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यथार्थ : View Blog Posts
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यथार्थ

                   नितिन को निधि की बहुत चिंता हो रही थी कि प्रसव के बाद कैसे सभाँल पायेगी वह दो दो बच्चों को ? उसका दिमाग चारों तरफ दौड़ रहा था कि आखिर किसको बुलायें ?  माँ बीमार रहती है , बहनों के अपने परिवार हैं और बच्चे पढ़ने वाले हैं । संयुक्त परिवार में बचपन जि...
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  August 2, 2017, 7:13 pm
                          रमेश बार के बाहर साहब का इन्तजार कर रहा था और बार बार घडी भी देख रहा था।  सुनीता ने कहा था कि  जल्दी आ जाना आठ बजे तक चाँद निकल आएगा तो पूजा तो तभी करेगी न जब वो वहां पहुँच जाएगा। रोज की बात होती तो चाहे जब पहुँच जा...
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  October 19, 2016, 1:40 pm
                            जीवन में एक बच्चे का होना बहुत जरूरी है लेकिन अगर इसके  हम पीछे झांक कर देखें तो सिर्फ एक बच्चे का होना और न होना किसी की जिंदगी को बदल कर रख देता है।  ये हमारी अपरिपक्वता की निशानी ही कही जायेगी। जीवन में स...
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  November 5, 2015, 7:49 pm
                   अजय की इच्छा है कि इस जन्मदिन पर कुछ अलग तरह से उनको जन्मदिन की शुभकामनाएं मिलें और उसको संचित कर रखा जा सके लेकिन यह जिन पलों को मैं यहाँ अंकित करने जा रही हूँ वह सिर्फ अजय के लिए नहीं मेरे लिए भी बहुत ही आत्मिक और अभिभूत  करने व...
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  October 29, 2015, 3:09 pm
                    मेरी काम वाली छुट्टी पर गयी तो एक दूसरी को अपनी जगह काम करने के लिए रखवा गयी। वह उसकी कोई रिश्तेदार थी. एक दिन सुबह आकर वह मुझसे बोली - 'दीदी आपके सामने वाले बड़े अच्छे बाबूजी है , मैं रोज गाय को सब्जी के छिलके और रोटी खिलाते हुए दे...
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  May 6, 2015, 1:03 pm
                             ये कहानी कुछ समय पुरानी है , लेकिन सच है और पता नहीं क्यों मुझे लगता है कि साल में एक बार पितृ पक्ष में इसको जरूर पब्लिश करूँ। पंडित जी श्राद्ध करवा रहे थे कि जजमान के बड़े भाई का नौकर आया और बोला,  "पंडित जी, ...
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  February 24, 2015, 8:54 pm
           जीवन में बेटे अपना फर्ज निभाते है और अपने माता-पिता या फिर अपने पालने वाले की देखभाल करते हैं और हमारे सामाजिक मूल्यों के अंतर्गत यही न्यायसंगत माना जाता है. लेकिन बदलते हुए परिवेश और सामाजिक वातावरण में बेटे इस कार्य को न भी करें तो कोई अचरज की ब...
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  January 20, 2015, 5:53 pm
                                      इसे ही हम समाज कहते हैं , जो अच्छा हो तो भी उसमें कुछ बुराई खोजने की आदत , कुछ गलतफहमियां पैदा करने की बात , कुछ कहावतों का सहारा लेकर उनको सत्य सिद्ध करने की आदत या फिर चिता की आग में हाथ स...
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  October 1, 2014, 4:24 pm
                                     कहते है न कि कुछ चीजें इंसान अपनी मेहनत और प्रयास से हासिल कर लेता है लेकिन कुछ वह चाह कर भी नहीं पा सकता है। मुझे २३ साल पहले तो पापा के निधन की खबर तक नहीं मिली क्योंकि उस समय फ़ोन इतने कॉम...
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  September 22, 2014, 1:16 pm
                                 जीवन के कितने रंग देखे ? हर बार चमकते हुए रंग , खिलखिलाते हुए पल कम ही नजर आये। ऊपर से पोते गए रंग और खोखली ओढ़ी गयी हंसी तो बहुत दिखाई  अंदर झांक कर देखने वाले भी तो कम ही मिलते और उनके दर्द को समझने ...
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  September 4, 2014, 5:06 pm
                    लिखना तो बहुत कुछ चाहती हूँ लेकिन समय हर जगह देर करवा देता है।  ये चरित्र जो मेरे जीवन में बस स्टॉप से जुड़े बहुत महत्वपूर्ण और नारी संघर्ष की एक बानगी है।  हो सकता है कि हमारे कुछ मित्रों को ये काल्पनिक लगे लेकिन जिसने जीवन का जो पहलू नहीं ...
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  August 21, 2014, 5:16 pm
                                      जन्म से लेकर आज तक कितने प्रमाण पत्र मिलते हैं और हर बात को साबित करने के यही एक मात्र साधन होता है।  जन्म प्रमाण पत्र , विवाह प्रमाण पत्र , शिक्षा के प्रमाण पत्र , निवास प्रमाण पत्र , जा...
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  August 20, 2014, 4:38 pm
                                   हम बहुत आगे जा रहे हैं और इसमें कोई शक भी नहीं है लेकिन क्या हम अपनी मानसिकता से भी उतने ही आगे बढ़  पा रहे हैं या नहीं। कभी कभी ऐसी घटनाएँ सामने आती हैं कि सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि  आज भ...
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  August 18, 2014, 4:18 pm
                     हम अगर चाहें कि किसी चीज की हद बना दें तो उसको तोड़ने वाले बहुत  मिल जाते हैं।  एक हकीकत कही  थी मैंने  विडम्बना( http://kriwija.blogspot.in/2014/07/blog-post.html ) लेकिन उसके आगे की हदें आज देखी तो लगा कि कोई हद नहीं इंसान के खून को सफेद होने की।    ...
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  July 17, 2014, 1:47 pm
                        बरसों की सफर ने इतने  लोगों से मिलाया और अलग कर दिया।  कुछ चहरे आज भी याद है और कुछ ऐसे लोग थे कि वे जीवन भर याद रहेंगे।  अपनी जीवन शैली , जीवटता और संघर्ष के माद्दे को लेकर।  एक थी नीरू शर्मा - वो मेरी बस से नहीं जात...
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  July 14, 2014, 3:20 pm
                                        ये कहानी बनी तो बस स्टॉप से नहीं लेकिन  इसके बारे में सब कुछ बस स्टॉप से ही सुनाने वाले मिलते रहे क्योंकि रजनी को तो मैंने वर्षों बाद जाना।  वो एक सीधी सादी महिला थी। उनके बारे...
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  July 11, 2014, 3:27 pm
आई आई टी सैक बस स्टॉप                                                एक मध्यम वर्गीय इंसान के लिए बस स्टॉप एक  ऐसी जगह है , जहाँ से सब चल देते है गंतव्य को और फिर वापस अपने घर को।  हाँ आने और जाने के ये  बस स्टॉप अलग अलग होते हैं और जान...
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  July 9, 2014, 4:28 pm
                                             जीवन कर्मभूमि है और इस पर कर्म सभी करते हैं - फिर चाहे वे धर्म और नीति संगत हों या फिर असंगत।  सब अपने घर परिवार के लिए ही कमाते हैं भले ही उनका तरीका कोई भी हो लेकिन वह त...
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  July 5, 2014, 2:32 pm
                                    आज अम्मा की तृतीय पुण्यतिथि है लेकिन लगता है कि कल तक तो अम्मा हमारे साथ थी।  वह नहीं हैं तो क्या कुछ बातें ऐसी हैं जो हमें उनकी याद उस अवसर पर जरूर ही दिला जाती है।           ...
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  January 2, 2014, 3:43 pm
            २२ वर्ष  बाबूजी को गए हुए ,  लेकिन वे अपने स्वभाव और सिद्धांतों से हमारे साथ आज भी हैं।  आत्मनिर्भर , कर्मठ और स्पष्टवादी  होने के कारण वे अपनी अलग छवि रखते थे।  कानपूर के उर्सला हॉर्समैन हॉस्पिटल में फार्मासिस्ट के पद पर जीवन भर काम किया...
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  October 20, 2013, 3:24 pm
                      आज घर में  बाबू जी का श्राद्ध  है ,  कल शाम ही  जेठ जी ने  कह दिया था कि  सुबह जल्दी आ  जाना।  सुनीता  सुमित तो आदेश का पालन करने में अपना धर्म समझते आ रहे हैं।   जब तक अम्मा थी कुछ ठीक था लेकिन उनके जाते ही - दो ...
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  October 6, 2013, 1:37 pm
मेरी एक सहेली वर्षों तक मेरे साथ काम करती आ रही थी।  हम एक दूसरे के साथ करीब २४ साल काम किया है।  उनकी मानसिकता से  मैं परिचित तो अच्छी तरह हूँ।  उन्होंने अपनी बेटी की शादी अंतर्जातीय की और बेटे की खुद खोज कर सजातीय।  फिर शुरू हुआ उनके परिवार में शादी का सिलसिला।...
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  September 30, 2013, 6:51 pm
                          गुरु हमें वह सब देता है जिसकी हमें जरूरत होती है . मानव तो जीवन में दिशाहीन सा जीता रहता है कुछ  भौतिकता को ही जीवन का सत्य मान कर  आगे बढ़ जाते हैं .  वह गुरु जो मानव को  देता एक ऐसी दृष्टि   देता  है , जिससे वह...
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  July 22, 2013, 4:39 pm
                                  अपने जीवन में बहुत सारे लोगों से  हुआ . बहुत से लोगों की गुत्थियों को सुलझाया , दिशा दी या फिर कुछ इस तरह से जीवन में शामिल हो गए कि जैसे वे मेरे बहुत अपने हों लेकिन इस बार कुछ ऐसा हुआ कि&n...
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  July 5, 2013, 4:37 pm
                      चित्र गूगल के साभार                         माँ मेरी प्यारी माँ शायद तुम्हें मालूम भी नहीं होगा  कि आज "मातृ दिवस " है और मैं तुमसे बहुत दूर सात समंदर पार पड़ी हूँ  और आँसू बहा रही हूँ क्योंकि मैं तुमसे बात भी तो नहीं कर सकती हूँ .  उम्र के चलते  तुमको कम सुनाई देता है ...
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Tag :मातृ दिवस
  May 12, 2013, 6:20 am
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