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Blog: Arshad ke man se........

Blogger: ARSHAD ALI
जन्म दिवस की शुभकामनाओं से दिन की शुरुआत हुई अपने पराये लगे पराये अपने लगे ......बात मतलब की यही रही की एक बसंत और गया ....ग़मज़दा रहूँ या जश्न मना लूँ यही सोंच रहा हूँ ......वक़्त तो मुट्ठी से फिसलता हुआ रेत है .....जाने कितना वक़्त हाथ से निकल गया और कितना बाकी है निकल जाने को ......इसी उधेड़... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   9:02am 7 Sep 2014 #
Blogger: ARSHAD ALI
गली मोहल्ले से एक  कहानी को गुज़रते देखा हर किरदार को किसी और में  ठहरते  देखा कोई मुझमे था एहसास हुआ मुझको भी मैंने उसे देख आईने को सवरते देखा एक शोर में दब जाया करतें थे  उसके लफ्ज़ बेवजह उन  आवाज़ को अपने अंदर हीं टहलते देखा चलो दिया से बाती क... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   2:21am 10 Jul 2014 #
Blogger: ARSHAD ALI
कुछ लफ्ज़ मेरे लब कोनेकी-बदी ने दीएक तमाचा मेरे गुरुर परमेरी ख़ुदी ने दीएक अश्क मेरे शक्ल काइस ज़िन्दगी ने दीसब छूटने का ग़ममेरी बेखुदी ने दीएक ख़त जला औरगुजरा हुआ वक़्त दिख गयाएक अँधेरा मेरी ज़िन्दगी कोइस रौशनी ने दीसब लफ्ज़ इन हवाओं मेंमहफूज़ अब भी हैमौत मेरी ज़िन्दगी कोइसी ज़... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   9:49am 1 Jul 2014 #
Blogger: ARSHAD ALI
रात जगा तो जगी रही सभी भावनाएं, कई बार शोर में जगा तो कई बार ख़ामोशी ने  नींद में खलल डाली।  जागना अच्छा था, सो जाता तो क्या पाता  ....?आखिर नींद उचट क्यों जाती  है? उम्र होने पर ऐसा होता तो चलो कोई बात भी हो मगर ये गुमान भी तो नहीं पाल सकता। इसी क्रम में टेलीविज़न पर ... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   9:11am 18 Mar 2014 #
Blogger: ARSHAD ALI
गाड़ी सड़क पर दौड़ते हुए निकल जायेगी …………… अरशद अलीगाड़ी सड़क पर दौड़ते हुए निकल जायेगीसड़क नेह लगा लेगा उस गाड़ी सेसड़क को नाज़ रहेगा अपने ऊपर से  गुजरे गाड़ी परगाड़ी शर्मिंदा रहेगी  सड़क परउसने कई सड़कों से गुज़ारा है खुद को और तुलनात्मक अध्ययन मेंसड़क कि कई खामियां दिख जा... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   12:00pm 14 Mar 2014 #
Blogger: ARSHAD ALI
कल एक बुढिया कोचटाई बुनते देखातब लगा चटाईयां बुनी जाती हैंपेड़ पर नहीं उगतीपैसों के जोर परवो खुशियाँ खरीदने निकल जाता हैउसे ज्ञान नहींखुशियाँ बाज़ार में नहीं मिलतीसतह पर टिकने के लिएकुछ प्रयास सतही हो सकते हैंपर ग्रुत्वाकर्षण के सिद्धांत के बगैरकोई चीज सतह पर नही... Read more
Blogger: ARSHAD ALI
गाँव के अन्य लड़कों के साथमंदिर निर्माण के लिए चन्दा लेते " मोहम्मद अली "भावुक हो जाते  थे   पूछने पर  यही कहते  थे   "भगवान  का घर बन रहा है "सादिक इसका बिरोध करते थे ।श्रीकांत सिंह हमेशा अपना  पानी लेकर चलते थे  किसी अन्य के हाथों से जल ... Read more
Blogger: ARSHAD ALI
गाँव के अन्य लड़कों के साथमंदिर निर्माण के लिए चन्दा लेते " मोहम्मद अली "भावुक हो जाते  थे   पूछने पर  यही कहते  थे   "भगवान  का घर बन रहा है "सादिक इसका बिरोध करते थे ।श्रीकांत सिंह हमेशा अपना  पानी लेकर चलते थे  किसी अन्य के हाथों से जल तक ग्रहण नहीं करते थे सूर्यक... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   7:41am 18 May 2013 #एक सच्चाई
Blogger: ARSHAD ALI
दूरियां कितनी भी बना लोयादें चली जाती हैं ......ऐसा क्यों ?जो चीज प्यारी होती हैवही टूट जाती है ......ऐसा क्यों ?जीवन से प्यार होता हैज़िन्दगी रूठ जाती है ......ऐसा क्यों ?मौन रहना चाहता हूँ कुछ क्षणअंतः कलह शब्द फोड़ जाती है ......ऐसा क्यों ?आत्मबल बढ़ता हूँ बहुत देर तक दुनिया मनोबल ... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   7:47am 2 Feb 2013 #
Blogger: ARSHAD ALI
बचपन में एक फिल्म देखा था मिस्टर इंडिया .....जितनी समझ थी उतने में एक बात यही समझ में आई फिल्म बहुत अच्छी है ...फिल्म में एक मोगेम्बो  था .....हेल मोगेम्बो  सुनना उसे अच्छा लगता था ...लोगों को सताता था ,डरता था जब भी परदे पर आता था डर लगता था...मगर वहीँ एक मिस्टर इंडिया भी था जो डरा... Read more
clicks 250 View   Vote 0 Like   2:11pm 18 Jan 2013 #
Blogger: ARSHAD ALI
मैंने एक अंधे से पूछा,तुम देखते कैसे हो ?अंधे ने कहा ...छोडो देखता कैसे हूँ ,ये बताओ देखना कैसे है ?यदि आँखों  से देखना होता है तो लोंगों  की आँखों से देखता हूँ मगर इससे चीजें धुंधली दिखती है और यदि साफ़ देखना होता है तो अपनी अनुभवों से देखता हूँ इसके अलावा कभी-कभी स्पर्श ... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   7:09pm 23 Dec 2012 #आँख
Blogger: ARSHAD ALI
लड़की वाले डरे-डरे से थे...लड़के वाले हरे-भरे से थे..हाँथ में थाल लिए कन्या जैसे आईलड़के की माँ, पति पर चिल्लाईमुझे सातवीं बार वही लड़की दिखला रहे होजगह बदल बदल कर एक हीं घराने में आ रहे होपति झुंझला गयाअपनी औकात पर आ गयाकहा,भाग्यवान लड़की के मामले में तुम थोडा लेट हो...क्य... Read more
clicks 174 View   Vote 0 Like   8:16am 21 Dec 2012 #हास्य कविता
Blogger: ARSHAD ALI
माँ की तबियत ठीक नहीं ........करीब एक महीने से बीमार हैं .......उनकी बिमारी मानसिक है .......मगर बेहद समझदारी के साथ ........वो जानती हैं की पूरा परिवार चिंतित है ........यही कारण है, कल रात  भी सभी के  सोने के बाद उन बर्तनों को चुप-चाप  धो डाला जो अगली  सुबह, मुझे धोने थे .........शायद वो सोंचती हैं बे... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   7:05pm 15 Dec 2012 #
Blogger: ARSHAD ALI
वर्ष के सभी दिन महत्वपूर्ण हैं ,ऐसा मैंने बड़ों से सुना है ..मगर कुछ दिन ऐसे होते हैं जो इतिहास रच देते हैं ....समय बीत  जाता है मगर वो गुजरे दिन ज़िन्दगी के एक अहम् मोड़ की तरह पुरे ज़िन्दगी को सकारात्मक सवरूप प्रदान कर देतें हैं।          उन यादों को याद करना अंतर मन को ताज़ा ... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   1:04pm 1 Dec 2012 #
Blogger: ARSHAD ALI
युक्ति उसे सूझती है,जो अभाव में जीता हैतुम पियो मिनरल वाटरवो बारिश का पीता हैछत पर और एक घर बना करहोम लोने लेने का चक्करउसको देखो "मस्त कलंदर"खुली आकाश में सोता हैजिस धागे से सिले चटाईउसी धागे से कुरता उसकातुम सूट का वज़न उठाओवो शारीर हीं ढोता हैएक रोटी गरीब को देकरतुम ... Read more
clicks 154 View   Vote 1 Like   11:00am 26 Jul 2012 #
Blogger: ARSHAD ALI
युक्ति उसे सूझती है,जो अभाव में जीता हैतुम पियो मिनरल वाटरवो बारिश का पीता हैछत पर और एक घर बना करहोम लोने लेने का चक्करउसको देखो "मस्त कलंदर"खुली आकाश में सोता हैजिस धागे से सिले चटाईउसी धागे से कुरता उसकातुम सूट का वज़न उठाओवो शारीर हीं ढोता हैएक रोटी गरीब को देकरतुम ... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   11:00am 26 Jul 2012 #
Blogger: ARSHAD ALI
युक्ति उसे सूझती है,जो अभाव में जीता हैतुम पियो मिनरल वाटरवो बारिश का पीता हैछत पर और एक घर बना करहोम लोने लेने का चक्करउसको देखो "मस्त कलंदर"खुली आकाश में सोता हैजिस धागे से सिले चटाईउसी धागे से कुरता उसकातुम सूट का वज़न उठाओवो शारीर हीं ढोता हैएक रोटी गरीब को देकरतुम ... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   11:00am 26 Jul 2012 #
Blogger: ARSHAD ALI
मैंने अपने ससुर जी से कहाआपकी बेटी चुटकी बजा करकई लड़ाइयाँ  लड़ लेती हैससुर जी कहते हैं ...."ताली एक हाँथ से नहीं बजती है "शेर सुनाने पर भी माहोलठीक नहीं होताससुर जी कहते हैं .... "सौ सुनार का तो एक लुहार का होता है "बड़े भाई के समझाने पर भीउसे समझ नहीं आई हैससुर जी कहते हैं .... "च... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   2:28pm 29 Jun 2012 #
Blogger: ARSHAD ALI
जो चाहता था हुआ नहीं.जो हुआ पर्याप्त नहींआशा निराशा की इस गुत्थम-गुत्थी में जीत किसी की नहींमानसिक लड़ाइयों में अंत की कामना करते हींस्थितियां नयी लड़ाई की पृष्ठ भूमि तैयार करता गयाकभी हार कभी जीत  चक्र बस चलता गया ..........शब्दों का रंगकागज पर पड़ते हींफिर से मै बन गया चि... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   2:34pm 28 Jun 2012 #
Blogger: ARSHAD ALI
सभी  रिश्तों का अपना एक  मज़ा  है ...मगर एक पिता होने  का आनंद अलग है..कुछ अनुभव बाटना चाहता हूँ..कहाँ से शुरू करूँ  यही सोंच रहा हूँ ...मै और मेरा बेटा आरिज़ 4 माह का                                              तुम नए होपरन्तु मुझे लगता  हैकुछ पुरानी धारणाएंघर कर रहीं हैं तुम्हारे अन्दर भीऔर प... Read more
clicks 194 View   Vote 0 Like   7:38am 15 Apr 2012 #
Blogger: ARSHAD ALI
--------१-------सत्य को सौगंघ कीआवश्यकता है कहाँजो बिजय है जन्म से हार का उसे भय कहाँ वाण जो निकल गए वो कहाँ लौटते भेदते हैं लक्ष्य को जो लक्ष्य के लिए चला घेरता है लाख उड़ता हुआ बादल घना सूर्य को ढके कोईप्रवल नहीं कोई बनाशौर्य और सत्य कोसदेव इश्वरिये बल मिला रेत भी उर्वर हुआ... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   12:39pm 1 Apr 2012 #
Blogger: ARSHAD ALI
मिसेज़ शर्मा परेशान हैं ..पत्नी ने धीरे से कहा मैंने पूछा क्यों?पत्नी ने कहा अपने बच्चों को लेकरचिंतीत हैंमैंने पुनः पूछा क्यों?पत्नी ने कहाबच्चे हाज़िर ज़वाब हो गए हैं मैंने कहाइसमें चिंता के क्या बात हैबच्चे हैं उनके अपने भी ज़ज्बात हैंदेखता हूँ समय पर स्कूल आते जा... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   1:29pm 25 Mar 2012 #हास्य कविता
Blogger: ARSHAD ALI
पुत्र ने पिता से पूछा,पापा मुनाफा किसे कहते हैं?पिता ने सरलता से कहा,कोई बस्तु कम कीमत का होऔर अधिक मूल्य में बीक जाता है तो जो अतिरिक्त धन प्राप्त होता हैवही मुनाफा है.पुत्र ने कहा,तब तो मुझे मुनाफा कमाना आ गया असल में चौकीदार को आपका जूता भा गया कल आप मम्मी पर जूते को ले... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   6:21am 28 Aug 2011 #
Blogger: ARSHAD ALI
शर्मा जी आधुनिकता का मजाक उड़ा रहे थे.आँखे गोल-गोल नचा रहे थे तभी फोन घनघना गया भरी मीटिंग को एक कॉल खा गया फोन उठते हीं मिसेज शर्मा ने नमस्कार किया अनमने ढंग से शर्मा जी ने नमस्कार सिव्कार किया पत्नी का एक तुगलकी फरमान आया था शाम में बच्चों को घुमाने ले जाना है,याद कराया... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   2:21pm 29 Apr 2011 #Arshad Ali
Blogger: ARSHAD ALI
एक विनय जीवन देने की माँ तुमसे है ध्यान धरोस्त्री भुर्ण हूँ मारी जाउंगी थोडा मुझपर दया करो संवेदनाओं को झंझोड़ देने वाली ये याचना अभी भी हो रही है...और अभी भी मानवता की हत्याएं निरंतर है एक संवाद उस माँ से जो इस हत्या में शामिल थी (पुर्णतः या अंशतः )माँ राह तुमने हीं खो दिय... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   2:28pm 9 Apr 2011 #
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