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Blog: प्रयास

Blogger: pawan dhiman
दिवार पत्थर की हैं, संगमरमर की या फिर कच्ची हैं... घर में रिश्तों  की ऊष्मा हो, तो ही अच्छी हैं...... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   9:22am 10 Sep 2016 #
Blogger: pawan dhiman
 मै कायर और  वह क्रूर।दोनों अपनी अपनी आदत से मजबुर।उसकी हर क्रूरता के बाद मै बगलें झांकता हूँ।अपनी बढती ताकत और घटती हिम्मत आंकता हूँ।माथे पर शिकन डालता हूँ।ऐसे  मौके के लिए गढ़े गए जुमले हवा में उछालता हूँ।कि मेरे सब्र का पैमाना भर चूका है।पानी अब सर से गुजर चुका ... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   4:12pm 13 Jan 2013 #
Blogger: pawan dhiman
 जिंदगी की उड़ान  कारवां मेरा भी होता आज तब मंजिल के पास,भोर होते चला होता, मंजिल की जानिब मै काश!जज्बातों से क्या मिला, मंजिल मिली ना रास्ता,तन्हाई में आंखे रोई, अक्सर रहा ये दिल उदास.जिन्दगी भर चलता रहा, आज मगर पहुंचा वहां,रंजो-गम-खुशियाँ कम, उथली जमीं-धुंधला आकाश.सय्य... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   9:53am 17 Mar 2011 #
Blogger: pawan dhiman
मुझे अभिष्ट है ऐसा गीत, जो ज्वलंत प्रश्न उठाता है.सोच की पौध सींचता है जो, दाद भले नहीं पाता है.अब्दुल्ला और  राम की कहता,संध्या और अजान की कहता,जो मस्जिद में खुदा और मंदिर में भगवान् बुलाना चाहता है,सम्रद्धि शोषण के दम पर ही हो,ऐसा ही नहीं होता हर बार ,स्वस्थ विकास से प्रे... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   8:40am 21 Feb 2011 #
Blogger: pawan dhiman
मैदाने-जंग में कुछ इस तरह लाचार होता हूँ।शिकार नहीं करता तो खुद शिकार होता हूँ।नफरत नहीं कर पाया कभी दुश्मन से भी मै,मुहब्बत करता हूँ तो भी गुनाहगार होता हूँ।... Read more
clicks 101 View   Vote 0 Like   7:05am 21 Feb 2011 #
Blogger: pawan dhiman
चाहता था और चाहता हूँ अभी तकख्यालों में तस्वीर बनाता हूँ अभी तकवह पराया गीत है अब , जानता हूँ,तन्हाइयों में गुनगुनाता हूँ अभी तक.दिल लगाने क़ी खता एक बार की थी,सजा मगर हर रोज पाता हूँ अभी तक,कोई चिड़िया पेड़ पर जब घोसला बनाती है,तिनके आसपास, रखके आता हूँ अभी तक.चाहता था और च... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   2:04pm 25 Aug 2010 #
clicks 144 View   Vote 0 Like   4:45pm 7 Aug 2010 #
Blogger: pawan dhiman
देखकर पूर्णमासी के चाँद की ओर/और विरह की सम्भावना का पकड़कर छोर /तुमने कहा था कि चाँद का यह रूप तुम्हे मेरी उदिग्नता की खबर देगा/और तुम्हारा प्यारमेरे सब जख्म भर देगा/लेकिन दूरियों के बदले समीकरण में,चाँद जब तुम्हारी छत से चलकर मेरे पास आता है,/दो घडी ओझल होकर संकेत से ... Read more
clicks 133 View   Vote 0 Like   10:44pm 9 Jul 2010 #
Blogger: pawan dhiman
हर सुबह दौड़ की बेला,ज्यों जाना हो क्षितिज के छोर/आशियाना बदल बदल कर थक गया हूँ,दिल कहता है, बहुत हुआ, अब नहीं और/लगता है कि पूर्व जनम में,रहे होंगे ऐसे संस्कार/किसी वृक्ष की साख तोड़ ली,कोई घोंसला दिया उजार/तितली के पर फाड़े होंगे,किसी के जख्म उघाड़े होंगे,भाया नहीं होगा , ... Read more
clicks 120 View   Vote 0 Like   10:49pm 22 Jun 2010 #
Blogger: pawan dhiman
आदमी के लिएजरुरी है;खाने को दाल रोटी,पहनने को कपडा,रहने को मकान और जीने  के लिए प्रेम, पर कष्टमय  है जीवन क्योंकि प्रेम विहीन  हैऔर भी सब कुछ पाने कीलालसा में और जानने को  यह  सच अपने अनुभव से / ... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   1:06am 17 Jun 2010 #
Blogger: pawan dhiman
                                                      पिछली पोस्ट से लगातार (५)खट्टी मीठी जिंदगी के टेढ़े मेढ़े रास्तों पर, मीठे मीठे सपनो की बात ही न्यारी है/जिंदगी के साथ साथ जनम लेते हैं सपने,सपनो के साथ चलती जिंदगी हमारी है/सत्तर की वय  से आगे,सपनो से हम भागें,जिंदगी ही सपने की तरह ... Read more
clicks 124 View   Vote 0 Like   8:40pm 13 Jun 2010 #जीवन चक्र
Blogger: pawan dhiman
                                           (४) ......पिछली पोस्ट से लगातार खट्टी मीठी जिंदगी के टेढ़े मेढ़े रास्तों पर, मीठे मीठे सपनो की बात ही न्यारी है/जिंदगी के साथ साथ जनम लेते हैं सपने,सपनो के साथ चलती जिंदगी हमारी है/पचास की आई वय, सपनो की टूटी लय,जिम्मेदारिया खड़ी हैं बाहें फैला... Read more
clicks 149 View   Vote 0 Like   10:10pm 12 Jun 2010 #जीवन चक्र
Blogger: pawan dhiman
                                            (३).... पिछली पोस्ट से लगातारखट्टी मीठी जिंदगी के टेढ़े मेढ़े रास्तों पर, मीठे मीठे सपनो की बात ही न्यारी है/जिंदगी के साथ साथ जनम लेते हैं सपने,सपनो के साथ चलती जिंदगी हमारी है/आया सौलहवा बसंत, लाया सपने अनंत, सपने जैसे सतरंगी हो जाते है/कोय... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   10:36pm 11 Jun 2010 #जीवन चक्र
Blogger: pawan dhiman
                                                (२)   ......पिछली पोस्ट से लगातार   पांचवा बरस जो आया, माँ ने बस्ता सजाया,कहती है बेटा स्कूल भी जाना है/पढना है, लिखना है, अच्छा बेटा बनाना है,पढ़े लिखे लोगों की, जेब में ज़माना है/जिम्मेदारिया बताती माँ, सपने सजाती माँ,"बेटा तुझे माँ को परदेस घ... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   1:34am 11 Jun 2010 #जीवन चक्र
Blogger: pawan dhiman
खट्टी मीठी जिंदगी के टेढ़े मेढ़े रास्तों पर, मीठे मीठे सपनो की बात ही न्यारी है/जिंदगी के साथ साथ जनम लेते हैं सपने,सपनो के साथ चलती जिंदगी हमारी है/जीवन का पहला साल, सपनो से मालामाल, माँ की गोद मीठी मीठी लोरिया सुनाती है/बच्चे के साथ, बच्चा बन जाती है माँ,हंसती है, गाती है, क... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   11:24pm 10 Jun 2010 #जीवन चक्र
Blogger: pawan dhiman
जिसके चारों तरफ एक जलजला सा लगता है/वक़्त बुरा है मगर आदमी भला सा लगता है/हँसते हँसते उड़ा देता है दुनिया भर के गम,देखने में यूँ बड़ा वह मनचला सा लगता है/जिन्दगी किस मोड़ पर क्या रंग बदले कौन कहे,पत्थर भी कभी कभी गुड का डला सा लगता है/गम से घिरा है फिर भी कमल के जैसा है,इसका ... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   11:31am 1 Jun 2010 #
Blogger: pawan dhiman
उड़ने लगा है रंग,दिखने लगे हैं रेशे,और रंगत खोने लगी है/मेरी यह कमीजअब पुरानी होने लगी है/वह दूसरी  जो मेरे मिजाज सेकम मेल खाती थी/इसलिए यदा कदा हीमेरे साथ बाहर जाती थी/अब मेरे मन को भाने लगी है/इस कमीज से ज्यादाखूबसूरत नजर आने लगी है/वक़्त के साथ  अक्सर,   स्नेह सम्बन्ध ... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   1:18am 31 May 2010 #
Blogger: pawan dhiman
यह  कैसी सजा यह कैसा दस्तूर है/दिल है उसके पास जो मुझसे बहुत दूर है/मैंने ना देखा उसे, उसने ना देखा मुझे,उसके मेरे चर्चे इस शहर में मशहूर हैं/उसकी तस्वीर से पूछा मैंने एक दिन,मैंने चाहा तुझे, क्या तुझे यह मंजूर है?पर नजर खामोश उसकी, लब खामोश,पता नहीं इकरार है, या हुस्न प... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   11:39pm 27 May 2010 #
Blogger: pawan dhiman
दिल्ली-हरिद्वार राजमार्ग कोपार करने से पहले  वह बच्चागाडी गुजरने का इंतज़ार करता था/फिर सिर पर गठरी रखे हुएजैसे ही सड़क पार करता था/वह बुदबुदाता था, कि यह शहर वाले अलसुबह कैसे जाग पाते हैं?मौका मिलते ही क्यों अपना शहर छोड़कर भाग आते हैं/पर अब शहरी आदमी का दर्दउसे समझ आत... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   12:58pm 27 May 2010 #
Blogger: pawan dhiman
सबसे मिलकर एक बार फिर से जाना है/अपनी जिज्ञासा का उदगम मुझमे, समाधान भी मुझमे, और मुझमे ही ठिकाना है/जीवन की राह पर ऐडा टेढ़ा चलना रोमांच बढ़ाता  है/पर कोल्हू का बैल आगे कब बढ़ता है? बस चलता जाता है/पाँव जमी पर रक्खें, और मुट्ठी में आकाश ले लें/चलो खुद से मिल लें और दुनिय... Read more
clicks 153 View   Vote 0 Like   2:27pm 26 May 2010 #
clicks 124 View   Vote 0 Like   12:33am 20 May 2010 #
Blogger: pawan dhiman
शुक्रवार की देर रात मै दिल्ली से घर लौटा । सुबह बरामदे मे इधर उधर पड़े तिनको और रोशनदान मे निर्माणाधीन घोंसले ने बरबस ही ध्यान खींचा । दूसरे कोने पर बैठी एक चिड़िया माहोल का जायजा ले रही थी। संभवत: हमारी प्रतिक्रिया के प्रति वह आशंकित थी। मैंने तिनके बटोरकर घोसले के पास र... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   9:43pm 19 May 2010 #
Blogger: pawan dhiman
शुक्रवार की देर रात मै दिल्ली से घर लौटा । सुबह बरामदे मे इधर उधर पड़े तिनको और रोशनदान मे निर्माणाधीन घोंसले ने बरबस ही ध्यान खींचा । दूसरे कोने पर बैठी एक चिड़िया माहोल का जायजा ले रही थी। संभवत: हमारी प्रतिक्रिया के प्रति वह आशंकित थी। मैंने तिनके बटोरकर घोसले के पास र... Read more
clicks 117 View   Vote 0 Like   9:43pm 19 May 2010 #
Blogger: pawan dhiman
रिश्ते नातों के जंगल मे,भटके हैं,लेकिन क्या पाये?चलो किसी का दर्द बाँट लें , चलो किसी को गले लगाएं ,बचपन का था खूब जमाना,कच्ची छत और बैल पुराना,मट्ठा,गुड और मकई की रोटी,और पैदल स्कूल को जाना,छूटे सारे संगी साथी,अपने थे जो हुए पराये,चलो किसी का दर्द ,,,,जब आई अल्हड़ जवानी,दिल अपन... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   8:04pm 17 May 2010 #
Blogger: pawan dhiman
 Destructed President Palace after earthquake in Haitiसंजीदगी से जिन्दगी को जब जिया है मैंने,खुद को बेबस बड़ा, महसूस किया है मैंने. ताश के पत्तों सा देखा है ढहते महलों को,बस्तियों को मरघट होते देख लिया है मैंने. होश में चुभते हैं, दुनिया के कई तौर तरीके,चैन का जाम मदहोशी में ही पिया है मैंने.रौशनी द... Read more
clicks 129 View   Vote 0 Like   5:19pm 13 May 2010 #
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