| जीहां, आज यही कहानी सुन लीजिए, ऊंचे लोग ऊंची पसंद । मेरी तरह आपने भी महसूस किया होगा कि एयरपोर्ट पर लोग अपने घर या मित्रों से अच्छा खासा अपनी बोलचाल की भाषा में बात करते रहते हैं, लेकिन जैसे ही हवाई जहाज जमीन छोड़ता है, इसमें सवार यात्री भी जमीन से कट जाते हैं और ऊंची ऊंच... |
| सच कहूं तो इस समय देश की ही ग्रह दशा ही खराब है। हर जगह गंदगी और बेईमानी का का बोलबाला है। लगता है कि सच्चाई और ईमानदारी आज कल किसी हिल स्टेशन पर बैठकर देश में हो रहे तमाशे को देख रही हैं। बात करें राजनीति की तो जेल में बंद राजा छूटते ही संसद भवन पहुंच गए और सबसे पहले उन्ह... |
| कुछ दिन पहले ही मेरे मामा का फोन आया, बेटे की शादी के बारे में बात कर रहे थे। हमने कहा अच्छा तो है, बेटा साफ्टवेयर इंजीनियर है, अच्छी कंपनी में है और उसका पैकेज भी ठीक ठाक है। फिर जिस तरह वो पढ़ने में होशियार है, मुझे तो पक्का भरोसा है कि वो एक दिन आईएएस हो ही जाएगा। ऐसे में ... |
| तबियत ठीक नहीं है, हुआ क्या है, ये भी नहीं पता, बस मन ठीक नहीं है, कुछ भी लिखने पढ़ने का मन नहीं हो रहा है, लेकिन देश के हालात, घटिया केंद्र सरकार, उससे भी घटिया प्रधानमंत्री, नाम के विपरीत आचरण वाली ममता बनर्जी, बेपेंदी का लोटा टाइप पूर्व रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी, मनमोहन सि... |
| सेवा मेंप्रधानमंत्री जीभारत सरकारप्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी, मैं पिछले कई दिनों से नहीं बल्कि महीनों से देख रहा हूं कि गल्ती कोई और कर रहा है, लेकिन निशाने पर आप हैं। इसके कारणों पर नजर डालें, तो लगता है कि है इन सबके लिए जिम्मेदार भी आप खुद ही हैं। दरअसल आप देश के पहले ... |
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December 20, 2011, 10:49 pm |
| इस लड़की को नहीं पता कि देश की राजधानी दिल्ली में आज कल किस बात की जंग अन्ना छेड़े हुए हैं। इसे तो सिर्फ ये पता है कि अगर शाम तक उसकी लकड़ी ना बिकी तो घर में चूल्हा नहीं जलेगा। पूरे शरीर पर लकडी की बोझ तले दबी इस लड़की की कहानी वाकई मन को हिला देने वाली है। मुझे लगता है कि दे... |
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December 16, 2011, 4:00 pm |
| देश संकट के दौर से गुजर रहा है, ये वक्त है जब नेताओं को अपने दल से ऊपर देश को रखना होगा, उन्हें मिलकर सोचना होगा कि आखिर गल्ती कहां हुई, क्यों लोग सड़कों पर जमा हो रहे हैं ? सरकार के प्रति लोगों में इतनी नफरत क्यों है? इस समस्या का समाधान भी जल्दी तलाशना होगा। अगर सभी दलों के ... |
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December 14, 2011, 12:28 am |
| मौका खुशी का है, सोच रहा हूं कि आज अपने ब्लाग परिवार से खुल कर बातें करूं। आमतौर पर हमेशा दूसरों की बातें करता रहा हूं, लेकिन आज सिर्फ अपनी ही करुंगा। हां ये बता दूं कि जो बातें मैं आज करुंगा उसे आप कत्तई आधा सच न समझे, ये पूरा सच है। मित्रों कल सु बह यानि 11 दिसंबर मेरे लिए क्... |
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December 10, 2011, 6:14 pm |
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