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Blog: Poems

Blogger: रचना
बीतते  समय के साथना कोई याद धुंधली हुईना प्यार की शिद्दत कम हुईबस कुछ बदला तो इतनाअब प्यार करनेमहसूसने के लियेतुम्हारी कमी नहीं महसूस होतीतुम्हारे लिये मेरे प्यार नेतुम्हारी कमी को भी जीत लियाप्यार ने मुझे अपने में समेट लियाओढ़ ली प्यार की  भीनी भीनीअभिनव चादर अब... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   7:39am 26 Dec 2016 #
Blogger: रचना
ना वो छोड़ कर आगे बढ़े थेना वो छोड़ कर आगे बढ़ी थीबस कमबख्त वक्तदोनों कोअलग अलग किनारो परछोड़ करकहीं बहुत आगे बढ़ गया था... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   7:51am 5 Dec 2016 #
Blogger: रचना
अब इंसान नहीं मरते हैंधर्म के अनुयाई मरते हैं विधि की विडंबना देखिये जब बच्चा पैदा होता हैं नर्स पैर में माँ के नाम का टैग बाँध देती हैं माँ की गोद में देते ही माँ के नाम का टैग उतार देती हैं  बड़ा सही तरीका हैं माँ नाम पैरो तले रौंदने का फिर उसको उतार क... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   4:52am 29 Mar 2016 #
Blogger: रचना
बड़ी हंसी आती हैं जब एक कन्हैया यूनिवर्सिटी को शिक्षा मंदिर कह देने से भड़क जाता है बड़ी हंसी आती हैं जब कोई कानून से मिली फांसी को ग़ैर क़ानूनी बताता हैं और एनकाउंटर पर कानून की बात करता हैं बड़ी हंसी आती हैं जब २५ साल के युवा बच्चे कहलाते हैं बड़ी हंसी... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   4:25am 13 Feb 2016 #
Blogger: रचना
अनगिनत रिश्तो में बंधे तुममुझ से भी एक रिश्ता बंधानहीं निभायाक्युकी अनगिनत रिश्तो मेंउस एक रिश्ते की अहमियतकुछ नहीं थीअलग होने का दर्ददोनों ने सहा शायदकिसी ने ज्यादाकिसी ने कमदोनों आगे बढ़ेतुम उलझ गएजीवन की ज़िम्मेदारियाँनिभाने मेंहँसते हुएऔरमैं इंतज़ार मेंउस वाप... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   6:17am 29 Dec 2015 #
Blogger: रचना
कहता हैं मेरा एक अजीजःनहीं हैं इस दुनिया मे कुछनिःशुल्कप्यार , हंसी , विश्वास कीकीमत शायद उसने हैकभी चुकाईइसीलिये प्रश्न था उसकाकिस दुनिया में आपरहती हैं ?मेरे अजीजःजिस दुनिया मेंरहती हूँ मैंवहाँ प्यार हैंहँसी हैंजिसको बांटती हूँ मैंउनके साथजिनसे मैं जुड़ती हूँनि... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   3:56am 20 Oct 2015 #
Blogger: रचना
वर्जनाएं सब स्त्री के लियेगर्जनाये सब पुरुष के लियेगर्जना अगर कोई स्त्री करती हैंपुरुष जैसी वो कहलाती हैंभाव और अभिव्यक्ति तकलिंग आधरित विभाजित हैंकैसी विडम्बना हैंजन्म से जो स्वतंत्र होमांगती हैंस्वतंत्र होने का अधिकारऔर ऐसा करते हीअपना अस्तित्व खो देती हैंऔर... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   5:42am 18 Aug 2015 #
Blogger: रचना
वो लफ्ज के सहारेब्यान करते रहेहम एहसास उनकेउन लफ्जो को समझते रहेएहसास कब लफ्ज़ो से ब्यान होते हैंये भी हम समझते रहे ज़िंदगी ने बस यहीसिखाया हैं हमेंजीना ही जिंदगी हैंफिर लफ़्ज हो या एहसासबस समझ का फेर हैं ... Read more
clicks 275 View   Vote 0 Like   5:10am 21 May 2015 #
Blogger: रचना
दर्द बस यही सबसे ज्यादा अपना होता हैंअपना दर्द ना किसी को दिया जाता हैंअपना दर्द ना किसी से बांटा जाता हैं  कोई आप से  इसको माँगता भी नहीं हैंइसकी चाह भी किसी को नहीं हैंकोई इसको आप से छीन भी नहीं सकताऔर सबसे बढ़िया बातइसका दिखावा भी आप नहीं करतेसो  खोने का भय भी नहीं... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   9:25am 7 Aug 2014 #
Blogger: रचना
अकेलेपन का अहसास , तकलीफ नहीं देता  तकलीफ  होती हैं  जब वो याद नहीं करते जिन्हे हम भूल नहीं पाते ... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   8:18am 9 May 2014 #
Blogger: रचना
शिद्दत से जीये और निभाएतीन अहसास हमनेदोस्ती , प्यार और दुश्मनीफिर क्यूँ कोताहीहोगयी तुम सेजिंदगी के किस मुकाम परइसका जवाब मिलेगाअब तो इंतज़ार हैंबस  मोड़ का ... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   4:42am 17 Apr 2014 #
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जिंदगी की दूरी तो वो बढ़ा ही रही थीफिर दिल की दूरियां क्यूँ उन्होने बढ़ा दीसाथ ना रह पाने वजहक्यूँ बन जाती हैंसाथ ना चल पाने की वजहजिनको जिंदगी से हम अपनी निकाल देते हैंवही अपने दिल से हमें निकाल देते हैंकिसी को जिंदगी से निकाल देने से बेहतर हैंउसको दिल से निकाल देनाजिं... Read more
clicks 176 View   Vote 0 Like   4:54am 14 Jan 2014 #
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मिलती तो बसएक जिंदगी हैंअच्छी या बुरीतो उसको हम बनाते हैंकुछ जी लेते हैंकुछ काट लेते हैंऔर कुछ बस यूँहीबिता देते हैंमिलती तो बसएक जिंदगी हैं  ... Read more
clicks 195 View   Vote 0 Like   5:16am 30 Oct 2013 #
Blogger: रचना
आज फिर कुछ पुराने शब्दों को पढ़ा मन कुछ भटका , दर्द का अहसास भी हुआ पर फिर अपने पर  फक्र भी हुआ नहीं कर सका था एक भी शब्द तब भी मुझे विचलित चलने को उस रास्ते पर जिसकी मंजिल केवल और केवल अँधेरा होती हैं खुद को  रोकना  नहीं था तभी भी आसान पर  आदत हैं मुश्किल राह पर चलने की औ... Read more
clicks 199 View   Vote 0 Like   4:44am 14 Oct 2013 #
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लड़की हमेशा से जानती थीकुछ भी कर सकती थी वोलडके के लियेइसीलिये तो छोड़ सकीवो लडके कोउसके सुख के लिये  ... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   3:26pm 26 Aug 2013 #
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निर्मोही नहीं वो निर्मम थेवरना बेरुखी मे भी कभी अपने प्यार को याद तो करते ... Read more
clicks 204 View   Vote 0 Like   5:15am 6 Aug 2013 #
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निर्मोही मोह से उबर जाता हैंनिर्मम मोह  का  तर्पण कर देता हैंनिर्मोही मिल जाए तो भी निभाया जा सकता हैंनिर्मम मिल जाए तो जीवन व्यर्थ ही जाता हैं ... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   5:57am 27 Jul 2013 #
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किसी के वादे परउस पार साथ उतरने केकिसी ने अपना किनाराछोड़ दियामझदार में डूब गयीतैरना आता थाइस लिये उसपारफिर भी पहुंचीजहां जहाँ ढूंढाउस पहचाने चेहरे कोनहीं दिखाफिर समझ आयामुहं छिपा कर जीनाकिसे कहते हैं... Read more
clicks 211 View   Vote 0 Like   3:13am 29 Apr 2013 #
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अपना वो होता हैंजिसे अपने असमय में आवाज देने का मन होता हैंमगर अगरउस आवाज कोजवाब नहीं मिलता हैंतोआप ने अपने को नहींपराये को बुलाया था... Read more
clicks 203 View   Vote 0 Like   1:19pm 18 Apr 2013 #
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उसकी आँखों के सामनेउसके सब भ्रमटूट रहे थेऔरवो देख रही थीखुली आँखों से कुछ सपनेसमय के साथना भ्रम बाकी रहे , ना सपने... Read more
clicks 218 View   Vote 0 Like   4:28am 13 Jan 2013 #
Blogger: रचना
जो आप करती हैं वो सब मै भी करती हूँ अपने घर मे उसके साथ साथ टैक्स भी भर्ती हूँ अगर आप से कोई प्रश्न करता हैं डू यु वर्क ??तो आप को लगता हैं ये प्रश्न बेमानी हैं और आत्म मंथन आप को करना पड़ता हैं काश आप भी काम करती और फिर समझती कितना सुख होता हैं अपनी आय अर्जित करने का और उसके सा... Read more
clicks 202 View   Vote 0 Like   3:18am 5 Dec 2012 #
Blogger: रचना
कहीं से कहीं नहीं तककहीं नहीं से कहीं तकबस यही जिन्दगी हैंजो निरंतर हिचकोले लेतीबस चलती ही रहती हैंकभी सफ़र का अंत हीनये सफ़र की शुरुवात होता हैंकभी कोई नया सफ़रकिसी पुराने सफ़र का  अंत होता हैं जैसेकभी एक हिचकीकिसी की याद मे आती हैंऔरकभी एक हिचकीसबको छोड़ कर जाने क... Read more
clicks 228 View   Vote 0 Like   9:13am 14 Oct 2012 #
Blogger: रचना
एहसासों  की सड़क पररिश्तो के कारवांउम्मीदों के सहारेबढ़ते जाते हैंजिस दिन एहसास शून्य होजाते हैंसुनसान राहें जिन्दगी की हो जाती हैंना उम्मीदी दबे पाँव आकरउम्मीदों पर हावी हो जाती हैं... Read more
clicks 258 View   Vote 0 Like   2:24pm 21 Sep 2012 #
Blogger: रचना
ईश्वरतुम क्या सोचते होमै नहीं जानतीबस यही जानती हूँतुम कितनी भी मुश्किल में रह करअगर मुश्किले मेरे लिये बढाते होतोतुम मुझे और मजबूत बनाना चाहते होक्युकी भविष्य बस तुम ही देख पाते होमुश्किल क्षणों में मै भी घबराकरचीतकार करती हूँअनगिनत अपशब्द तुम्हे ही कहती हूँपरफ... Read more
clicks 212 View   Vote 0 Like   8:04am 28 Aug 2012 #
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