POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: *साहित्य प्रेमी संघ*

Blogger: satyam shivam
 जन्म से मरणासन्न गीली लकड़ियों सी सुलगती सम्पन्नता की इत्री महक में छटपटाती उनकी खुशी देखी हैमैंने मुंबई देखी है,बदबूदार नालों के आगोश में सैकड़ों दो फूटी झोपड़ियां, कीड़ों से बिलबिलाते बचपन, चंद सिक्कों के बोझ से  हिचकोले खाती जवानियाँगर्म गोस्त से सजी दू... Read more
clicks 343 View   Vote 0 Like   6:28pm 22 Dec 2011 #shahar
Blogger: satyam shivam
महेन्द्र भीष्म जी की उपन्यास "किन्नर कथा" की समीक्षा दयानंद पांडेय जी द्वारा...........किन्नर समाज पर बहुत कम लिखा गया है। और लगभग उपेक्षित ढंग से। लेकिन महेंद्र भीष्म का उपन्यास किन्नर कथा पूरी तरह किन्नर समाज पर केंद्रित है। न सिर्फ़ केंद्रित है बल्कि उन की तकलीफ, उन की उप... Read more
clicks 290 View   Vote 0 Like   1:54pm 22 Dec 2011 #साहित्य प्रेमी संघ
Blogger: satyam shivam
ह्रदय स्पंदन बंद हो जाये , इस से पहले लौटा दो,श्वाँस-गति धूमिल पड़ जाये ,   इस से पहले लौटा दो.                                                                                  वायु में अस्तित्व विलीन हो जाये.इस से पहले लौटा दो|लौटा दो मुझे मुझको ही,लौटा दो मेरी राहतें.तेरी चाहत तो बस धोखा थीं,लौटा दो मेरी चा... Read more
clicks 306 View   Vote 0 Like   7:23am 21 Dec 2011 #भाव रस
Blogger: satyam shivam
 अनिवासी  भारतीय-------------------------पहाड़,जंगल और गावों को लांघते हुए,अपने देश की माटी की खुशबू से महकती नदियाँ,रत्नाकर  की विशालता देख ,उछलती कूदती ,ख़ुशी ख़ुशी,समंदर में मिल तो जाती हैपर उन्हें जब,अपने गाँव और देश की याद आती है,तो उनकी आत्मा,समंदर की लहरों की तरह,बार बार उछल कर,क... Read more
clicks 325 View   Vote 0 Like   3:39am 21 Dec 2011 #
Blogger: satyam shivam
..."अजीब दस्तूर-ए-ज़िन्दगी..हँसते मज़लिस..बिफरते हम-ज़लीस..!!!"...--प्रियंकाभिलाषी..२०-१२-२०११... Read more
clicks 244 View   Vote 0 Like   3:42pm 20 Dec 2011 #कुछ क्षणिकायें
Blogger: satyam shivam
देश ये पूराहै धुंध की चपेट में,चारो ही तरफहै इसका ही साया;जीवन अस्त-व्यस्तआमो-खाश भी परेशान,रेल, सड़क, वायु तकहर मार्ग है बाधित;ठण्ड के जोर सेहर चेहरा कुम्भलाया |चादर ये कोहरे कीहै क्षणभंगुर,चाँद दिनों के बाद हीसब यथावत होगा,बसंत राजा के साथ हीये धुंध भी छंटेगा |ये धुंध ... Read more
clicks 321 View   Vote 0 Like   8:07am 20 Dec 2011 #ईं.प्रदीप कुमार साहनी
Blogger: satyam shivam
रसोई घर-सबसे बड़ी पाठशाला------------------------------------रसोईघर, सबसे बड़ी पाठशाला है जहाँ,हर कदम आपको ज्ञान मिलता  निराला है आपने ,ठीक से गर खाना बनाना सीख लियातो समझ लो,सारे जहाँ को जीत लियारोटी बनाने की कला,जिंदगी जीने की कला जैसी है  होती क्योंकि आटे की और पानी की, होती है अलग अलग संस्... Read more
clicks 256 View   Vote 0 Like   8:41am 19 Dec 2011 #
Blogger: satyam shivam
मैं खोना नहीं चाहता अपनी आवाज,एहसानों के नीचे क्यूँ दबाते हो मुझे?सिद्दत से बेहद चाहा है हमने तुमको,खुद ही कमजोर क्यूँ बनाते हो मुझे?हमें पता है तुमने... .. मेरी आवाज(Complete)My Blogs: Life is Just a LifeMy Clicks-- Neeraj DwivediYou may like: 1.  आठ पापों का घड़ा2. मैंने सच देखा3. मत कहो सच4. एक लघुदीप की लौ... Read more
clicks 273 View   Vote 0 Like   6:37am 19 Dec 2011 #Neeraj Dwivedi
Blogger: satyam shivam
सूफ़ियों ने विश्व-प्रेम का पाठ पढ़ाया अंक-1सूफ़ी शब्द का अर्थधार्मिक सहिष्णुता और उदारता आदिकाल से ही भारतीय संस्कृति की प्रमुख विशेषता रही है। मध्यकालीन भारत में मुसलमानों के आगमन से और खासकर दिल्ली सलतनत की स्थापना के साथ-साथ हिन्दू और इसलाम धर्म के बीच गहन संपर्क हु... Read more
clicks 284 View   Vote 0 Like   6:28am 19 Dec 2011 #'DR. ANWER JAMAL'
Blogger: satyam shivam
बंधन जाति का खिली कली बीता बचपनजाने कब अनजाने मेंदी दस्तक दरवाज़े परयौवन की प्रथम सीढ़ी परजैसे ही कदम पड़े उसकेआँखों ने छलकाया यौवनहर एक अदा में सम्मोहनवह दिल में जगह बना बैठीसजनी बन सपने में आ बैठी |धीरे-धीरे कब प्यार हुआसाथ जीने मरने काजाने कब इकरार हुआछिप-छिप कर आना ... Read more
clicks 339 View   Vote 0 Like   5:55am 19 Dec 2011 #
Blogger: satyam shivam
शिकवा-शिकायत      Rate Thisशिकवा-शिकायत——————-देख कर अपने पति की बेरुखी,करी पत्नी ने शिकायत इस तरहहम से अच्छे तुम्हारे ‘डॉग’ है,घुमाते हो संग जिनको हर सुबहगाजरों का अगर हलवा चाहिये,गाजरों को पहले किस करना पड़े,इन तुम्हारे गोभियों के फूल से,भला गुलदस्ता सजेगा किस तरहसर्दियो... Read more
clicks 181 View   Vote 0 Like   8:10am 17 Dec 2011 #
Blogger: satyam shivam
लगे उठने अब करोड़ों हाथ है----------------------------------करोड़ों  के पास खाने को नहीं,                 और नेता करोड़ों में खेलतेझूंठे झूंठे वादों की बरसात कर,                 करोड़ों की भावना से खेलतेकरोड़ों की लूट,घोटाले कई,                  करोड़ों स्विस बेंक में इनके जमापेट फिर भी इनका भरता ही ... Read more
clicks 296 View   Vote 0 Like   4:12am 15 Dec 2011 #
Blogger: satyam shivam
        बदनसीबी        --------------मुफलिसी की मार कुछ ऐसी पड़ी,               भूख से बदहाल था सारा बदन सोचा जाए,धूप खायें,बैठ कर,               कुछ तो खाया,सोच कर बहलेगा मनबेमुरव्वत सूर्य भी उस रोज तो,               देख कर आँखें चुराने लग गयाछुप गया वो बादलों की ओट में,                बेरुखी ऐसी  दिखान... Read more
clicks 289 View   Vote 0 Like   4:18am 14 Dec 2011 #
Blogger: satyam shivam
इंसानियतकीअबकिसेदरकारहैयहाँ !दुश्मनभीदोस्तकीतरहमिलतेहैंअबयहाँ !!कहतेहैंजोखुदकोहरिश्चंद्रवोजनाब !देखाहैहमनेझूठबोलतेउन्हेंयहाँ !!कहतेहैंलोगज़िन्दगीमेंहैंमुसीबतें !लायेमुसीबतेंहैंजोढोकरकरकेखुदयहाँ !!देतेउलाहनाहैंजोहरबातपरहमें !देखाहैहमनेरंगबदलतेउन... Read more
clicks 303 View   Vote 0 Like   6:30pm 13 Dec 2011 #
Blogger: satyam shivam
याद आती है हमें वो सर्दियाँ....--------------------------------गर्म गुड के गुलगुलों के दिन गयेबाजरे के  खीचडों  के  दिन गयेअब तो पिज़ा और नूडल चाहिये,हाथ वाले  सिवैयों के   दिन गयेसर्दियों में आजकल हीटर जलें,संग तपते अलावों के दिन गयेतीज और त्योंहार पर होटल चले,पूरी  ,पुआ ,पुलाओं के  दिन गयेब... Read more
clicks 273 View   Vote 0 Like   3:27am 13 Dec 2011 #
Blogger: satyam shivam
तारीख़ गवाह है कि भले ही मीडियाकर्मियों पर सैटिंग अथवा वसूली के आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे हैं लेकिन समाज के इस कथित चौथे स्तंभ की सक्रियता से इस देश में हो रहा अरबों का भ्रष्ट्राचार थोड़ा ही सही पर कंट्रोल में है । यक़ीनन ये मीडिया ही है जिसकी वजह से राष्ट्र्मंडल खेलों... Read more
clicks 213 View   Vote 0 Like   5:59am 12 Dec 2011 #पत्रकारिता/मीडिया
Blogger: satyam shivam
एक थैली के चट्टे बट्टे ---------------------------बी जे पी हो या कांग्रेसये सब के सब है एक जैससब दल जनता को भरमाते,है बदल बदल कर अलग भेषमन बहलाते इनके वादे,भाषण लम्बे लम्बेपर हमने देखा ये सब है,एक बेल के तुम्बेसत्ता मिलते ही ये देखा,सब करते है ऐशबी जे पी हो या कांग्रेसये कर देंगे,वो कर दें... Read more
clicks 226 View   Vote 0 Like   4:47am 12 Dec 2011 #
Blogger: satyam shivam
१९ अन्य कवियों के साथ मेरा पहला काव्य संग्रह:"टूटते सितारों की उड़ान"अभी तो है ये पहली उड़ान,बाकि अभी नापना सारा आसमान है;दो पग ही पथ में बढ़ा हूँ अभी,आगे तो अभी पुरा जहाँ है |हृदय में है ख्वाहिश, मन है सुदृढ़,हाथों की लकीरों में भी कुछ निशान है :अभी तो है ये पहली उड़ान,बाकि ... Read more
clicks 328 View   Vote 0 Like   2:04pm 11 Dec 2011 #टूटते सितारों की उड़ान
Blogger: satyam shivam
खिड़की पर खड़ी मैं नीचे जीवन देख रही थी|भारी बस्तों के बोझ तले कुचले बचपन देख रही थी|सूनी आँखों में मरे हुए मैं स्वप्न देख रही थी|माँ-बाप के ख्वाहिशों धोते मैं रुदन देख रही थी|रक्त-रंजीत कदम की राह में पड़े नुकीले कुरून देख रही थी|हाँ मैं जीवन देख रही थी,मैं बचपन देख रही थी... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   7:27am 11 Dec 2011 #भाव रस
Blogger: satyam shivam
ग़मों की धुंध जो छाई हुई है छंट जाये.कुछ ऐसे ख्वाब दिखाओ कि रात कट जाये.नज़र के सामने जो कुछ भी है सिमट जाये.गर आसमान न टूटे, ज़मीं ही फट जाये.मेरे वजूद का बखिया जरा संभल के उधेड़हवा का क्या है भरोसा, कहीं पलट जाये.मैं तय करूंगा हरेक लम्हा इक सदी का सफ़रकि मेरी राह का पत्थर ज... Read more
clicks 228 View   Vote 0 Like   7:38pm 10 Dec 2011 #
Blogger: satyam shivam
जैसे जैसे दिन ढलता है---------------------------------जैसे जैसे दिन ढलता है ,परछाई लम्बी होती हैजब दीपक बुझने को होता,बढ़ जाती उसकी ज्योति हैसूरज जब उगता या ढलता,                            उसमे होती है शीतलता इसीलिए वो खुद से ज्यादा,                             साये को है लम्बा करता और जब सूरज सर पर चढ़ता,... Read more
clicks 252 View   Vote 0 Like   8:10am 10 Dec 2011 #
Blogger: satyam shivam
स्वयंको कर विदीर्णदिन-प्रतिदिनरात दर रातसिद्धांतो के पोषण मेंकर दिया देह को भीसमर्पित एक दिनशाश्वत अग्नि को-कि रहे अनश्वरअनादि सनातन सत्य ---लोगबड़े विचित्र अनुसरण के विपरीत महानता का चोला ओढ़ा दिया  जीते जी पाया सिर्फचंद हार,अपवित्र हाथों सेऔर मरने पर पायाअसहाय ... Read more
clicks 245 View   Vote 0 Like   9:43am 9 Dec 2011 #भाव रस
Blogger: satyam shivam
बेगुनाह भी मैं,गुनाहगार भी मैं|विध्वंसकारी,रचनाकार भी मैं|सारी सृष्टि तन्मय मुझमे,इस सृष्टि से बेज़ार भी मैं|हर रूप में मैं,सब रूप मेरा|साकार हूँ तो निराकार भी मैं|ब्रह्मनाद ओमकार भी मैं,नास्तिकों का तिरस्कार भी मैं|रक्त-पिपासु तलवार भी मैं,प्यास बुझती धार भी मैं|आती ... Read more
clicks 310 View   Vote 0 Like   9:45am 8 Dec 2011 #भाव रस
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3938) कुल पोस्ट (195050)