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Blog: दस्तक

Blogger: isha agarwal
( गर्भ से आवाज आती हैं "माँ, ये पापा क्या कह रहे हैं, ये बेटी हैं इसे मार दो। )मैं बेटी हूँ !!ये बेटी क्या होता हैं माँ ?क्या बेटी गर्भ मे सताती हैं?क्या बेटी होने से प्रजनन पीड़ा अधिक बढ़ जाती हैं?क्या बेटी तुमको माँ का दर्जा नही दिलाती हैं?क्या बेटी तुम्हारी गोद नही सजाती हैं... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   5:13pm 11 Mar 2015 #
Blogger: isha agarwal
नही बनना था मुझे यूँ देश की बेटीमैं अपने माँ बाप की दुलारी अच्छी थीतन को अपने निर्वस्त्र कराकरलबो‍ की अपनी हँसी मिटाकरनही बनना था मुझे देश की बेटीचेहरे  को अपने यूँ  रुंदवाकरइज़्ज़त अपनी छिनवाकरनही बनना था मुझे देश की बेटीखून से लतपत शरीर को सड़क पर फिकवाकरआत्मा ... Read more
clicks 94 View   Vote 0 Like   1:05pm 8 Mar 2015 #
Blogger: isha agarwal
रूठने पर भी रूठ ना पाऊं शैतानियों से अपनी वो खूब हसाएं,जब चोट लग जाए मुझेनम आँखों से मुझपे चिल्लाये,हर सन्डे जब खेले कुछ भीजान बूझ के मुझे जिताए,मिर्च हो जब सब्जी में ज्यादाहाथो से अपने मुझे पानी पिलाए,मुझे कभी जो नींद ना आयेथपकी देकर मुझे सुलाए,खाना जो ना मैं खाऊं कभीड... Read more
clicks 146 View   Vote 0 Like   9:51am 25 Sep 2012 #
Blogger: isha agarwal
कुछ लिखो तो कहते है लोगतुम जो महसूस करते होवो लिखते होक्या किसी के एहसासों को शब्दों में पिरोना मुश्किल है ?कोई शांत हो तो कहते है लोगगंभीर हो तुम क्या किसी के मौन को समझनामुश्किल है ?कोई ज़ख़्मी हो तोज़ख्म को उसकेकुरेदते है लोगक्या किसी के ज़ख्म पे मरहम लगानामुश्किल है ?आँ... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   10:53am 14 Aug 2012 #
Blogger: isha agarwal
काश, मैं लिख पाऊ एक कविताबता पाऊ मैं अपनी चाहत तुम्हे,माँ सी ममता है तुमसेबहन सा दुलार भी हैंआशिकों सा जूनून हैदोस्त सा साथ भी हैं,पत्नी सा प्यार हैं,बेटी सा विश्वास भी हैं,स्त्री के हर रूप का एहसासदिलाता है तुम्हारा साथकाश, मैं लिख पाऊ एक कविताबता पाऊ मैं अपनी चाहत तुम... Read more
clicks 86 View   Vote 0 Like   2:34pm 26 Jun 2012 #
Blogger: isha agarwal
काश, मैं लिख पाऊ एक कविताबता पाऊ मैं अपनी चाहत तुम्हे,माँ सी ममता है तुमसेबहन सा दुलार भी हैंआशिकों सा जूनून हैदोस्त सा साथ भी हैं,पत्नी सा प्यार हैं,बेटी सा विश्वास भी हैं,स्त्री के हर रूप का एहसासदिलाता है तुम्हारा साथकाश, मैं लिख पाऊ एक कविताबता पाऊ मैं अपनी चाहत तुम... Read more
clicks 125 View   Vote 1 Like   2:34pm 26 Jun 2012 #
Blogger: isha agarwal
नारी - नाम है सम्मान का, या          समाज ने कोई  ढोंग रचा है. बेटी - नाम है दुलार का, या          समाज के लिए सजा है.पत्नी - किसी पुरुष की सगी है, या            यह रिश्ता भी एक ठगी है.माँ -  ममता की परिभाषा है, या        होना इसका भी एक निराशा है.नारी - नाम है स्वाभिमान का, या          इसका हर रि... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   6:32am 28 Mar 2012 #
Blogger: isha agarwal
तेज़ हवा के साथ कुछ पन्ने पलट जाते हैं, शायद वो पन्ने जिनको आप भूल चुके हो,या वो पन्ने जिनको आप भूलना  चाहते हो,पढने पर उनको कसक उठती है,हर अक्षर कहता है अपनी कहानी,याद आ जाती हैं बातें पुरानी,कुछ शब्द देते हैं याद सुहानी,कुछ कह जाते हैं हमारी नादानी,उस बंद डायरी के पन... Read more
clicks 171 View   Vote 0 Like   12:13pm 9 Dec 2011 #
Blogger: isha agarwal
our ( sufia n i ) documentary "INCREDIBLE INDIA" which we made under the supervision of mukul sir...edited by ravi sir and vinay sir...thank u sir....... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   1:05pm 17 Oct 2011 #
Blogger: isha agarwal
जो दिल में बसते हो आपकेवहां रहना ही ना चाहे,तो क्या करे ?जब सवालों की गठरी भारी होती जाएजवाब ना मिले,तो क्या करे ?जब मद्धम आवाज़सुनना चाहे दिल सिर्फ रूदन सुनाई पड़े,तो क्या करे ?जब दर्द शब्दों में बयां करना चाहेऔर होठ कपकपायेतो क्या करे ?पलकों में बसा रखे हो आंसूआँखे बरसने... Read more
clicks 93 View   Vote 0 Like   6:37am 9 Oct 2011 #
Blogger: isha agarwal
वो पल अच्छे थेजब तुम छत से टपकते पानी को देखमेरे सर पर अपना हाथ रख लेते थेशर्ट पहन के उसकाटूटा बटनमुझसे टकवाते थेरोज़ अपने हाथो सेमेरी मांग सजाते थेमैं कौन सा रंग पहनूमुझे बताते थेमेरे हाथ की अधजली रोटियाँ स्वाद लेकर खाते थे अपनी साईकिल पर बिठाकर मुझे शहर घुमाते थेघं... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   2:46pm 5 Oct 2011 #
Blogger: isha agarwal
साँसे चलती थी तब तुम ना थीतुम्हारी चाहत थीकब्र में दफ़न होने के बाद भी चाहत हैंतुम्हारे हाथ से छु कररखे दो फूलो कीजिनकी महक में मैं तुम्हारी सुंगंध को खुद में बसा लूँगाआ जाना प्रिय मैं फिर से देखूँगावो प्यार जो मैंने अपने लिएहर पल तुम्हारी आँखों में महसूस कियाना जानू त... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   2:29pm 4 Oct 2011 #
Blogger: isha agarwal
आग की लपट में शीतलता पा रहा होगा जब ये तनतुम अपनी आँखों कोआंसुओ से मत जलानासिसकेगी मेरी आत्मा जब कोई और मेरे नाम का आंसू तुम्हारे चेहरे से पोछेगा इस संसार की सीमाओ में साथ ना रह सके तो क्याबन के हवा का खुशबूदार झोकामहकाऊँगा मैं तुम्हारा जीवनमेरी चिता की अग्नि कोअपनी आ... Read more
clicks 94 View   Vote 0 Like   2:03pm 3 Oct 2011 #
Blogger: isha agarwal
listen ज़रा..  कल १३ सितम्बर २०११ का दिन मेरे और मेरे क्लास ( एम.जे.एम.सी. ३    सेमेस्टर, लखनऊ विश्विद्यालय ) के सभी स्टुडेंट्स के लिए बहुत ही  महत्वपूर्ण था. कल हम सबको मुकुल सर के सहयोग से अपनी रचनात्मकता को लोगो के सामने प्रस्तुत करने का मौका मिला. ये प्रस्तुतीकरण हम सबने एक र... Read more
clicks 88 View   Vote 0 Like   2:59pm 14 Sep 2011 #
Blogger: isha agarwal
श्रृंगार कर के बैठी, खूबसूरत लगती है वो नारी,अपने हक के लिए आवाज़ उठा दे,संस्कारहीन कह दे दुनिया सारी,धैर्य देखा है सबने,दहक के दर्शन बाकी हैं,जल जाएगी वो इसमें, या दुनिया का जलना बाकी हैं,अपनों की खुशियों की महक से खुश रही,अस्तित्व बोध के लिए लड़ना बाकी हैं,हर मोड़ पे अंगार... Read more
clicks 93 View   Vote 0 Like   2:49pm 9 Aug 2011 #
Blogger: isha agarwal
कभी खुद से पहचान,कभी अनजान हूँ मैं,कभी सपनो से पूर्ण,कभी अधूरा ख्वाब हूँ मैं,कभी उडती तितली,कभी टूट चुके पंख वो परिंदा हूँ मैं,कभी संगीतमय बांसुरी,कभी बिखरी लय ताल हूँ मैं,कभी हर जवाब,कभी खुद के लिए सवाल हूँ मैं.... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   6:02pm 31 Jul 2011 #
Blogger: isha agarwal
दूर कहीं सबसे जाना चाहती हूँ,खुले आसमां के तले बैठना चाहती हूँ,जहा हवा की बयार मन को बहलाए,सागर की लहरें दिल को छू जाए,बस चिड़ियों की चहक,फूलो की महक हो जहा,कोई पहचाना चेहरा ना हो वहा,मुझे ना खबर हो जहा दिन और रात की,बातें ना हो जहा झूठे जज़्बात की,रिश्तो के नाम पे जहा ठगी ना ह... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   4:44pm 24 Jul 2011 #
Blogger: isha agarwal
लिखने बैठे ख़ुशी,हर बार कलमतन्हाई लिख गई,बेवफा ना थे हम कभी,उनकी नजरो में अपनी बेवफाई दिख गयी,मेरे उनकी ओर बढ़ते कदम ना देखे उन्होंने,हमारे बीच की उन्हें पर गहराई दिख गयी,अलविदा कह कर चल दिए वो,जैसे जानते ही ना थे,उनके जाने के बादहम जैसे खुद को पहचानते ही ना थे,देखा एक रोज... Read more
clicks 97 View   Vote 0 Like   4:43pm 18 Jul 2011 #
Blogger: isha agarwal
काश दिल में भी एक दिल होता,पनप सकते उसमे भी कुछ एहसास,दिल किसी का तनहा न होता,हो सकती दिल की दिल से बात,एक दिल उदास होता,दूसरा उसपर खुशियाँ लुटाता,एक टूट भी जाता दर्द से कभी,दूसरा मरहम लगाता,खुश होते दोनोंमिलकर जश्न मनाते,साथ हँसते कभी,कभी दिल भर के खिलखिलाते,काश दिल में भ... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   1:46pm 14 Jul 2011 #
Blogger: isha agarwal
ये सफ़र कितनी ही कहानियाँ दे गया,हर लम्हे में जिंदगानियां दे गया,कभी आँख से गिरता आंसू रुसवाई,तो कभी कोई अपना जुदाई दे गया,कभी कुछ सपने शीशे से टूट गये,कभी हम अपनों से,कभी वो हमसे रूठ गये,कभी चीखती रही ख़ामोशी,कभी महफ़िल भी खामोश हो गयी,कभी फासलों का मंज़र था,कभी चारो ओर बंजर ... Read more
clicks 95 View   Vote 0 Like   12:55pm 27 Jun 2011 #
Blogger: isha agarwal
हर आहट पर उनका ख्याल आया,वो ना आये,पैगाम हर बार आया,पैगाम में उनका चेहरा मुस्कुराता हैं,दर्द हर अक्षर का मुझको सताता हैं, कह ना पाए मिल कर जो कभी,लिख दी वो बातें पन्ने पर सभी,जान कर ये अब दिल इतराए, या आँखों को ये रुलाये,कह कर गये थे लौटेंगे वो,वापस तो अब तक ना आये,चेहरा ह... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   3:55pm 24 Jun 2011 #
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