POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: दादा का चश्मा..दादी का संदूक

Blogger: ARSHAD ALI
प्रश्न कठिन नहीं परन्तु उत्तर देना आसन भी नहीं ..गत रात्रि दफ्तर से घर लौटा तो घर की दीवालें प्रश्न कर हीं बैठीं ....."आज भी अकेले घर आये हो , कहाँ गए वो लोग जो तुम्हरे इर्द-ग्रीद हुआ करते थे? "अन्न्यास इस प्रश्न पर मै आश्चर्यचकित था.सोफे में धस कर बैठना मेरे हताशा का प्रतीत था.... Read more
clicks 245 View   Vote 0 Like   6:36am 30 Jun 2012 #
Blogger: ARSHAD ALI
आज यही सोच रहा था.. जीवन के कई रंगों को जीने की लत लगी हुई है..क्या भला है क्या बुरा चंचल मन भली भाती जानता है .जन्म से मृत्यु तक अनेकों रंग देखना है.जैसा रंग मिलेगा वैसी कविता का जन्म हो जाएगा मगर यदि मरने के बाद एक कविता लिखने का मौका मिले तो मै क्या लिखूंगा .......इसी सींच में ड... Read more
clicks 128 View   Vote 0 Like   2:39pm 29 Sep 2011 #
Blogger: ARSHAD ALI
कोई आधार ढूंढे तो मुझे मेरी माँ दिखती है मुझमे संस्कार ढूंढे तो मुझे मेरी माँ दिखती है मेरे चेहरे की हर खुशियाँ मेरे अन्दर का एक इंसा गढ़ा है खुद को खोकर जो मुझे मेरी माँ दिखती है कोई ढूंढे तो क्या ढूंढे इस दुनिया में एक नेमत को बहुत साबित कदम हरदम मुझे म... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   5:24am 29 Mar 2011 #मेरी माँ
Blogger: ARSHAD ALI
शांत घर,सिर्फ तुम्हारे जाने से नहीं हुआ तुम तो लक्ष्मी थी...सारा बैभव ले गयी एक सिंदूर पड़ते हीं तुम्हारा गावं बदल गया और बदल गयी तुम्हारी पहचान ..मुझे याद है,तुम्हारे आने पर ,तुम्हारी माँ अकेले जश्न मनाई थी और मेरी माँ चिंतित दिखी थी ..कल वो भी रो पड़ी थी शायद वो तुम्हारे स... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   8:14am 17 Mar 2011 #
Blogger: ARSHAD ALI
दादा जी को कहते सुना है..."पगडंडियों के रास्ते हमारे गावं में खुशहाली आएगी" .पत्तों से छानते पानी से प्यास बुझाते लोग अपने खेतों में पसीना बहाना जानते हें. अभी भी बैलों को जोतने से पहले जलेबी खिलाया जाता है.बिजली आएगी...बिजली आएगीकहते कहते मेरा बचपन खो गया..अब नए खेप के बच्... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   2:10pm 15 Nov 2010 #पगडण्डी
Blogger: ARSHAD ALI
कई दिनों से सोंच रहा था, एक ऐसे ब्लॉग का रचना करूँ जिसमे ...गावं की महक हो ...रिश्तों की गर्माहट हो ...जहाँ हम सभी एकबंधन में बंध जाएँ ...जिसमे लिखे पोस्ट हर इन्सान पर सटीक बैठता हो ...गावं मेरा हो या आपका होगा तो लगभग एक हीं जैसा..दादी मेरी या आपकी,होंगी तो एक हीं जैसी ...ममता से भर... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   8:01am 9 Nov 2010 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (4019) कुल पोस्ट (193752)