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सुषमा सिंहग्राम स्वराज विषय पर  मेघनाथ जी से हुई बातचीत ग्राम स्वराज आज भी महत्वपूर्ण है। मेरा मानना है कि विकेन्द्रीकरण हमें इन्सानियत का रास्ता दिखाती है जो केन्द्रीकरण फांसीवाद का। एफडीआई या वालमार्ट क्या है? केन्द्रीय कंपनी केन्द्रीय फायदे के लिए। गांव से आने ...
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Tag :Special
  October 18, 2012, 3:02 pm
शहरों में अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा तो मिल जाती है लेकिन गांव की अस्वस्थ्यता पर भी किसी की नजर चली ही गई। हरियाणा के सोनीपत जिले में दो गांव हरसाना और राठधना को पूर्णतः स्वस्थ्य बनाने के लिए हाल ही में एक साल के पाइलट प्रोजेक्ट को अस्तित्व में लाया गया है...
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Tag :
  September 22, 2012, 6:42 pm
संस्थाओं के लिए दिए गए सरकारी फंड का 40 प्रतिशत उनके तंत्र के लोग ही रखते हैं बाकि 60 प्रतिशत ही संस्था तक पहुँच पाता है|लगभग दस साल पहले प्रारंभ हुई गैर सरकारी संस्था ‘नवजीवन’ सामाजिक, न्यायिक और स्वास्थ्य जैसे तीन क्षेत्रों में काम कर रही  है। सामाजिक कार्य के तौर प...
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Tag :
  August 9, 2012, 4:10 pm
वर्ण और जाति व्यवस्था की नीव तो सैकड़ो सालो पहले ही पड़ गई थी जिसका भुगतान आज उनकी पीढ़ी कमजोर, दलित लोगों को करना पड़ रहा है। जाति व्यवस्था के नाम पर लोग अपना उल्लू सीधा करने में लगे हुए है। आजादी के बाद की स्थिति और भी दयनीय होती जा रही है। जाति प्रथा के खिलाफ मानव अधि...
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Tag :Ngo
  July 6, 2012, 6:03 pm
कृषि प्रधान भारत की अर्थव्यवस्था में 60 प्रतिशत से अधिक आबादी खेती-किसानी पर ही निर्भर रहती है। भारत की इससे दयनीय स्थिति और क्या हो सकती है कि एक तरफ गरीबों के खाने के लिए  अनाज नहीं है तो दूसरी तरफ लाखों टन अनाज सरकार की ढीलाई और गोदामों में हो रही लापरवाही की वजह से खर...
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Tag :food
  June 14, 2012, 2:41 pm
रंगमंच को नया रूप देने की प्रयास की गाथा को संपादक संजीव निगम ने मंजुल भरद्वाज के "थिएटर आँफ रेलेवेंस" किताब के जरिये दुनिया के सामने लाया है | इस किताब में रंगमंच की पेचीदगी को सुलझाने के लिए कलाकार मंजुल से किये गए सवाल जवाब तो पढ़ने को मिलेंगे ही साथ ही थिएटर की इस नय...
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Tag :
  May 23, 2012, 5:43 pm
रंगमंच को नया रूप देने की प्रयास की गाथा को संपादक संजीव निगम ने मंजुल भरद्वाज के "थिएटर आँफ रेलेवेंस" किताब के जरिये दुनिया के सामने लाया है | इस किताब में रंगमंच की पेचीदगी को सुलझाने के लिए कलाकार मंजुल से किये गए सवाल जवाब तो पढ़ने को मिलेंगे ही साथ ही थिएटर की इस नय...
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Tag :book review
  May 23, 2012, 5:43 pm
MR. SANTANU MISHRAआई एम कलाम डाक्युमेंट्री बनाने वाली स्माइल फाउंडेसन राष्ट्रीय स्तर की 2002 में स्थापित विकास संस्था है। वर्तमान समय में इसकी पहुँच सीधे तौर पर 2 लाख गरीब बच्चों  और युवाओं तक है। देश के 25 राज्यों में 160 कल्याणकारी प्रोजेक्ट चल रहे हैं। पहला मिशन एजुकेशन दूसरा स्ट...
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Tag :Ngo
  April 14, 2012, 1:38 pm
सुषमा सिंह/ वाराणसी गुड़ियां-गुड़ों के खेल के बारे में तो सभी को पता होगा ही। जब वह हमारे लिए बेकार हो जाते हैं या अच्छे नहीं दिखते तो हम दूसरे ले आते हैं या उन्हें बेकार समझ फेक देते हैं। अगर असल जिंदगी के साथ भी ऐसा होने लगे, तो क्या होगा? लेकिन होता है ऐसा भी। वाराणसी में ...
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  March 23, 2012, 4:00 pm
"मेरी समाज से अपील है कि औरतों की रक्षा के लिए उन्हें आजादी दे। और उनके लिए कानून न बनाकर केवल और केवल उनके सहयोगी समाज का निर्माण करने से ही इनकी की समस्या का निदान हो सकता है।" खेड़ी नारूह गांव के कामरेड सुमेर सिंह का यह कथन उनकी अपनी डायरी के पन्नों में लिखा हैं। लगभग 1500...
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Tag :
  February 2, 2012, 2:23 pm
जब हम सोचते रहते हैं कि हमें ऐसा करना है वैसा करना है उस समय वो सोच या हमारा सपना सच हो यह जरूरी नहीं है लेकिन यदि उसके पीछे सच्ची आस्था हो तो सपने को हकीकत होने से कोई नहीं रोक सकता है। ठीक ऐसा ही हुआ दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में जब बचपन से ही सेवा भाव की इच्छा रखने वाल...
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Tag :Ngo
  January 16, 2012, 4:27 pm
चौथे खम्भे का काम अब 4सी (क्राइम, क्रिकेट, सिनेमा और सेलिब्रटी) से पूरा नहीं हो पा रहा। 6सी का कांसेप्ट आ रहा है। दो अन्य है "करप्सन और कारपोर्टेजाइशन" एलपीजी (लिब्रेलाइजेशन, प्राइवेटाइजेशन, ग्लोबलाइजेशन) और सूचना विस्फोट के इस दौर में कोई कहता है कि सूचना में भ्रष्टा...
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Tag :anti-corruption
  December 7, 2011, 1:35 pm
चौथे खम्भे का काम अब 4सी (क्राइम, क्रिकेट, सिनेमा और सेलिब्रटी) से पूरा नहीं हो पा रहा। 6सी का कांसेप्ट आ रहा है। दो अन्य है "करप्सन और कारपोर्टेजाइशन" एलपीजी (लिब्रेलाइजेशन, प्राइवेटाइजेशन, ग्लोबलाइजेशन) और सूचना विस्फोट के इस दौर में कोई कहता है कि सूचना में भ्रष्टा...
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Tag :
  December 7, 2011, 1:14 pm
अंधे बाप के बेटों ने ये कैसा अनाचार किया | लड़ न सके वीरों से तो नारी पर अत्याचार किया || भरी सभा में खीच कर लाया भाभी का अपमान किया | चीर हरण करने की कोशिश बीच भरे दरबार किया || असहाय पड़े थे वीर योद्धा कहने को लाचार भीष्म | औरों को क्या कहे जहा भीष्म पितामह तक हुए  लाचार || द्रौ...
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  October 13, 2011, 1:42 pm
अशिक्षा एक ऐसा कारण है जो किसी भी देश के विकास में बाधा का काम करता है। यही वजह है कि माइक्रोसाफ्ट में कार्यरत ‘जाॅन वुड’ अपनी नौकरी छोड़ सबसे पहले 2002 में नेपाल के एक छोटे से गांव में ‘रूम टू रीड’ की नींव रखी। धीरे-धीरे यह सफर बढ़ता गया और आज दुनिया के 9 देशों में यह संस्था ...
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  October 8, 2011, 11:45 am

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  August 26, 2011, 5:59 pm
अन्ना के आन्दोलन से देश में व्याप्त एकता को जगा दिया है .कोई फर्क नहीं पड़ता हवा का रुख क्या हो. अब क्या हमें भ्रष्टाचार मुक्त भारत मिलेगा ...............
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  August 24, 2011, 7:56 pm
 चित्रकूट धाम की सुन्दर छवि उन सभी लोगों के जहन में होगी जो पहले गए हैं| लेकिन अब मन्दाकिनी नदी के किनारे की हालत यह तस्वीर बाया कर रही है| भारत की नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है | क्या कोई है जो इन्हें बचाना चाहता है ?...
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  July 15, 2011, 2:49 pm
सुषमा सिंह\नरसिंगपुर (मध्य प्रदेश)रोटी, कपड़े और मकान की तरह ही आज शिक्षा व्यक्ति की मूल जरुरत  बन गई है। शिक्षा  की परंपरा हमारे देश में प्राचीन काल से ही चली आ रही है। नालंदा जैसे गुरूकुल की परंपरा भी भारत में ही रही। लेकिन आज बदलती दुनिया के साथ शिक्षा में क्या बदल...
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  July 15, 2011, 2:25 pm
शिवा और अभिजीत तिहाड़ जेल में बंद कैदी के ये वो दो बच्चे हैं, जो अपनी नयी जिंदगी की तलाश सिस्टर सेलीन के साथ कर रहे हैं...
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  June 21, 2011, 3:11 pm
हम रिक्शे पर सवार होकर अपनी मंजिल तक तो पहुंच जाते हैं | लेकिन क्या कभी किसी ने सोचा है कि इन रिक्शे वालो की जिंदगी कैसे चलती है| पैसो और छोटी-छोटी बातों को लेकर आये दिन उनसे झड़पे होते तो हम रोज ही देखते हैं | उसी बीच दिन भर की मेहनत के बाद भी उन पर पुलिस के डंडे बरसते  भी ...
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  June 21, 2011, 3:01 pm
भारत में  बाल अधिकारकर्मी के रूप में प्रख्यात कैलाष सत्यार्थी है। वैसे तो इन्हें इनके कार्यों के बतौर कितने ही राष्ट्रीय  एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। लेकिन 1980 से इन्होंने बाल अधिकार के लिए जो जंग छेड़ी है। उसके अंतर्गत वर्तमान समय में लगभग 80,000 बच्चों ...
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Tag :
  May 7, 2011, 3:18 pm
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