POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: A poetess blog

Blogger: ranjana
'माँ जल्दी घर आओ न'जब तुम मुस्कुराती होऔर चमकती है तुम्हारी जुगनू सी आंखेमै बन जाती हूँ दुनिया की सबसे खुशनसीब औरतनिकल आते है पंख मेरे कंधो परतुम्हे बैठा कर अपनी पीठ परमै घुमा लाती हूँ सात समुन्दर पारमेरे घर पहुचते ही दौड़ पड़ती हो तुम मेरी ओरऔर मै कहती हूँ रुको बेटी मुझ... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   2:16pm 18 Oct 2014 #
Blogger: ranjana
 रिसती दीवार सीलन से यूँ ही नहीं गिर जाती दीवारें बहुत दिनों तक खुद में हीसमेटती, सहेजती रहती है नमी को संभालती रहती हैं हर कमी को पर जब ये नमी उभर आती है बूँदें बन कर सीली हुई दीवारों पर फिसलती हैं लकीर बनकर किनारों पर तब हमदर्दी की धूप की गर्मी मीठे से लफ़्ज़ों की नर... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   7:29pm 25 Jun 2013 #
Blogger: ranjana
 रिसती दीवार सीलन से यूँ ही नहीं गिर जाती दीवारें बहुत दिनों तक खुद में हीसमेटती, सहेजती रहती है नमी को संभालती रहती हैं हर कमी को पर जब ये नमी उभर आती है बूँदें बन कर सीली हुई दीवारों पर फिसलती हैं लकीर बनकर किनारों पर तब हमदर्दी की धूप की गर्मी मीठे से ल... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   7:29pm 25 Jun 2013 #
Blogger: ranjana
ख़ुशी हो साथ, या न होमगर गम ढून्ढ लेता हैमै कितना भी छुपुंमेरी महक ये सूंघ लेता हैचला आता है चुपके सेरुला जाता है जी भर केमेरे कंधे पे सर रखकरये घंटो ऊंघ लेता है- रंजना डीन ... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   7:27pm 25 Jun 2013 #
Blogger: ranjana
Happy Father's Day Dear Papaपापा को याद करते हुए बचपन की एक याद शेयर कर रही हूँ आप सबसे...बचपन में मैंने खेले खेल खिलौने ढेरहाथी, बन्दर, भालू, मुर्गा, कछुआ और बटेरपापा ने घुटनों पर अपने झुला बहुत झुलायाकंधे पर बैठा कर मुझको सारा जहाँ घुमायाथे पापा के पेट पर बहुत घनेरे बालजब भी देखू आता था ज... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   7:02am 16 Jun 2013 #
Blogger: ranjana
जिंदगी का पलंगजिंदगी का पलंगइतना है तंगकी लेते ही करवटलुढ़क जाती हूँठंडी ज़मीनजब रास नहीं आतीतो खुद को समेटकर सिमट जाती हूँदेखती हूँपलंग के नीचेतो कुछ खोयी हुई पुरानी चीज़ेंपड़ी पाती हूँमेरे जूड़े की स्टिककुछ रंग बिरंगी बिंदियाकुछ टुडे मुड़े ख्वाबबटोर लती हूँऔर ... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   4:47am 14 Jun 2013 #
Blogger: ranjana
फिसल कर आसमां की गोद से जब भी गिरी हो तुम न जाने बांह मेरी खुद-ब -खुद क्यों फ़ैल जाती हैं ऐ नन्ही बूँद तू मुझकोमेरी बेटी सी लगती है ज़रा पलकें मै फेरूँ तो वो मुझसे रूठ जाती है - रंजना डीन ... Read more
clicks 167 View   Vote 0 Like   2:00pm 7 Jun 2013 #
Blogger: ranjana
हर हँसते चेहरे के पीछे टूटा सा एक दिल होता है जी लूँ कुछ पल साथ तुम्हारे सुन लूँ तेरे सारे सुख दुःख कह दूँ तुझसे मन की गाथा ऐ पल थम जा,थोड़ा सा रुक समझ न पाई क्या न भाया कब मैंने तुझको उकसाया कब कह दी कुछ कडवी बातें कब कुछ अनचाहा सा गाया कब सिरहाने आकर तेरे नींद तुम्हार... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   7:01pm 30 Apr 2013 #
Blogger: ranjana
हर मर्द खड़ा शर्मिंदा है, हर औरत सहमी-सहमी-सीहर और मचा है शोर और ख़बरों की गहमा गहमी सी कन्याओं की पूजा करके हम सभ्य सरीखे दीखते हैंपर वहशीपन का चरम यहाँ, और दिखती है बेरहमी सी... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   8:00am 21 Apr 2013 #
Blogger: ranjana
हर मर्द खड़ा शर्मिंदा है, हर औरत सहमी-सहमी-सीहर और मचा है शोर और ख़बरों की गहमा गहमी सी कन्याओं की पूजा करके हम सभ्य सरीखे दीखते हैंपर वहशीपन का चरम यहाँ, और दिखती है बेरहमी सी... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   8:00am 21 Apr 2013 #
Blogger: ranjana
याद की सियाही याद की गहरी सियाही फिर टपक कर बह रही  है कागजों पर भूली बिसरी बात फिर से कह रही है चुभ रही है निब की पैनी धारइसके तन बदन पर ज़ख्म ये सदियों से सहकर बात अपनी कह रही है                     - रंजना डीन ... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   5:19am 15 Apr 2013 #
Blogger: ranjana
सोचती हूँ डूब मरुँ गोमती में बहुत देख ली जिंदगीवही सुबह वही शाम वही रोज़ के तमाम काम  फिर सोचती हूँ गोमती ही क्यों?डूबने के लिए जगहों की कमी है क्या?क्यों न डूब जाऊं बेटी की मासूम आँखों में जन्नत उससे ज्यादा अच्छी और कहा मिलेगी?क्यों न डूब जाऊं उस हर अधूरे काम को पूरा क... Read more
clicks 182 View   Vote 0 Like   1:06pm 7 Apr 2013 #
Blogger: ranjana
सलीके कौन रखे याद खुराफातों में जिंदगी बीतती हैं चंद मुलाकातों में चाँद भी झाँक न पाया था जिसकी खिड़की में वो मच्छर रोक न पाया कभी भी रातों में...:)...;)...:D... Read more
clicks 305 View   Vote 0 Like   4:35am 29 Mar 2013 #
Blogger: ranjana
ऐसा रंग बना दे मौला इंसा इंसा नेक दिखे शैतां सारे डूब मरे और दुनिया सारी एक दिखे Happy Holi to all....:)... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   5:26am 25 Mar 2013 #
Blogger: ranjana
बचपनमै खोल कर बैठी हूँ बचपन का पिटाराजुगनू हैं ढेरों और एक नन्हा सिताराकुछ फूल हरसिंगार के सूखे पड़े हैंजो बिन फुलाए रह गया, वो एक गुब्बारागुडिया का एक बिस्तर भी था अब याद आयामाचिस पे कपडा बांध कर तकिया बनायापापा ने जब मुझको पलंग ला कर दिया नएक मोटी सी किताब पर गद्दा ल... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   6:47pm 11 Mar 2013 #
Blogger: ranjana
बचपनमै खोल कर बैठी हूँ बचपन का पिटाराजुगनू हैं ढेरों और एक नन्हा सिताराकुछ फूल हरसिंगार के सूखे पड़े हैंजो बिन फुलाए रह गया, वो एक गुब्बारागुडिया का एक बिस्तर भी था अब याद आयामाचिस पे कपडा बांध कर तकिया बनायापापा ने जब मुझको पलंग ला कर दिया नएक मोटी सी किताब पर गद्दा ल... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   6:47pm 11 Mar 2013 #
Blogger: ranjana
वक्त गुज़र जाता है......पिछले सन्डे घर के पड़ोस में एक बुज़ुर्ग की डेथ हो गयी। 10 साल बाद उनका वो बेटा भी आया जो पिछले 10 सालों से विदेश में था। वो बुज़ुर्ग पहले अक्सर मेरे पास आया करते थे अपने इस विदेश बसे बेटे को इमेल करवाने के लिए। बड़े प्यार से सोच सोच कर बोलते ये भी लिख दो, व... Read more
clicks 111 View   Vote 0 Like   6:26am 20 Feb 2013 #
Blogger: ranjana
रोज़ समेटती हूँ बिखरी हुई जिंदगी सुबह उठते ही बुहार करएक जगह इकट्ठा करती हूँ तिनके थोडा पानी भी छिड़क देती हूँ की नमी से शायद थमी रहे कुछ पल  पर उफ़ ये बवंडर इन्हें हमेशा मेरा आँगन ही क्यों दिखता है क्यों घूम फिर कर यही आ जाते हैं और दिन भर की थकी मै फिर से लग जाती हूँ ... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   4:53am 3 Feb 2013 #
Blogger: ranjana
आज़ादी संकीर्ण सोच से दंगों से - रोष से स्वार्थी राजनीती से पिछड़ी कुरीति सेकुपोषित बचपन से रिश्वत के अजगर से झूठ से मक्कारी से भूख से लाचारी से बे रोशन रातों से जहरीली घातॊ से गन्दी मानसिकता से टूटती एकता से                  -रंजना डीन  ... Read more
clicks 142 View   Vote 1 Like   12:24pm 26 Jan 2013 #
Blogger: ranjana
ऐ जिंदगी मै जीना चाहती हूँ तुझे खुल कर ऐ जिंदगी मै जीना चाहती हूँ तुझे खुल कर संवारना चाहती हूँ खुद को अपने तरीके से खिलखिलाना चाहती हूँ दिल खोलकर बिताना चाहती हूँ कुछ पल अपनी मर्ज़ी से देखना चाहती हूँ दुनिया की खूबसूरती महसूस करना चाहती हूँ छत पर उगे चाँद की चांदनी... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   7:38am 23 Dec 2012 #
Blogger: ranjana
वो इन्द्रधनुषकौन कहता है इन्द्रधनुष केवल बारिश के बाद निकलता है जब बूंदों से भरे बादलों के बीच सेसूरज की किरण गुज़रती है मै तो रोज़ देखती हूँ इन्द्रधनुष मेरे कालेज की गेलरी में फैकल्टी रूम के सामने रोज़ उसके मोटे शीशे से गुज़रती धूप बना जाती है इन्द्रधनुष सीमें... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   5:51am 10 Dec 2012 #
Blogger: ranjana
सुकून तुझे तलाशते तलाशते सुकून तुझे तलाशते तलाशते बीती जा रही है उम्र पर तुम हमेशा पहुँच से बाहर तुम्हे पाने की चाहत में बदलती गयी जीने का ढंग रख दी हसरतें एक कोने में निभाती गयी हर हालात संभालती रही हर मुश्किल और फिर भी मुस्कुराना नहीं छोड़ा कुछ न सही तो कम से कम मे... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   6:40am 8 Dec 2012 #
Blogger: ranjana
तुम्हारे प्यार में डूबी हुई एक याद हूँ मै तेरी सांसो में शामिल हूँ तभी आबाद हूँ मै मै जब भी टूट कर बिखरी हूँ तुमने थामा है मै तुमसे दूर हूँ फिर भी तुम्हारे साथ हूँ मै ... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   11:24am 16 Nov 2012 #
Blogger: ranjana
सोंधी सी मिटटी के तपे हुए दीपक में सुनहरी लौ आज फिर जगमगाई है रंगोली रंगों की, मनचाहे ढंगों की हर घर की चौखट पर फिर मुस्कुरायी है घनघोर काली सी एक रात पर फिर से नन्हे से दीपक ने जीतकर दिखाई हैमित्रो को, सखियों को, गैरों को अपनों कोछोटो को - बडको को, सबको बधाई है... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   4:40am 14 Nov 2012 #
Blogger: ranjana
इस राह पर चलते चलते आओ चलें सबकुछ भूल बाँहों में बाहें डाले कंधे पर सर टिकाये इस लम्बे से रास्ते  पर शायद इस दूरी को तय करते करते दूर हो जाएँ आपस की दूरियां तुम समझ सको मेरी मै समझ सकूँतुम्हारी मजबूरियां यूँ ही थकते संभलते गिरते उठते शायद संभलना और संभालना आ जाये ... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   9:32am 6 Nov 2012 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3984) कुल पोस्ट (191516)