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Blog: मेरी बात

Blogger: Ghanshyam Maurya
            रोज़ दफ्तर जाने की तैयारी में तमाम छोटे-मोटे काम शामिल हैं। जूतों पर पॉलिश करना भी उनमें से एक है। जूते पर ब्रश मारते-मारते दिमाग़ में यह सवाल कौंध गया कि जूते का आविष्कार कब और कैसे हुआ होगा और किस महान हस्ती ने इसे बनाया होगा। शुरू-शुरू में जूते ... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   8:05am 9 Oct 2019 #
Blogger: Ghanshyam Maurya
यह न समझ अनजान हैं लोगचुप हैं, नहीं बेजान हैं लोग इनको हाँक न पाओगे,ढोर  नहीं, इंसान हैं लोग कौड़ी  में बिक जाएंगे,इतने बेईमान हैं लोग?आपस में लड़वाओगे,क्या समझे, हैवान हैं लोग?नज़रें तुमको परख रहीं ,चौकी नहीं, मचान हैं लोग लोगों की ही बात करो,लोग नहीं, भगवान् हैं लोग&nbs... Read more
clicks 74 View   Vote 0 Like   8:18am 9 May 2019 #
Blogger: Ghanshyam Maurya
Thank you very much, Madam Speaker, for giving me this opportunity to speak on one of the most important legislations relating to the rights of disabled persons, in this august House. Madam, you know that from the day one onwards since 16th of last month, we have been trying to discuss the issues relating to the problems being faced by the common man in Indiadue to the demonetization issue. But anyway, the Government is not ready to discuss that. Madam, although every piece of legislation is important, yet this piece of legislation, which is dealing with the rights of the disabled persons, is the most important legislation and needs a special consideration. That is why, the entire Opposition... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   6:33am 20 Jan 2017 #Lok Sabha
Blogger: Ghanshyam Maurya
आजकल हमारे आठ वर्षीय सुपुत्र एक नया जुमला फेंकते रहते हैं, 'मैं गॉड गिफ्टेड'हूँ। लेकिन आज सुबह उन्‍हें इसका सही जवाब मिला हमारी पॉंच वर्षीया पुत्री से। सुबह सुबह जब श्रीमान् जी स्‍कूल चलने को हुए तो अपना भारी बस्‍ता 'स्‍नैच'विधि से नहीं टांग सके बल्कि 'क्‍लीन एण्‍ड जर्... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   6:56am 6 Sep 2016 #बोझ
Blogger: Ghanshyam Maurya
पिछले डेढ़ साल से हमने घर में आर.ओ. वाटर प्‍यूरीफायर लगवा रखा है। कभी इस बात पर गौर नहीं किया कि यह जितना पानी साफ करता है लगभग उतना ही बरबाद करता है। इस गर्मी में टी.वी. और अखबारों में भारत के कई हिस्‍सों में सूखे से इंसनाें और पशुओं के मरने की खबरें देख रहा था। पानी के लिए ... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   8:48am 13 Jun 2016 #
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जिस तरह भारतीय बाजार में मध्‍यम वर्ग काे लुभाने के लिए कारों की कीमतों में कटौती करने और सस्‍ती से से सस्‍ती कीमत की कारें बनाने की होड़ लगी है, उसने आज सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिये हैं। भारत जैसे देश में जहॉं 'कितने की है'और 'कितना देती है'जैसे सवाल कार खरीदारों औ... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   6:51am 20 May 2016 #NCAP
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पक्षियों की भूख-प्‍यास बुझाने का जो सर्वव्‍यापी अभियान पर्यावरणप्रेमियों ने छेड़ रखा है, उससे प्रभावित होकर हम भी मिट्टी के दो छोटे प्‍याले ले आये। एक में पानी और एक में दाल और चावल के दाने भर कर सामने वाली बॉल्‍कनी में रख दिये। कई दिनों से देख रहे थे कि जाे भी पक्षी आत... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   8:08am 9 May 2016 #
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पक्षियों की भूख-प्‍यास बुझाने का जो सर्वव्‍यापी अभियान पर्यावरणप्रेमियों ने छेड़ रखा है, उससे प्रभावित होकर हम भी मिट्टी के दो छोटे प्‍याले ले आये। एक में पानी और एक में दाल और चावल के दाने भर कर सामने वाली बॉल्‍कनी में रख दिये। कई दिनों से देख रहे थे कि जाे भी पक्षी आत... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   8:08am 9 May 2016 #
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मुझको मेरी नज़र से ही गिरा रहे हैं लोग।मैं देखता हूँ बौने होते जा रहे हैं लोग।सूरज से धूप छीनकर मेरे हिसाब की,मुझको ही रोशनी दिखा भरमा रहे हैं लोग।चरखा थमा के मुझको, मेरा तन उघाड़कर,मेरी ही खादी पहन के इतरा रहे हैं लोग।मुझको बता के क़ायदे उपवास के हज़ार,मेरी फसल की दावत... Read more
clicks 179 View   Vote 0 Like   5:19am 4 May 2016 #खादी
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भारत और पाकिस्‍तान के बीच 1965 को हुए युद्ध के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस युद्ध को जहॉं राजनेताओं के सही-गलत फैसलों के लिए याद किया जाता है वहीं सैनिकों की व्‍यक्तिगत और सामूहिक क्षमता के लिए भी। इस युद्ध से भारतीय सैनिकों ने यह भी साबित किया कि हमेशा केवल भारी भरकम हथियार... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   6:31am 17 Sep 2015 #Indo-pak war 1965
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सर्व शिक्षा अभियान के अन्‍तर्गत भारत के अन्‍य राज्‍यों की भॉंति उत्‍तर प्रदेश में भी परिषदीय उच्‍च प्राथमिक विद्यालयों में अंशकालिक अनुदेशकों (Part Time Instructor) की नियुक्ति की गयी है ज्ञात हो कि उक्‍त पदों की स्‍वीकृति मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की प्रोजेक्... Read more
clicks 317 View   Vote 0 Like   6:07am 16 Sep 2015 #Part Time Instructor
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भारत में प्राचीन काल से ही शिक्षा एवं शिक्षण को पवित्र कार्य माना जाता रहा है। शिक्षा को मनुष्‍य के सर्वांगीण विकास के लिए परमावश्‍यक बताया गया है। भारत में गुरु की महत्‍ता मॉं-बाप से भी बढ़कर बताई गई है। भारत को विश्‍वगुरु का भी दर्जा दिया जाता रहा है। जिस समय विश्‍व ... Read more
clicks 213 View   Vote 0 Like   8:34am 1 Jul 2015 #Mahavihar
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शुक्रवार को मेरे बच्‍चों के स्‍कूल में गर्मी की छुट्टियों की घोषणा हो गई। छुट्टी क्‍या हुई, बच्‍चों के मन में लड्डू फूटने लगे। शाम को ऑफिस से घर पहुँचने पर पता चला कि हमारे सात वर्षीय साहबजादे ने, जो कि मुझसे खुलकर बात करने में डरते हैं, हमारी श्रीमती जी के पास हमारे लिए ... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   5:48am 19 May 2015 #समर हॉलीडेज
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मुझको मेरी नज़र से ही गिरा रहे हैं लोग। मैं देखता हूँ बौने होते जा रहे हैं लोग। सूरज से धूप छीनकर मेरे हिसाब की, मुझको ही रोशनी दिखा भरमा रहे हैं लोग। चरखा थमा के मुझको, मेरा तन उधेड़कर, मेरी ही खादी पहन के इतरा रहे हैं लोग। मुझको बता के क़ायदे उपवास के हज़ार, मेरी फसल की दा... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   11:09am 8 Apr 2015 #घनश्‍याम मौर्य
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तुमसे मिलने के बहाने तलाशने होंगे।फिर से वो ठौर सुहाने तलाशने होंगे।        हमारी आशिकी परवान चढ़ी थी जिनसे,तमाम ख़त वो पुराने तलाशने होंगे।हमारे दरमियां क्‍यूँ सर्द सी खामोशी है,हमको इस दूरी के माने तलाशने होंगे।शुरू हो दौर फिर से गुफ्तगू का मेरे सनम,हमें ... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   1:22pm 27 Sep 2014 #GHAZAL
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गूगल चित्र से साभार   हजारों मील हर दिन नापता हूँ।कभी कायम कभी मैं लापता हूँ।।मैं सपनों का उमड़ता इक भँवर हूँ,तरक्‍की या तबाही का पता हूँ।है किसमें कितनी हिम्‍मत, कितनी कुव्‍वत,मैं सबको तोलता हूॅं, भॉंपता हूँ।मैं कातिल हूँ, लुटेरा हूँ, गदर हूँ,कहर बन सबके दिल में कॉंप... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   2:38pm 20 Sep 2014 #Ghanshyam Maurya
Blogger: Ghanshyam Maurya
कभी बहुत ही अकेला हूँ मै, कभी तो खुद में ही मेला हूँ मैं। कभी हूँ ठण्‍डी हवा का झोंका,कभी तो आब का रेला हूँ मैं।कभी हूँ खुशियों  का खिलता गुलशन,कभी दु:खों का झमेला हूँ मैं।जहां के रंग सभी देख लिये,कि इतनी मुश्किलें झेला हूँ मैं।ये जिन्‍दगी भी मुझसे खेलेगी,कि जिन्‍दगी से ... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   6:50pm 15 Sep 2014 #घनश्‍याम मौर्य
Blogger: Ghanshyam Maurya
लबों पे बोल नहीं पर जु़बान रखता हूँ।चुके हैं तीर मगर मैं कमान रखता हूँ।किसी तरह भी मयस्‍सर हो पेट को रोटी,सुबह से शाम हथेली पे जान रखता हूँ।कभी कहीं भी खु़द को ओढ़ता बिछाता हूँ,मैं अपने साथ ही अपना मकान रखता हूँ।जहॉं भी जाऊँ सवालों के वार होते हैं,मैं अपने चेहरे पे अपना ... Read more
clicks 164 View   Vote 0 Like   4:40pm 11 Sep 2014 #GHAZAL
Blogger: Ghanshyam Maurya
तबीयत शायराना हो रही है। मोहब्‍बत एक बहाना हो रही है।जुबॉं को खोलने से डर रहा हूँ,कलम मेरा फ़साना ढो रही है।तुझे सुनने की चाहत अब तो ख़ुद ही,लगा कोयल का गाना हो रही है।उमड़ती है मेरे अश्‍कों की गंगा,करम मेरा पुराना धो रही है।वो बोले शेर अपने मत पढ़ो तुम,मोहब्‍बत अब निशा... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   11:42am 18 Jul 2014 #GHAZAL
Blogger: Ghanshyam Maurya
मेला नहीं चुनाव है देख।सत्‍ता का बदलाव है देख।हर मत की कुछ कीमत है,जाग्रति का फैलाव है देख।हिचकोले खाता था देश,अब आया ठह‍राव है देख।खत्‍म एक युग होने को,आया नया पड़ाव है देख। लोकतंत्र की राहों में,आया नया घुमाव है देख।... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   8:36am 17 May 2014 #कविता
Blogger: Ghanshyam Maurya
चुनावों का मौसम करीब आ गया है।ज़मीं से फलक पर गरीब आ गया है।वो चाहे हो एक्टर प्रोफेसर गैंगस्टरपरखने  को अपना नसीब आ गया है।मचलते हैं  अरमां  बदलते हैं रिश्तेबग़ावत  का  मौसम अजीब आ गया है।अभी तक जिसे यार कहते थे अपनाउसी की  जगह पर रकीब आ गया है।लटकने को तैयार  ह... Read more
clicks 151 View   Vote 0 Like   11:42am 26 Mar 2014 #GHAZAL
Blogger: Ghanshyam Maurya
मिल गये दिल तो कैसी दूरी है। इश्‍क को हुस्‍न की मंजूरी है। अब तो हर सांस कह रही है यही, बिन तेरे जिन्‍दगी अधूरी है। हर तरफ तीर सी निगाहें हैं, प्‍यार की राह में मजबूरी है। मिलेगी मंजिल-ए-मकसूद तुझे, यकीन-ओ-हौसला जरूरी है। जिसकी खुशबू से बच सका न कोई, प्‍यार तो ऐसी ही कस्‍तूर... Read more
clicks 115 View   Vote 0 Like   2:14pm 25 Jan 2014 #ग़ज़ल
Blogger: Ghanshyam Maurya
आखिरकार सरबजीत जिन्‍दगी की जंग हार गया। दो देशों की सरकारों की रस्‍साकशी के बीच एक आम आदमी को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। यह कोई नई बात नहीं है और न ही चौंकाने वाली बात है। शान्ति काल हो या युद्ध का समय, विभिन्‍न देशों की आपसी तनातनी के बीच मरती तो आम जनता ही है। ऐसा केवल भा... Read more
clicks 163 View   Vote 0 Like   9:13am 3 May 2013 #India
Blogger: Ghanshyam Maurya
आखिरकार सरबजीत जिन्‍दगी की जंग हार गया। दो देशों की सरकारों की रस्‍साकशी के बीच एक आम आदमी को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। यह कोई नई बात नहीं है और न ही चौंकाने वाली बात है। शान्ति काल हो या युद्ध का समय, विभिन्‍न देशों की आपसी तनातनी के बीच मरती तो आम जनता ही है। ऐसा केवल भा... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   9:13am 3 May 2013 #सरबजीत
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सुबह स्‍नान कर पूजा करती, सुरभित कस्‍तूरी है मॉं। चपल रसोईं में घुस जाती,बेलन, चमच, छुरी है मॉं। दादा-दादी, पापा, मेरी सबकी कमजोरी है मॉं। थपकी देकर मुझे सुलाती, मीठी-सी लोरी है मॉं। भांति-भांति त्‍योहार मनाती, गीत, भजन, कजरी है मॉं। पहिये-सा परिवार संभाले, वह मजबूत धुरी है ... Read more
clicks 225 View   Vote 0 Like   9:08am 20 Oct 2012 #Ghanshyam Maurya
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