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Blog: Ali Askari Naqvi

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शब्द-प्रहार: ‘‘दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया’’ तब कोई दूसरा महादानी कैसे.....?... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   4:04pm 23 Jul 2016 #
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अपने भारत देश में सामान्यता अनेक बुनियादी समस्याएं मुंह बाये खड़ी है, परन्तु साम्प्रदायिकता एक ऐसी समस्या है जो मानव जनित है और इसके मूल में गहरी साज़िश की बू आ रही है । ... Read more
clicks 132 View   Vote 0 Like   11:22am 6 Oct 2015 #
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इस्लाम में पड़ोसी के साथ अच्छे व्यवहार पर बड़ा बल दिया गया हैं। परन्तु इसका उददेश्य यह नही हैं कि पड़ोसी की सहायता करने से पड़ोसी भी समय पर काम आए, अपितु इसे एक मानवीय कर्तव्य ठहराया गया हैं | पडोसी के साथ अच्छे व्यवहार का विशेष रूप से आदेश हैं। न केवल निकटतम पड़ोसी के सा... Read more
clicks 265 View   Vote 0 Like   12:15am 22 May 2013 #
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हर धर्म के मानने वालों में आपस में भी बहुत से विषयों पे मतभेद हुआ करता है | इस्लाम के माने वालों में भी ऐसे कई मतभेद है जिसका फायदा लोग उठा के उनमे आपस में टकराव पैदा कर दिया करते हैं| जब की इस्लाम दीं ऐ इलाही है और मुसलमानों का मार्गदर्शन अल्लाह की किताब कुरान करती है और ... Read more
clicks 256 View   Vote 0 Like   5:24am 20 May 2013 #
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इस्लाम में मुनाफिकत की सज़ा बड़ी सख्त है लेकिन शायद यह लव्ज़ कुछ दुश्मन ऐ इस्लाम के नाम तक महदूद होके आज रह गया है |लोगों को यह एहसास ही नहीं होता की आम जीवन में अपने कामो को अंजाम देते वक़्त कब वो कुफ्र के करीब चला जाता है और कब वो मुनाफिक़त के करीब पहुँच जाता है | कुफ़्र ... Read more
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हुज्जतुल इस्लाम इमाम अबू मुहम्मद अल गजाली (१०५५-११११ AD) कहा जा सकता है कि आज के युग में ग़ज़ाली एकता का परचम उठाने वालों में से एक हैं। ग़ज़ाली का मानना है कि, इस्लाम, एकता का धर्म है| और अपनी उत्पत्ति के शुरूआती दिनों में ही उसने अरब और अजम (ग़ैरे अरब) की बीच में एकता का संचा... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   1:26am 9 May 2013 #इमाम गजाली
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सीरिया में बागि़योंके ज़रिये सहाबि-ए-रसूल जनाबे हुज्र बिन अदी की क़ब्र की बे हुरमती के मज़मूम वाकि़या पर आज मजलिसे ओलमाए हिन्द के सेन्ट्रल आफिस इमामबाड़ा गु़फरानमआब में एक जल्सा हुआ जिसकी सदारत मौलाना सै0 कल्बे जवाद नक़वी साहब ने की। जल्से को सम्बोधित करते हुए मजलिस... Read more
clicks 250 View   Vote 0 Like   4:09am 7 May 2013 #सहाबि-ए-रसूल
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“और आपस में झगड़ा न करो (वरना) तुम हिम्मत हार जाओगे और तुम्हरी हवा उखड़ जाएगी।” (सूरए अनफ़ाल, आयत 46)एक समाज, ख़ानदान या घर को बरबाद करने में झगड़े लड़ाईयों का बहुत बड़ा हाथ होता है। इन झगड़ों के चक्कर में न जाने कितनी ज़िन्दगीयाँ बरबाद हो जाती हैं इस लिये कि जब समाज, ख़ानदा... Read more
clicks 216 View   Vote 0 Like   4:57pm 1 May 2013 #
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बिस्मिल्लाह अर् रहमान अर् रहीमअल्लाह के नाम से जो बड़ा महेरबान और बहुत रहेमवाला है.सब तारीफे अल्लाह के लिए है जो तमाम जहाँ का पालनेवाला है, हम उसीकी तारीफ़ करते है और उसी का शुक्र अदा करते है. अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक (पूजनीय) नहीं है, वह अकेला है और उसका कोई साझी ... Read more
clicks 245 View   Vote 0 Like   5:53pm 29 Apr 2013 #
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अल्लाह  ने तमाम आलमें इंसानियत की  हिदायत के लिये इस्लाम में कई ऐसी हस्तियों को पैदा किया जिन्होने अपने आदात व अतवार, ज़ोहद व तक़वा, पाकीज़गी व इंकेसारी, जुरअतमंदी, इबादत, रियाज़त, सख़ावत और फ़साहत व बलाग़त से दुनिया ए इस्लाम पर अपने गहरे नक्श छोड़े हैं, उन में बिन्ते रस... Read more
clicks 265 View   Vote 0 Like   1:44am 27 Apr 2013 #
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आज के दौर में इंसानों के दिलों से अपने रिश्तेदारों और दोस्तों की मुहब्बत कम होती जा रही है और ज़रुरत के रिश्ते बनाने का रिवाज सा चल निकला है | इस समाज में ऐसे बहुत से लोग हैं जो दो इंसानों का प्यार उनके अच्छे रिश्ते देख जल जाते हैं जो की इर्ष्या वश होता है और उन्हें फ़िक्... Read more
clicks 249 View   Vote 0 Like   2:46pm 24 Apr 2013 #रिश्ते
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प्राचीन काल से ही मनुष्य के मन में यह प्रश्न उठता रहा है कि सृष्टि का आरंभ कब हुआ, कैसे हुआ, क्या यह संभव है कि मनुष्य कभी यह समझ सके कि चाँद, सितारे, आकाशगंगाएं, पुच्छलतारे, पृथ्वी, पर्वत, उसकी ऊँची ऊँची चोटियाँ, जंगल, कीड़े-मकोड़े, पशु, पक्षी, मनुष्य, जीव-जन्तु यह सब कहाँ से... Read more
clicks 247 View   Vote 0 Like   5:31am 22 Apr 2013 #अल्लामा हिल्ली
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बाराबंकी कर्बला सिविल लाइन में नौचंदी जुमेरात पर एक मजलिस को खिताब करते हुए ऑल इण्डिया मुस्लिम लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना डा. सैयद कल्बे सादिक ने कहा हमें हर काम करने से पहले शैतान के शर के पनाह के लिए अल्लाह से दुआ करनी चाहिए | मौलाना डा0 कल्बे सादिक ने कहा शरीयत और फ... Read more
clicks 265 View   Vote 0 Like   4:57pm 19 Apr 2013 #
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अल्लाह को पहचानो कुरान से |ईश्वर एक ऐसा शब्द है जो जहन में आते ही एक बहूत ही महान वक्तित्व की कल्पना जहन में आता है जो हर वस्तु का स्वामी और पालणपोषक हो। उसने हर वस्तु को एकेले ही उत्पन्न किया हो,  पूरे संसार को चलाने वाला वही हो, धरती और आकाश की हर चीज़ उसके आज्ञा का पालन क... Read more
clicks 280 View   Vote 0 Like   2:39pm 17 Apr 2013 #
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दुनिया भर के सभी सत्यप्रेमी मानवता के पुजारियों ने कर्बला में इमाम हुसैन के बेजोड़ बलिदान को सराहा और श्रद्धांजलि अर्पित की है| कभी राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को कहते पाया की  "मैंने  हुसैन से सीखा है अत्याचार पर विजय कैसे प्राप्त होती  है तो  कभी डॉ राजेंद्र प्रसा... Read more
clicks 251 View   Vote 0 Like   6:52pm 16 Apr 2013 #
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इस्लाम के बारे में साजिशों के तहत बहुत सी अफवाहें उडाई गयी औत झूटी बातें समाज में फैलाई गयी |  ८:६०-६४  आयतें कुरान के सूरए अन्फ़ाल की हैं |और इनमे यह होदायत दी जा रही है की दुश्मन के मुकाबले खुद को मज़बूत बनाओ और पहले से तैयारी कर के रखो | इस बात का इंतज़ार मत करो की दुश्मन ... Read more
clicks 270 View   Vote 0 Like   6:08am 16 Apr 2013 #जिहाद
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हमें ज्ञात है कि वर्तमान विकसित और औद्योगिक जगत में जो वस्तु भी बनाई जाती है उसके साथ उसे बनाने वाली कंपनी द्वारा एक पुस्तिका भी दी जाती है जिसमें उस वस्तु की तकनीकी विशेषताओं और उसके सही प्रयोग की शैली का उल्लेख होता है। इसके साथ ही उसमें उन बातों का उल्लेख भी किया गया... Read more
clicks 273 View   Vote 0 Like   5:27am 16 Apr 2013 #
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अक़वाले मासूमीन (अ0स0) मोमिन की सिफ़त :हदीस — पैग़म्बरे अकरम (सल्लल्लाहु अलैहि व आलिहि) ने अमीरल मोमेनीन अली (अलाहिस्सलाम ) से फ़रमाया कि मोमिने कामिल में 103 सिफ़तें होती हैं|और यह तमाम सिफ़ात पाँच हिस्सों में तक़सीम होती हैं, सिफ़ाते फेली, सिफ़ाते अमली, सिफ़ाते नियती और ... Read more
clicks 266 View   Vote 0 Like   5:12pm 14 Apr 2013 #मोमिन की पहचान
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आज मेहमान नवाजी का दस्तूर ख़त्म सा होता जा रहा है और इसका अंदाज़ भी बदलता जा रहा है | मेहमान किसी के घर जब आता था तो वो या तो मुसाफिर हुआ करता था या फिर मुहब्बत या दोस्ती के रिश्ते से बंधा नेक इंसान होता था | आज मेहमान उसे बनाया जाता है जिससे कोई काम फंसा हो या जिसे खुश करना ... Read more
clicks 327 View   Vote 0 Like   9:44am 12 Apr 2013 #मेहमान
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युवा अवस्था में आते ही एक नयी दुनिया से आमना सामना होने लगता है और ऐसे उत्सुकता वश और अज्ञानता वश युवा गलत राहों पे चल पड़ते हैं | सवाल यह फितरती है की जब किसी युवा में सेक्स की इच्छा कुदरती तौर पे पैदा होने लगी तो उसी पूरा करने का भी कोई साधन होना चाहिए | अल्लाह ने औरत और म... Read more
clicks 264 View   Vote 0 Like   5:56am 10 Apr 2013 #
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इस्लाम के सिलसिले में  इन दो लव्जों  फतवा और जिहाद का सबसे अधिक  ग़लत इस्तेमाल हुआ है | इसके ज्यादा ज़िम्मेदार हम मुस्लिम खुद ही हैं| हमने अपनी कौम के नीम हाकिम और बिकाऊ मुल्लाओं को न पहचान के उनका साथ दे के दूसरों को इस बात का मौक़ा दिया की वो इन दो लव्जों जिहाद और फतवा का इ... Read more
clicks 247 View   Vote 0 Like   5:55am 9 Apr 2013 #जिहाद
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इधर मैंने कुछ लेख इस्लाम और आज का मुसलमान जैसे विषयों पे लिखे जैसे इस्लाम के दामन में लगा दाग़ ,धर्म और भ्रष्टाचार ,इस्लाम की हकीकत" बहुत से लोगों ने सवाल भी पूछे| कुछ के सवाल इस बात की ओर इशारा करते थे की उनका ज्ञान इस्लाम के बारे में कुरान और सीरत इ रसूल (स.अ.व) की जगह सुनी स... Read more
clicks 267 View   Vote 0 Like   3:58am 5 Apr 2013 #
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इस्लाम में इंसान की जान की कीमत का अंदाज़ा आप मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना क़ल्बे सादिक की इस विडियो में कही बातों से लगा सकते हैं | डॉ कल्बे सादिक़ फरमाते हैं कि यदि कोई मुस्लिम अपने घर से नहा-धो कर पवित्र होकर यहां तक कि नमाज़ से पहले किया जाने वाला वज़ू कर और रोज़ा रखकर हज ... Read more
clicks 253 View   Vote 0 Like   5:38pm 2 Apr 2013 #
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इंसान को जीवन में यदि कुछ पाना है तो उसके लिए मेहनत अवश्य करनी होती है लेकिन इन्सान की इच्छा हमेशा यही रही है की उसे कम या बिना मेहनत के सबकुछ मिल जाए |अपनी कम मेहनत और अधिक लाभ की इच्छा को पूरी करने के लिए इन्सान शार्टकट के रास्ते तलाश करने लगता है | कभी छात्र और छात्राएं ... Read more
clicks 240 View   Vote 0 Like   4:33am 2 Apr 2013 #
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