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ankahi : View Blog Posts
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बदलरहादौरबलात्कार पर बहस जारी है।चिंतित हैं लोगअबलाबनी शिकारमंथन जारी है।अखबार में, दूरदर्शन परसंस्कार और सरोकारचिंतन जारी है।मंथन, चिंतन,बहसेंलेकिन बरकरारनारी की दुश्वारी है।नैतिकता की पहरेदारीहर व्यक्ति सदाचारीतो,कहां रहता है?कहां छिपा है?कौन?...कौन?... कौन?बला...
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  March 31, 2013, 1:07 pm
1-अरे चुपक्यों रोती होअब क्या खून पिओगीपी लोजी भर लोजीभ इतनी लंबी थीतो अमीर घर जातीयहां क्यों टपक गई2-नवाबजादी बहुत हो गयाकिताब छोड़ोझाड़ू उठाओकलक्ट्री नहीं करनीकाम पर लग जाओ3-बेहयाघर के अंदर आओपैर काबू में रखोनहीं तो काटना होगाबाप रे बापमेरे नसीब में ही रखी थीकुलच्...
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  December 2, 2011, 10:05 pm
1.प्रतिरोधचुप्पी कामजबूत हैहलचल चुप्पी कीतेज हैआंच चुप्पी कीझुलसाती हैलेकिनचुप रहनामुश्किल है2.हत्याराकायर होता हैवह भीमौत से डरता हैलेकिनप्रतिरोध का अभावउसे बलवान बना देता है3. प्रतिरोध व्यवस्था का हालात का तंत्र का बेजा नहीं बल्कि  पैमाना है  कहीं  शासक  सत्त...
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  July 8, 2011, 1:29 am
भेड़िया आया, भेड़िया आयाशोर सुनाई नहीं देता क्योंकि भेड़िया खास नहीं रहाआम हो गया हैपहले आता थाकभी-कभीजंगलों सेरिहायशी इलाकों मेंलेकिनबना लिया आशियानाकंक्रीट के जंगलों मेंबदल गया हैचेहरा भेड़िए का लेकिन नहीं बदला हैतरीका शिकार काजांघ पर हमला घायल को थकानाफिर भू...
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  June 4, 2011, 3:40 am
ये कैसा सलाम है?जिसकी फितरत अजबजिसका रंग लाल हैये कैसा सलाम है?जिसमें नजाकत नहींना ही सम्मान हैये कैसा सलाम है?जिसने इंसान कोबना दिया हैवान हैये कैसा सलाम है?जिसमें दुआ नहींनफरत का पैगाम हैये कैसा सलाम है?...
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  May 11, 2011, 4:09 pm
एक तिनका और जुड़ गयाउसके आशियाने मेंफुर्रर.. निकल गई नए तिनके कीतलाश मेंगौरय्या लेनिन से अनजान हैतंत्र से अपरीचित हैउसेपूंजीवाद की  भीजानकारी नहीं हैशायद इसीलिएबेखौफलोकतांत्रिक अंदाज मेंबटोरती हैतिनका-तिनकाजीती है सुराज में...
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  May 4, 2011, 11:03 am
                                                                                                            अच्छे इंसान थेदुनिया छोड़ गएअच्छे लोगसाथ छोड़ जाते हैंआंखों में आंसूचेहरे पे उदासीहर जुबान परये अल्फाज हैचंद पल बादतमाम चेहरेपब-डिस्को मेंनजर आते हैंमौत के मातम नेथका दियाताजगी के ...
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  May 3, 2011, 4:49 pm
आतंक का अंत.... मारा गया ओसामा..... अमेरिका में जश्न......... खबर पर निगाह टिक गई। अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा पाकिस्तान में ऑपरेशन कामयाब होने की जानकारी दे रहे थे। किस तरह पाक के एबटाबाद के एक घर में छिपे ओसामा को मारा गया। ओसामा की मौत अमेरीकियों के लिए ही नहीं उन तमाम लोगों क...
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  May 2, 2011, 12:44 pm
97 घंटे के अनशन ने सत्ता की बागडोर संभालने वालों को सोचने पर मजबूर कर दिया। जंतर-मंतर पर जुटे लोगों में हर तबका नजर आया। अमीर-गरीब, युवा-बुजुर्ग, बेरोजगार-उद्ममी सभी एक साथ एक मंच पर मौजूद रहे। इसे लोगों के जहन में मौजूद संसदीय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल का नतीजा कहे...
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  April 25, 2011, 9:29 am
मैं क्यों नहीं देखताऔरों की तरहखूबसूरत ख्वाबआंखें बंद करते हीनजर आती हैंखेत की दरारेंचावल चुनताहड्डियों का ढांचाकूड़े का ढेररोटियां तलाशताफटेहाल नौजवानमेरे सपनों मेंमहल नहीं दिखतेमल्टीप्लेक्स भी नहींनीला आसमान हैलेकिन विमान नहींसंपन्न भारत कीतस्वीर नहीं दि...
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  April 23, 2011, 9:37 am
तय करती हैंसफर बूंदेंबादलों से निकलजमीन तक का ।कवि बुनते हैं शब्दजालउकेरते हैं सौंदर्य मेघ का ।उसकी छत हैटीन-टप्पर कीनहीं होता एहसासमेघ के सौंदर्य का। टप्पर की तरहदिल में सुराख हैबसेरा नहीं हैप्रेम का।बेरहम मेघ हर साल उजाड़ देते हैं आशियाना उसका।ना तो कविता मेंना ...
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  April 15, 2011, 4:43 pm
रिश्तों की डोर में ना बांधोटूटने का डर सताएगाहै पाक एहसास हर पल मेरे साथयादों में संजों कर रखूंगामेरा साथ निभाएगाख्वाबों में आओ ना पासबिखर जाने का डर सताएगावो महकता एहसासखुश्बू बन करसंग हवा केसांसों में घुल जाएगा...
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  April 5, 2011, 10:41 pm
दफ्तर के लिए निकल रहा हूं। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है, ठीक वैसा ही जैसा हमारे शहर में होली के त्योहार के अगले दिन सन्नाटा रहता है। यूं भी तमाम चैनलों में निर्देश जारी कर दिए गए हैं.... सिर्फ क्रिकेट......क्रिकेट...और कुछ नहीं। इसके लिए एक दिन पहले से भरपूर तैयारी की जा चुकी है। ...
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  March 30, 2011, 11:15 am
कारखाना सेठ का है,या कामगार का हैकल-पुर्जों को इससे मतलब नहीं हैहुक्मरानों को ये सवाल चुभता हैलेकिन सवाल सदियों से तन कर खड़ा हैहर चुप्पी उसे मजबूती देती हैलोहे की उपज,सेठ का चना चबेना हैलेकिन तपिश झेलने की आदत नहीं हैरमुआ,कलुआ बदन झुलसाते रहते हैंहादसे का अजगर उन्हे...
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  March 29, 2011, 12:14 pm
सृजन , शक्ति, सौंदर्य, लज्जा, भरोसा, इन शब्दों के साथ नारी का सहज और अटूट जुड़ाव है। हालांकि एक शब्द और भी है, जिसे उनके साथ अमूमन जोड़ा जाता है। ये शब्द है ‘अबला’.....जो उसे सहानुभूति के योग्य बना देता है। लेकिन मौजूदा दौर में नारी असहज नहीं... और ना ही बेचारगी जाहिर करती है। ऐ...
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  March 8, 2011, 11:10 am
जरा सोचिए......जी हां वाकई........ये महज टैग नहीं......... बल्कि आज अवाम को इसकी जरूरत है। क्वात्रोकी के खिलाफ केस बंद करने का फैसला कोर्ट का है। इसलिए उस पर कमेंट्स करना बेहतर नहीं। लेकिन मुद्दों पर सवाल खड़ा करने का हक हर भारतीय को है। सवाल सीधा सा है.... 80 करोड़ के घूस का मसला..... जांच ...
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  March 5, 2011, 11:23 pm
टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट(TRP)के खेल पर टेलीविजन ऑडिएंस मेजरमेंट (TAM)का कब्जा है। इसकी हकीकत 'खोदा पहाड़ निकली चुहिया'की कहावत से जुदा नहीं है। लेकिन पांच से दस हजार करोड़ रुपए की टीवी इंडस्ट्री का नसीब इससे ही तय होता है। दरअसल TAM एक सर्वे एजेंसी है, जो पीपल मीटर की सहायता से ...
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  February 25, 2011, 4:15 pm
बज्म में अगयार(ग़ैर) कीपुरसिश(पूछ-ताछ) की रकीबों नेजाम-ए-जहर पी लीअंगबीं (मीठा पेय, शहद)तो नहीं पी हैनिगाहों से तसकीन (तसल्ली) की खामोश रकीबों ने वफा की खता की थीउल्फत की सजा दी हैदाद-ए-जफा(अन्याय की प्रशंसा) कीनसीहत दी रकीबों ने दस्तूर जमाने कासर-ए-रिश्ता-ए-वफा(वफ़ा के रिश...
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  February 25, 2011, 12:46 pm
जालिमों की दुनिया मेंदीवानों का क्या कामजुनून-ए-शौक*(प्रेम का पागलपन) ने                 कर दिया बदनामतिशनगी-ए-शौक*(उत्साह की प्यास) में                      मयखाना क्या गयासाकी की बंदगी*(पूजा) ने                            दिया यक नया इल्जामनहीं तलाश थीकजा*(किस्मत)में निशात*(खुशी) की                 ख्व...
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  February 18, 2011, 10:18 pm
बचपन कितना अच्छाना डर खोने काना सोच पाने कीना चिंता समाज कीना समझ रिवाज कीना दुख, ना सुखबचपन कितना अच्छाजिंदगी पतंग की तरहडोर से बंधीजो टूट सकती हैएक झटके सेगुम हो सकती हैनीले अंबर मेंउलझ सकती हैकिसी शाख सेजिंदगी पतंग की तरहअल्लाह मस्जिद मेंभगवान मंदिर मेंदोनों खु...
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  February 9, 2011, 8:28 am
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