उसने कहा था...

(प्रिय कविताओं में से एक नरेश सक्सेना की यह कविता, साथ में एडवर्ड मुंचका चित्र 'मेलनकली') जैसे चिड़ियों की उड़ान मेंशामिल होते हैं पेड़क्या कविताएं होंगी मुसीबत में हमारे साथ?जैसे युद्ध में काम आएसैनिक की वर्दी और शस्त्रों के साथख़ून में डूबी मिलती है उसके बच्चे की तस...
उसने कहा था......
Tag :कुछ और रचनाएं
  May 13, 2013, 1:19 pm
(विश्व कविता दिवस पर राइनेर मारिया रिल्के का गद्य,गणेश पाइन  की कलाकृति के साथ. अनुवाद राजी सेठ का.)"...कविता मात्र आवेग नहीं... अनुभव है। एक अच्छी कविता लिखने के लिए तुम्हें बहुत से नगर और नागरिक और वस्तुएं देखनी-जाननी चाहिए। बहुत से पशु और पक्षी... पक्षियों के उड़ने का ढब। न...
उसने कहा था......
Tag :कुछ और रचनाएं
  March 22, 2013, 12:09 am
(वे कहते हैं कि मैं अपने संगीत को बयां नहीं कर सकता, मेरा संगीत मुझे बयां करता है। आप उनका संगीत सुनते हैं तो समझ जाते हैं कि वे ऐसा क्यों कह रहे हैं। उनके हर गीत को सुनकर गाने वाले की एक छवि मन में अभरती है, यह छवि कैलाश खेर की है। कैलाश अलग हैं, अद्भुत हैं, और उनमें कुछ ऐसा ह...
उसने कहा था......
Tag :साक्षात्कार/कैलाश खेर
  February 24, 2013, 1:21 pm
संगीत के ज़रिए बहुत कुछ बदला जा सकता है- लकी अली बतौर संगीतकार मेरे सफ़र की शुरुआत साल 1996 में मेरी पहली एलबम ‘सुनो’से हुई। उस वक़्त संगीत के क्षेत्र में इतने प्रयोग नहीं होते थे जितने अब होने लगे हैं। यह अच्छा भी है क्योंकि ख़ुद को एक्सप्रेस करने की कला ज़रूरी है। लोगों ...
उसने कहा था......
Tag :लेख/आलेख
  February 12, 2013, 6:31 pm
दिल्ली में मेरी कॉलेज की एक दोस्त दूरदर्शन पर संगीत कार्यक्रम ‘अलबेला सुर मेला’की एंकरिंग करती थी।एक बार उसकी को-होस्ट शूट पर नहीं आई। शूट रोकना संभव नहीं था और उन्हें ऐसी एंकर चाहिए थी, जो अच्छी हिन्दी बोल सके और दिखने में भी ठीक-ठाक हो। मेरी दोस्त ने मुझसे एंकरिंग कर...
उसने कहा था......
Tag :फर्स्ट ब्रेक
  January 31, 2013, 2:56 pm
(मौसम बदले, न बदले... हमें उम्मीद कीकम-से-कमएक खिड़की तो खुली रखनी ही चाहिए. अशोक वाजपेयी की कविता,ऑनरी मातीसकी  कलाकृति 'द ओपन विंडो' के साथ)मौसम बदले, न बदलेहमें उम्मीद कीकम-से-कमएक खिड़की तो खुली रखनी चाहिएशायद कोई गृहिणीवसंती रेशम में लिपटीउस वृक्ष के नीचेकिसी अज्ञात...
उसने कहा था......
Tag :कुछ और रचनाएं
  January 11, 2013, 1:35 pm
फ़िल्मों में मेरी शुरुआत साल 1978 में ‘किस्सा कुर्सी का’से हुई। मैं दिल्ली में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल में थिएटर कर रही थी,जब निर्देशक अमृत नाहटा इस फ़िल्म का प्रस्ताव लेकर आए। उन्होंने मेरा काम देखा था, इसलिए ऑडिशन की ज़रूरत नहीं पड़ी। फ़िल्म केलिएमुझे सुबह ...
उसने कहा था......
Tag :फर्स्ट ब्रेक
  December 25, 2012, 2:29 pm
मैं राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, दिल्ली में थिएटर कर रहा था। शेखर कपूर अपनी फ़िल्म ‘बैंडिट क्वीन’की कास्टिंग के लिए वहांआए हुए थे। उन्होंने मेरा नाटक ‘ख़ूबसूरत बहू’देखकर मुझे मिलने के लिए बुलाया। उस वक़्त शेखर ने कुछ नहीं कहा। तिग्मांगु धूलिया उनके असिस्टेंट थे।तिग...
उसने कहा था......
Tag :फर्स्ट ब्रेक
  December 16, 2012, 2:06 pm
बचपन में जब भी कोई अच्छा गाना सुनती तो मेरी आंखों में आंसू आ जाते थे। घर में संगीत का माहौल था,मैंने छोटी उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था। कॉलेज के दिनों में ‘सुर-सिंगार’प्रतियोगिता में संगीतकार जयदेव ने मुझे गाते हुए सुना। उन्हें बहुत अच्छा लगा कि एक पारसी लड़की, जिसकी...
उसने कहा था......
Tag :फर्स्ट ब्रेक/पीनाज़ मसानी
  December 9, 2012, 9:20 am
पंजाब से कॉलेज की पढ़ाई पूरी करके मैं मुंबई आई और यहां ‘स्टारडस्ट एकेडमी’में एक्टिंग के कोर्स में दाख़िला लिया। कोर्स के बाद लोगों से मिलने-जुलने का सिलसिला शुरू हुआ। उस वक़्त मैं जितने भी लोगों से मिली, सब यही कहते कि तुम हमारी फ़िल्म कर रही हो। मुझे लगा कि मुझे एक-सा...
उसने कहा था......
Tag :फर्स्ट ब्रेक/दिव्या दत्ता
  December 2, 2012, 1:28 pm
(मुंबई के पॉश इलाकेवर्सोवा में समंदर किनारे बनी एक इमारत की छठी मंज़िल पर हूं। दरवाज़े की घंटी बजाने पर रिस्पॉन्स नहीं मिलता,घंटी ख़राब है या शायद बिजली नहीं है। दो-तीन बार कोशिश करने के बाद दीप्ति नवल को फ़ोन मिलाती हूं। ख़ुद दीप्ति आकर दरवाज़ा खोलती हैं। काली टी-शर्...
उसने कहा था......
Tag :दीप्ति नवल
  November 28, 2012, 12:49 pm
मैं राष्ट्रीय स्तर पर स्विमिंग चैम्पियन रही थी। फिर 1976 में मैंने ‘मिस इंडिया’का ख़िताब जीता। मैं 16 साल की थी जब राज कपूर ने मुझे फ़िल्म ‘हिना’में काम करने का ऑफर दिया। लेकिन वो फ़िल्म मैं नहीं कर पाई। मेरी शुरुआत श्याम बेनेगलकी फ़िल्म ‘जुनून’ से हुई। शशि कपूर के बेटे न...
उसने कहा था......
Tag :फर्स्ट ब्रेक/नफ़ीसा अली
  November 25, 2012, 11:20 am
अपना फर्स्ट ब्रेक मैं उस गाने को कहूंगा जिस गाने से मुझे फिल्म उद्योग में अच्छी पहचान मिली। ए.आर.रहमान ने मुझे ‘साथिया’फ़िल्म में ‘ओ हमदम सुनियो रे’गाने का मौक़ा दिया था। हालांकि, मैं इससे पहले भी कुछ गीत गा चुका था। पार्श्वगायिका पूर्णिमा ने मुझे साल 1992 में एक कॉलेज प...
उसने कहा था......
Tag :फर्स्ट ब्रेक/कुणाल गांजावाला
  November 23, 2012, 2:37 pm
आज़ादी, स्वतंत्रता, फ्रीडम... कानों में इन शब्दों के पड़ते ही एक सुखद, प्यारा-सा अहसास मन को हर्षाने लगता है। ये शब्द उस अनुभूति को परिलक्षित करते हैं जो संसार के हर इंसान को प्यारी है। क्या है यह आज़ादी, क्यों है यह इतनी प्रिय हर किसी को?और आज़ादी में भी अगर हम ख़ासकर औरतो...
उसने कहा था......
Tag :लेख/आलेख
  November 17, 2012, 10:40 am
उन दिनों मैं स्कूल में था, जब ब्रूस स्प्रिंगस्टीनपरफॉर्म करने के लिए भारत आए हुए थे। मैं अपनी बहनों और दोस्तों के साथ उन्हें सुनने के लिए गया, और उसके बाद मैंने तय कर लिया कि मुझे क्या करना है। अगले दिन से मैंने जेबख़र्च से पैसे बचाने शुरू कर दिए ताकि एक गिटार ख़रीद सकूं...
उसने कहा था......
Tag :फर्स्ट ब्रेक/रब्बी शेरगिल
  November 11, 2012, 9:25 pm
मुझे बचपन से गाने का शौक रहा है। मैं बिहार में मामा के घर जन्मा और वहीं पला-बढ़ा। गांव में लोगों के दरवाज़ों से सटकर रेडियो सुना करता था। चार-पांच साल का था तो मेलों और मंदिरों में गाना शुरू कर दिया। मेरी मां भुवनेश्वरी देवी झा भी गाया करती थीं। मां का गुण और ईश्वर की देन ...
उसने कहा था......
Tag :फर्स्ट ब्रेक/उदित नारायण
  November 4, 2012, 9:22 am
(प्रख्यात बांग्ला लेखक सुनील गंगोपाध्याय, कविता जिनके लिए प्रथम प्रेम थी, जिन्होंने कविता के लिए अमरत्व को तुच्छ माना;यहां उनकी कविता के साथ उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि...)हमारे बड़े विस्मयकारी दुख हैंहमारे जीवन में हैं कई कड़वी ख़ुशियांमाह में दो-एक बार है हमारी मौतह...
उसने कहा था......
Tag :कुछ और रचनाएं
  October 27, 2012, 12:35 pm
साल 1986 में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से ग्रेजुएशन के बाद दिल्ली में ही थिएटर कर रहा था। फ़िल्मों में अभिनय की मेरी शुरुआत 1998 में मणिरत्नम की फ़िल्म ‘दिल से’से हुई। फ़िल्म के संवाद तिग्मांशु धूलिया ने लिखे थे, और वही कास्टिंग भी कर रहे थे। तिग्मांशु ने ही मुझे मणिरत्नम स...
उसने कहा था......
Tag :फर्स्ट ब्रेक/पीयूष मिश्रा
  October 21, 2012, 9:23 am
मैं गुजराती नाटकों में काम करती थी। थिएटर की वजह से मुझे विपुल शाह निर्देशित टेलीविज़न सीरियल ‘एक महल हो सपनों का’में काम करने का ऑफर मिला। यह सीरियल हिन्दी और गुजराती- दोनों भाषाओं में डब होता था। साल 1997 से 2000 तक इसके एक हज़ार एपिसोड प्रसारित हुए। सीरियल देखकर एकता कपू...
उसने कहा था......
Tag :फर्स्ट ब्रेक/अपरा मेहता
  October 16, 2012, 9:47 am
(मुंबई के जुहू इलाके में पहुंचकर किसी राहगीर से बंगला नंबर 22 का पता पूछा तो उसने कहा... धर्मेन्द्र का बंगला? मैं कुछ पसोपेश में पड़ी क्योंकि अभय देओल का इंटरव्यू लेने निकली थी और अभय ने जो पता एसएमएस किया था, उससे लगा था कि वो उनके ही घर का पता होगा, लेकिन वहां पहुंचकर पता चल...
उसने कहा था......
Tag :अभय देओल
  October 12, 2012, 10:01 am
मैं राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय,दिल्ली में थिएटर की पढ़ाई कर रहा था। फ़िल्म ‘सरफ़रोश’की कास्टिंग के लिए कुछ लोग आए हुए थे। फ़िल्म में मेरे एक बैचमेट को लिया जाना था, जो उस वक़्त वहां मौजूद नहीं था। कास्टिंग डायरेक्टर ने मुझे देखा और पूछा, “एक छोटा-सा रोल है, करोगे?”मैंने ह...
उसने कहा था......
Tag :नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी
  October 7, 2012, 12:21 pm
फ़िल्मों में गाने का ब्रेक मुझे जगजीत सिंह ने दिया था। इससे पहले मैं कोलकाता में होटलों में गाया करता था और शो वगैरह करता था। एक बार मुंबई के ‘वेस्टर्न आउटडोर स्टूडियो’में किशोर दा के गाने का कवर वर्ज़न गा रहा था। वहां जगजीत सिंह भी आए हुए थे। उन्होंने मुझे गाते हुए सु...
उसने कहा था......
Tag :कुमार शानू
  September 30, 2012, 9:39 am
मैं पूरी तरह से थिएटर को समर्पित था। साल 1984 में इंडियन नेशनल थिएटर के लिए एक नाटक कर रहा था, जिसे देखने कुंदन शाह आए थे। कुंदन जी इंटरवल में मेरे पास आए और टीवी सीरियल ‘यह जो है ज़िंदगी’में काम करने का ऑफर दिया। ऑडिशन में मुझे एक ही लाइन बोलने के लिए दी गई। लाइन थी, ‘यह क्या ...
उसने कहा था......
Tag :
  September 23, 2012, 9:24 am
न्यूयॉर्क में अपने कॉलेज के दिनों में मैं एक रेडियो प्रोग्राम किया करती थी। भारत से जब भी कोई बड़ी हस्ती वहां आती, तो मैं उसका इंटरव्यू करती। वहीं मेरी मुलाक़ात सुनील दत्त, गुलज़ार, साधना और संगीतकार हेमंत कुमार से हुई। मैंने मैनहट्टन से फ़िल्म मेकिंग का कोर्स भी किया...
उसने कहा था......
Tag :दीप्ति नवल
  September 16, 2012, 5:50 pm
मैं मुंबई में वकालत की पढ़ाई कर रहा था और इंडियन पीपल्स थिएटर एसोसिएशन (इप्टा)से भी जुड़ा हुआ था। थिएटर हम लोग शौकिया तौर पर करते थे। इप्टा में ही नामचीन निर्देशक एम.एस. सथ्यु थे जो अपनी पहली फ़िल्म ‘गर्म हवा’बना रहे थे। फ़िल्म बनाने के पैसे तो थे नहीं, सो कुछ धनराशि एनएफ...
उसने कहा था......
Tag :फारुख शेख
  September 9, 2012, 12:37 pm
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