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Blog: उच्चारण

Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--पाठक-पुस्तक में हमें, करना होगा न्याय।पुस्तक-दिन के सार्थक, होंगे तभी उपाय।।--होगा जब नियमित नहीं, पुस्तक से सम्वाद।तब तक पुस्तक का दिवस, नहीं रहेगा याद।।--जहाँ पुस्तकों से अधिक, बस्ते का हो भार।होगा बच्चों को भला, कैसे इनसे प्यार।।--अभिरुचियाँ समझे बिना, रहे पौध को रोप... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   7:29am 23 Apr 2021 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
अपने जीवन साथी से जो, मन की बात नहीं कर पाया।।दीन-दुखी के मन की पीड़ा, कैसे वो हर पायेगा।। सूखे जीवन-उपवन को जो, नहीं नीर से भर पाया।नयी पौध को वो खेतों में वो, अब कैसे रोपायेगा।।--शोर मचाती ओछी गागर,सूख गया आँखों का सागर,धोखा देता है सौदागर,हालत हुई खराब वतन की,झोली खा... Read more
clicks 36 View   Vote 0 Like   4:35am 21 Apr 2021 #मन की बात नहीं कर पाया
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
नवदुर्गा  तुमको सच्चे मन से ध्याता।दया करो हे दुर्गा माता।।व्रत-पूजन में दीप-धूप हैं,नवदुर्गा के नवम् रूप हैं,मैं देवी का हूँ उद् गाता।दया करो हे दुर्गा माता।। प्रथम दिवस पर शैलवासिनी,शैलपुत्री हैं दुख विनाशिनी,सन्तति का माता से नाता।दया करो हे दुर्गा माता।। ... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--अभी गाँव के देवालय में, बूढ़ा पीपल जिन्दा है।करतूतों को देख हमारी, होता वो शरमिन्दा है।।--बाबू-अफसर-नेता करते, खुलेआम रिश्वतखोरी,जिनका खाते माल, उन्हीं से करते हैं सीनाजोरी,मक्कारी के जालों में, उलझा मासूम परिन्दा है।करतूतों को देख हमारी होता वो शरमिन्दा है।।-- माँ-ब... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   8:30pm 18 Apr 2021 #बूढ़ा पीपल जिन्दा है
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--कल तक रुत थी बहुत सुहानी।अब गर्मी पर चढ़ी जवानी।।चलतीं कितनी गर्म हवाएँ।कैसे लू से बदन बचाएँ?नीबू-पानी को अपनाओ।लौकी, परबल-खीरा खाओ।।--खरबूजा-तरबूज मँगाओ।फ्रिज में ठण्डा करके खाओ।।गाढ़ा करके दूध जमाओ।घर में आइसक्रीम बनाओ।।--कड़ी धूप को कभी न झेलो।भरी दुपहरी में मत ... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   1:31am 18 Apr 2021 #बालकविता
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
लम्बी-लम्बी हरी मुलायम।ककड़ी मोह रही सबका मन।।कुछ होती हल्के रंगों की,कुछ होती हैं बहुरंगी सी,कुछ होती हैं सीधी सच्ची,कुछ तिरछी हैं बेढंगी सी,ककड़ी खाने से हो जाता,शीतल-शीतल मन का उपवन।ककड़ी मोह रही सबका मन।।नदी किनारे पालेजों में, ककड़ी लदी हुईं बेलों पर,ककड़ी ... Read more
clicks 45 View   Vote 0 Like   8:30pm 16 Apr 2021 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--मैं भगवा का समर्थक, मन का बहुत उदार।आँख मूँदकर करता नहीं, नियम-नीति स्वीकार।।--सच्चे मन से चाहता, करे भाजपा राज।लेकिन सही सुझाव हैं, हों जनहित के काज।।--ईश्वर अल्ला एक हैं, ओम कहो या राम। आने जाने का यहाँ, होता एक मुकाम।।--बनी बोलियाँ गोलियाँ, बरसाती पाषाण।दादा प्रत... Read more
clicks 48 View   Vote 0 Like   8:30pm 15 Apr 2021 #मन का बहुत उदार
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--कुम्भ शब्द बहुविकल्पी, जिसके अर्थ अनेक।मन में होना चाहिए, श्रद्धाभाव-विवेक।।--कुम्भराशि में हो गुरू, मेष राशि में सूर्य।तभी चमकती वो धरा, जैसे हो वैदूर्य।।--सागर मंथन में मिला, अमृत का जो पात्र।उसे हड़पने के लिए, पीछे पड़े कुपात्र।।--सुधा कुम्भ को ले उड़ा, नभ में देव जय... Read more
clicks 57 View   Vote 0 Like   8:30pm 14 Apr 2021 #महापर्व में कुम्भ के
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--सबको देते प्रेरणा, माता के नवरूप।निष्ठा से पूजन करो, लेकर दीपक-धूप।।--सच्चे मन से कीजिए, माता का गुण-गान।माता तो सन्तान का, रखती पल-पल ध्यान।।--अभ्यागत को देखकर, होना नहीं उदास।करो प्रेम से आरती, रक्खो व्रत-उपवास।।--शुद्ध बनाने के लिए, आते हैं नवरात्र।ज्ञानी बनने के लिए, ... Read more
clicks 57 View   Vote 0 Like   8:30pm 13 Apr 2021 #माता के नवरूप
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--निर्बल-शोषित वर्ग पर, किया बहुत उपकार।भीम राव अम्बेदकर, नमन तुम्हें शत् बार।।--पढ़ने-लिखने का सदा, मन में रहा जुनून।भारत को तुमने दिया, उपयोगी कानून।।--निर्धनता को देखकर, कभी न मानी हार।जीवनभर करते रहे, दलितों का उद्धार।।--करते माया के लिए, राजनीति का काम।तुमको करते काप... Read more
clicks 59 View   Vote 0 Like   4:41am 13 Apr 2021 #नमन तुम्हें शत् बार
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--खेतों में बिरुओं पर जब, बालियाँ सुहानी आती हैं।जनमानस के अन्तस में तब, आशाएँ मुस्काती हैं।।--सोंधी-सोंधी महक उड़ रही, गाँवों के गलियारों में,खुशियों की भरमार हो रही, आँगन में, चौबारों में,बैसाखी आने पर रौनक, चेहरों पर आ जाती हैं।जनमानस के अन्तस में तब, आशाएँ मुस्काती है... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--करिये नियम-विधान से, नौ दिन तक उपवास।जगदम्बा माँ आपकी, पूर्ण करेंगी आस।।-- शुद्ध आचरण में रहे, उज्जवल चित्र-चरित्र।प्रतिदिन तन के साथ में, मन को करो पवित्र।। --शाकाहारी मनुज ही, पूजा के हैं पात्र।खान-पान में शुद्धता, सिखलाते नवरात्र।।-- माता के नवरात्र हों,&nbs... Read more
clicks 81 View   Vote 0 Like   8:30pm 11 Apr 2021 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
चल पड़े हैं हम सफर में, कैमरा ले हाथ में।कैद करने को नजारे, हमसफर है साथ में।।राह में हमको दिखाई दे गये, फलदार ठेले।रोक करके कार को क्रय कर लिए अंगूर-केले।।लाडली प्राची इन्हें खाती बड़े ही चाव से।आ गये बाबा हमारे शहर, अपने गाँव से।।पुत्र ने स्वागत किया,आशीष हमने भी दिया... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   8:30pm 10 Apr 2021 #♥ फोटोफीचर ♥
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--बावफा के लिए तो नियम हैं बहुत,बेवफाई का कोई नही तन्त्र है।सर्प के दंश की तो दवा हैं बहुत,आदमी के डसे का नही मन्त्र है।।--गन्ध देना ही है पुष्प का व्याकरण,दूध देना ही है गाय का आचरण,तोल और माप के तो हैं मीटर बहुत,प्यार को नापने का नही यन्त्र है।आदमी के डसे का नही मन्त... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--बहारों का भरोसा क्या, न जाने रूठ जायें कब?सहारों का भरोसा क्या, न जाने छूट जायें कब?--अज़ब हैं रंग दुनिया के, अज़ब हैं ढंग लोगों केइशारों का भरोसा क्या, न जाने लूट जायें कब?--चलाना संभलकर चप्पू, नदी की तेज है धारा,किनारों का भरोसा क्या, न जाने घूँट जायें कब  --न कहना राज-ए-दिल ... Read more
clicks 68 View   Vote 0 Like   8:30pm 8 Apr 2021 #न जाने टूट जायें कब
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
समीक्षा"छन्दविन्यास" (काव्यरूप)अर्थात् (काव्य लेखन कुञ्जी)(समीक्षक-डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')      छन्दों के बारे में कलम चलाना बहुत ही कठिन कार्य है। लेकिन विद्वान साहित्यकार डॉ. संजीव कुमार चौधरीने इसे सम्भव कर दिखाया है।        पेशे से प्लास्टिक सर्जन डॉ.... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   8:30pm 7 Apr 2021 #
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--अंगूर के सभी गुण,किशमिश में आ गये हैं।सूखे हुए छुहारे,जग को लुभा गये हैं।।--बूढ़े हुए तो क्या है,मन में भरा है यौवन,गीतों के जाम में ही,ढाला हुआ है जीवन,इस उम्र में भी हम तो,दुनिया को भा गये हैं।सूखे हुए छुहारे,जग को लुभा गये हैं।।--हम तो नवल-नवेले,थाली के हम हैं बेले,काँसे क... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   1:22pm 6 Apr 2021 #जग को लुभा गये हैं
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जब बसन्त का मौसम आता,गीत प्रणय के गाता उपवन।मधुमक्खी-तितली-भँवरे भी,खुश हो करके करते गुंजन।।--पेड़ और पौधें भी फिर से,नवपल्लव पा जाते हैं,रंग-बिरंगे सुमन चमन में,हर्षित हो मुस्काते हैं,नयी फसल से भर जाते हैं,गाँवों में सबके आँगन।मधुमक्खी-तितली-भँवरे भी,खुश हो करके करत... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जीत को पचाने को, हार भी जरूरी हैप्यार को मनाने को, रार भी जरूरी है--घूमते हैं मनचले अलिन्द बाग में बहुतफूल को बचाने को, ख़ार भी जरूरी है--जंग लगे शस्त्र से, युद्ध में विजय कहाँशौर्य को दिखाने को, धार भी जरूरी है--कुम्भ को कुम्हार. थाप मार-मार पीटताशिष्य को सिखाने को, मार भी ज... Read more
clicks 75 View   Vote 0 Like   1:48am 5 Apr 2021 #हार भी जरूरी है
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जीत को पचाने को, हार भी जरूरी हैप्यार को मनाने को, रार भी जरूरी है--घूमते हैं मनचले अलिन्द बाग में बहुतफूल को बचाने को, ख़ार भी जरूरी है--जंग लगे शस्त्र से, युद्ध में विजय कहाँशौर्य को दिखाने को, धार भी जरूरी है--कुम्भ को कुम्हार. थाप मार-मार पीटताशिष्य को सिखाने को, मार भी ज... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   1:48am 5 Apr 2021 #हार भी जरूरी है
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--भटक रहा है आज आदमी, सूखे रेगिस्तानों में।चैन-ओ-अमन, सुकून खोजता, मजहब की दूकानों में।--चौकीदारों ने मालिक को, बन्धक आज बनाया है,मिथ्या आडम्बर से, भोली जनता को भरमाया है,धन के लिए समागम होते, सभागार-मैदानों में।--पहले लूटा था गोरों ने, अब काले भी लूट रहे,धर्मभीरु भक्तों को, ... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   8:30pm 3 Apr 2021 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
 “हिन्दी में रेफ लगाने की विधि”            अक्सर देखा जाता है कि अधिकांश व्यक्ति आधा "र"का प्रयोग करने में बहुत त्रुटियाँ करते हैं। उनके लिए व्याकरण के कुछ सरल गुर प्रस्तुत कर रहा हूँ!         हिन्दी में रेफ  अक्षर के नीचे “र” लगाने के  लिए सदैव यह ध्या... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   8:30pm 2 Apr 2021 #हिन्दी व्याकरण
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--अब समय आ गया सुखनवरो!अपने शब्दों में धार भरो।सोई चेतना जगाने को,जनमानस में हुंकार भरो।।--अनुबन्धों में भी मक्कारी,सम्बन्ध बन गये व्यापारी।जननायक करते गद्दारी,लाचारी में दुनिया सारी।अब नहीं समय शीतलता का,मलयानिल में अंगार भरो।सोई चेतना जगाने को,जनमानस में हुंकार भ... Read more
clicks 78 View   Vote 0 Like   8:30pm 1 Apr 2021 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--मूर्खदिवस हो रहे, भद्दे आज मजाक।प्रथा अनोखी देखकर, लोग हुए आवाक।।--जाने कैसे चल पड़ा, जग में अजब रिवाज।बुद्धिमान मूरख बने, मूर्ख दिवस पर आज।।--अच्छे-अच्छों की हुई, हालत आज विचित्र।उल्लू बन जाना नहीं, मूर्ख दिवस पर मित्र।।--जो कृतज्ञ होते नहीं, वो मूरख इंसान।होता उन... Read more
clicks 61 View   Vote 0 Like   2:34am 1 Apr 2021 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--आज तुम्हारी वर्षगाँठ को,मिल कर सभी मनायेंगे।जन्मदिवस पर प्यारी बिटिया को,हम बहुत सजाएँगे।।--मम्मी-पापा हर्षित होकर,लायेंगे उपहार बहुत,जो तुमको अच्छे लगते हैं,वस्त्र वही दिलवायेंगे।--होली की पिचकारी होंगीं,रंग सलोने भी होंगे,गुब्बारे और खेल-खिलोने,सुन्दर-सुन्दर ला... Read more
clicks 50 View   Vote 0 Like   2:42am 13 Mar 2021 #
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