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Blog: मन के दरवाजे खोल जो बोलना है बोल

Blogger: sumit yadav
प्रिय-अप्रिय पेट्रोल,उपरोक्त संबोधन के लिए क्षमा चाहूंगा लेकिन तुम्हारा व्यवहार प्रिय व अप्रिय दोनों रहा है इसलिए मेरे लिए तय कर पाना मुश्किल हो रहा था कि कौन सा शब्द तुम्हारे लिए उपयुक्त रहेगा। तुम्हारे 3 रुपए सस्ते होने की घोषणा सुनते ही मेरे हाथ पांव फूल गए हैं। पि... Read more
clicks 99 View   Vote 0 Like   8:06am 4 May 2013 #
Blogger: sumit yadav
भारत में बांटने का बहुत ही समृद्घ इतिहास रहा है। सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक मोर्चों पर हम बंटे हुए ही पाए जाते हैं। कुछ आधुनिक चिंतकों ने भारत और इंडिया को भी बांट दिया है। एक तरफ नेता-अधिकारी पैसों की बंदरबांट में लगे रहते हैं तो दूसरी तरफ जरूरतमंद जनता सुविधाओं की ब... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   9:03am 2 May 2013 #व्यंग्य
Blogger: sumit yadav
अलसुबह गनगगुनी धूप में चाय और बिस्कुट मिल जाए तो समझो कि दिन की शुरुआत अच्छी हो गई  और अगर वे आपके पड़ोसी के यहां के हुए तो समझिए दिन सुपरहिट। हमारे पड़ोसी पांडेजी के यहां से चाय-बिस्कुट का निमंत्रण भी आया, ऐसा लगा जैसे विपक्ष में होते हुए किसी ने मंत्रीपद का ऑफर दे दिया ... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   8:02am 17 Apr 2013 #व्यंग्य
Blogger: sumit yadav
घोटालों की होलीयूपीए तोड़ रही है, भ्रष्टाचार के रिकार्ड सारे, क्या अफसर, क्या नेता, भष्ट यहां हैं सारे,सरकार के मंत्रियों पर चढ़ा घोटाले का रंग है,देख के घोटाले की होली, सारी दुनिया दंग है,किसी ने बनाया कॉमन से वेल्थ, तो कोई हुआ 2जी से मालामाल, जिसने चुना था इनको, वही जनता र... Read more
clicks 102 View   Vote 0 Like   12:10pm 26 Mar 2013 #व्यंग्य
Blogger: sumit yadav
''होली है, भई होली है। बुरा न मानो होली है।’ ’ होली के दिन ये जुमला हर दूसरे शख्स के मुंह से सुनने मिल जाता है। ये सुन ऐसा लगने लगता है कि होली  रंगों का नहीं बल्कि रुठने-मनाने का त्यौहार है। जहां तक मेरा आंकलन है होली पर बुरा मानने वाला पहला शख्स हिरण्यकश्यप रहा होगा। एक तो... Read more
clicks 113 View   Vote 0 Like   12:06pm 26 Mar 2013 #
Blogger: sumit yadav
हिन्दीभाषी राष्ट्र में कमजोर अंग्रेजी का खामियाजा किस तरह भुगतना पड़ता है इसका पता हमें कुछ दिनों पूर्व चला। हम टकटकी लगाए रोड के किनारे बनी बड़ी-बड़ी दुकानों को निहारते हुए जा रहे थे। चूंकि महंगाई डायन के शिकंजे में जकड़े हुए हैं इसलिए आजकल दूरदर्शन से ही संतोष कर... Read more
clicks 84 View   Vote 0 Like   7:03am 26 Mar 2013 #
Blogger: sumit yadav
चाचा, आज फिर दातून कर रहे हो कभी कोलगेट भी कर लिया करो, दातून करते नत्थू चाचा से जैसे ही मैंने कहा वे अपना दातून थूकते हुए बोले- कर दी ना दिल तोडऩे वाली बात। कोलगेट का नाम सुनते ही लगता है जैसे मेरे किस्मत के सारे गेट बंद हो गए हों। जीवन में सब कुछ किया बस कोलगेट नहीं कर पाया... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   10:21am 14 Sep 2012 #व्यंग्य
Blogger: sumit yadav
लोग कहते हैं टेक्नॉलाजी ने इंसान के जीवन को सुगम बना दिया है, लेकिन इसने तो मेरी जिंदगी को दुर्गम बना दिया है। खबरें आ रही हैं कि करोड़ों रुपए देकर अब चांद की यात्रा की जा सकती है। बस इसी खबर ने मेरी नींद उड़ा दी है। पहले तो हम अपनी प्रियतमा को बोल बचन दे दिया करते थे कि तू... Read more
clicks 156 View   Vote 1 Like   4:44pm 10 Jul 2012 #व्यंग्य
Blogger: sumit yadav
मध्यम कुमार बेतहाशा दौड़े जा रहे थे, उन्हें इस तरह भागता देख लग रहा था मानो वे फर्राटा धावक का 100 मीटर का रिकार्ड तोड़ देंगे। वैसे तो इस देश में सब भाग ही रहे हैं- नेता अपने वादों से, अधिकारी अपने काम से, जनता अपने कर्तव्यों से, परिवारवाले बेटियों से भाग रहे हैं, कोई घोटाला ... Read more
clicks 64 View   Vote 0 Like   8:03am 26 Apr 2012 #
Blogger: sumit yadav
मध्यम कुमार बेतहाशा दौड़े जा रहे थे, उन्हें इस तरह भागता देख लग रहा था मानो वे फर्राटा धावक का 100 मीटर का रिकार्ड तोड़ देंगे। वैसे तो इस देश में सब भाग ही रहे हैं- नेता अपने वादों से, अधिकारी अपने काम से, जनता अपने कर्तव्यों से, परिवारवाले बेटियों से भाग रहे हैं, कोई घोटाला ... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   8:03am 26 Apr 2012 #व्यंग्य
Blogger: sumit yadav
छत्तीसगढ़ में ग्राम सुराज अभियान शुरु हो चुका है और मुझे इस दौरान गांव जाने की बेहद इच्छा थी। यूं तो ग्राम सुराज की खबरें टीवी, अखबारों में आती ही रहती हैं और मैं उनके जरिए भी गांवों की विकासगाथा सुन सकता था, मगर हम थोड़े अलग किस्म के बंदे हैं। हमें हर चीज लाइव देखना पसंद... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   11:12am 21 Apr 2012 #व्यंग्य
Blogger: sumit yadav
आवश्यकता है मूर्खों की, इच्छुक व्यक्ति कृपया आवेदन करें। एक बार मूर्ख बनने पर 500 रुपये दिया जाएगा।  मैं अखबार में इश्तेहार देने के लिए कागज पर यह सब लिख ही रहा था कि गलत टाइमिंग पर टपकने में उस्ताद मेरे मित्र साहूजी आ गए। आते ही मेरे हाथ से वह कागज छीना और चौंकते हुए पूछन... Read more
clicks 102 View   Vote 0 Like   9:54am 1 Apr 2012 #व्यंग्य
Blogger: sumit yadav
मार्निंग वॉक करना स्वास्थ्य के लिए बेहद  लाभकारी है। इस लाभ में तब और वृद्धि हो जाती है जब वॉक के दौरान किसी सुंदर युवती से आपकी टॉक हो जाए। लेकिन यह लाभ तब घाटे का सौदा साबित होता है जब कोई अनचाहा आदमी आपसे टकरा जाए। ऐसे ही आज सुबह वॉक के दौरान हमारे मोहल्ले के शर्माजी ह... Read more
clicks 90 View   Vote 0 Like   3:13pm 24 Mar 2012 #व्यंग्य
Blogger: sumit yadav
घोटालों की होलीयूपीए तोड़ रही है, भ्रष्टाचार के रिकार्ड सारे,क्या अफसर, क्या नेता, भष्ट यहां हैं सारे,सरकार के मंत्रियों पर चढ़ा घोटाले का रंग है,देख के घोटाले की होली, सारी दुनिया दंग है,किसी ने बनाया कॉमन से वेल्थ,तो कोई हुआ 2जी से मालामाल,जिसने चुना था इनको, वही जनता रह... Read more
clicks 146 View   Vote 1 Like   12:28pm 7 Mar 2012 #
Blogger: sumit yadav
८ साल बाद ओलंपिक में हम फिर दहाड़ेंगेविश्व विजेता का इतिहास हम फिर दोहराएंगे,हाकी का स्वर्णिम दौर जो छूट गया था पीछेनए जोश से, नए उमंग से वापस लाएंगे,अभी बस दी है ओलंपिक में दस्तक,मंजिल तो बहुत दूर हैफ्रांस तो हार गया, अब तोड़नाबाकियों का गुरूर है,८ साल से टीस थी जो दिल म... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   5:06pm 26 Feb 2012 #कविता
Blogger: sumit yadav
तारीफ सुनना सब पसंद करते हैं। सबकी ख्वाहिश होती है कि वे जहां जाएं उनकी तारीफ हो। मगर ये कमबख्त इंसानी फितरत..... हम तारीफ तो थोक में सुनना चाहते हैं लेकिन दूसरे की तारीफ चिल्हरों में करते हैं। जैसे खुद चंदा मांगने जाएं तो १०० से कम में नहीं मानेंगे लेकिन किसी भिखारी को १ ... Read more
clicks 114 View   Vote 1 Like   4:25pm 24 Feb 2012 #
Blogger: sumit yadav
वेलेंटाइन डे पर हुआ भारत-श्रीलंका का वनडे मैच बड़ा ही रोमांटिक था... म..म..माफ कीजिएगा रोमांचक था। वो क्या है, कभी-कभी मेरी जुबान जरा फिसल जाती है। पर कुछ भी कहें ये मैच वाकई था बहुत रोमांटिक... इतना रोमांटिक कि प्रेमकथाओं के प्रख्यात निर्देशक यश चोपड़ा भी इसे देख जल-भुनकर ख... Read more
clicks 129 View   Vote 6 Like   5:57pm 15 Feb 2012 #व्यंग्य
Blogger: sumit yadav
यूं तो सामान्य आदमी के शरीर में २०६ हड्डी होती है लेकिन बंधुवर सचेत हो जाइए। एक एक्सट्रा हड्डी भी हमारे शरीर में न जाने कबसे चिपकी बैठी है और हमें इसका पता ही नहीं। या फिर पता होने के बाद भी हम इसे अपने  शरीर का अंग नहीं मानते। परिस्थिति विकट है। यह पोर्टेबल २०७वीं हड्डी... Read more
clicks 124 View   Vote 2 Like   4:13pm 12 Feb 2012 #व्यंग्य
Blogger: sumit yadav
दुनिया में दो लोग कुछ भी कर सकते हैं- पहले तो जाहिर सी बात है रजनीकांत ही होंगे। लेकिन जो दूसरा नाम है वो है असली धमाका। जी हां, धमाके पे धमाके करने वाली ड्रामा क्वीन राखी सावंत। राखी जब भी कुछ करती हैं लोगों को चौंका कर रख देती हैं, अब क्या करें उनका रेपुटेशन ही ऐसा बन गया ... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   4:14pm 4 Aug 2011 #व्यंग्य
Blogger: sumit yadav
नाग पंचमी है और सांप को दूध पिलाने का रिवाज है। वैज्ञानिक कहते हैं सांप दूध नहीं पीते, वे दूध पी नहीं सकते पर हमारे घर वालों ने कहा जा सांप को दूध पिला के आ। वैसे भी बहुत सारे पाप किए हैं जीवन में तूने, आज उतारने का दिन है। सांप जितना दूध पीएगा उतना तेरा पाप उतरेगा। मैंने क... Read more
clicks 112 View   Vote 0 Like   7:34am 4 Aug 2011 #व्यंग्य
Blogger: sumit yadav
नेट में कल मैंने एक खबर पढ़ी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार भारत में सबसे ज्यादा दुखी लोग है। यह खबर पढ़ते ही मैं अपना सिर पकड़कर बैठ गया। भारत और डिप्रेस्ड...????  सिर पर अपना हाथ रखा देख मैंने झट उसे हटाया क्योंकि सिर पर हाथ रखकर बैठना तो डिप्रे... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   4:36pm 28 Jul 2011 #व्यंग्य
Blogger: sumit yadav
हमारी रायपुर नगर निगम की संवेदनशीलता का मैं कायल हूं। जिस चीज के बारे में सोचता हूं उसे ये बना देती है। मेरी पुरानी रचना (मुहांसे वाली कैटरीना) में मैंने अपने शहर में नित नई बनती सड़कों के बारे में बताया था। मैं शुरू से शहर में रहा, घर के पास ना तालाब था,  न गांव की तरह घर क... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   5:15pm 25 Jul 2011 #व्यंग्य
Blogger: sumit yadav
दिग्विजय के बयानों से तंग आई भाजपा ने यह कहकर उन्हें चुप कराने की कोशिश की उनमें ओसामा की आत्मा घुस गई है। लेकिन आप ही बताइए जिस तरह दिग्विजयजी के मुंह से  धड़ाधड़ बयानों की सुपरसोनिक मिसाइल निकल रही है उस पर फुलस्टाप लग सकता है क्या?  फिर भी भाजपा का यह बयान था एक बेहद च... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   5:11pm 18 Jul 2011 #व्यंग्य
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