POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: मनसा वाचा कर्मणा

Blogger: Rakesh Kumar
                                           ॐ                           अद्धैतामृतवर्षिणीम्     भगवतीमष्टादशाध्यायिनीम्                      अम्ब  त्वामनुसंदधामि  भगवद्गीते    भवद्वेषनीम्   l अद्धैत का अमृत बरसाने व... Read more
Blogger: Rakesh Kumar
ऊँ ...........................    ऊँ ...........................  ऊँ ...........................     ऊँ   सहनाववतु     l    सहनौभुनक्तुसहवीर्यं करवावहै   l    तेजस्विनावधीतमस्तु मा  विद्धिषावहै  l lअखण्डमंडलाकारं  व्याप्तं येन चराचरम्  lतत्पदं दर्शितं  येन  तस्मै श्री  गुरवे  नम:  l lऊँ  पार्... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   2:37am 27 Apr 2014 #negativity
Blogger: Rakesh Kumar
मेरा ब्लॉग  पर  पूरे एक वर्ष  के  पश्चात आना  हो पा रहा  है. इस बीच कई महत्वपूर्ण  घटनाएं   घटित हुईं. मेरे  स्वास्थ्य  में  उतार चढाव  होते रहने  के साथ साथ ही मेरे  ससुर जी  का देहांत  मार्च  २०१३ में हो गया. मेरी पत्नी उनकी एक मात्र  संत... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   3:53am 1 Jan 2014 #नववर्ष
Blogger: Rakesh Kumar
मुझे बहुत ही हार्दिक संतोष और  प्रसन्नता मिली कि मेरी स्वस्थता के लिए आप सभी सुधि जनों नेमुझे   शुभकामनाएँ दी. इसके लिए मैं आप सभी का दिल से आभारी हूँ और हृदय से कामनाकरता हूँ कि नव वर्ष में हम सभी विषाद से सर्वथा मुक्त हो आनन्द ,शान्ति और  उन्नति की ओरनिरंतर अग्रसर हो.म... Read more
clicks 214 View   Vote 0 Like   6:30am 31 Dec 2012 #शुभकामनाएँ
Blogger: Rakesh Kumar
अपनी कुछ अस्वस्थता के कारण  मैं ब्लोगिंग  में सक्रिय  रहने में  स्वयं को असमर्थपा रहा हूँ.इसलिए अभी ब्लोगिंग से अल्पकालीन विराम ले लेना ही बेहतर समझताहूँ. मैं अपने उन सुधिजनों का क्षमाप्रार्थी हूँ जिन्होंने मुझ से नवीन पोस्ट लिखने  का आग्रहकिया था अथवा जिनको मेरी पो... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   5:36pm 31 Oct 2012 #अल्पकालीन विराम
Blogger: Rakesh Kumar
                                           बुद्धिहीन तनु  जानकर, सुमिरौं   पवन  कुमार                                             बल बुधि  बिद्या देहु मोहिं,हरहु कलेस बिकार मैं  स्वयं को बुद्धिहीन तन जानकर पवन कुमार  हनुमान जी का स्मरण करता हूँ जो मुझे   बल,बुद्धि और विद्या प्रदान कर मेरे समस्त क्लेश विका... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   5:53pm 30 Sep 2012 #permanent
Blogger: Rakesh Kumar
मेरी पिछली पोस्ट  'हनुमान लीला भाग-५'  में  प्रेम सरोवर जी और डॉ. टी एस दराल जी  ने मुझे  विषयान्तर  और विषय में विविधता लाने की सलाह दी है. मुझे लेखन का अधिक अभ्यास नही है.अभी तक जो विषय मुझे दिल से  प्रिय है, उसी पर मैंने अपनी सोच आप सभी सुधि जनों के समक्ष रक्खी और आप सुधि ... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   8:34pm 4 Aug 2012 #superstore
Blogger: Rakesh Kumar
                         जय जय जय हनुमान गोसाँई, कृपा करहु गुरुदेव  की नाईंमेरी पोस्ट ' हनुमान लीला भाग -१'  में हनुमान जी के स्वरुप का चिंतन करते हुए मैंने लिखा था' हनुमान जी  वास्तव में 'जप यज्ञ'  व 'प्राणायाम' का साक्षात ज्वलंत  स्वरुप ही हैं.साधारण अवस्था में  हमारे  मन, बुद... Read more
clicks 246 View   Vote 0 Like   8:07pm 28 Jun 2012 #गुरु हनुमान
Blogger: Rakesh Kumar
                          महाबीर बिनवउँ हनुमाना, राम जासु जस आप बखाना  हनुमान जी का चरित्र अति सुन्दर,निर्विवाद और शिक्षाप्रद है, उन्ही के चरित्र की प्रधानता श्रीरामचरितमानस के सुन्दरकाण्ड में सर्वत्र हुई है. सुन्दरकाण्ड का पाठ अधिकतर मानस प्रेमी घर घर में करते-कराते हैं.परन... Read more
clicks 240 View   Vote 0 Like   7:00pm 23 Apr 2012 #शरणागति
Blogger: Rakesh Kumar
                             यज्ञ दान तप: कर्म  न त्याज्यं कार्यमेव तत्                                                        यज्ञो दानं  तपश्चैव  पावनानि   मनीषिणाम्यज्ञ,दान  और तपरूप कर्म त्याग करने के योग्य नहीं हैं,बल्कि वह तो अवश्य कर्तव्य हैं.क्यूंकि यज्ञ,दान और तप - ये तीनों ही कर्म बुद्धिमान पु... Read more
clicks 173 View   Vote 0 Like   10:30pm 15 Feb 2012 #यज्ञ
Blogger: Rakesh Kumar
                           नहिं कलि करम न भगति बिबेकू, राम   नाम    अवलंबन    एकू                           कालनेमि   कलि   कपट  निधानू, नाम  सुमति समरथ हनुमानू'कलियुग में न कर्म है, न भक्ति है और न ज्ञान ही है.केवल रामनाम  ही एक आधार है.कपट की खानकलियुग रुपी कालनेमि को मारने के लिए 'रामनाम' ही ... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   8:15pm 19 Jan 2012 #ऊँ
Blogger: Rakesh Kumar
                        अतुलितबलधामं     हेमशैलाभदेहं                                           दनुजवनकृशानुं    ज्ञानिनामग्रगण्यम                          सकलगुणनिधानं  वानरणामधीशं                                           रघुपतिप्रियभक्तं   वातजातं  नमामि  अतुलित बल के धाम , सोने के पर्वत के समांन  कान्तियुक्त  शरी... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   5:41pm 25 Nov 2011 #सुग्रीव
Blogger: Rakesh Kumar
आनंद की परिकाष्ठा परमानन्द है.  हर  मनुष्य  में   चिंतन   मनन करने की  स्वाभाविकप्रक्रिया होती  है.परन्तु , परमानन्द का चिंतन करना ही  वास्तविक सार्थक चिंतन है.परमानन्दपरमात्मा का स्वाभाविक रूप है ,जिससे  जुडना  'योग' कहलाता  है.  जब मनुष्य परमानन्दके विषय में  चिंतन... Read more
clicks 208 View   Vote 0 Like   7:30pm 19 Oct 2011 #सीता लीला
Blogger: Rakesh Kumar
मन में श्रद्धा के  'जोश' और बुद्धि में विश्वास के 'होश'से 'भवानी और शिव' की कृपा होने लगती है.भक्त वही  है जो परम  आनंद से ,परम शान्ति और संतुष्टि  से मन और बुद्धि के माध्यम से किसीभी  प्रकार से हृदय में स्थित परमात्मा से  जुड जाये. जो नहीं जुड पाता वह 'विभक्त' है, खंडित है,अश... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   8:50pm 11 Sep 2011 #अर्थार्थी
Blogger: Rakesh Kumar
सीता पवित्र पावन है, मनोहारी,सुकोमल  और अत्यंत सुन्दर है, दुर्लभ भक्ति स्वरूपा है, समस्तचाहतों की जननी है. सीता का नाम जन जन में प्रचलित है, जो राम से पहले ही  बहुत आदर  वसम्मान के  साथ लिया जाता  है.बहुत प्राचीन समय से  अनेक  घरों में  बच्चियों का नाम सीता,जानकी या वैदेह... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   11:30pm 19 Aug 2011 #सत्संग
Blogger: Rakesh Kumar
किसी भी  चाहत की उत्पत्ति आनंद प्राप्ति के लिए   होती है. यह अलग बात है कि उस  चाहत कीपूर्ति पर आनंद मिले या न मिले. अथवा जो आनंद मिले वह स्थाई न होकर अस्थाई ही रहे.जैसे जैसे हमारी सोच व अनुभव परिपक्व होते जाते  है ,हम अस्थाई आनंद की अपेक्षा स्थाईआनंद की चाहत को अधिक महत्व द... Read more
clicks 175 View   Vote 0 Like   9:18pm 19 Jul 2011 #भक्ति
Blogger: Rakesh Kumar
चाहत या आरजू का जीवन में बहुत महत्व है.हमारी  अनेक प्रकार की चाहतें हो सकतीं हैं, जो  जीवनके स्वरुप को बदलने में सक्षम हैं.  वासनारूप होकर जब    चाहत   अंत:करण  में वास  करने लगतीहै तो  हमारे 'कारण शरीर' का भी  निर्माण  करती रहती है.'कारण शरीर' हमारी स्वयं की वासनाओं से... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   7:48pm 28 Jun 2011 #सीता जन्म
Blogger: Rakesh Kumar
यह मेरे लिए अति आनंद की बात है कि प्रिय सुधिजनों  ने  'रामजन्म -आध्यात्मिक चिंतन' परप्रकाशित मेरी पिछली तीनों पोस्टों  का अपनी आनंदपूर्ण टिप्पणियों से भरपूर स्वागत किया है.देवेन्द्र भाई का कहना है कि'संगम सरयू स्नान कर धवल व पवित्र हो जाता है. भाई अरविन्द मिश्रा जी ... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   7:17am 21 May 2011 #
Blogger: Rakesh Kumar
आनंद का चिंतन करना अदभुत है,  मंगलकारी है . आनंद का एक एक पद, एक एक शब्द,एक एक अक्षर मधुरातिमधुर  है. आप सुधिजनों ने मेरी पोस्ट 'रामजन्म - आध्यात्मिक चिंतन- १'  व 'रामजन्मआध्यात्मिक चिंतन- २'  पर जो टिप्पणियाँ कीं उनमें आनंद ही आनंद समाया है  , जिससे मन आनंद निमग्न हों गया ह... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   2:24pm 5 May 2011 #
Blogger: Rakesh Kumar
राम यानि 'सत्-चित-आनंद' का भाव  व्यक्ति के  ह्रदय में जैसे जैसे घर करने लगता है,उस व्यक्ति के विचारों, उसके भावों और कर्मों में भी यह भाव परिलक्षित होने  लगता है.वह बोलेगा तो आनंद होगा, वह लिखेगा तो आनंद होगा , वह मूर्ति या चित्र बनायेगा तोउसकी बनाई मूर्ति या चित्र में भ... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   4:48pm 21 Apr 2011 #
Blogger: Rakesh Kumar
रामजन्म के पावन पर्व रामनवमी  की समस्त ब्लोगर जन को हार्दिक शुभकामनाएं.इस पोस्ट में मै आप सभी सुधिजनों के साथ रामजन्म  के विषय  में आध्यात्मिक चिंतनकरना चाहता हूँ ,जिसपर मैंने अपने कुछ विचार" जी न्यूज "  चैनल पर रामनवमी के दिन  (दि. १२.०४ .२०११)  को "मंथन" कार्यकर्म... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   7:39am 13 Apr 2011 #
Blogger: Rakesh Kumar
           वर्णानां अर्थसंघानां रसानां छंद सामपि,           मंगलानां च कर्त्तारौ वंदे वाणीविनायकौअक्षरों, अर्थ समूहों, रसों, छंदों और मंगलों के करने वाले वाणी विनायक जी की मै वंदना करता हूँ. यह प्रार्थना तुलसीदास जी ने रामचरितमानस के बालकाण्ड में सबसे पहले की है.वाणी का ... Read more
clicks 192 View   Vote 0 Like   4:07am 4 Apr 2011 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (4010) कुल पोस्ट (192086)