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Blog: उच्चारण

Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
गौरय्या का नीड़, चील-कौओं ने हथियाया हैहलो-हाय का पाठ हमारे बच्चों को सिखलाया हैजाल बिछाया अपना छीनी है, हिन्दी की बिन्दी भीअपने घर में हुई परायी, अपनी भाषा हिन्दी भीखोटे सिक्के से लोगों के मन को बहलाया हैहिन्दीभाषा से हमने, भारत स्वाधीन कराया थाहिन्दी में भाषण करके, ... Read more
clicks 6 View   Vote 0 Like   1:23am 19 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
सज्जनता का हो गया, दिन में सूरज अस्त।शठ करते हठयोग को, होकर कुण्ठाग्रस्त।।--नित्य-नियम से था दिया, जिनको भी गुण-ज्ञान।वो चोरी में लिप्त हो, बन बैठे शैतान।।--भूल गये कर्तव्य को, पण्डित और इमाम।पका-पकाया खा रहे, सारे नमक हराम।।--रोज बदलते जा रहे, चोला और जबान।बन्दीग्रह में ... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   1:31am 18 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
गाँधी और पटेल ने, जहाँ लिया अवतार।मोदी का गुजरात ने, दिया हमें उपहार।।--देवताओं से कम नहीं, होता है देवेन्द्र।सौ सालों के बाद में, पैदा हुआ नरेन्द्र।।--साधारण परिवार का, किया चमन गुलजार।मोह छोड़ संसार का, त्याग दिया घर-बार।।--युगों-युगों के बाद में, लेते जन्म सपूत।दयानन्... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   1:49am 17 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
हो जायेंगे पाक के, अब तो टुकड़े पाँच।झूठ सदा ही जीतता, और हारता साँच।।-- पीओके बन जायगा, भारत का फिर अंग।होंगें तब कशमीर के, बन्धु-बान्धव संग।।-- सोच-समझकर फैसला, करती है सरकार।पूरे ही कशमीर पर, होगा अब अधिकार।।-- झेलेंगे अब हम नहीं, सीमा पर आतंक।धो देंगे इतिहास का, सार... Read more
clicks 25 View   Vote 0 Like   10:31am 15 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
रटे-रटाये शब्द हैं, घिसे-पिटे हैं वाक्य।अँगरेजी करने लगी, हिन्दी का शालाक्य।।--कहने को स्वतन्त्र हैं, लेकिन स्व स्वर्गीय।देवनागरी रह गयी, पुस्तक में पठनीय।।--अँगरेजी की कैद में, हिन्दी है परतन्त्र।अपनी भाषा के लिए, तरस रहा जनतन्त्र।।--बिगड़ गयी है वर्तनी, नहीं लिख... Read more
clicks 21 View   Vote 0 Like   9:07am 14 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
सबके अपने ढंग हैं, सबके अलग रिवाज।श्राद्ध पक्ष में कीजिए, विधि-विधान से काज।।--श्रद्धा से ही कीजिए, निज पुरुखों को याद।श्रद्धा ही तो श्राद्ध की, होती है बुनियाद।।--मात-पिता को मत कभी, देना तुम सन्ताप।पितृपक्ष में कीजिए, वन्दन-पूजा-जाप।।--जिनके पुण्य-प्रताप से, रिद्धि-... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   1:12am 14 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
सभ्यता पर छा गये, बादल अब घनघोर।अँगरेजी भी है लचर, हिन्दी भी कमजोर।। --अँगरेजी का हो रहा, भारत में परित्राण।नौकरशाहों के चले. निज भाषा पर बाण।। --शब्दों का अम्बार है, लेकिन है उलझाव।आते मस्तक में नहीं, अब तो नूतन भाव।।-- लिखता कविता-दोहरे, रचता रहता गीत।चौथेपन मे... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   2:01am 13 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
आदिदेव के नाम से, करना सब शुभ-कार्य।गणपति की पूजा करो, कहते धर्माचार्य।।--भर देता नवऊर्जा, चतुर्दशी का पर्व।गणपति के त्यौहार पर, भक्तों को है गर्व।।--हुआ चतुर्थी से शुरू, गणपति जी का पर्व।हर्षित होते दस दिवस, सुर-नर, मुनि गन्धर्व।।--वन्दन-पूजन से किया, सबने विदा गणेश... Read more
clicks 10 View   Vote 0 Like   12:13pm 12 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
मित्रों!13 सितम्बर को मेरे ज्येष्ठ पुत्र नितिन का जन्मदिन है।शुभकामनास्वरूप प्रस्तुत हैं मेरे कुछ उद्गार...!जीवन के क्रीड़ांगन में, तुम बनकर रहो विजेता।जन्मदिवस की बेला पर, आशीष तुम्हें मैं देता।--आदर्शों की नींव हमेशा, अपने बच्चों में डालो,जैसे मैंने पाला त... Read more
clicks 9 View   Vote 0 Like   5:48am 12 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अँगरेजी से कीजिए, भारत में वैराग्य।हिन्दी-हिन्दुस्तान का, होगा तब सौभाग्य।।-- भाषा होनी चाहिए, एक देश में एक।संविधान कहता यही, नीयत रक्खो नेक।।-- किस कारण से आज भी, इँगलिश रहे सहेज।अँगरेजी भी छोड़ दो, चले गये अँगरेज।।-- अपनी भाषा में करो, अपने सारे काज।अँगरेजी क... Read more
clicks 37 View   Vote 0 Like   1:23am 11 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
मुहर्रम पर कीजिए, मातम का इजहार। दुआ माँगने के लिए, आया है त्यौहार।।-- प्रथम माह इस्लाम का, हुआ आज आगाज।सच्चे मन से कीजिए, रोजे और नमाज।।-- पूरी दुनिया में रहे, भारत जिन्दाबाद।खुशहाली की खुदा से, कर लेना फरियाद।।-- अपने जीवन में सदा, रखना नेक उसूल।करता तभी इबादत... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   2:11am 10 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
तुकबन्दी से खिलता उपवनस्वर-व्यञ्जन ही तो है जीवन--शब्दों को मन में उपजाओफिर इनसे कुछ वाक्य बनोसन्देशों से खिलता गुलशनस्वर व्यञ्जन ही तो है जीवन--तुकबन्दी मादक-उन्मादीबन्धन में कैसी आजादी सुख बरसाता रहता सावन स्वर-व्यञ्जन ही तो है जीवन--आता नहीं बुढ़ापा जिसकोतुकब... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   1:02am 9 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
गाँव-नगर में बना दो, शिक्षा का परिवेश।अलख जगा दो ज्ञान की, करो साक्षर देश।।--कोई व्यक्ति नहीं रहे, यहाँ अँगूठा-छाप।पढ़ने-लिखने के बिना, जीवन है अभिशाप।।--आज साक्षरता दिवस को, मना रहा संसार।शिक्षित करो समाज को, दिवस करो साकार।।--दीप जलाकर ज्ञान का, दूर करो अज्ञान।जाक... Read more
clicks 13 View   Vote 0 Like   11:27am 8 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
मोक्ष के लक्ष्य को मापने के लिए,जाने कितने जनम और मरण चाहिए ।प्यार का राग आलापने के लिए,शुद्ध स्वर, ताल, लय, उपकरण चाहिए।।--लैला-मजनूँ को गुजरे जमाना हुआ,किस्सा-ए हीर-राँझा पुराना हुआ,प्रीत की पोथियाँ बाँचने के लिए-ढाई आखर नही व्याकरण चाहिए ।प्यार का राग आलापने के लिए,श... Read more
clicks 10 View   Vote 0 Like   1:33am 8 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
मोक्ष के लक्ष्य को मापने के लिए,जाने कितने जनम और मरण चाहिए ।प्यार का राग आलापने के लिए,शुद्ध स्वर, ताल, लय, उपकरण चाहिए।।--लैला-मजनूँ को गुजरे जमाना हुआ,किस्सा-ए हीर-राँझा पुराना हुआ,प्रीत की पोथियाँ बाँचने के लिए-ढाई आखर नही व्याकरण चाहिए ।प्यार का राग आलापने के लिए,श... Read more
clicks 6 View   Vote 0 Like   1:33am 8 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
चन्द्रयान पर उतरना, एक कदम था दूर।किन्तु जरा सी चूक से, हुआ देश मजबूर।।-- विफल हुए तो क्या हुआ, मरा नहीं है जोश।अन्तरिक्ष विज्ञान का, पास हमारे कोश।। --चन्द्रयान की विफलता, अन्तिम नहीं पड़ाव।और अधिक है बढ़ गया, अब तो चन्द्र-जुड़ाव।।-- एक विफलता से नहीं, मानेंगे हम ... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   2:42am 7 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
चन्द्रयान पर उतरना, एक कदम था दूर।किन्तु जरा सी चूक से, हुआ देश मजबूर।।-- विफल हुए तो क्या हुआ, मरा नहीं है जोश।अन्तरिक्ष विज्ञान का, पास हमारे कोश।। --चन्द्रयान की विफलता, अन्तिम नहीं पड़ाव।और अधिक है बढ़ गया, अब तो चन्द्र-जुड़ाव।।-- एक विफलता से नहीं, मानेंगे हम ... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   2:42am 7 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
वृद्धाश्रम में भेज कर, किया अनोखा काम।आज कुपुत्रों ने किया, ममता को बदनाम।।--बड़े बुजुर्गों को किया, उनके घर से दूर।मात-पिता के कर दिये, सारे सपने चूर।।--लालन-पालन पिता का, भूले माँ का प्यार।पुत्रों ने माँ-बाप का, छीन लिया संसार।।--पोते-पोती के नहीं, दादा रहे करीब।कलियु... Read more
clicks 14 View   Vote 0 Like   11:30pm 5 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
दुनिया में संवेदना, मरी हुई है आज।केवल रस्म-अदायगी, अब बन गया रिवाज।।--लोग बाज आते नहीं, मक्कारी से आज।  महज दिखावे के लिए, हैं सरकारी काज।।--मिले न जब तक नौकरी, तब तक है मनुहार।जैसे ही सेवा लगी, बदल गया व्यवहार।।--राजकीय सेवाओं में, लगा हुआ है रोग।घूसखोर अधिकांश हैं... Read more
clicks 23 View   Vote 0 Like   6:26am 5 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अब नहीं आँखों में कोई भी शरमहो गये हैं लोग कितने बेशरम--की नहीं जिसने कभी कोई मददचाहते वो दूसरों से क्यों करम--जब जनाजा उठ गया ईमान काक्या करेगा फिर वहाँ दीनो-धरम--तम्बुओं में रह रहा जब राम होदिल में अपने पालते हो क्यों भरम--चोट कब मारोगे ओ मेरे सनमढाल दो साँचे में लोहा है ... Read more
clicks 5 View   Vote 0 Like   1:36am 5 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 राधाकृष्णन के हुए, सारे सपने चूर।जगत गुरू के लक्ष्य से, आज हुए हम दूर।। --सद्गुरु अपने देश में, सोये चादर तान।नगर-गाँव में चल रहीं, शिक्षा की दूकान।। --बाँट रहे अनपढ़ जहाँ, गली-गली में ज्ञान।ज्ञान-सूर्य का गगन में, हुआ आज अवसान।। --भारत के परिवेश में, लगे बदनुमा ... Read more
clicks 34 View   Vote 0 Like   1:46am 4 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
ज़िन्दगी को आज खाती है सुरा।मौत का पैगाम लाती है सुरा।।उदर में जब पड़ गई दो घूँट हाला,प्रेयसी लगनी लगी हर एक बाला,जानवर जैसा बनाती है सुरा।मौत का पैगाम लाती है सुरा।।ध्यान जनता का हटाने के लिए,नस्ल को पागल बनाने के लिए,आज शासन को चलाती है सुरा,मौत का पैगाम लाती है सुरा।... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   12:05am 3 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
विघ्न विनाशक-सिद्धि विनायक।कृपा करो हे गणपति नायक!!सबसे पहले तुमको ध्याता,चरणयुगल में शीश नवाता,आदि देव जय-जय गणनायक।कृपा करो हे गणपति नायक!!पार्वती-शिव के तुम नन्दन,करते सभी तुम्हारा वन्दन,सबको देते फल शुभदायक!कृपा करो हे गणपति नायक!!लेकर धूप-दीप और चन्दन,सारा जग करत... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   2:13am 2 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
एक सितम्बर को जहाँ, काँप गया ब्रह्माण्ड।तभी खटीमा में हुआ, गोलीकाण्ड प्रकाण्ड।।--जिसमें थे मारे गये, बेगुनाह सब लोग।मगर कातिलों पर कभी, सिद्ध हुआ अभियोग।।--उमड़ पड़ा उस समय था, जन सैलाब प्रचण्ड।बना खटीमा काण्ड से, राज्य उत्तराखण्ड।।--देवभूमि है के नाम से, अवगत है संसार।... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   1:35am 1 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
निश्चय जो मन में किया, होगा पूर्ण जरूर।अभिमानी का एक दिन, होगा चूर गरूर।। --अपना हक लेना नहीं, कहलाता है पाप।पीओके के राग का, बन्द करो आलाप।। --सारा जग है जानता, सिंहों की हुंकार।गीदड़-भभकी है नहीं, भारत की ललकार।। --है सिर पर लटकी हुई, दोधारी तलवार।टुकड़े पाकिस्तान के... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   11:00pm 30 Aug 2019
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