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उच्चारण

सात सुरों के योग से, बन जाता है संगीत।योग हमारी सभ्यता, योग हमारी रीत।१।अगर चाहते आप हो, पास न आये रोग।रोज सुबह कर लीजिए, ध्यान लगा कर योग।।मत-मज़हब का है नहीं, जिससे कुछ अनुबन्ध।रखना ऐसे योग से, जीवन भर सम्बन्ध।।मधुर कण्ठ से ही सदा, अच्छा लगता गीत।योग हमारी सभ्यता, योग...
Tag :योग हमारी रीत
  June 20, 2018, 8:16 am
छिपा हुआ है प्यार में, जीवन का विज्ञान।प्यार और मनुहार से, गुरू बाँटता ज्ञान।।बन जाते हैं प्यार से, सारे बिगड़े काम।प्यार और अनुराग तो, होता ललित-ललाम।।दुनियाभर में प्यार की, बड़ी अनोखी रीत।गैरों को अपना करे, ऐसी होती प्रीत।।विरह तभी है जागता, जब होता है स्नेह।विरह-...
Tag :दोहे
  June 18, 2018, 5:07 pm
अमर वीरांगना झाँसी की महारानी लक्ष्मीबाई की160वीं पुण्यतिथि पर उन्हें अपने श्रद्धासुमन समर्पित करते हुएश्रीमती सुभद्राकुमारी चौहान कीयह अमर कविता सम्पूर्णरूप में प्रस्तुत कर रहा हूँ!सिंहासन हिल उठे, राजवंशों ने भृकुटि तानी थी,बूढ़े भारत में भी आई फिर से नई ...
Tag :
  June 17, 2018, 7:58 am
पूज्य पिता जी आपका, वन्दन शत्-शत् बार।बिना आपके है नहीं, जीवन का आधार।।--बचपन मेरा खो गया, हुआ वृद्ध मैं आज।सोच-समझकर अब मुझे, करने हैं सब काज।।--जब तक मेरे शीश पर, रहा आपका हाथ।लेकिन अब आशीष का, छूट गया है साथ।।--तारतम्य टूटा हुआ, उलझ गये हैं तार।कौन मुझे अब करेगा,...
Tag :पूज्य पिता जी आपका
  June 17, 2018, 7:46 am
बहुत पुरानी है विधा, दोहों की श्रीमान।दोहों में ही निहित है, दुनिया भर का ज्ञान।।नदिया की धारा प्रबल, कैसे होंगे पार। नौका की मझधार में, टूट गयी पतवार।।जब से मैली हो गयी, गंगा जी की धार। छल-बल की पतवार से, लोग उतरते पार।।दुनिया में दम तोड़ता, मानवता का वेद। बेटा-बे...
Tag :दोहे
  June 17, 2018, 7:36 am
चाँद दूज का देखकर, जागी है उम्मीद।गले मिलो सब प्यार से, कहो मुबारक ईद।।--मौमिन को सन्देश ये, देते हैं रमजान।नेकी और खुलूस का, मौला का फरमान।।--जर्रे-जर्रे में बसा, राम और रहमान।सिखलाते इंसानियत, पूजा और अजान।।--मर्म बताते धर्म का, गीता औ’ कुरआन।सारे प्राणी धरा के, ईश्वर ...
Tag :कहो मुबारक ईद
  June 16, 2018, 7:28 am
आदर हो हर पन्थ का, पढ़ो कुरान-मजीद।खुशियाँ लेकर आ गयी, मौमिन के घर ईद।।--सच्चे मन से कीजिए, पूजा और अजान।घर-घर नेमत ईद की, लाते हैं रमजान।।--जब तक साँस शरीर में, तब तक है उम्मीद।दुआ करो अल्लाह से, होगी ईद मुफीद।।--जिनके घर में हो गया, बेटा आज शहीद।सोचो उन माँ-बाप की, कैसे होगी ई...
Tag :मौमिन के घर ईद
  June 15, 2018, 9:07 am
याचक बनकर आइए, माता जी के द्वार। वन्दन-पूजन विनय कर, माँगो कुछ उपहार।।मौन हुए साधू सभी, मुखरित हैं अब चोर। बाढ़ दिखाई दे रही, दौलत की सब ओर।।नाजुक होते हैं बड़े, आपस के सम्बन्ध। सम्बन्धों के संग में, मत करना अनुबन्ध।।मतलब पड़ने पर हुए, जहाँ-जहाँ अनुबन्ध।रोज-रोज द...
Tag :मुखरित हैं अब चोर
  June 15, 2018, 8:41 am
कहने को आजाद हैं, लोकतन्त्र में लोग। सबको मिलते हैं कहाँ, लड्डू-मोहनभोग।।जब अपने ही देश में, शासक हों भयभीत।जनता फिर कैसे वहाँ, गाये सुख के गीत।।दाता थे जो अन्न के, आज हुए कंगाल। लालाओं ने भर लिया, गोदामों में माल।।जो दुनिया को पालता, बदतर उसका हाल।औने-पौने दाम में,...
Tag :लोकतन्त्र में लोग
  June 14, 2018, 8:18 am
ज्ञानदायिनी आप हो, सेवक है नादान।माता जी भर दीजिए, वाणी में सुर-तान।।सुमुखि गुलाबी वदन का,जबउतरा रंग। कविता की कमनीयता, तब से है बदरंग।।बदल गयी है लेखनी, बदल गये सब ढंग। कविता की सब गेयता, आज हो गयी भंग।।आवारा सपने हुए, हरजाई हैं मीत।जीवन में कैसे बजे, अब मधुरिम सं...
Tag :वाणी में सुर-तान
  June 13, 2018, 7:26 am
आज गले लगते नहीं, गले पड़े हैं लोग। तन से तो संयोग है, मन में भरा वियोग।।जनता के ही तन्त्र में, जनता की है मात। धूप रूप की ढल गयी, आयी काली रात।।नहीं चलाया अभी तक, कभी लक्ष्य पर तीर। इसीलिए कश्मीर की, फूटी है तकदीर।।तू—तू, मैं-मैं की लगी, राजनीति में होड़। कूटनीति ...
Tag :दोहे
  June 12, 2018, 6:51 am
आजादी के आज तो, बदल गये हैं अर्थ। उनकी है स्वाधीनता, जो सम्पन्न-समर्थ।।सबको ही अच्छा लगे, भारत का संगीत। गाते फिर हम किसलिए, अंग्रेजी के गीत।।पुरवइया के साथ में, पड़ने लगी फुहार। सूखे बाग-तड़ाग में, फिर आ गया निखार।।बैरी से करना नहीं, प्यारभरी मनुहार। जीवन के स...
Tag :बदल गये हैं अर्थ
  June 11, 2018, 7:03 am
हर पत्थर हीरा बन जाता, जब किस्मत नायाब हो,मोती-माणिक पत्थर लगता, उतर गई जब आब हो,इम्तिहान में पास हुआ वो, तपकर जिसका तन निखरा।बिन परखे क्या पता चलेगा, किसमें कितना खोट भरा।।नंगे हैं अपने हमाम में, नागर हों या बनचारी,कपड़े ढकते ऐब सभी के, चाहे नर हों या नारी,पोल-ढ...
Tag :सागर सा गहरा
  June 10, 2018, 7:50 am
आहत वृक्ष कदम्ब का, तकता है आकाश। अपनी शीतल छाँव में, बंशी रहा तलाश।।माटी जैसी हो वही, देता है आकार।कितने श्रम पात्र को, गढ़ता रोज कुम्हार।।शब्दों में अपने नहीं, करता कभी कमाल।कच्ची माटी जब मिले, दूँ साँचों में ढाल।।चिन्तन-मन्थन के लिए, मिलता कच्चा माल।रोज-रोज लिख ...
Tag :दोहे
  June 9, 2018, 8:48 am
जब बालक की पीठ पर, लदा दुआ हो भारपढ़ने के सपने कहाँ, फिर होंगे साकार।।चमत्कार से के फेर में, छन्द हो गये क्ल्ष्टि।होते नहीं विशिष्ट वो, जो होते हैं श्लिष्ट।।पूरब से होता शुरू, प्रतिदिन जीवन सत्र। दिनचर्चा के भेजता, सूरज लिखकर पत्र।।टंकण करने में लगा, काम जरूरी छोड़।&nb...
Tag :दोहे
  June 8, 2018, 7:37 am
जो प्यासी धरती की, अपने जल से प्यास बुझाते हैं।आसमान में जो उगते हैं, वो बादल कहलाते हैं।।जो मुद्दत से तरस से थे, जल के बिना अधूरे थे,उन सूखे नदिया-नालों को, निर्मल नीर पिलाते हैं।चरैवेति का पाठ पढ़ाने, जो धरती पर आकर के,पतित-पावनी गंगा को, जो सागर तक ले जाते हैं।जोर-शोर के ...
Tag :वो बादल कहलाते हैं
  June 7, 2018, 1:08 pm
मुखपोथी के झाड़ में, कच्चे-पक्के बेर।जिन्हें न आती शायरी, वो भी कहते शेर।।सिद्ध हो रही साधना, सफल हुआ उद्योग।अपनी बातें लिख रहे, मुखपोथी पर लोग।।भाई-भाई में नहीं, पहले जैसा प्यार।उजड़ रहा है इसलिए, हरा-भरा परिवार।।आँगन में जब हो खड़ी, नफरत की दीवार। फिर कैसे परिवार ...
Tag :मुखपोथी पर लोग
  June 6, 2018, 7:16 am
पेड़ लगाना धरा पर, मानव का है कर्म।पर्यावरण सुधारना, हम सबका है धर्म।।हरितक्रान्ति से मिटेगा, धरती का सन्ताप।पर्यावरण बचाइए, बचे रहेंगे आप।।प्राणवायु का पेड़ ही, होते हैं आधार।पेड़ लगाकर कीजिए, धरती का सिंगार।।पेड़ भगाते रोग को, बनकर वैद्य-हकीम।प्राणवायु देते ह...
Tag :विश्व पर्यावरण दिवस
  June 5, 2018, 10:56 am
जब भी लड़ने के लिए, लहरें हों तैयार।कस कर तब मैं थामता, हाथों में पतवार।।बैरी के हर ख्वाब को, कर दूँ चकनाचूर।जब अपने हो सामने, हो जाता मजबूर।।जब भी लड़ने के लिए, होता हूँ तैयार।धोखा दे जाते तभी, मेरे सब हथियार।।साधन हो पैसा भले, मगर नहीं है साध्य।हिरती-फिरती ...
Tag :विविध दोहे
  June 3, 2018, 8:01 pm
कई मित्र टिप्पणियाँ अक्सर, सब रचनाओं पर देते हैं।सुन्दर-बढ़िया लिख करके, निज जान छुड़ा भर लेते हैं।।कुछ तो बिना पढ़े ही, केवल कॉपी-पेस्ट किया करते हैं।खुश करने को बदले में ही, वो प्रतिदान दिया करते हैं।।रचना के बारे में भी तो, कुछ ना कुछ लिख दिया करो।आँख मू...
Tag :मत सीख यहाँ पर सिखलाओ
  June 3, 2018, 7:17 am
हमारे देश में मजदूर की, किस्मत हुई खोटीमयस्सर है नहीं ढंग से, उन्हें दो जून की रोटीदलाली में लगे हैं आज, अपने देश के सेवकबगावत भी करे कैसे, वहाँ दो जून की रोटीकरे क्या झोंपड़ी फरियाद, महलों की मिनारों से हमेशा ही रही कंगाल, है दो जून की रोटीजो ढोते ईंट भट्टे पर, निवाला हा...
Tag :
  June 2, 2018, 8:02 am
गीत-ग़ज़ल, दोहा-चौपाई, सिसक रहे अमराई मेंभाईचारा तोड़ रहा दम, रिश्तों की अँगनाई मेंफटा हुआ दामन अब तक भी सिलना नहीं हमें आयासारा जीवन निकल गया है, कपड़ों की कतराई मेंरत्नाकर में अब भी होता, खारे पानी का मन्थनउथल-पुथल सी मची हुई है, सागर की गहराई मेंकेशर की क्यारी को किसने...
Tag :प्रकाशन
  June 1, 2018, 7:34 am
बात-बात में निकलते, साला-साली शब्द।देवनागरी हो रही, देख-देख निःशब्द।।अगर मनुज के हृदय का, मर जाये शैतान।, फिर से जीवित धरा पर, हो जाये इंसान।।कमी नहीं कुछ देश में, भरे हुए गोदाम।खास मुनाफा खा रहे, परेशान हैं आम।।बढ़ते भ्रष्टाचार को, देगा कौन लगाम।जनसेवक ...
Tag :परेशान हैं आम
  May 31, 2018, 7:42 am
स्वार्थ भरे इस जगत में, जब तक है परमार्थ।तब-तब जग में जन्म ले, वीर धनुर्धर पार्थ।।उसको मिलती सफलता, जो करता पुरुषार्थ।लक्ष्य भेदने के लिए, बनना पड़ता पार्थ।।रखो खेल की भावना, पास-फेल के संग।चाहे जो परिणाम हो, तजना नहीं उमंग।।सुन्दरता को देखकर, मत होना मदहोस।पत्तों ...
Tag :दोहे
  May 30, 2018, 5:30 am
सवाल पर सवाल हैं, कुछ नहीं जवाब है।राख में दबी हुई, हमारे दिल की आग है।।गीत भी डरे हुए, ताल-लय उदास हैं.पात भी झरे हुए, किन्तु शेष आस हैं,दो नयन में पल रहा, नग़मग़ी सा ख्वाब है।राख में दबी हुई, हमारे दिल की आग है।।ज़िन्दगी है इक सफर, पथ नहीं सरल यहाँ,मंजिलों को खोजता, पथिक यह...
Tag :गीत
  May 28, 2018, 3:31 pm
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