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Blog: उच्चारण

Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--कोरोना के रोग से, जूझ रहा है देश।अगर सुरक्षित आप हैं, बचा रहेगा देश।।--आवश्यकता से अधिक. करना नहीं निवेश।हम सबके सहयोग से, सुधरेगा परिवेश।।--कमी नहीं कुछ देश में, सुलभ सभी हैं चीज।मगर नहीं लाँघो अभी, निज घर की दहलीज।।--विपदा के इस काल में, शासन है तैयार।हर घर पर सामान... Read more
clicks 10 View   Vote 0 Like   8:30pm 26 Mar 2020 #जूझ रहा है देश
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--अपना धर्म निभाओगे कबजग को राह दिखाओगे कब--करना है उपकार वतन परसंयम रखना अपने मन परकभी मैल मत रखना तन परसंकट दूर भगाओगे कबनियमों को अपनाओगे कब--अभिनव कोई गीत बनाओ,सारी दुनिया को समझाओस्नेह-सुधा की धार बहाओवसुधा को सरसाओगे कबजग को राह दिखाओगे कब--सुस्ती-आलस दूर भगा दोदे... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   1:36am 26 Mar 2020 #नियमों को अपनाओगे कब
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जीवन संकट में पड़ा, समय बड़ा विकराल।घूम रहा है जगत में, कोरोना बन काल।।--आवाजाही बन्द है, सड़कें हैं सुनसान।कोरोना का हो गया, लोगों को अनुमान।।--हालत की गम्भीरता, समझ गये हैं लोग।जनता अब करने लगी, शासन का सहयोग।।--घर में बैठे कीजिए, पाठन-पठन विचार।मोदी के आह्वान पर, ... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   7:30pm 24 Mar 2020 #समय बड़ा विकराल
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--मर्यादा के साथ में, खूब मनाओ हर्ष।स्वच्छ रहे परिवेश तो, होगा मंगल वर्ष।।--नवसम्वतसर में हुए, चौपट कारोबार।कोरोना के रोग से, जूझ रहा संसार।।--माता के नवरात्र में, करो नियम से काम।घर को मन्दिर समझकर, जपो ओम का नाम।।--बाधाएँ सब दूर हों, करो न मेल मिलाप।अपने घर में बैठकर, कर... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   2:06am 24 Mar 2020 #नवसम्वतसर 2077
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--कोरोना को देख कर, बना रहे जो बात।वो ही देश-समाज को, पहुँचाते आघात।।--अच्छे कामों का जहाँ, होने लगे विरोध।आता देश समाज को, ऐसे दल पर क्रोध।।--मुखिया जिस घर में नहीं, होता है दमदार।समझो उस परिवार का, निश्चित बण्टाधार।। --मुखिया ने मझधार में, छोड़ी जब पतवार।तब से ही वो स... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   1:41am 23 Mar 2020 #जनहित के कानून को
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--कोरोना से मच रहा, जग में हाहाकार।एतिहात सबसे बड़ा, ऐसे में उपचार।।--सेनीटाइज से करो, स्वच्छ सभी घर-बार।बन्द कीजिए कुछ दिवस, अपने कारोबार।।--नहीं आ सका है अभी, कोरोना का तोड़।अपने घर में ही रहो, भीड़-भाड़ को छोड़।।--खाना अब तो छोड़ दो, मछली गोश्त-कबाब।घर से निकलो जब कभी,... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जिन्दगी के गीत गाता जा रहा हूँसाँस की सरगम सुनाता जा रहा हूँ--पाँव बोझिल हैं थकी है पीठ भीबोझ जीवन का उठाता जा रहा हूँ--मिल गया जो भी नजराना मुझे शान से उसको लुटाता जा रहा हूँ--उम्र अब कितनी बची है क्या पताघोंसला फिर भी बनाता जा रहा हूँ--कुछ पुराने साज दामन में समेटेसादगी स... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--खेत और खलिहान में, दूषित हुआ अनाज।लुप्तप्राय सी हो गयी, गौरैया है आज।।--शहरी जीवन में नहीं, रहा आज आनन्द।गौरैया को है नहीं, वातावरण पसन्द।। --मौसम मेरे देश के, हुए आज विकराल।गौरैया का गाँव में, पड़ने लगा अकाल।।--लगे डालने खेत में, खाद विषैली लोग।इसीलिए फैले हुए, भाँति-भ... Read more
clicks 4 View   Vote 0 Like   1:19am 20 Mar 2020 #विश्व गौरैया दिवस
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--दरक़ती जा रही हैं नींव, अब पुख़्ता ठिकानों कीतभी तो बढ़ गयी है माँग छोटे आशियानों की--जिन्हें वो देखते कलतक, हिक़ारत की नज़र से थेउन्हीं के शीश पर छत, छा रहे हैं शामियानों की--बहुत अभिमान था उनको, कबीलों की विरासत परहुई हालत बहुत खस्ता, घमण्डी खानदानों की--सियास... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   7:30pm 18 Mar 2020 #माँग छोटे आशियानों की
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
मुखपृष्ठसाहित्यकारों की वेबपत्रिकावर्ष: 4, अंक 81, मार्च(द्वितीय), 2020सीखिए गीत से, गीत का व्याकरणडॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'हार में है छिपा जीत का आचरण।सीखिए गीत से, गीत का व्याकरण।।बात कहने से पहले विचारो जराधूल दर्पण की ढंग से उतारो जरातन सँवारो जरा, मन निखारो जराआइने ... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   7:30pm 17 Mar 2020 #प्रकाशन
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--पथ उनको क्या भटकायेगा, जो अपनी खुद राह बनातेभूले-भटके राही को वो, उसकी मंजिल तक पहुँचाते--अल्फाज़ों के चतुर चितेरे, धीर-वीर-गम्भीर सुख़नवरजहाँ न पहुँचें सूरज-चन्दा, वो उस मंजर तक हो आते--अमर नहीं है काया-माया, लेकिन शब्द अमर होते हैंशब्द धरोहर हैं समाज की, दिशाहीन को दिशा... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--मौसम है बदला हुआ, बदले रीति-रिवाज।घोड़ों से भी कीमती, गधे हो गये आज।।--बनी हुई सम्भावना, नियमित नित्य अनन्त।बिकते ऊँचे दाम में, राजनीति के सन्त।। --जनसेवा के नाम पर, करते ओछे काम।इसीलिए तो हो रहा, लोकतन्त्र बदनाम।।--बाहर बने कपोत से, भीतर से हैं काग।महज दिखावे के लिए, सुना ... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   7:30pm 15 Mar 2020 #घोड़ों से भी कीमती
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--देख वायरस को मची, जग में हाहाकार।कोरोना से डर रहा, सारा ही संसार।।--जगह-जगह पर हो रही, कोरोना की जाँच।विज्ञानी इस रोग की, रहे पोथियाँ बाँच।।--कोरोना की उड़ रहीं, जगह-जगह अफवाह।अपने-अपने ढंग से, देते लोग सलाह।।--चेहरा ढककर मास्क से, घर से निकलो आप।भीड़-भाड़ में मत करो, लग कर ग... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--सिसक रहा है आज वतन में, खुशियों का चौबारा।छल-फरेब की कारा में, जकड़ा है भाईचारा।।--पगडण्डी पर चोर-लुटेरे, चौराहों पर डाकू,रिश्तों की झाड़ी में पसरे, भाई बने लड़ाकू,सम्बन्धों में गरल भरा है, प्यार हुआ आवारा।छल-फरेब की कारा में, जकड़ा है भाईचारा।।--मन में कोरा स्वार्थ समाय... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   2:06am 14 Mar 2020 #भाईचारा
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
प्राची का है जन्मदिन, छाया है उल्लास।देने शुभ आशीष को, अवसर आया खास।।जिसको करते है सभी, मन से प्यार-दुलार।उस पोती का जन्मदिन, लगता है त्यौहार।।होली की पिचकारियाँ, रंग, अबीर-गुलाल।जन्मदिवस सौगात ये, लाता है हर साल।।ले करके सद-भावना, वन में खिला पलाश।करते मंगल-कामना, धरा ... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   1:10am 14 Mar 2020 #रहो न कभी उदास
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--खेतों में बिरुओं पर जब, बालियाँ सुहानी आती हैं।जनमानस के अन्तस में तब, आशाएँ मुस्काती हैं।।--सोंधी-सोंधी महक उड़ रही गाँवों के गलियारों में,रंगों की बौछार हो रही आँगन में, चौबारों में,बैसाखी-होली की खुशियाँ घर-घर में छा जाती हैं।जनमानस के अन्तस में तब, आशाएँ मुस्काती ह... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   12:36pm 13 Mar 2020 #तिनके चुन-चुन लाती हैं
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--भटक रहा है आज आदमी, सूखे रेगिस्तानों में।चैन-ओ-अमन, सुकून खोजता, मजहब की दूकानों में।--मालिक को उसके बन्दों ने, बन्धक आज बनाया है,मिथ्या आडम्बर से, भोली जनता को भरमाया है,धन के लिए समागम होते, सभागार-मैदानों में।--पहले लूटा था गोरों ने, अब काले भी लूट रहे,धर्मभीरु भक्तों को... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   1:11am 11 Mar 2020 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--खुशियों की सौगात लिए होली आई है।रंगों की बरसात लिए, होली आई है।।--रंग-बिरंगी पिचकारी ले,बच्चे होली खेल रहे हैं।मम्मी-पापा दोनों मिल कर,मठरी-गुझिया बेल रहे हैं।पकवानों का थाल लिए, होली आई है।रंगों की बरसात लिए, होली आई है।।--जाड़ा भागा, गरमी आई,होली यह सन्देशा लाई।कोयल ... Read more
clicks 6 View   Vote 0 Like   7:30pm 9 Mar 2020 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--नभ में कुहरा है घना, गया दिवाकर हार।होली के इस पर्व मे, ठण्डक का उपहार।।--कहीं-कहीं ओले पड़े, कहीं हुई बरसात।मार्च मास में हो रहा, पर्वत पर हिमपात।।--देवभूमि में हो रहा, शीतलता का वास।बदले मौसम में हुई, होली बहुत उदास।।--हाथ जोड़कर दूर से, करना राम-जुहार।कोरोना का वायरस, पग... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   11:08am 9 Mar 2020 #होली बहुत उदास
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--मस्त फुहारें लेकर आया,मौसम हँसी-ठिठोली का।देख तमाशा होली का।।--उड़ रहे पीले-हरे गुलाल,हुआ है धरती-अम्बर लाल,भरे गुझिया-मठरी के थाल,चमकते रंग-बिरंगे गाल,गोप-गोपियाँ खेल रहे हैं,खेला आँख-मिचौली का।देख तमाशा होली का।।मस्त फुहारें लेकर आया,मौसम हँसी-ठिठोली का।देख तमाशा ... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   7:30pm 8 Mar 2020 #फागुन की रंगोली का
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
आई बसन्त-बहार, चलो होली खेलेंगे!! रंगों का है त्यौहार, चलो होली खेलेंगे!!--बागों में कुहु-कुहु बोले कोयलिया, धरती ने धारी है, धानी चुनरिया, पहने हैं फुलवा के हार, चलो होली खेलेंगे!!--हाथों में खन-खन, खनके हैं चुड़ियाँ, पावों में छम-छम, छनके पैजनियाँ, चहके है... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   7:30pm 7 Mar 2020 #महके है मन में फुहार
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--लीक पीटने का कहीं, छूट न जाय रिवाज।मना रहा है इसलिए, महिला-दिवस समाज।।--जग में अब भी हो रहे, मौखिक जोड़-घटाव।कैसे होगा दूर फिर, लिंग-भेद का भाव।--नारी की अपनी अलग, कैसे हो पहचान।ढोती है वो उमर भर, साजन का उपनाम।।--सीमाओँ में है बँधी, नारी की परवाज।नारी की कमनीयता, कमजो... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   11:56am 7 Mar 2020 #दोहे. माता का अवतार
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
जीवन में अँधियारा, लेकिन सपनों में उजियाला है।आभासी दुनिया में होता, मन कितना मतवाला है।।--चहक-महक होती बसन्त सी, नहीं दिखाई देती है,आहट नहीं मगर फिर भी, पदचाप सुनाई देती है,वीरानी बगिया को जो, पल-पल अमराई देती है,शिथिल अंग में यौवन की, आभा अँगड़ाई लेती है,कभी न... Read more
clicks 4 View   Vote 0 Like   7:30pm 6 Mar 2020 #प्रकाशन
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--महक लुटाते कानन पावन नहीं रहेगोबर लिपे हुए घर-आँगन नहीं रहे--आज आदमी में मानवता सुप्त हुईगौशालाएँ भी नगरों से लुप्त हुई दाग लगे हैं आज चमन के दामन मेंवैद्यराज सा नीम नहीं है आँगन मेंताल और लय मनभावन नहीं रहेगोबर लिपे हुए घर-आँगन नहीं रहे--यौवन आने से पहले सूखी डालीलुटी-... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--मना रहे थे लोग जब, होली का त्यौहार।पौत्र रत्न के रूप में, मुझे मिला उपहार।।--जन्मदिवस पर पौत्र को, देता हूँ आशीष।पढ़-लिखकर बन जाइए, वाणी के वागीष।।--कुलदीपक के साथ में, बँधी हुई ये आस।तुमसे ही गुलजार है, मेरा ये आवास।।--सारे जग में देश का, रौशन करना नाम।नयी सोच के साथ में, कर... Read more
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