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Blog: हमको ये दश्त पार करना था।

Blogger: आकर्षण
यूं गले लगना है रुसवाई यहां।कर निगाहों से पजीराई यहां।।नेकियों के नाम की परछाइयां।खूब बिकती है मसीहाई यहां।।चंद लफ़्ज़ों से रंगे हैं उनके खत।दिल के खूं की रोशनाई है यहां।।क्यों सिमटते जा रहे हो खुद में तुम।अब चलन में बेहयाईहै यहां।।पोंछ माथे से पसीना, बैठ जा।तेरे ... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   6:53pm 18 Oct 2019 #
Blogger: आकर्षण
एक कहानी जिंदगी एक और तुम फिर वही झूठी कहानी और तुम। इश्क़,ग़म,सारे फ़साने बोझ हैं एक जीवन,आरजू एक, और तुम। ये कोई इल्जाम से... Read more
clicks 33 View   Vote 0 Like   6:08pm 16 Oct 2019 #
Blogger: आकर्षण
जमाना उसकी आँखों में खुदाया ढूंढ लेता है। मोहब्बत के लिखावट की स्याही ढूंढ लेता है।। मैं काफिर हूँ, मुझे उसकी निगाहों सí... Read more
clicks 30 View   Vote 0 Like   6:06pm 16 Oct 2019 #
Blogger: आकर्षण
तेरी नादानियों का बोझ दिल पर ले के चलना है। तेरी हर बात पर अब उम्र भर खामोश रहना है।। तेरी मासूमियत पे जीने वाला इक खुदा हो&... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   6:04pm 16 Oct 2019 #
Blogger: आकर्षण
मेरी प्रेम कहानी मेंमैं ही बेवफ़ा औरमैं ही बावफा।खुद से प्यार कियाखुद को ही धोखा दिया।कहानी मुझसे ही शुरूकहानी मुझपे &... Read more
clicks 32 View   Vote 0 Like   5:38pm 16 Oct 2019 #
Blogger: आकर्षण
एक तो तेरी याद, ऊपरसे ये जिंदगी बेतरतीब।कर लूंगा मैं खुद से बातें, ऐसी वैसी बेतरतीब।।शेरों के किस गुलदस्ते को, अपनी गज़ल... Read more
clicks 36 View   Vote 0 Like   2:42am 12 Oct 2019 #
Blogger: आकर्षण
कोई कहता है राम बनोकोई कहता मत रावण बन ।कोई कहता मत बुरा बनोकोई कहता कर बुरा अंत।रावण हर एक के मन में हैहर एक के मन में बसे र... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   5:47pm 8 Oct 2019 #
Blogger: आकर्षण
समंदर आँख से ख्वाबों कोओझल कर नहीं सकता ।समंदर खुद के एहसासों से बोझिल होनहीं सकता ।।ये वो शै है जिसे रुसवाइयाँ मिलती हí... Read more
clicks 33 View   Vote 0 Like   3:28pm 7 Oct 2019 #
Blogger: आकर्षण
1समंदर खुद कभी कोई कहीं कश्ती डुबोता है?सभी का गम सलीके से कलेजे में संजोता है।जो मिलने आ गयी उसको कभी ये ना नहीं कहता समंदर इस तरह नदियों से हर रिश्ता निभाता है।2बिना दरिया समंदर का, न होना क्या औ होना क्या?बिना कश्ती समंदर के कलेजे का धड़कना क्या?कि दरिया और कश्ती, सब स... Read more
clicks 79 View   Vote 0 Like   12:47pm 2 Mar 2019 #
Blogger: आकर्षण
एक अकेले दीपक से दिवाली नहीं होती।दिवाली होती हैअनगिन छोटे छोटे दीयों से।अंधेरे को दूर तो कोई भी भगा सकता है।बल्ब, ट्यूब, एलईडी और न जाने क्या क्या?मगर इस रोशनी से जश्न नहीं होता।जश्न तो तब होता हैजब, छोटा से छोटा दीपककंपकंपाते लौ के साथएक दूसरे के हाथ में हाथ डालेअपने ... Read more
clicks 92 View   Vote 0 Like   12:29pm 6 Nov 2018 #
Blogger: आकर्षण
चिरागों का ये मौसम है, चिरागों को मचलने दो।वो लौ इठला रही देखो, लहरने दो, संवरने दो।।अमावस की अंधेरी रात, यूँ रोशन नहीं होती।जवानी,जोश,जज़्बा और अल्हड़पन निखरने दो।।                                                      &nb... Read more
clicks 82 View   Vote 0 Like   12:25pm 6 Nov 2018 #
Blogger: आकर्षण
नज़र जिस सिम्त जाती है, चिरागों के समंदर हैं।जिसे तू ढूंढता हर पल, वो तेरे मन के अंदर है।।अंधेरी रात है तन्हा, औ कालापन भी तन्हा है।उजाला उर में भर देखो, नहीं तन्हा ये अम्बर है।।            -गिरि।... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   12:23pm 6 Nov 2018 #
Blogger: आकर्षण
थोड़ी सुननी, बहुत सुनाानी है।रात है, नींद है, कहानी है।।सबको मदहोश कर गयी है वो।एक खुशबू जो ज़ाफरानी है।।इश्क में मुस्कुराने की ज़िद है।अपनी तो बस ही नादानी है।।मौत आये, सुकून मिल जाये।उसका पहलू, मेरा पेशानी है।।आ गये तर्के-ताल्लकु के दिन।फिर छिड़ी नरगिसी कहानी है।।... Read more
clicks 193 View   Vote 0 Like   11:49am 17 Sep 2018 #
Blogger: आकर्षण
कभी कातिल, कभी महबूब, कभी मसीहा लिक्खा। हमने उनको बेखुदी में खुद न जाने क्या  लिक्खा।।इम्तिहाने-जीस्त में हासिलसिफर, पर क्या गिला?उसको उतने अंक मिलेजिसने जैसा परचा लिक्खा।।लाखों दस्तक पर भी तेरा, दरवाजा तो बंद रहा।जाते जाते दर पे तेरे, अपना नाम पता &nb... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   11:34am 17 Sep 2018 #
Blogger: आकर्षण
छोड़के मुझको मेरे दर से जब तू निकला था।जैसे आकाश फटे, खूं जिगर से निकला था।।किसी की न सुनी, सब की जान ले के गया।वो जो इक तीर सा तेरी नजर से निकला था।।सदियों तक मेरे जेहन में गूंजता ही रहा।कठिन सवाल सा, जो लब से तेरे निकला था।।मेरी आँगन में अँधेरा, जग को रोशन कर गया।वो जो जुग... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   11:45am 30 May 2017 #
Blogger: आकर्षण
मुझसे थोड़ा तो प्यार करना था।एक बार ऐतबार करना था।।दिल को बस जार जार करना था।कुछ तो ऐसे निबाह करना था।।साथ रिश्तों का ऐतबार लिये।हमको ये दश्त पार करना था।।जमीं पर उतर के चाँद आये।ऐसी शब् का चुनाव करना था।।गम-ए-दौरां बिठा के डोली में।रोज खुद को कहार करना था।।याद में जो... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   11:33am 8 May 2017 #
Blogger: आकर्षण
कभी कातिल, कभी महबूब, कभी मसीहा लिक्खा। हमने उनको बेखुदी में खुद न जाने क्या  लिक्खा।।इम्तिहाने जीस्त में हासिल सिफर, पर क्या गिला?उसको उतने अंक मिले जिसने जैसा परचा लिक्खा।।लाखों दस्तक पर भी तेरा दरवाजा तो बंद रहा।जाते जाते दर पे तेरे, अपना नाम पता&nb... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   12:08pm 5 Dec 2016 #
Blogger: आकर्षण
चिट भी उसकी, पट उसी की, सब सियासी तौर है।कह रही है कुछ जबां, लेकिन कहानी और है।।था वही, जिसकी इबादत में जहां पाबोस था।और, हम समझे कि दुनिया की खुदाई और है।।मैं सहन करता रहा हंस हंस केसब जुल्मो सितम।वो तो खुद कुछ और, उनकी बेहयाई और है।।नींद गहरी है मगर, अब रात हर बेख्वाब से।ह... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   11:18am 30 Oct 2016 #
Blogger: आकर्षण
अपनी आंखों में हसीं ख्वाब की स्याही रख।बहुत प्यासा है तू, पास एक सुराही रख।।तेरी मंजिल की हदें तुझसे ही गुजरती हैं।एक मुसाफिर है तू, तू अपना सफर जारी रख।।वो न लहरों में कभी डूबा है, न डूबेगा।तू हिफाजत से रहेगा, तू उससे अपनी यारी रख।।उसने बड़े ही करीने से बनाई ये दुनिया।... Read more
clicks 180 View   Vote 0 Like   11:58am 29 Dec 2015 #
Blogger: आकर्षण
फिर बना लूं इक नयी कागज की कश्ती आज भी।है कला वो याद, पर गुज़रा ज़माना चाहिये।।तेरे घर के सामने एक घर बनाने के लिये।सिर्फ पैसा ही नहीं, एक प्लॉट खाली चाहिये।।सीखना है कुछ अगर, इन पंछियों से सीखिये।तिनका-तिनका कर के ही, एक घर बनाना चाहिये।।लब को सी लें, अश्क पी ... Read more
clicks 169 View   Vote 0 Like   5:01pm 29 Jul 2015 #
Blogger: आकर्षण
बेदर्द सवालों के मतलब, जब समझोगे तब समझोगे।दुखती रग क्योंकर दुखती है? जब समझोगे तब समझोगे।।रुखे-सूखे रिश्ते-नाते, और मरासिम मद्धम से।इनसे होकर कैसे गुजरें, जब समझोगे तब समझोगे।।एक और एक ग्यारह भी है, एक और एक सिफर भी है।ये अहले सियासी बातें हैं, जब समझोगे तब ... Read more
clicks 125 View   Vote 0 Like   4:33pm 16 Jul 2015 #
Blogger: आकर्षण
तुम माटी के पुतले निकले।सोच से बिल्कुल उल्टे निकले।।मंजिल उनके सजदे करती।जो भी घर से बाहर निकले।।अपने ग़म को बांध के रख लो।शायद अरमां भी कम निकले।।घर की जानिब जिनका रुख था।वो ही सबसे बेहतर निकले।।उसको चल कुछ कह कर निकलें।शायद वो भी हमदम निकले।।तुम थे... मैं था... ठीक ही... Read more
clicks 135 View   Vote 0 Like   5:24pm 14 Jun 2015 #
Blogger: आकर्षण
जब भी राज उजागर होगा ।सामने कोई सागर होगा ।।उसका उतना ही कद होगा ।जिसका जितना चादर होगा ।।जीवन जिसका खुद एक दर्पण ।शायर वो ही शायर होगा ।।दिल की बात को दिल में रखना ।गागर तब ये सागर होगा ।।उससे कन्नी काट के चलना ।जिसके हाथ में पावर होगा ।।मौला तेरे घर आएंगे ।जब तू खुद से ... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   4:05pm 23 May 2015 #
Blogger: आकर्षण
तुम्हारी प्यार की बातों में, इक किस्सा पुराना हैकिसी का कर्ज है तुमपर, वो भी हमको चुकाना है।  मेरी दीवानगी को तुम न समझे हो, न समझोगेजिसे कल गा रहे थे तुम, उसे सबको सुनाना है।तेरी आंखों के हर सपने को, सीने में सजा लूंगातेरी जज्बात की बातों को, होठों में छुपा लूंगा।बता, मै... Read more
clicks 126 View   Vote 0 Like   1:25pm 26 Feb 2014 #
Blogger: आकर्षण
दर्द जब खुद ही संवर जाता हैजाने कितनों का ग़म चुराता हैमेरे ज़ख्मों का चीरकर सीनाकर्ज़ औरों के वो चुकाता हैतेरी सोहबत का उस पे साया हैऔर, हरदम उसे सताता हैरास्ते भर वो बात करता रहाऔर मंजिल पर मुंह चुराता हैजी लिया, और फिर जिया भी नहींरिश्ता कुछ इस तरह निभाता है क्... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   1:30pm 31 Oct 2011 #
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