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Blog: उसने कहा था...

Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
(लंबे अरसे बाद प्रिय कवि आलोक श्रीवास्तव की एक कविता, तपस दास के चित्र के साथ) भर्तृहरि एक किंवदंती है एक इतिहास-सिद्ध कवि के अलावाजो कहीं हमारे भीतर हमारे ही मन के वृत्तांत अंकित करती है किसी कूट भाषा में अपने ही अंतरमन की कथा से भागते मनुष्यों का इतिहास हैहमार... Read more
clicks 295 View   Vote 0 Like   6:05pm 11 Apr 2016 #
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
(परसों, 7 जुलाई को गुलेरीजी की 132वीं जयंती थी. परदादा को याद करते हुए यहां उनकी एक व्यंग्यात्मक कविता, जो 'सरस्वती'पत्रिका में साल 1907 में प्रकाशित हुई थी.) करके हम भी बी. ए. पास हैं अब ज़िलाधीश के दास पाते हैं दो बार पचास बढ़ने की रखते हैं आस ख़ुश हैं मेरे साहिब मुझ पर मैं जाता... Read more
clicks 291 View   Vote 0 Like   6:57pm 9 Jul 2015 #
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
(रूसी कवि और फ़िल्मकार येव्‍गेनी येव्‍तुशेंकोकी कविताएं पढ़ते हुए इस कविता पर आना हुआ. अनुवाद वरयाम सिंह का है. येव्गेनी की और कविताएं यहांपढ़ी जा सकती हैं.)मैं नहीं चाहता हर कोई मुझे प्‍यार करेइसलिए कि संघर्ष की भावना के साथ-साथमुझमें बीज की तरह बैठा है मेरा युगश... Read more
clicks 239 View   Vote 0 Like   12:20pm 19 Oct 2014 #
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
(पांच साल की उम्र से शुरू हुए थिरकते कदम जब 94 साल में भी थिरक रहे हों तो इसे चमत्कार कहना ग़लत नहीं होगा। इस चमत्कार का नाम हैसितारा देवी! आज भी उनकी बड़ी-बड़ी आंखें वो जज़्बात बयां करती हैं जो ईश्वर की देन के बिना संभव नहीं है। एक कलाकार के रूप में जीया जीवन उनके भीतर उत्स... Read more
clicks 340 View   Vote 0 Like   7:26pm 12 Jul 2014 #
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
हिंदी कथाजगत में चन्द्रधर शर्मा गुलेरी एक ऐसे कथाकार हुए जो कुछ ही कहानियां लिखकर अमर हो गए। उनकी कहानियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी अपने समय में रहीं। कथा साहित्य को गुलेरी जी ने नई दिशा और आयाम प्रदान किए। वह उच्च कोटि के निबंधकार और प्रखर समालोचक भी थे। गु... Read more
clicks 236 View   Vote 0 Like   8:04am 7 Jul 2014 #
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
(यात्रा... रोज़मर्रा की ज़िंदगी से निकाले ख़ुद के लिए सुकून के कुछ पल। संभवत: हर व्यक्ति अपने जीवन में यात्रा तो करता ही है। आख़िर किसका मन नहीं करता फिर से नई उमंग से जीने का! कोई मन के अंतहीन आकाश में किसी परिंदे की तरह स्वच्छंद उड़ान भरता है तो कोई मन के सागर की गहराइयों ... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   9:10am 18 Apr 2014 #
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
(निरन्तर व्यस्तता के बीच पढ़ने-लिखने का क्रम लगभग टूटा रहा. किताबें तो दूर, नियम से अख़बार तक बांचने की मोहलत नहीं मिली. प्रयास था कि कुछ समय चुराकर लिखना-पढ़ना हो जाएगा पर न ऐसा समय आया, न मन:स्थिति. उम्मीद इंसान का सबसे बड़ा अस्त्र है, जो न टूटे तो सब संभव है. इस आशा के सा... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   1:03pm 27 Feb 2014 #
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
('उसने कहा था'कहानी पर बनी फ़िल्म का एक पोस्टर)पांचवीं कक्षा में थी जब मुझे पहली बार ‘उसने कहा था’कहानी पढ़ने को दी गई। तब केवल यह पता था कि यह कहानी मेरे परदादा पंडित चन्द्रधर शर्मा गुलेरी ने लिखी है। फिर दो-तीन साल बाद दूरदर्शन पर ‘उसने कहा था’फ़िल्म देखने का अवसर मिला... Read more
clicks 172 View   Vote 0 Like   11:16am 2 Feb 2014 #
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
(मृत्यु पर कविताएं पढ़ते हुए कवि एकांत श्रीवास्तव की यह कविता हाथ लगी. साथ में गुस्ताव क्लिम्टकी कलाकृति 'ट्री ऑफ लाइफ'.) मायावी सरोवर की तरह अदृश्‍य हो गए पिता रह गए हमपानी की खोज में भटकते पक्षी ओ मेरे आकाश पिताटूट गए हमतुम्‍हारी नीलिमा में टंकेझिलमिल तारे ... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   2:42pm 29 Jan 2014 #
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
(प्रिय कवि आलोक श्रीवास्तव के कविता-संग्रह 'दुख का देश और बुद्ध' से...)  बुद्ध का होना एक फूल का खिलना  है हवा में महक का बिखरना और दिशाओं में रंगों का छा जाना है बुद्ध का होना अपने भीतर होना है दुख को समझते हुए जीना पता नहीं पृथ्वी पर कितने क... Read more
clicks 224 View   Vote 0 Like   8:39am 7 Oct 2013 #
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
(नसरीन मुन्नी कबीर विदेश में पली-बढ़ीं लेकिन उनका दिल भारत के लिए धड़कता रहा। लंदन में रहकर वे भारतीय फ़िल्में देखतीं औरहिन्दी गाने सुनतीं। पढ़ाई के लिए यूरोप गईं तो वहां भी यह सिलसिला बरक़रार रहा। सिनेमा की पढ़ाई के बाद नसरीन लंदन लौट आईं। उन्हें ब्रिटिश फ़िल्म इंस... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   8:09am 3 Aug 2013 #
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
(साहित्य के पुरोधा पंडितचन्द्रधर शर्मा गुलेरी की आज 130वीं जयंती है। गुलेरी जी की रचनाओं के बारे में इतना सब लिखा, पढ़ा व सुना जा चुका है कि कुछ और कहना सूरज को दीया दिखाने समान है। दो साल पहले पैतृक घर गुलेर जाना हुआ तो मैं गुलेरी जी की निजी डायरी अपने साथ मुंबई ले आई थी। य... Read more
clicks 235 View   Vote 0 Like   9:28am 7 Jul 2013 #लेख/आलेख
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
(प्रिय कविताओं में से एक नरेश सक्सेना की यह कविता, साथ में एडवर्ड मुंचका चित्र 'मेलनकली') जैसे चिड़ियों की उड़ान मेंशामिल होते हैं पेड़क्या कविताएं होंगी मुसीबत में हमारे साथ?जैसे युद्ध में काम आएसैनिक की वर्दी और शस्त्रों के साथख़ून में डूबी मिलती है उसके बच्चे की तस... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   7:49am 13 May 2013 #कुछ और रचनाएं
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
(विश्व कविता दिवस पर राइनेर मारिया रिल्के का गद्य,गणेश पाइन  की कलाकृति के साथ. अनुवाद राजी सेठ का.)"...कविता मात्र आवेग नहीं... अनुभव है। एक अच्छी कविता लिखने के लिए तुम्हें बहुत से नगर और नागरिक और वस्तुएं देखनी-जाननी चाहिए। बहुत से पशु और पक्षी... पक्षियों के उड़ने का ढब। न... Read more
clicks 221 View   Vote 0 Like   6:39pm 21 Mar 2013 #कुछ और रचनाएं
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
(वे कहते हैं कि मैं अपने संगीत को बयां नहीं कर सकता, मेरा संगीत मुझे बयां करता है। आप उनका संगीत सुनते हैं तो समझ जाते हैं कि वे ऐसा क्यों कह रहे हैं। उनके हर गीत को सुनकर गाने वाले की एक छवि मन में अभरती है, यह छवि कैलाश खेर की है। कैलाश अलग हैं, अद्भुत हैं, और उनमें कुछ ऐसा ह... Read more
clicks 233 View   Vote 0 Like   7:51am 24 Feb 2013 #साक्षात्कार/कैलाश खेर
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
संगीत के ज़रिए बहुत कुछ बदला जा सकता है- लकी अली बतौर संगीतकार मेरे सफ़र की शुरुआत साल 1996 में मेरी पहली एलबम ‘सुनो’से हुई। उस वक़्त संगीत के क्षेत्र में इतने प्रयोग नहीं होते थे जितने अब होने लगे हैं। यह अच्छा भी है क्योंकि ख़ुद को एक्सप्रेस करने की कला ज़रूरी है। लोगों ... Read more
clicks 239 View   Vote 0 Like   1:01pm 12 Feb 2013 #लेख/आलेख
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
दिल्ली में मेरी कॉलेज की एक दोस्त दूरदर्शन पर संगीत कार्यक्रम ‘अलबेला सुर मेला’की एंकरिंग करती थी।एक बार उसकी को-होस्ट शूट पर नहीं आई। शूट रोकना संभव नहीं था और उन्हें ऐसी एंकर चाहिए थी, जो अच्छी हिन्दी बोल सके और दिखने में भी ठीक-ठाक हो। मेरी दोस्त ने मुझसे एंकरिंग कर... Read more
clicks 258 View   Vote 1 Like   9:26am 31 Jan 2013 #फर्स्ट ब्रेक
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
(मौसम बदले, न बदले... हमें उम्मीद कीकम-से-कमएक खिड़की तो खुली रखनी ही चाहिए. अशोक वाजपेयी की कविता,ऑनरी मातीसकी  कलाकृति 'द ओपन विंडो' के साथ)मौसम बदले, न बदलेहमें उम्मीद कीकम-से-कमएक खिड़की तो खुली रखनी चाहिएशायद कोई गृहिणीवसंती रेशम में लिपटीउस वृक्ष के नीचेकिसी अज्ञात... Read more
clicks 279 View   Vote 0 Like   8:05am 11 Jan 2013 #कुछ और रचनाएं
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
फ़िल्मों में मेरी शुरुआत साल 1978 में ‘किस्सा कुर्सी का’से हुई। मैं दिल्ली में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल में थिएटर कर रही थी,जब निर्देशक अमृत नाहटा इस फ़िल्म का प्रस्ताव लेकर आए। उन्होंने मेरा काम देखा था, इसलिए ऑडिशन की ज़रूरत नहीं पड़ी। फ़िल्म केलिएमुझे सुबह ... Read more
clicks 244 View   Vote 0 Like   8:59am 25 Dec 2012 #फर्स्ट ब्रेक
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
मैं राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, दिल्ली में थिएटर कर रहा था। शेखर कपूर अपनी फ़िल्म ‘बैंडिट क्वीन’की कास्टिंग के लिए वहांआए हुए थे। उन्होंने मेरा नाटक ‘ख़ूबसूरत बहू’देखकर मुझे मिलने के लिए बुलाया। उस वक़्त शेखर ने कुछ नहीं कहा। तिग्मांगु धूलिया उनके असिस्टेंट थे।तिग... Read more
clicks 396 View   Vote 0 Like   8:36am 16 Dec 2012 #फर्स्ट ब्रेक
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
बचपन में जब भी कोई अच्छा गाना सुनती तो मेरी आंखों में आंसू आ जाते थे। घर में संगीत का माहौल था,मैंने छोटी उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था। कॉलेज के दिनों में ‘सुर-सिंगार’प्रतियोगिता में संगीतकार जयदेव ने मुझे गाते हुए सुना। उन्हें बहुत अच्छा लगा कि एक पारसी लड़की, जिसकी... Read more
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
बचपन में जब भी कोई अच्छा गाना सुनती तो मेरी आंखों में आंसू आ जाते थे। घर में संगीत का माहौल था,मैंने छोटी उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था। कॉलेज के दिनों में ‘सुर-सिंगार’प्रतियोगिता में संगीतकार जयदेव ने मुझे गाते हुए सुना। उन्हें बहुत अच्छा लगा कि एक पारसी लड़की, जिसकी... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   3:50am 9 Dec 2012 #
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
पंजाब से कॉलेज की पढ़ाई पूरी करके मैं मुंबई आई और यहां ‘स्टारडस्ट एकेडमी’में एक्टिंग के कोर्स में दाख़िला लिया। कोर्स के बाद लोगों से मिलने-जुलने का सिलसिला शुरू हुआ। उस वक़्त मैं जितने भी लोगों से मिली, सब यही कहते कि तुम हमारी फ़िल्म कर रही हो। मुझे लगा कि मुझे एक-सा... Read more
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
(मुंबई के पॉश इलाकेवर्सोवा में समंदर किनारे बनी एक इमारत की छठी मंज़िल पर हूं। दरवाज़े की घंटी बजाने पर रिस्पॉन्स नहीं मिलता,घंटी ख़राब है या शायद बिजली नहीं है। दो-तीन बार कोशिश करने के बाद दीप्ति नवल को फ़ोन मिलाती हूं। ख़ुद दीप्ति आकर दरवाज़ा खोलती हैं। काली टी-शर्... Read more
clicks 276 View   Vote 0 Like   7:19am 28 Nov 2012 #दीप्ति नवल
Blogger: माधवी शर्मा गुलेरी
मैं राष्ट्रीय स्तर पर स्विमिंग चैम्पियन रही थी। फिर 1976 में मैंने ‘मिस इंडिया’का ख़िताब जीता। मैं 16 साल की थी जब राज कपूर ने मुझे फ़िल्म ‘हिना’में काम करने का ऑफर दिया। लेकिन वो फ़िल्म मैं नहीं कर पाई। मेरी शुरुआत श्याम बेनेगलकी फ़िल्म ‘जुनून’ से हुई। शशि कपूर के बेटे न... Read more
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