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Blog: उच्चारण

Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
भूमिकाशिक्षा और संस्कार से ओत-प्रोतबालकृति ‘खिलता उपवन’         वरिष्ठ लेखक, कवि, दोहा विशेषज्ञ, बाल साहित्यकार डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री‘मयंक’के बाल-कविता संग्रह‘खिलता उपवन’की भूमिका लिखने के लिएमुझे पाण्डुलिपि प्राप्त हुई और उसे पढ़ने का सौभाग्य मुझ... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   7:30pm 1 Jul 2020 #बालकृति ‘खिलता उपवन’
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--आये थे हरि भजन को, ओटन लगे कपास। कैसे जीवन में उगे, हास और परिहास।।--बन्धन आवागमनका, नियम बना है खास। अमर हुआ कोई नहीं, बता रहा इतिहास।।--निर्बल का मत कीजिए, कभी कहीं उपहास। आँधी में तूफान में, जीवित रहती घास।।--तुलसी-सूर-कबीर की, मीठी-मीठी तान। निर्गु... Read more
clicks 4 View   Vote 0 Like   7:30pm 30 Jun 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
पथ पर आगे बढ़ते-बढ़ते, पाषाणों से प्यार हो गयाजीवन का दुख-दर्द हमारे, जीने का आधार हो गया--पत्थर का सम्मान करो तो, देवदिव्य वो बन जायेगापर्वतमालाओं में उपजा, धरती का अवतार हो गया--प्राण बिना तन होता सबका, केवल माटी का पुतला हैजीव आत्मा के आने से, श्वाँसों का संचार हो गया--गु... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   7:30pm 29 Jun 2020 #जीने का आधार हो गया
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--कहना है ये दरबारों से  पेट नहीं भरता नारों से --सूरज-चन्दा में उजास हैकाम नहीं चलता तारों से--आम आदमी ऊब गया हैआज दोगले किरदारों से--दरिया पार नहीं होता हैटूटी-फूटी पतवारों से--कोरोना की बीमारी मेंरौनक गायब बाजारों से--ईँधन पर महँगाई क्यों हैलोग पूछते सरकारों से--जनसेव... Read more
clicks 9 View   Vote 0 Like   7:30pm 28 Jun 2020 #फूल हो गये अंगारों से
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
मित्रों!मेरा दोहा संग्रह "नागफनी के फूल"छपकर आ गया हैप्रस्तुत है आदरणीय जयसिंह आशावत जी के द्वारालिखी गयी भूमिका।‘‘नागफनी के फूल’’ अनुपम दोहा कृति                हिन्दी साहित्य में दोहा छन्द का अपना गौरवशाली इतिहास है। सन्तों की वाणी से निकले सं... Read more
clicks 12 View   Vote 0 Like   7:30pm 27 Jun 2020 #भूमिका
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--चिट्ठी-पत्री का युग बीता, आया है अब नया जमाना।मुट्ठी में सिमटी है दुनिया,छूट गया पत्रालय जाना।।--रंग-ढंग नवयुग में बदले,चाल-ढाल भी बदल गयी है।मंजिल पहले जैसी ही है,मगर डगर तो बदल गयी है।जिसको देखो वही यहाँ पर,मोबाइल का हुआ दिवाना।मुट्ठी में सिमटी है दुनिया,छूट गया पत्र... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
तितली आई! तितली आई!!रंग-बिरंगी, तितली आई।।कितने सुन्दर पंख तुम्हारे।आँखों को लगते हैं प्यारे।।फूलों पर खुश हो मँडलाती।अपनी धुन में हो इठलाती।।जब आती बरसात सुहानी।पुरवा चलती है मस्तानी।।तब तुम अपनी चाल दिखाती।लहरा कर उड़ती बलखाती।।पर जल्दी ही थक जाती हो।दीवारों ... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   7:30pm 25 Jun 2020 #रंग-बिरंगी तितली आई
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--सागर में से भर कर निर्मल जल को लाये हैं।झूम-झूम कर नाचो-गाओ, बादल आये हैं।।--गरमी ने लोगों के तन-मन को झुलसाया है,बहुत दिनों के बाद मेघ ने दरस दिखाया है,जग की प्यास बुझाने को ये छागल लाये हैं।झूम-झूम कर नाचो-गाओ, बादल आये हैं।।--नाच रहे पेड़ों के पत्ते, पुरवैया के झोंक... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   7:30pm 24 Jun 2020 #नभ पर बादल छाये हैं
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
नभ में छाये काले बादल।मन भरमाते काले बादल।।दिन में छाया है अँधियारा,बादल से सूरज है हारा,बौराये हैं काले बादल।मन भरमाते काले बादल।।चपला चम-चम चमक रही है,आसमान मॆं दमक रही है,बरस रहे हैं काले बादल।मन भरमाते काले बादल।।बादल होते हैं मतवाले,जीवन जग को देने वाले,बारिश ला... Read more
clicks 12 View   Vote 0 Like   7:30pm 23 Jun 2020 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--महक लुटाते कानन पावन नहीं रहेगोबर लिपे हुए घर-आँगन नहीं रहे--आज आदमी में मानवता सुप्त हुईगौशालाएँ भी नगरों से लुप्त हुईदाग लगे हैं आज चमन के दामन मेंवैद्यराज सा नीम नहीं है आँगन मेंताल और लय मनभावन नहीं रहेगोबर लिपे हुए घर-आँगन नहीं रहे--यौवन आने से पहले सूखी डालीलुटी-... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--सात सुरों के योग से, बन जाता संगीत।योग हमारी सभ्यता, योग हमारी रीत।१।--अगर चाहते आप हो, पास न आये रोग।रोज सुबह कर लीजिए, ध्यान लगा कर योग।।मत-मज़हब का है नहीं, जिससे कुछ अनुबन्ध।रखना ऐसे योग से, जीवन भर सम्बन्ध।।मधुर कण्ठ से ही सदा, अच्छा लगता गीत।योग हमारी सभ्यता, योग हम... Read more
clicks 29 View   Vote 0 Like   11:30am 20 Jun 2020 #दोहागीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
उम्र की अब मेजबानी हो गयीसुर्ख काया जाफरानी हो गयीसोच अब अपनी सयानी हो गयीचदरिया अब तो पुरानी हो गयीज़िन्दग़ी की मेहरबानी हो गयीइश्क की पूरी कहानी हो गयीझुर्रियाँ पड़ने लगीं अब जिस्म मेंखून की मद्धम रवानी हो गयीअब नहीं कुछ 'रूप'के ज़लवे रहेखत्म अब सारी जवानी हो गयी--... Read more
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--पल-पल रंग बदल रहा, चीन चल रहा चाल।क्रोधित अब भारत हुआ, देख समय विकराल।।--करके शस्त्र प्रयोग को, बैरी को दो मार।सेना को सरकार ने, दिये सभी अधिकार।।--बदला लेने के लिए, मत करना अब देर।वीर सौनिकों चीन को, करना होगा ढेर।।--अभिमानी के मान का, मर्दन है संकल्प।एकमात्र अब युद्ध का, ब... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   1:43am 18 Jun 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--जीवन !दो चक्रकभी सरलकभी वक्र,--जीवन !दो रूपकभी छाँवकभी धूप--जीवन!दो रुखकभी सुखकभी दुःख--जीवन !दो चक्रकभी सरलकभी वक्र,--जीवन !दो रूपकभी छाँवकभी धूप--जीवन!दो रुखकभी सुखकभी दुःख--जीवन !दो खेलकभी जुदाईकभी मेल--जीवन !दो ढंगकभी दोस्तीकभी जंग--जीवन !दो आसकभी तमकभी प्रकाश--जीवन !दो स... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   6:53am 16 Jun 2020 #जीवन
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
जीवन की हकीकत का, इतना सा है फसानातब तक जहाँ में रहना, जब तक है आबोदानासुख के सभी हैं साथी, दुख का कोई न संगीहोते हैं गमजदा जब, हँसता है तब जमानाघर की तलाश में जो, दर-दर भटक रहे हैंखानाबदोश को तो, मिलता नहीं ठिकानाअपना नहीं बनाया, रहने को आशियानालेकिन लगा रहा है, वो रोज शामिय... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   12:30pm 15 Jun 2020 #ग़ज़ल
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--आज बहुत है नया-नवेला,कल को होगा यही पुराना।जीवन के इस कालचक्र में,लगा रहेगा आना-जाना।।--गोल-गोल है दुनिया सारी,चन्दा-सूरज गोल-गोल है।गोल-गोल में घूम रहे सब,गोल-गोल की यही पोल है।घूम-घूमकर, सारे जग को,बना रहा है काल निशाना।जीवन के इस कालचक्र में,लगा रहेगा आना-जाना।।--दिन द... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   12:32am 15 Jun 2020 #साथ नहीं कुछ जाना
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--रिमझिम-रिमझिम पड़ीं फुहारे।बारिश आई अपने द्वारे।।--तन-मन में थी भरी पिपासा,धरती का था आँचल प्यासा,झुलस रहे थे पौधे प्यारे।बारिश आई अपने द्वारे।।--आँधी आई, बिजली कड़की,जोर-जोर से छाती धड़की,अँधियारे ने पाँव पसारे।बारिश आई अपने द्वारे।।--जल की मोटी बूँदें आयी,चौमासे ने ... Read more
clicks 13 View   Vote 0 Like   11:30am 13 Jun 2020 #बालगीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--उपमा में उपमान का, नहीं हो रहा मेल।दोहे रचना समझते, लोग आजकल खेल।।--शब्द चुटीले हैं नहीं, कोरी बनी लिखास।गुणवत्ता का हो रहा, इसीलिए तो ह्रास।।--छन्दबद्ध रचना हुई, नवयुग में उपहास।हिन्दी का कैसे भला, होगा आज विकास।।--लिखकर अपने गद्य को, कविता कहते लोग।कोरोना सा बन गया, लाइ... Read more
clicks 27 View   Vote 0 Like   1:02am 11 Jun 2020 #बौने हुए गिरित्र
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--गुरुओं की तो हो गयी, नवयुग में ये रीत।शिष्यों से नफरत करें, शिष्याओं से प्रीत।।--मतलब के हैं अब गुरू, मतलब के ही शिष्य।दोनों इसी जुगाड़ में, कैसे बने भविष्य।।--सम्बन्धों की आज तो, हालत बड़ी विचित्र।नहीं रहे गुरु-शिष्य अब, पावन और पवित्र।।--साथ बैठ गुरु-शिष्य जब, छलकाते ह... Read more
clicks 25 View   Vote 0 Like   10:28am 9 Jun 2020 #शिष्याओं से प्रीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--काम कलम का बोलता, नहीं बोलता नाम।छोड़ मान-व्यामोह को, करते रहना काम।।--लोगों में सम्मान की, लगी हुई है होड़।करते लोग खुशामदें, मसी-लेखनी छोड़।।--दिल पर करते असर हैं, दिल से निकले भाव।बिना कलम के आसरे, पार न होगी नाव।।--प्रतिभाओं का हो रहा, दुनिया में अपमान।क्रय करते कुछ लो... Read more
clicks 20 View   Vote 0 Like   4:14am 5 Jun 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--पेड़ लगाना धरा पर, मानव का है कर्म।पर्यावरण सुधारना, हम सबका है धर्म।।--हरितक्रान्ति से मिटेगा, धरती का सन्ताप।पर्यावरण बचाइए, बचे रहेंगे आप।।--प्राणवायु का पेड़ ही, होते हैं आधार।पेड़ लगाकर कीजिए, धरती का सिंगार।।--पेड़ भगाते रोग को, बनकर वैद्य-हकीम।प्राणवायु... Read more
clicks 24 View   Vote 0 Like   7:30pm 4 Jun 2020 #पर्यावरण दिवस
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--मधुर पर्यावरण जिसने, बनाया और निखारा है,हमारा आवरण जिसने, सजाया और सँवारा है।बहुत आभार है उसका, बहुत उपकार है उसका,दिया माटी के पुतले को, उसी ने प्राण प्यारा है।।--बहाई ज्ञान की गंगा, मधुरता ईख में कर दी,कभी गर्मी, कभी वर्षा, कभी कम्पन भरी सरदी।किया है रात को ... Read more
clicks 43 View   Vote 0 Like   12:24am 4 Jun 2020 #पर्यावरण का नियन्ता
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--पीला-पीला और गुलाबी,रूप सभी को भाया है।लू के गर्म थपेड़े खाकर,फिर कनेर मुस्काया है।।--आया चलकर खुला खजाना,फिर से आज कुबेर का।निर्धन के आँगन में पनपा,बूटा एक कनेर का।कोमल और सजीले फूलों ने,मन को भरमाया है।लू के गर्म थपेड़े खाकर,फिर कनेर मुस्काया है।।--कितनी शीतलता देती ... Read more
clicks 26 View   Vote 0 Like   1:12am 2 Jun 2020 #गीत
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--गघे नहीं खाते जिसे, तम्बाकू वो चीज।खान-पान की मनुज को, बिल्कुल नहीं तमीज।।--रोग कैंसर का लगे, समझ रहे हैं लोग।फिर भी करते जा रहे, तम्बाकू उपयोग।।--खैनी-गुटका-पान का, है हर जगह रिवाज।गाँजा, भाँग-शराब का, चलन बढ़ गया आज।।--तम्बाकू को त्याग दो, होगा बदन निरोग।जी... Read more
clicks 25 View   Vote 0 Like   1:41am 31 May 2020 #दोहे
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
--पत्रकारिता दिवस पर, होता है अवसाद।गुणा-भाग तो खूब है, मगर नहीं गुणवाद।।--पत्रकारिता में लगे, जब से हैं मक्कार।छँटे हुओं की नगर के, तब से है जयकार।।--समाचार के नाम पर, ब्लैकमेल है आज।विज्ञापन का चल पड़ा, अब तो अधिक रिवाज।।--पीड़ा के संगीत में, दबे खुशी के बोल।देश-वेश-प... Read more
clicks 28 View   Vote 0 Like   12:23am 30 May 2020 #दोहे
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