Hamarivani.com

उच्चारण

बात-बात पर हो रही, आपस में तकरार।रिश्तों-नातों में नहीं, पहले जैसा प्यार।।झगड़ा है सुख के लिए, अब अपनों के बीच।बिन पानी के डूबते, तट पर देखो नीच।।आपाधापी-स्वार्थ में, सिमट गया संसार।हरे-भरे परिवेश से, नहीं किसी को प्यार।।पेड़ घट रहे धरा से, बढ़ता जाता ताप।झेल रहे हम अवश ह...
Tag :पंजी-दस्सी-चवन्नी
  August 18, 2018, 12:40 pm
अटल बिहारी की नहीं, मिलती कहीं मिसाल।लीन हो गया शून्य में, भारत माँ का लाल।।हंस पलायन कर गया, उजड़ गया है नीड़।दर्शन करने देह का, उमड़ी भारी भीड़।।आने-जाने के नहीं, नियत दिवस-तारीख।अटल बिहारी दे गये, सारे जग को सीख।।कथनी-करनी में अटल, सदा रहे अनुरक्त।शब्दों से अलमस्त थे, ...
Tag :उजड़ गया है नीड़
  August 17, 2018, 12:36 pm
सीखो सबक विनाश से, समझो कुछ संकेत। मुखरित होकर कह रहे, बंजर होते खेत।१। सोच-समझकर खोलना, अपनी वाणी मित्र। जिह्वा देती है बता, अच्छा-बुरा चरित्र।२। सपनों की सुन्दर फसल, अरमानों का बीज। किन्तु हकीकत में नहीं, मिलती ऐसी चीज।३। कहीं किसी बाजार में, बिकती नहीं तम...
Tag :बंजर होते खेत
  August 16, 2018, 8:04 am
नागपञ्चमी-हरेला, रक्षाबन्धन-तीज।घर-घर में बनते यहाँ, व्यञ्जन आज लजीज।१।--श्रावण शुक्ला पञ्चमी, बहुत खास त्यौहार।नागपञ्चमी आज भी, श्रद्धा का आधार।२।--महादेव ने गले में, धारण करके नाग।विषधर कण्ठ लगाय कर, प्रकट किया अनुराग।३।--दुनिया को अमृत दिया, किया गरल का पान।जो करते ...
Tag :नागपंचमी-तीज
  August 15, 2018, 12:03 pm
 मुशकिल से हमको मिला, आजादी का तन्त्र।सबको जपना चाहिए, स्वतन्त्रता का मन्त्र।।आजादी के साथ में, मत करना खिलवाड़।तोड़ न देना एकता, ले मजहब की आड़।।मत-मजहब या जाति का, नहीं किया अभिमान।आजादी के समर में, हुए सभी बलिदान।।दुनिया में विख्यात है, भारत का जनतन्त्र। लोकतन्...
Tag :दोहे
  August 14, 2018, 4:17 pm
सीमाओं पर हो रहा, बद से बदतर हाल। रोज काल है लीलता, माताओं के लाल।।जनमानस की है यहाँ, याददाश्त कमजोर। इसीलिए हैं जीतते, लोकतन्त्र में चोर।।नेताओं की बात से, जनता में है रोष। एक दूसरे पर सभी, लगा रहे हैं दोष।।शस्यश्यामला धरा से, नष्ट हो रहे फूल। उपवन में उगने लगे, ...
Tag :दोहे
  August 13, 2018, 11:39 am
सावन आया झूम के, रिमझिम पड़ें फुहार।धानी धरती ने किया, हरा-भरा सिंगार।।आते सावन मास में, कई बड़े त्यौहार।उत्सव प्राणीमात्र के, जीवन के आधार।।साजन सजनी के लिए, होते बहुत अजीज।गिरिजा-शंकर का मिलन, याद दिलाती तीज।।घर-आँगन झूले पड़े, सावन की है तीज।बनते हैं इस वर्व पर, व्यं...
Tag :सावन की है तीज
  August 12, 2018, 6:00 am
जब से सत्ता में बढ़ी, शैतानों की माँग।मुर्गे पढ़ें नमाज को, गुर्गे देते बाँग।।--हुए नशे में चूर सब, पड़ी कूप में भाँग।एक दूसरे की सभी, खीँच रहे हैं टाँग।।--संसद में सब गा रहे, अपने-अपने गीत।यहाँ निठल्ले खा रहे, ठूँस-ठूँस नवनीत।।--बाहर बने कपोत से, भीतर से सब काग।मात्र दिखाव...
Tag :दोहे
  August 11, 2018, 7:38 am
चमकती बिजुरिया चपला,गगन में मेघ हैं छाये।मिटाने प्यास धरती की,जलद जल धाम ले आये।धरा की घास थी सूखी,त्वचा थी राख सी रूखी,हुई घनघोर जब बारिस,नदी-नाले उफन आये।मिटाने प्यास धरती की,जलद जल धाम ले आये।।दिवस में छिप गया सूरज,दबा माटी का उड़ता रज,किसानों के लिए बादल,सुधा का जाम ल...
Tag :लगी है झड़ी सावन की
  August 10, 2018, 3:38 pm
लोगों मेरी बात पर, कर लेना कुछ गौर।ठण्डा करके खाइए, भोजन का हर कौर।।अफरा-तफरी में नहीं, होते पूरे काम।मनोयोग से कीजिए, अपने काम तमाम।।कर्मों से ही भाग्य का, बनता है आधार।कर्तव्यों के बिन नहीं, मिलते हैं अधिकार।।देकर पानी-खाद को, फसल करो तैयार।तब विचार से लाभ क्या, जब हो उ...
Tag :दोहे
  August 9, 2018, 5:30 am
बनी हुई सम्भावना, नियमित-नित्य अनन्त।गली-हाट में बिक रहे, राजनीति के सन्त।नेता बनकर कर रहे, लोग घिनौने काम।इसीलिए तो हो रहा, लोकतन्त्र बदनाम।।बाहर बने कपोत से, भीतर से सब काग।मात्र दिखावे के लिए, अलग-अलग हैं राग।।जब से सत्ता में बढ़ी, शैतानों की माँग।मुर्गे पढ़ें नमा...
Tag :राजनीति के सन्त
  August 8, 2018, 8:05 am
मेरे लिए आज का दिन बहुत दुखद है    आज से ठीक एक माह पूर्व आठ जुलाई, 2018 को मैं अपने बड़े बहनोई श्री रघुनन्दन प्रसाद जी अवकाशप्राप्त प्रवक्ता (हिन्दी) को देखने के लिए मुरादाबाद गया था। उसके 20 दिन पहले वह अपने भतीजे अरविन्द की पुत्री का रिश्ता करने के लिए टनकपुर आये थे...
Tag :दुखद समाचार
  August 7, 2018, 6:20 pm
सावन आने पर धरा, करती है शृंगार।हरा-भरा परिवेश है, सावन का उपहार।१।--चोटी-बिन्दी-मेंहदी, आपस में बतियाय।हर्ष और अनुराग में, सुहागिनें बौराय।२।--तीजों के त्यौहार पर, कर सोलह सिंगार।आज नारियाँ हर्ष से, गातीं मेघ-मल्हार।३।--आँगन में झूले पड़े, झूल रहीं हैं नार...
Tag :सावन का उपहार
  August 7, 2018, 7:32 am
गन्दुमी सी पर्त ने ढक ही दिया आकाश नीला देखकर घनश्याम को होने लगा आकाश पीला छिप गया चन्दा गगन में, हो गया मज़बूर सूरज पर्वतों की गोद में से बह गया कमजोर टीला बाँटती सुख सभी को बरसात की भीनी फुहारें बरसता सावन सुहाना हो गया चौमास गीला   पड़ गये झूले पुराने न...
Tag :सात रंगों से सजा है गगन
  August 6, 2018, 10:17 am
कभी न टूटे मित्रता, आओ लें संकल्प।मित्र शब्द का आज भी, कोई नहीं विकल्प।।कथा-कहानी मित्र की, होती बड़ी विचित्र।कहलाती है मित्रता, पावन और पवित्र।।सबसे पहले जाँचिए, उसका चित्त-चरित्र।यदि गुण हों अनुकूल तब, उसे बनाओ मित्र।।वो ही सच्ची मित्रता, जिसमें होता मेल।गुड्डे-गु...
Tag :दोहे
  August 4, 2018, 5:20 pm
नद-नालों, सरिताओँ को भी,जो खुश होकर अंग लगाती।खेतों की जो प्यास बुझाती,वो पावन गंगा कहलाती।।आड़े-तिरछे और नुकीले,पाषाणों को तराशती है।पर्वत से मैदानों तक जो,अपना पथ खुद तलाशती है।गोमुख से सागर तक जाती।वो पावन गंगा कहलाती।।फसलों को नवजीवन देती,पुरखों का भी तर्पण करती...
Tag :वो पावन गंगा कहलाती
  August 4, 2018, 8:25 am
हमारा ही नमक खाते, हमीं पर वार करते हैं जहर मॆं बुझाकर खंजर, जिगर के पार करते हैं शराफत ये हमारी है, कि हम बर्दाश्त करते हैं नहीं वो समझते हैं ये, उन्हें हम प्यार करते हैं   हमारी आग में तपकर, कभी पिघलेंगे पत्थर भी पहाड़ों के शहर में हम, चमन गुलज़ार क...
Tag :ग़ज़ल
  August 4, 2018, 6:00 am
छात्र और शिक्षक जहाँ, करते उलटे काज। फिर कैसे हो पायेगा, उन्नत देश-समाज।।गंगा का अस्तित्व है, भारत में अनमोल।पावन गंगा-नीर में, मत घोलो विषघोल।।जन-गण-मन को भूलकर, भरते खुद का पेट। मक्कारों ने कर दिया, भारत मटियामेट।।जल अमोल है सम्पदा, मानव अब तो चेत। निर्मल जल के ...
Tag :मत घोलो विषघोल
  August 2, 2018, 10:28 am
सीधा-सादा. भोला-भाला।बच्चों का संसार निराला।। बचपन सबसे होता अच्छा।बच्चों का मन होता सच्चा। पल में रूठें, पल में मानें।बैर-भाव को ये क्या जानें।। प्यारे-प्यारे सहज-सलोने।बच्चे तो हैं स्वयं खिलौने।। बच्चों से नारी है माता।ममता से है माँ का नाता।। बच्चों से ह...
Tag :जय विजय जुलाई-2018
  August 2, 2018, 6:30 am
संस्मरणगुरू सहाय भटनागर बदनाम नहीं रहेसम्बन्धों में हों जहाँ, छोटी-बड़ी दरार।धरती पर कैसे कहें, उसे सुखी परिवार।।जिस प्रकार दुनिया में आने का कोई मुहूर्त नहीं होता, उसी प्रकार दुनिया से जाने का भी कोई समय नहीं होता। मेरे अभिन्न मित्र श्रीगुरू सहाय भटनागर के बारे...
Tag :संस्मरण
  August 1, 2018, 7:29 am
निर्धनता के जो रहे, जीवनभर पर्याय।लमही में पैदा हुए, लेखक धनपत राय।।आम आदमी की व्यथा, लिखते थे जो नित्य।प्रेमचन्द ने रच दिया, सरल-तरल साहित्य।।जीवित छप्पन वर्ष तक, रहे जगत में मात्र।लेकिन उनके साथ सब, अमर हो गये पात्र।।फाकेमस्ती में जिया, जीवन को भरपूर।उपन्यास सम्राट ...
Tag :प्रेमचन्द जयन्ती
  July 31, 2018, 4:11 pm
संस्मरणसम्बन्धों में हों जहाँ, छोटी-बड़ी दरार।धरती पर कैसे कहें, उसे सुखी परिवार।।     आज बहुत ही भारी मन से यह संस्मरण साझा कर रहा हूँ। मुझसे 11 वर्ष बड़े श्री गुरू सहाय भटनागर तैंतालिस वर्षों से मेरे अभिन्न मित्र हैं। सन 1975 में जब मैं नैनीताल जिले की तराई में स्...
Tag :गुरू सहाय भटनागर
  July 31, 2018, 12:22 pm
संस्मरणसम्बन्धों में हों जहाँ, छोटी-बड़ी दरार।धरती पर कैसे कहें, उसे सुखी परिवार।।     आज बहुत ही भारी मन से यह संस्मरण साझा कर रहा हूँ। मुझसे 11 वर्ष बड़े श्री गुरू सहाय भटनागर तैंतालिस वर्षों से मेरे अभिन्न मित्र हैं। सन 1975 में जब मैं नैनीताल जिले की तराई में स्...
Tag :गुरू सहाय भटनागर
  July 31, 2018, 12:22 pm
सावन आया रे.... मस्ती लाया रे....!सावन आया रे.... मस्ती लाया रे....!साजन ला दो चोटी-बिन्दी, काजल काली-काली,क्रीम-पाउडर के संग में, ला दो होठों की लाली,सावन आया रे.... मस्ती लाया रे....!तन भी भीगा, मन भी भीगा, भीगा मेरा आँचल,कजरारी अँखियों में सुन्दर लगता सबको काजल,सावन आया रे.... म...
Tag :गीत
  July 30, 2018, 10:49 am
पूज्य पिता जी आपको श्रद्धापूर्वक नमन।2014 में आज ही के दिन आप विदा हुए थे।-- पूज्य पिता जी आपका, वन्दन शत्-शत् बार।बिना आपके हो गया, जीवन मुझ पर भार।।एक साल बीता नहीं, माँ भी गयी सिधार।बिना आपके हो रहा, दुखी बहुत परिवार।।--बचपन मेरा खो गया, हुआ वृद्ध मैं आज।सोच-समझ...
Tag :छूट गया है साथ
  July 29, 2018, 7:40 am
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3801) कुल पोस्ट (179758)