमाम शायरों की हीरों सी चमकती श...
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Tag :
  September 3, 2013, 10:05 pm
Manish Sethकुछ लोगों का कहना है कि उनका मन फेसबुक से ऊब चुका है...और ये बताने के लिए वो........दिनभर फेसबुक पर ही रहते हैं.....:)))))******************************************************************************  Amitabh Meetज़मान: सख्त कम आज़ार है बजान-ए-'असद'वगर्न: हम तो तवक़्क़ो' ज़ियाद: रखते हैं !******************************************************************************  Ajit Wadnerkarकुछ किस्मत के साँड ...
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  June 30, 2013, 1:55 pm
     Arun Chandra Royयदि हम वाकई उत्तराखंड के हादसे से चिंतित हैं, विचलित हैं तो बिजली की खपत तुरंत कम कर दीजिये ताकि देश को नदियों पर बाँध बनाने की जरुरत ही न पड़े . उर्जा आधारित अर्थव्यवस्था से प्रकृति को अंततः नुक्सान ही है. अभी उत्तराखंड है , कल हिमाचल होगा परसों कश्मीर .... अपना ए स...
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  June 23, 2013, 5:29 pm
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