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Blog: उच्चारण

Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
परिचयनामा : डा. रुपचंद्र शाश्त्री "मयंक"June 04, 2009 को ताऊ डॉट इन परताऊ रामपुरिया द्वारा लिया गयामेरा साक्षात्कार        डा. रूपचन्द्र शाश्त्री “मयंक”से युं तो आप उनके ब्लाग उच्चारण के माध्यम से अच्छी तरह परिचित हैं. इनके ब्लाग ने बहुत ही कम समय मे नई ऊंचाईयों को छुआ ... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   1:58pm 23 Feb 2020 #साक्षात्कार
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--अमरीका के साथ में, होंगे कौल-करार।भारतवासी ट्रम्प के, स्वागत में तैयार।।--दिल्ली से गुजरात तक, लोगों में है हर्ष।स्वागत में संलग्न है, पूरा भारतवर्ष।।--अपने भारत देश की, दुनिया भर में शान।मोदी जी की शान में, झुकता सकल जहान।।--सर्व-धर्म-समभाव का, संगम हिन्दुस्तान।अभ्याग... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   3:14am 23 Feb 2020 #भारतवासी ट्रम्प के
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
            बरेली-पिथौरागढ़ राष़्टीय राजमार्ग पर खटीमा से 7 किमी दूर श्री वनखण्डी महादेव के नाम से विख्यात एक प्राचीन शिव मन्दिर है! यह दिल्ली से 300 किमी और बरेली से 100 किमी दूर है कभी यह स्थान घने जंगलों के मध्य में हुआ करता था परन्तु अब यह चकरपुर गाँव से बिल्कुल सट... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   1:13am 22 Feb 2020 #चकरपुर
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--बेर-बेल के पत्र ले, भक्त चले शिवधाम।गूँज रहा है भुवन में, शिव-शंकर का नाम।१।--शिव मन्दिर में ला रहे, भक्त आज उपहार।दर्शन करने के लिए, लम्बी लगी कतार।२।--पावन गंगा नीर से, करने शिव अभिषेक। काँवड़ लेकर आ गये, प्रभु के दास अनेक।३।--जंगल में खिलने लगा, सेमल और पलाश।हर-हर, बम-... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   2:06am 21 Feb 2020 #शिवरात्रि
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--कुंकुम बिन्दी मेंहदी, काले-काले बाल।रचकर दिखलाती हिना, अपना खूब कमाल।।--मेंहदी को मत समझना, केवल एक रिवाज।सुहागिनों का गन्ध से, हिना खोलती राज।।--हरी-भरी रहती हिना, क्या पतझड़-मधुमास।बिना हिना के सेज पर, खलता है सुख रास।।--बालक बृद्ध जवान को, देती है आनन्द।शरबत लगता हिन... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   7:30pm 20 Feb 2020 #मेंहदी
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--भोले-शंकर आओ-आओ।निद्रा-तन्द्रा दूर भगाओ।।--आज आदमी है बेचारा,बौराया है ये जग सारा,दूषित है परिवेश हमारा,हे शिव! आकर आज वतन में,डमरू का तुम नाद सुनाओ।निद्रा-तन्द्रा दूर भगाओ।।--छाया है घनघोर अँधेरा,नकली भगवानों ने घेरा,बड़े-बड़े हैं तम्बू-डेरा,सच्चाई को करो उजागर,ढोंग औ... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   7:30pm 19 Feb 2020 #महाशिवरात्रि
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--मौसम कितना हुआ सुहाना।रंग-बिरंगे सुमन सुहाते।सरसों ने पहना पीताम्बर,गेहूँ के बिरुए लहराते।।--दिवस बढ़े हैं शीत घटा है,नभ से कुहरा-धुंध छटा है,पक्षी कलरव राग सुनाते।गेहूँ के बिरुए लहराते।।--काँधों पर काँवड़ें सजी हैं,बम भोले की धूम मची है,शिवशंकर को सभी रिझाते।गेहूँ ... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   1:45am 19 Feb 2020 #बाल गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जाने कहाँ खो गया अपना, आज पुराना गाँव।नहीं रही अपने आँगन में, आज नीम की छाँव।।--घर-घर में हैं टैलीवीजिन, सूनी है चौपाल,छाछ-दूध-नवनीत न भाता, चाय पियें गोपाल,भूल गये नाविक के बच्चे, आज चलानी नाव।नहीं रही अपने आँगन में, आज नीम की छाँव।।--पहले जैसा निश्छल बचपन, नहीं द... Read more
clicks 12 View   Vote 0 Like   1:35am 18 Feb 2020 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--साँसें धोखा दे जाती हैं,साँसों पर विश्वास न करना।सपने होते हैं हरजाई,सपनों से कुछ आस न करना।।--जो कर्कश सुर में चिल्लाते,उनको काग पुकारा जाता।जो खग मधुर गान को गाते,उनका स्वर कलरव कहलाता।हृदयहीन धनवान व्यक्ति से,कभी कोई अरदास न करना।सपने होते हैं हरजाई,सपनों से कुछ आ... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   7:30pm 16 Feb 2020 #मन को कभी उदास न करना
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--दर्द की छाँव में मुस्कराते रहेफूल बनकर सदा खिलखिलाते रहे--हमको राहे-वफा में ज़फाएँ मिलीज़िन्दग़ी भर उन्हें आज़माते रहे--दिल्लगी थी हक़ीक़त में दिल की लगीबर्क़ पर नाम उनका सजाते रहे--जब भी बोझिल हुई चश्म थी नींद सेख़्वाब में वो सदा याद आते रहे--पास आते नहीं, दूर जाते नही... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--कितने हसीन फूल, खिले हैं पलाश मेंफिर भी भटक रहे हैं, चमन की तलाश में--पश्चिम की गर्म आँधियाँ, पूरब में आ गयीग़ाफ़िल हुए हैं लोग, क्षणिक सुख-विलास में--जब मिल गया सुराज तो, किरदार मर गयाशैतान सन्त सा सजा, उजले लिबास में--क़श्ती को डूबने से, बचायेगा कौन अबशामिल हैं नयी पीढ़िय... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   1:31am 15 Feb 2020 #फूल हैं पलाश में
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--सुमनों से करते सभी, प्यार और अनुराग।खेतों में मधुमक्खियाँ, लेने चलीं पराग।।-- आते ही मधुमास के, जीवित हुआ पराग।वासन्ती परिवेश में, रंगों का है फाग।।--उपवन में आकर मधुप, छेड़ रहे हैं राग।आम-नीम के बौर में, जीवित हुआ पराग।।--वासन्ती ऋतु आ गयी, शीत गया है भाग।फूलों का मधुमा... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   7:30pm 13 Feb 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--मात-पिता के चरण छू, प्रभु का करना ध्यान।कभी न इनका कीजिए, जीवन में अपमान।१।--वासन्ती मौसम हुआ, काम रहा है जाग।बगिया में गाने लगे, कोयल-कागा राग।२।--लोगों ने अब प्यार को, समझ लिया आसान।अपने ढंग से कर रहे, प्रेमी अनुसंधान।३।--खेल हुआ अब प्यार का, आडम्बर से युक्त।सीमाओं को ला... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   2:37am 13 Feb 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--हग-डे (आलिंगनदिवस)--आलिंगन के दिवस में, करना मत व्यतिपात।कामुकता को देखकर, बिगड़ जायेगी बात।।--आलिंगन के दिवस पर, लिए अधूरी प्यास।छोड़ स्वदेशी सभ्यता, कामी आते पास।--अपनाओ निज सभ्यता, छोड़ विदेशी ढंग।आलिंगन के साथ हो, जीवनभर का संग।।--पश्चिम के परिवेश की, ले करके हम आड़।... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   2:00am 12 Feb 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--केसरिया को छोड़कर, चढ़ा केजरी रंग।मोह देहली का हुआ, केसरिया से भंग।।--सारे एग्जिटपोल के, सही हुए अनुमान।बी.जे.पी. अध्यक्ष का, टूटा गर्व-गुमान।।--जनता अच्छे काम का, देती है ईनाम।धन-बल पर चलता नहीं, कोई कहीं निजाम।।--लड़ते सभी चुनाव को, मुद्दे लिए अनेक।शासन करता है वही, जिसक... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   9:35am 11 Feb 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--उड़ता था उन्मुक्त कभी जो नीले-नीले अम्बर में।कैद हो गया आज सिकन्दर सोने के सुन्दर घर में।।--अपनी बोली भूल गया है,मिट्ठू-मिट्ठू कहता है,पिंजड़े में घुट-घुटकर जीता,दारुण पीड़ा सहता है,कृत्रिम झूला रास न आता, तोते को बन्दीघर मेंकैद हो गया आज सिकन्दर सोने के सुन्दर घर में।... Read more
clicks 13 View   Vote 0 Like   7:30pm 10 Feb 2020 #नीले-नीले अम्बर में
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
आया है ऋतुराज अब, समय हुआ अनुकूल।बौराये हैं पेड़ भी, पाकर कोमल फूल।।--टेसू अंगारा हुआ, खेत उगलते गन्ध।सपने सिन्दूरी हुए, देख नये सम्बन्ध।।--पंछी कलरव कर रहे, देख बसन्ती रूप।शाखा पर बैठे हुए, सेंक रहे हैं धूप।।--सरसों फूली खेत में, गेहूँ करे किलोल।कानों में पड़ने लगे, कोयल... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   11:47am 10 Feb 2020 #प्रेमदिवस नजदीक
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--बौराई गेहूँ की काया,फिर से अपने खेत में।सरसों पर पीताम्बर छाया,फिर से अपने खेत में।।--नये पात पेड़ों पर आये,टेसू ने भी फूल खिलाये,भँवरा गुन-गुन करता आया,फिर से अपने खेत में।।--धानी-धानी सजी धरा है,माटी का कण-कण निखरा है,मोहक रूप बसन्ती छाया,फिर से अपने खेत में।।--पर्वत कित... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
आया है ऋतुराज अब, समय हुआ अनुकूल।बौराये हैं पेड़ भी, पाकर कोमल फूल।।--टेसू अंगारा हुआ, खेत उगलते गन्ध।सपने सिन्दूरी हुए, देख नये सम्बन्ध।।--पंछी कलरव कर रहे, देख बसन्ती रूप।शाखा पर बैठे हुए, सेंक रहे हैं धूप।।--सरसों फूली खेत में, गेहूँ करे किलोल।कानों में पड़ने लगे, कोयल... Read more
clicks 3 View   Vote 0 Like   10:30am 9 Feb 2020 #प्रेमदिवस नजदीक
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--झाड़ू लेकर हाथ में, साफ करो परिवेश।आम आदमी ने दिया, दिल्ली को सन्देश।।--नेताओं की नीति पर, उठने लगे सवाल।फिर से दिल्ली जीतने, चला केजरीवाल।।--न्यूज चैनलों ने दिए, दिखा पूर्व अनुमान।पुनः केजरीवाल का, सफल हुआ अभियान।।--लोकतन्त्र में धर्म की, विफल हो गयी चाल।दिल्ली का सरता... Read more
clicks 22 View   Vote 0 Like   2:25am 9 Feb 2020 #साफ करो परिवेश
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जीवन में अँधियारा, लेकिन सपनों में उजियाला है।आभासी दुनिया में होता, मन कितना मतवाला है।।--चहक-महक होती बसन्त सी, नहीं दिखाई देती है,आहट नहीं मगर फिर भी, पदचाप सुनाई देती है,वीरानी बगिया को जो, पल-पल अमराई देती है,शिथिल अंग में यौवन की, आभा अँगड़ाई लेती है,कभी नहीं मु... Read more
clicks 4 View   Vote 0 Like   8:30pm 7 Feb 2020 #जालजगत की शाला है
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--पुष्प पुंज रखता सदा, पंखुड़ियों को जोड़।कभी सुमन की पाँखुरी, चटका कर मत तोड़।।--पर्यावरण सुधारना, मानव का दायित्व। बिना पाँखुरी के नहीं, पंछी का अस्तित्व।।--पंखुड़ियों को देखकर, भ्रमर करें गुंजार।करती कोमल पाँखुरी, बिरुओं का शृंगार।।--खुशी सभी को बाँटता, खिलकर हरसिंग... Read more
clicks 2 View   Vote 0 Like   7:30pm 6 Feb 2020 #पंखुड़ियों के रंग
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
सियाह रात है, छाया बहुत अन्धेरा हैअभी तो दूर तलक भी नहीं सवेरा हैअभी तो तुमसे बहुत दिल के राज़ कहने हैंमगर फलक़ पे लगा बादलों का डेरा हैछटेंगी काली घटाएँ तो बोल निकलेंगेगमों के बोझ का साया बहुत घनेरा हैहमारे घोंसलों में जिन्दगी सिसकती हैकुछ दरिन्दों ने आज अपना मुल्क... Read more
clicks 4 View   Vote 0 Like   12:57am 6 Feb 2020 #ग़ज़ल
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--लगा हुआ ठेले पर ढेर।गली-गली में बिकते बेर।।--रहते हैं ये काँटों के संग।मनमोहक हैं बेरों के रंग।।--जो हरियल हैं, वे कच्चे हैं।जो पीले हैं, वे पक्के हैं।।--ये सबके मन को ललचाते।हम बच्चों को बहुत लुभाते।।--शंकर जी को भोग लगाओ।व्रत में तुम बेरों को खाओ।।-- बेरी कितनी गदरायी ... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   8:30pm 4 Feb 2020 #बाल कविता
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जीवन से कम हो गया, एक सुहाना साल।क्या खोया क्या पा लिया, करे कौन पड़ताल।।--मना रहे हैं जन्मदिन, इष्ट मित्र परिवार।अपने-अपने ढंग से, लाये सब उपहार।।--जीवन-साथी चल रहा, थाम हाथ में हाथ।चार दशक से अधिक से, हम दोनों हैं साथ।।--धीरे-धीरे कट गये, ये उनहत्तर साल।प्यार और तकर... Read more
clicks 23 View   Vote 0 Like   8:30pm 3 Feb 2020 #जीवन की ये नाव
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