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Blog: लक्ष्मीरंगम - Laxmirangam

Blogger: एम.आर.अयंगर
गुलदस्ता MY NEXT PUBLICATION - EXPECTED BY SEPTEMBER 2020 ... Read more
clicks 6 View   Vote 0 Like   11:56am 27 Jul 2020 #
Blogger: एम.आर.अयंगर
ha साक्षात्कार - पाइप लाइन्स e - पत्रिका. (click on page and from top right increase the size for reading) Content is  same as Online Gatha Blog ... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   6:20am 1 May 2020 #
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कृपया टिप्पणियाँ ब्लॉग पर करें. G+ की टिप्पणियाँ अस्वीकार्य कर दी गई हैं. ऐसे सिखाएँ हिंदी मैं, मेरे हिंदी की शिक्षिका के साथ  किसी भी भाषा को सीखने  का पहला चरण होता है बोलना। और बोलना  सीखने के लिए उस भाषा का अक्षरज्ञान जरूरी नहीं होता। किसी को बोलते हुए देखकर सु... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   5:44pm 13 Sep 2019 #
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पुस्तक ऑर्डर करने के लिए निचली लाइन पर क्लिक करें. पूरा लिंक खुलेगा. उस पर क्लिक कीजिए तो खरीदने का पोर्टल खुल जाएगा फिर View cart, Go to cart पर क्लिक करें तो आपको स्वतः सूचना मिलती जाएगी. अंतस के मोती (मेरा चतुर्थ प्रकाशन)  नीचे के फोटो में बुक मार्क को स्केन करके भी पुस्तक का ऑर्ड... Read more
clicks 43 View   Vote 0 Like   3:44pm 7 May 2019 #
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GOOGLE +  कल सुबह मेरे पास एक मेल आया कि गूगल+ , 4 अप्रेल से जनसाधारण के लिए बंद हो रहा है. इसलिए 2 फरवरी से ही तैयारियाँ होने लगी हैं. पाठकों से निवेदन है कि  गूगल+  पर टिप्पणयाँ देना बंद कर दें और  ब्लॉग पर ही टिप्पणी करें.  गूगल+ मुझसे जुड़े पाठकों से विनती है कि मेरे पोस्ट पाने... Read more
clicks 30 View   Vote 0 Like   2:11pm 3 Feb 2019 #
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*ऐसा भी होता है.* सब लड़कों जैसे मुझे भी जवानी में पीने का शौक हो गया था. एक सिटिंग में एक बोतल कम पड़ती थी. रोज कैरम खेलते और हारने वाला पिलाता. पर कभी पब्लिक में नहीं पी, सिवाय होली के. एक होली में ज्यादा पीली. राव से कहा, यार घर छोड़ दे. गलबहियाँ डाले झूमते हुए घर आकर सो गया. दूस... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   3:40pm 27 Jan 2019 #
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अतिथि अपने घर के बुजुर्ग अम्मा और बाबूजी साथ हैं,  उन्हे सेवा की जरूरत है, घर में एक कमरा उनके लिए ही है  और दूसरा हमारे पास. दो कमरों के अपने मकान में बिटिया को सहीं ढंग से पढ़ने की जगह नहीं थी, इसलिए अपने दो कमरों के मकान को किराए पर देकर, एक छोटे तीसरे कमरे वाला मकान क... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   1:14pm 7 Nov 2018 #
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तुम फिर आ गए !!! --------------------------- बापू, तुम फिर आ गए !!! पिछली बार कितना समझाया था, पर तुम माने नहीं. कितनी गलतफहमियाँ  पाले हुए हो, कि लोग अब भी यहाँ तुम्हारा अभिनंदन करेंगे. और लोग यहाँ, जमाने से नोटों पर लगी तुम्हारी फोटो हटाने में लगे हैं जगह तो बदल ही दी है. चरखे संग फोटो खि... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   5:25pm 3 Oct 2018 #चरखा
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चाँदनी का साथ चाँद ने पूछा मुझे तुम अब रात दिखते क्यों नहीं? मैंने कहा अब रात भर तो साथ है मेरे चाँदनी. क्या पता तुमको, मैं कितना खुशकिस्मत खड़ा बाजुओं में चाँदनी, मैं उसकी बाहों में पड़ा चँदनियाँ धरती से कितनी, तुम्हें ताकतीं हैं रात भर संग रातें तुम गुजारो क्या हुई तुमक... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   3:59am 27 Sep 2018 #
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श्राद्ध हिंदी का. फिर सितंबर आ गया और साथ आए कनागत या कहिए पितृपक्ष.  सितंबर में ही पितृमोक्ष अमावास्या होती है.  भारत के किसी राज्य में इसे पोला कहते हैं तो कहीं पोलाला अमावस्या कहते हैं. पर मान्यता सबकी एक है. लोग तिथि अनुसार अपने पूर्वजों – पितरों को श्राद्ध व तर्पण अ... Read more
clicks 28 View   Vote 0 Like   2:08pm 15 Sep 2018 #पाखंड
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         सामाजिक पटल पर ट्रॉल अभी हाल एक दिलचस्प घटी. लखनऊ पासपोर्ट कार्यालय में 20 जून 2018 को एक दंपति ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया. पासपोर्ट अधिकारी ने आवेदन के साथ लगे कागजात देखकर महिला से सवाल किया कि आपका नाम निकाहनामे में और दूसरे कागजात में अलग - अलग है. आपको नाम पर... Read more
clicks 21 View   Vote 0 Like   6:07pm 3 Aug 2018 #तन्वी
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बात कहनी है. तुमसे अब बात यही कहनी है  कि तुमसे बात नहीं करनी है. जुबां से मैं भी तुमसे कुछ न कहूँ न मुख से तुम भी मुझसे कुछ कहना, तुमसे कहने की बातें हैं बहुत, मन मचलता है कि अभी कह दूँ, पर जब सामने दिख जाते हो, कुछ कहने का मन नहीं करता, मेरा मन भीग भीग जाता है, और कुछ कहने... Read more
clicks 17 View   Vote 0 Like   11:38am 29 Jul 2018 #
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हिंदी उच्चारण में सहयोग दें.                       मेरा लेख "हिंदी उच्चारण में सहयोग दें."                   पूर्वी संभाग, कोलकाता,                   इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की                             गृहपत्रिका "पहल"के आठवें संस्करण में                  प्रकाशित हुआ है.                                आपने इसे ब्लॉग पर प... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   2:20am 15 Jul 2018 #
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गलत फहमी मेरी कहानी "गलत फहमी"  पूर्वी संभाग, कोलकाता,  इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की गृहपत्रिका पहल के आठवें संस्करण में प्रकाशित हुई है. वैसे आपने इसे ब्लॉग पर पढा ही होगा. पुनः आनंद लें. लिंक दे रहा हूँ. गलतफहमी बीसवीं सदी की आखरी दशाब्दि. दिल्ली की सीमा पर बसा, तब परिचि... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   11:43am 14 Jul 2018 #
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राष्ट्रहितअनुष्का शर्मा ने एहरान को डाँट लगाई कि वह कार से सड़क पर कचरा फेंक रहा था. भले ही लोग यह सोचें कि उसने सफाई वालंटीयर होने का फर्ज निभाया है, पर किसी ने यह सोचा कि क्या अनुष्का ने वालंटीयर बनने के बाद पहले पहल इसी शख्स को सड़क पर कचरा फेंकते देखा है?हमारे देश में ... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   2:37pm 22 Jun 2018 #
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कली से फूल -------------------फूल ने कली से कहा,किस बात की जल्दी है,क्यों खिलने को आतुर हो ?अब तो मधुकर है डोल रहा,मधु पाने को रस घोल रहा.जिस दिन तुम खिलकर फूल बनो,वह मधु सेवन करने आएगायह नित दिन ऐसे ही होगावह मधु सेवन को आएगाऔर सेवन करके जाएगा.सरकारें कानून बनाती हैं -"तुम जब चाहे मधु ब... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   1:49pm 20 May 2018 #
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जरूरी तो नहीं.माना,हर मुलाकात का अंजाम जुदाई तो हैतो मुलाकात किया जाए,उसे बदनाम किया जाएजुदाई के लिए ?ये जरूरी तो नहीं.दिल की हर बात सुहाती नहींदिलबर को कभी,दिल को बदनाम किया जाएये जरूरी तो नहीं.कभी बरसात के मौसम में भीतसल्ली भर बारिश नहीं होती,लगा गर्मी मेंसुखा दूँ कोई... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   12:50am 17 May 2018 #
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आँसूंकिसी की साँसों में ना घोलो अपनी साँसों को,उनमें मिलकर वो अपनी अहमियत को खो देंगीकिसी की साँसो के संग पराई भी हो जाएँ,तो दुखेगा मन कि साँसें भी मेरी अपनी नहीं.किसी की साँसों में उलझी हैं तेरी साँसें क्यों ?किसी की राह सदा तकती तेरी निगाहें क्यों ?उखड़ेगी उसकी साँस त... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   12:47pm 9 May 2018 #
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                            जिंदगी का सफर                                                आलीशान तो नहीं , पर था शानदार,                                वो छोटा  सा मकान,                                उसमें खिड़कियाँ ... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   4:11pm 4 May 2018 #खाता
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वर्तमान शिक्षा प्रणालीभाषा देखें : घोड़ेकी आवाज उतना सुंदर नहीं था.कई साल बादबच्चों की शिक्षा व शिक्षा प्रणाली से पाला पड़ा.कहाँ दूसरी कक्षा के बच्चे पराग, लोटपोट, बालक, बालहंस, चंपक, चंदामामा, बालभारती जैसे साप्ताहिक, पाक्षिक और मासिक बाल सुलभ पत्रिकाएँ (पुस्तक) पढ़... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   7:03pm 28 Mar 2018 #
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जिदजायज न हो शायद तुझे दोष देनाकन्हैया, मगर मैं तो मजबूर हूँ.तुम्हारे किए का हरजाना देने, मैंकब तक सहूँ, मैं कब तक मरूँ.इस मोड़ पर जिंदगी के मेरे तुमनेचौराहे लाकर खड़ा कर दिया.जिस गली लाँघकर मैं यहाँ आ गया था फिर उस गली में लाया गया.नहीं रास मुझको अभी भी गली यह,तुम्हें भी न... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   4:31pm 28 Feb 2018 #
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परिचय.आइये ! हम मिलवाते हैं आदरणीय माड़भूषि रंगराज 'अयंगर'से परिचय https://loktantrasanvad.blogspot.in/2018/02/blog-post_26.html३४........आलोचना और सृजन आलोचना और सृजन एक गहरा रिश्ता लिए हुए निरंतर  प्रगति के पथ पर गतिमान है। किसी की आलोचना करना संभव है एक प्रतिशोध की भावना के वशीभूत होकर स्वय... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   7:20pm 27 Feb 2018 #
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तबाहीवे चाय ही पीने आए थे, दूध कापतीला ही उँडेलकर चले गए.इक रात ही रहने आए थे,वो, घर ही जलाकर चले गए.बस बहार का रस लेने,बगिया में विहार को आए थे,फूलों की महक के नशेमन वे,पतझड़ सी आँधी बहा गए.नदिया के यौवन को तरसे,भरपूर निहारने आए थे,नदिया तो उफान प'आ पहुँची,हर फसल सड़ाकर चले गए.व... Read more
clicks 128 View   Vote 0 Like   6:18am 16 Feb 2018 #
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टूटते बंधनपाश्चात्य सभ्यता के अनुसरण की होड़ में जो सबसे महत्वपूर्ण बातें सीखी गई या सीखी जा रही है उनमें जो सर्वप्रथम स्थान पर आता है वह है बंधन मुक्त होना. जीवन के हर विधा में बंधनों को तोड़कर बाहर मुक्त गगन में आने की प्रथा चल पड़ी है. यहाँ यह विचार विमर्श का विषय नही... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   6:13pm 12 Feb 2018 #प्रवाह
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