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Blog: *साहित्य प्रेमी संघ*

Blogger: satyam shivam
        गोबर की अहमियत हमारी जिंदगी में कदर कितनी गाय भेंसों की ,एक छोटे से उदाहरण से ,समझ सब आप सकते है करे इंसान विष्टा तो,बहा  दी जाती है फ्लश में,करे गर गाय गोबर तो,हम उपले थाप रखते है पवित्तर मानते इतना ,लगाते चौका गोबर का ,हवन में काम में लाते ,जलाते आग चूल्हे की,उन्ही के ... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   5:30am 23 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
       न रंग होली के फागुन में लड़कियां देख कर 'घोटू' बहुत फिसले लड़कपन में हुई शादी, हसरतें सब, रह गई ,मन की ही मन मेंकिसी को ताक ना सकते,कहीं हम झाँक ना सकते ,बाँध कर रखती है बीबी, हमे अब  अपने   दामन में  हमारी हरकतों पर अब,दफा एक सौ चुम्मालिस है,न आँखे चार कर सकते किसी से ,हम ह... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   5:22am 23 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
       आशिक़ी और होली जलवा दिखा के हुस्न का ,हमको थी जलाती ,   ये जान कर भी  रूप पर ,उनके हम  फ़िदा  हैहमको न घास डालती थी जानबूझ कर ,      हम समझे हसीनो की ये भी कोई अदा  हैदेखा जो किसी और को बाहों में हमारी ,      मारे जलन के ,दिलरुबा ,वो खाक हो गयी प्रहलाद सलामत रहा,होलिका जल गयी,      ... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   5:03am 23 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
        होली की जलन                   १ सुंदर कन्या कुंवारी ,जिसका रूप अनूप ज्यों गुलाब का फूल हो,या सूरज की धूप या सूरज की धूप ,हमारे  मन को  भायी  लाख करी कोशिश,मगर वो हाथ  न आयी हमे जलाती रोज ,दिखा कर नूतन जलवा ललचाता था बहुत ,हुस्न का उनके हलवा                    २ हमने कुछ ऐसा किया ,र... Read more
clicks 177 View   Vote 0 Like   4:36am 23 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
 पांच तत्व की प्रतिमा -नारी हमार काया को प्रभु ने पांच तत्वों से बनाया हवा,पानी ,अग्नि ,धरती और आकाश पर इनका आभास नारी में होता है ख़ास उनमे हवा तत्व है भरपूर मिलता उनकी इजाजत के बिना ,घर का एक पत्ता भी नहीं हिलता अग्नि तत्व भी स्पष्ट नज़र आता है इनके सानिध्य  से ,कोई भी ,पत्थर... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   4:45pm 22 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
 होली-रंगों का त्योंहार         आज होली दिवस भी है,         रंगों का  त्योंहार भी हैपर्व कल था जो दहन काआस्थाओं के दमन काकुटिलता के नाश का दिनभक्ति के  विश्वास का दिन         शक्ति के उस परिक्षण में         जीत भी है ,हार भी है         आज होली  दिवस भी है,          रंगों का त्योंहार भी... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   12:36pm 20 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
           बीबी का एडिक्शन जिस दिन खाने को ना मिलती ,है बीबीजी  डाट हमे ,     वो सारा का सारा  दिन ही, सूना सूना सा लगता  है जिस सुबह नहीं हमको मिलती ,उनकी हाथों की बनी चाय ,     उस दिन गायब रहती चुस्ती ,और मन सुस्ती से भरता है जिस उनके हाथों छोंकी , है दाल न होती थाली में,        उस दिन ... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   7:28am 19 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
      फिसलन फिसलता कोई कीचड़ में ,फिसलता कोई पत्थर पर कोई चिकनाई में  फिसले ,कोई  बर्फीले  पर्वत  पर कोई  फिसले है चढ़ने में,कोई फिसले उतरने  में फिसलने कितनी ही आती ,सभी के आगे  बढ़ने में जो पत्थर पर पड़ा पानी ,फिसलते लोग है अक्सर बड़ा फिसलन भरा  होता ,है पानी में पड़ा पत्थर फिसलना... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   6:58am 19 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
दादा पोता संवाद दादा से पोते ने पूछा ,जब आपका था जमाना न बिजली थी ,न गैस ,तो फिर कैसे पकता था खाना दादा ने बतलाया बेटे ,खाना उन दिनों ,मिटटी के चूल्हे पर जाता था पकायाआश्चर्य चकित होकर बोला पोता ये मिट्टी का चूल्हा है क्या होता दादा बोले ये चूल्हा ,मिट्टी से बनी ,U शेप का ,एक '... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   9:54am 15 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
     ये लललन टॉप होती है नचाती मर्दों को रहती ,उँगलियों के इशारों पर ,        इन्हे कमजोर मत समझो,ते सबकी बाप होती है पति मुश्किल का मारा है ,बिना इनके अधूरा है ,       बटर सी प्यारी लगती है ,ये 'बेटर हाफ ' होती  है नहीं चुप बैठ सकती है ,बोलना इनकी फितरत है ,        जलजला आने को होत... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   8:58am 15 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
      बीबी की अहमियत एक फिलम,'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे 'थी आई जो लोगों के मन इतनी भायी कि एक सिनेमा हाल में ,कितने ही वर्षों चल गई उन्ही सितारों की ,एक दूसरी फिल्म,'दिलवाले'भी बनी,पर पता ही न चला ,कब आई,और कब गई इस उदाहरण का इतना सा सार है बिना दुल्हनिया के ,दिलवाले बेक... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   8:40am 15 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
सबसे अच्छी हीरोइन एक दिन ,पत्नीजी ने ,अपने ही अंदाज से ,मेरी क्लास ले ली और बोली,एक बात बताना सच्ची सच्ची तुमको ,फिल्म की कौनसी हीरोइन लगती है अच्छी मुझे लगा कि ये गंगा उल्टी क्यों बह रही है कहीं ये मेरे पत्नीव्रत धर्म का, इम्तहान  तो नहीं ले रही है अब मैं क्या बताता किस के ... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   8:26am 15 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
          हम अंग्रेजी छोड़ न पाये अंग्रेजों ने भारत छोड़ा,हम अंग्रेजी छोड़ न पाये रहे गुलामी में ही बंध कर,वो जंजीरें तोड़ न पाये केवल नहीं बोलते,पढ़ते,अंग्रेजी है ,पीते ,खाते बच्चे जाते ,इंग्लिश स्कूल ,अपनी भाषा बोल न पाते नहीं जलेबी,पोहा,इडली,उन्हें चाहिए पीज़ा,बरगर करे नाश्ता,... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   12:41pm 12 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
       मारे गए गुलफाम मुझको उनने घास तक डाली नहीं ,         खेत कोई और ही आ चर  गया चवन्नी को मुझको तरसाते रहे ,         और तिजोरी ,दूसरा ले भर गया मुझको मीठी मीठी बातों से लुभा ,मिठाई के लिए ,ललचाते  रहे ,मिठाई का डिब्बा मेरे सामने ,        दूसरा ही कोई आ ,चट  कर गया या तो तुम चालू थी य... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   12:11pm 12 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
                        बेटियां बेटी को तो 'बेटा' कह कर ,अक्सर लोग बुलाते है पर भूले से, भी बेटे को  ,'बेटी'  कह  ना   पाते  हैबेटी होती भले परायी , अपनापन  ना  जाता  है  बेटा ,अपना होकर ,अक्सर, बेगाना  हो जाता है बेटी ,शादी होने पर भी ,गुण  पीहर के  गाती  है बेटे के सुर बदला करते ,जब ... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   11:30am 12 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
              गंगा तट -अक्षयवट कल कल बहती प्रीतधार है,लम्बा चौड़ा  वृहद  पाट है कहीं वृक्ष है,कहीं खेत है ,  और कहीं पर बने घाट है जो भी मेरे पास बस गए,सच्चे मन से सबको सींचा मैंने उनकी प्यास बुझाई ,उनका फूला फला  बगीचा  टेडी मेडी बहती सरिता ,किन्तु शांत मैं ,ना नटखट हूँ              ... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   9:41am 6 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
            सच्चा समर्पण         मैं तो एक कंटीली झाडी का गुलाब हूँ सुंदर हूँ,मैं महक रहा हूँ, लाजबाब  हूँ मैंने खुद को सच्चे मन से किया समर्पित जीवन भर के लिए हो रहा तुम पर अर्पित चाहे अपनी जुल्फों में तुम इसे सजाओ या फिर मिश्री डाल ,इसे गुलकंद  बनाओ मैं तो आम्र तरु की हूँ एक क... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   8:42am 6 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
      कनक छड़ी से खिचड़ी तक जब हम घोड़ी पर चढ़ते है,उसे 'घुड़ चढ़ी 'हम कहते है मिलती सुंदर ,प्यारी पत्नी ,उसको 'कनकछड़ी 'कहते है जब वो बढ़ मोटी  हो जाती,तो बन जाती 'मांस चढ़ी 'है बात बात में नाक सिकोड़े ,तो सब कहते 'नाक चढ़ी' है जब ज्यादा सर पर चढ़ जाती,बहुत 'सरचढ़ी'कहलाती है खुश ना... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   7:38am 6 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
                  मैं नीबू हूँ सुन्दर रूप,सुनहरी काया ,दिलकश प्यारी सी खुशबू हूँ                                                        मैं नीबू हूँ पीला रंग,रसीला तनमन ,कुछ खट्टा,लेकिन मन भाता कितने ही भोजन पदार्थ का,और चाट का स्वाद  बढ़ाता छोले और भठूरे प्यारे ,या फिर चाट  फलों वाली में ख... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   6:35am 6 Mar 2016 #
Blogger: satyam shivam
shayari,gajal shailrachana: बौना मन का आस्मां कर रहना पड़ा है:  ''दर्द का पुलिंदा ''तेरे नाम  से  बस  पहचानी  गयी मैं था क्या  नाम  मेरा  भूलाना  पड़ा है किसी ने न देखा  क्या मेरा ...... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   6:25pm 28 Feb 2016 #
Blogger: satyam shivam
        चखने का तो हमको हक़ है हाय बुढ़ापे ,तूने आकर ,ऐसा हाल बिगाड़ दिया है हरी भरी थी जीवन बगिया ,तूने उसे उजाड़ दिया है उजले केश,झुर्रियां तन पर ,अब अपनी पहचान यही है इस हालत में ,प्यार किसी का ,मिल पाना आसान नहीं है ढंग से खड़े नहीं रह पाते ,और जल्दी ही थक  जाते    है हुस्न और दुनिय... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   11:42am 28 Feb 2016 #
Blogger: satyam shivam
           शैतानियाँ कुछ बच्चे शैतानी करते है तो भी प्यारे लगते है कुछ लड़के,शैतानी कर,लड़की को पटाया करते है कुछ साधू है शैतान बने , आती है खबरें ,यदा कदा मुंह से कहते राम राम और छुरी बगल में रखें सदा कुछ डॉक्टर भी शैतान बने ,है सेवा जिनका परम धर्म कन्या की भ्रूण हत्या करवा ,वो ... Read more
clicks 106 View   Vote 0 Like   11:01am 28 Feb 2016 #
Blogger: satyam shivam
                 सब चलता है आँखे चलती,पलकें चलती ,इधर उधर नज़रें चलती है मुंह चलता ,हम दांत चलाते ,कैंची सी जिव्हा चलती है चलते हाथ,उँगलियाँ चलती,पैरों से मानव चलता  है जब तक चलती सांस हमारी ,तब तक ही जीवन चलता है सूरज चलता रहता दिन भर ,और रात चंदा चलता  है ,मुश्किल से ही घर चल पाता... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   10:33am 28 Feb 2016 #
Blogger: satyam shivam
         हुस्नवालों से                   १ तुम्हारे हुस्न का चर्चा ,यहां हर बार होता है वो दिन अच्छा गुजरता जब ,तेरा दीदार होता है न जिस दिन तुम नज़र आते ,बड़ा बेचैन रहता हूँ,मुस्करा देते हो जिस दिन,मेरा त्योंहार  होता है                     २   अदाएं ,नाज़ और नखरे ,दिखा हमको सताते हो संवर... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   1:53pm 27 Feb 2016 #
Blogger: satyam shivam
             तू देख किसी का अच्छा कर मत सोच बुरा तू औरों का ,तेरा न भला वरना होगा तुझको मुआवजा अपनी सब ,करतूतों का भरना होगा औरों हित ,तूने निज मन में ,नफरत के बीज ,रखे बो है रहता है दुखी ,यूं ही हरदम ,यह देख देख वो खुश क्यों है है तेरे  घर में राज तेरा , अपने  घर  में वो राज करें तेरे ... Read more
clicks 98 View   Vote 0 Like   1:41pm 27 Feb 2016 #
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