Hamarivani.com

दस्तक

( गर्भ से आवाज आती हैं "माँ, ये पापा क्या कह रहे हैं, ये बेटी हैं इसे मार दो। )मैं बेटी हूँ !!ये बेटी क्या होता हैं माँ ?क्या बेटी गर्भ मे सताती हैं?क्या बेटी होने से प्रजनन पीड़ा अधिक बढ़ जाती हैं?क्या बेटी तुमको माँ का दर्जा नही दिलाती हैं?क्या बेटी तुम्हारी गोद नही सजाती हैं...
दस्तक...
Tag :
  March 11, 2015, 10:43 pm
नही बनना था मुझे यूँ देश की बेटीमैं अपने माँ बाप की दुलारी अच्छी थीतन को अपने निर्वस्त्र कराकरलबो‍ की अपनी हँसी मिटाकरनही बनना था मुझे देश की बेटीचेहरे  को अपने यूँ  रुंदवाकरइज़्ज़त अपनी छिनवाकरनही बनना था मुझे देश की बेटीखून से लतपत शरीर को सड़क पर फिकवाकरआत्मा ...
दस्तक...
Tag :
  March 8, 2015, 6:35 pm
रूठने पर भी रूठ ना पाऊं शैतानियों से अपनी वो खूब हसाएं,जब चोट लग जाए मुझेनम आँखों से मुझपे चिल्लाये,हर सन्डे जब खेले कुछ भीजान बूझ के मुझे जिताए,मिर्च हो जब सब्जी में ज्यादाहाथो से अपने मुझे पानी पिलाए,मुझे कभी जो नींद ना आयेथपकी देकर मुझे सुलाए,खाना जो ना मैं खाऊं कभीड...
दस्तक...
Tag :
  September 25, 2012, 3:21 pm

...

कुछ लिखो तो कहते है लोगतुम जो महसूस करते होवो लिखते होक्या किसी के एहसासों को शब्दों में पिरोना मुश्किल है ?कोई शांत हो तो कहते है लोगगंभीर हो तुम क्या किसी के मौन को समझनामुश्किल है ?कोई ज़ख़्मी हो तोज़ख्म को उसकेकुरेदते है लोगक्या किसी के ज़ख्म पे मरहम लगानामुश्किल है ?आँ...
दस्तक...
Tag :
  August 14, 2012, 4:23 pm

काश, मैं लिख पाऊ एक कविताबता पाऊ मैं अपनी चाहत तुम्हे,माँ सी ममता है तुमसेबहन सा दुलार भी हैंआशिकों सा जूनून हैदोस्त सा साथ भी हैं,पत्नी सा प्यार हैं,बेटी सा विश्वास भी हैं,स्त्री के हर रूप का एहसासदिलाता है तुम्हारा साथकाश, मैं लिख पाऊ एक कविताबता पाऊ मैं अपनी चाहत तुम...
दस्तक...
Tag :
  June 26, 2012, 8:04 pm
काश, मैं लिख पाऊ एक कविताबता पाऊ मैं अपनी चाहत तुम्हे,माँ सी ममता है तुमसेबहन सा दुलार भी हैंआशिकों सा जूनून हैदोस्त सा साथ भी हैं,पत्नी सा प्यार हैं,बेटी सा विश्वास भी हैं,स्त्री के हर रूप का एहसासदिलाता है तुम्हारा साथकाश, मैं लिख पाऊ एक कविताबता पाऊ मैं अपनी चाहत तुम...
दस्तक...
Tag :
  June 26, 2012, 8:04 pm
नारी - नाम है सम्मान का, या          समाज ने कोई  ढोंग रचा है. बेटी - नाम है दुलार का, या          समाज के लिए सजा है.पत्नी - किसी पुरुष की सगी है, या            यह रिश्ता भी एक ठगी है.माँ -  ममता की परिभाषा है, या        होना इसका भी एक निराशा है.नारी - नाम है स्वाभिमान का, या          इसका हर रि...
दस्तक...
Tag :
  March 28, 2012, 12:02 pm
तेज़ हवा के साथ कुछ पन्ने पलट जाते हैं, शायद वो पन्ने जिनको आप भूल चुके हो,या वो पन्ने जिनको आप भूलना  चाहते हो,पढने पर उनको कसक उठती है,हर अक्षर कहता है अपनी कहानी,याद आ जाती हैं बातें पुरानी,कुछ शब्द देते हैं याद सुहानी,कुछ कह जाते हैं हमारी नादानी,उस बंद डायरी के पन...
दस्तक...
Tag :
  December 9, 2011, 5:43 pm
our ( sufia n i ) documentary "INCREDIBLE INDIA" which we made under the supervision of mukul sir...edited by ravi sir and vinay sir...thank u sir.......
दस्तक...
Tag :
  October 17, 2011, 6:35 pm
जो दिल में बसते हो आपकेवहां रहना ही ना चाहे,तो क्या करे ?जब सवालों की गठरी भारी होती जाएजवाब ना मिले,तो क्या करे ?जब मद्धम आवाज़सुनना चाहे दिल सिर्फ रूदन सुनाई पड़े,तो क्या करे ?जब दर्द शब्दों में बयां करना चाहेऔर होठ कपकपायेतो क्या करे ?पलकों में बसा रखे हो आंसूआँखे बरसने...
दस्तक...
Tag :
  October 9, 2011, 12:07 pm
वो पल अच्छे थेजब तुम छत से टपकते पानी को देखमेरे सर पर अपना हाथ रख लेते थेशर्ट पहन के उसकाटूटा बटनमुझसे टकवाते थेरोज़ अपने हाथो सेमेरी मांग सजाते थेमैं कौन सा रंग पहनूमुझे बताते थेमेरे हाथ की अधजली रोटियाँ स्वाद लेकर खाते थे अपनी साईकिल पर बिठाकर मुझे शहर घुमाते थेघं...
दस्तक...
Tag :
  October 5, 2011, 8:16 pm
साँसे चलती थी तब तुम ना थीतुम्हारी चाहत थीकब्र में दफ़न होने के बाद भी चाहत हैंतुम्हारे हाथ से छु कररखे दो फूलो कीजिनकी महक में मैं तुम्हारी सुंगंध को खुद में बसा लूँगाआ जाना प्रिय मैं फिर से देखूँगावो प्यार जो मैंने अपने लिएहर पल तुम्हारी आँखों में महसूस कियाना जानू त...
दस्तक...
Tag :
  October 4, 2011, 7:59 pm
आग की लपट में शीतलता पा रहा होगा जब ये तनतुम अपनी आँखों कोआंसुओ से मत जलानासिसकेगी मेरी आत्मा जब कोई और मेरे नाम का आंसू तुम्हारे चेहरे से पोछेगा इस संसार की सीमाओ में साथ ना रह सके तो क्याबन के हवा का खुशबूदार झोकामहकाऊँगा मैं तुम्हारा जीवनमेरी चिता की अग्नि कोअपनी आ...
दस्तक...
Tag :
  October 3, 2011, 7:33 pm
listen ज़रा..  कल १३ सितम्बर २०११ का दिन मेरे और मेरे क्लास ( एम.जे.एम.सी. ३    सेमेस्टर, लखनऊ विश्विद्यालय ) के सभी स्टुडेंट्स के लिए बहुत ही  महत्वपूर्ण था. कल हम सबको मुकुल सर के सहयोग से अपनी रचनात्मकता को लोगो के सामने प्रस्तुत करने का मौका मिला. ये प्रस्तुतीकरण हम सबने एक र...
दस्तक...
Tag :
  September 14, 2011, 8:29 pm
श्रृंगार कर के बैठी, खूबसूरत लगती है वो नारी,अपने हक के लिए आवाज़ उठा दे,संस्कारहीन कह दे दुनिया सारी,धैर्य देखा है सबने,दहक के दर्शन बाकी हैं,जल जाएगी वो इसमें, या दुनिया का जलना बाकी हैं,अपनों की खुशियों की महक से खुश रही,अस्तित्व बोध के लिए लड़ना बाकी हैं,हर मोड़ पे अंगार...
दस्तक...
Tag :
  August 9, 2011, 8:19 pm
कभी खुद से पहचान,कभी अनजान हूँ मैं,कभी सपनो से पूर्ण,कभी अधूरा ख्वाब हूँ मैं,कभी उडती तितली,कभी टूट चुके पंख वो परिंदा हूँ मैं,कभी संगीतमय बांसुरी,कभी बिखरी लय ताल हूँ मैं,कभी हर जवाब,कभी खुद के लिए सवाल हूँ मैं....
दस्तक...
Tag :
  July 31, 2011, 11:32 pm
दूर कहीं सबसे जाना चाहती हूँ,खुले आसमां के तले बैठना चाहती हूँ,जहा हवा की बयार मन को बहलाए,सागर की लहरें दिल को छू जाए,बस चिड़ियों की चहक,फूलो की महक हो जहा,कोई पहचाना चेहरा ना हो वहा,मुझे ना खबर हो जहा दिन और रात की,बातें ना हो जहा झूठे जज़्बात की,रिश्तो के नाम पे जहा ठगी ना ह...
दस्तक...
Tag :
  July 24, 2011, 10:14 pm
लिखने बैठे ख़ुशी,हर बार कलमतन्हाई लिख गई,बेवफा ना थे हम कभी,उनकी नजरो में अपनी बेवफाई दिख गयी,मेरे उनकी ओर बढ़ते कदम ना देखे उन्होंने,हमारे बीच की उन्हें पर गहराई दिख गयी,अलविदा कह कर चल दिए वो,जैसे जानते ही ना थे,उनके जाने के बादहम जैसे खुद को पहचानते ही ना थे,देखा एक रोज...
दस्तक...
Tag :
  July 18, 2011, 10:13 pm
काश दिल में भी एक दिल होता,पनप सकते उसमे भी कुछ एहसास,दिल किसी का तनहा न होता,हो सकती दिल की दिल से बात,एक दिल उदास होता,दूसरा उसपर खुशियाँ लुटाता,एक टूट भी जाता दर्द से कभी,दूसरा मरहम लगाता,खुश होते दोनोंमिलकर जश्न मनाते,साथ हँसते कभी,कभी दिल भर के खिलखिलाते,काश दिल में भ...
दस्तक...
Tag :
  July 14, 2011, 7:16 pm
ये सफ़र कितनी ही कहानियाँ दे गया,हर लम्हे में जिंदगानियां दे गया,कभी आँख से गिरता आंसू रुसवाई,तो कभी कोई अपना जुदाई दे गया,कभी कुछ सपने शीशे से टूट गये,कभी हम अपनों से,कभी वो हमसे रूठ गये,कभी चीखती रही ख़ामोशी,कभी महफ़िल भी खामोश हो गयी,कभी फासलों का मंज़र था,कभी चारो ओर बंजर ...
दस्तक...
Tag :
  June 27, 2011, 6:25 pm
हर आहट पर उनका ख्याल आया,वो ना आये,पैगाम हर बार आया,पैगाम में उनका चेहरा मुस्कुराता हैं,दर्द हर अक्षर का मुझको सताता हैं, कह ना पाए मिल कर जो कभी,लिख दी वो बातें पन्ने पर सभी,जान कर ये अब दिल इतराए, या आँखों को ये रुलाये,कह कर गये थे लौटेंगे वो,वापस तो अब तक ना आये,चेहरा ह...
दस्तक...
Tag :
  June 24, 2011, 9:25 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3693) कुल पोस्ट (169667)