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Blog: सृजन और सरोकार

Blogger: रवि कुमार
“क्रांति से हमारा अर्थ है – अंत में समाज की ऐसी व्यवस्था की स्थापना जिसमें किसी प्रकार के हड़कम्प का भय न हो, जिसमें मज़दूर वर्ग के प्रभुत्व को मान्यता दी जाए, और उसके फलस्वरूप विश्व संघ पूंजीवाद के बंधनों, दुखों तथा युद्धों की मुसीबतों से मानवता का उद्वार कर सके…” - भग... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   1:19pm 24 Mar 2013 #विचार-पोस्टर
Blogger: रवि कुमार
मैं पुरुष खल कामी००००००मैं पुरुष हूंएक लोहे का सरिया हैसुदर्शन चक्र सा यहबार-बार लौट आता है, इतराता हैयह भी मैं ही हूंआदि-अनादि से, हजारों सालों सेमैं ही हूं जो रहा परे सभी सवालों सेमैं सदा से हूंमैं अदा से हूंमैं ही दुहते हुए गाय के स्तनों कोरच रहा था अविकल ऋचाएंमैं ही... Read more
clicks 322 View   Vote 1 Like   2:42pm 2 Jan 2013 #कविताएं
Blogger: रवि कुमार
महेन्द्र नेह के दो गीत ( उदयपुर से निकलने वाले पाक्षिक ‘महावीर समता संदेश’ से साभार )( एक )माफ़ियाये समयहमको नित्य धमकाताछोड़ दो यह रास्ताईमान वालाहम कहें वैसे चलोबदल दो सांचे पुरानेहम कहें जैसे ढलोमाफ़िया यह समयहमको नित्य हड़कातात्याग दो ये सत्य कीतोता रटन्तीहम कह... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   1:22pm 29 Dec 2012 #Uncategorized
Blogger: रवि कुमार
( कसाब की फांसी के बाद, अफ़ज़ल को भी जल्दी ही फांसी की मांग उठाए जाने की पृष्ठभूमि में यह आलेख पढ़ने को मिला. 13 दिसम्बर, संसद पर हमले की तारीख़ की आमद के मद्देनज़र अरुंधति रॉय के इस आलेख को गंभीरता से पढ़ा जाना और आम किया जाना और भी मौज़ूं हो उठता है. हिंदी में यह अभी नेट पर उ... Read more
clicks 152 View   Vote 1 Like   1:08pm 12 Dec 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
Blogger: रवि कुमार
( कसाब की फांसी के बाद, अफ़ज़ल को भी जल्दी ही फांसी की मांग उठाए जाने की पृष्ठभूमि में यह आलेख पढ़ने को मिला. 13 दिसम्बर, संसद पर हमले की तारीख़ की आमद के मद्देनज़र अरुंधति रॉय के इस आलेख को गंभीरता से पढ़ा जाना और आम किया जाना और भी मौज़ूं हो उठता है. हिंदी में यह अभी नेट पर उ... Read more
clicks 134 View   Vote 0 Like   11:41am 11 Dec 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
Blogger: रवि कुमार
( कसाब की फांसी के बाद, अफ़ज़ल को भी जल्दी ही फांसी की मांग उठाए जाने की पृष्ठभूमि में यह आलेख पढ़ने को मिला. 13 दिसम्बर, संसद पर हमले की तारीख़ की आमद के मद्देनज़र अरुंधति रॉय के इस आलेख को गंभीरता से पढ़ा जाना और आम किया जाना और भी मौज़ूं हो उठता है. हिंदी में यह अभी नेट पर उ... Read more
clicks 197 View   Vote 0 Like   11:56am 10 Dec 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
Blogger: रवि कुमार
( कसाब की फांसी के बाद, अफ़ज़ल को भी जल्दी ही फांसी की मांग उठाए जाने की पृष्ठभूमि में यह आलेख पढ़ने को मिला. 13 दिसम्बर, संसद पर हमले की तारीख़ की आमद के मद्देनज़र अरुंधति रॉय के इस आलेख को गंभीरता से पढ़ा जाना और आम किया जाना और भी मौज़ूं हो उठता है. हिंदी में यह अभी नेट पर उ... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   11:59am 9 Dec 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
Blogger: रवि कुमार
( कसाब की फांसी के बाद, अफ़ज़ल को भी जल्दी ही फांसी की मांग उठाए जाने की पृष्ठभूमि में यह आलेख पढ़ने को मिला. 13 दिसम्बर, संसद पर हमले की तारीख़ की आमद के मद्देनज़र अरुंधति रॉय के इस आलेख को गंभीरता से पढ़ा जाना और आम किया जाना और भी मौज़ूं हो उठता है. हिंदी में यह अभी नेट पर उ... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   4:45pm 8 Dec 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
Blogger: रवि कुमार
वे मुसलमान थे० देवी प्रसाद मिश्रकहते हैं वे विपत्ति की तरह आएकहते हैं वे प्रदूषण की तरह फैलेवे व्याधि थेब्राह्मण कहते थे वे मलेच्छ थेवे मुसलमान थेउन्होंने अपने घोड़े सिन्धु में उतारेऔर पुकारते रहे हिन्दू! हिन्दू!! हिन्दू!!!बड़ी जाति को उन्होंने बड़ा नाम दियानदी का न... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   4:27am 25 Nov 2012 #कविताएं-अन्य कवियों की
Blogger: रवि कुमार
‘जनता पागल हो गई है’ – एक पुनर्पाठ( इस नाटक की पीडीएफ़ फाइल इस लिंक से डाउनलोड की जा सकती है– ‘जनता पागल हो गई है’ लेखक-शिवराम janta pagal ho gayi hai.pdf 1.4 MB )जयपुर के एक बाग में नाटक ‘जनता पागल हो गई है’ का प्रदर्शनशिवराम का नुक्कड़ नाटक ‘जनता पागल हो गई है’ आपातकाल से पहले ही 1974 में लिखा ग... Read more
clicks 130 View   Vote 0 Like   1:53pm 3 Nov 2012 #आलेख
Blogger: रवि कुमार
आलेख ‘पूंजीवाद एक प्रेत कथा’ का अंतिम हिस्सा. यहां पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा, पांचवा, छठा, सातवां, आठवां, नौवां, दसवां, ग्यारहवां, बारहवां, तेरहवां, चौदहवां.( मूलतः ‘आउटलुक’ में प्रकाशित अरुंधति रॉय के इस आलेख का भारतभूषण द्वारा किया गया अनुवाद ‘समयांतर’ के मई-२०१२ अंक में ... Read more
clicks 170 View   Vote 1 Like   5:40am 24 Oct 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
Blogger: रवि कुमार
आलेख ‘पूंजीवाद एक प्रेत कथा’ का चौदहवां हिस्सा. यहां पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा, पांचवा, छठा, सातवां, आठवां, नौवां, दसवां, ग्यारहवां, बारहवां, तेरहवां.( मूलतः ‘आउटलुक’ में प्रकाशित अरुंधति रॉय के इस आलेख का भारतभूषण द्वारा किया गया अनुवाद ‘समयांतर’ के मई-२०१२ अंक में प्रकाश... Read more
clicks 145 View   Vote 1 Like   4:02pm 20 Oct 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
Blogger: रवि कुमार
आलेख ‘पूंजीवाद एक प्रेत कथा’ का तेरहवां हिस्सा. यहां पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा, पांचवा, छठा, सातवां, आठवां, नौवां, दसवां, ग्यारहवां, बारहवां.( मूलतः ‘आउटलुक’ में प्रकाशित अरुंधति रॉय के इस आलेख का भारतभूषण द्वारा किया गया अनुवाद ‘समयांतर’ के मई-२०१२ अंक में प्रकाशित हुआ था... Read more
clicks 151 View   Vote 1 Like   2:43pm 18 Oct 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
Blogger: रवि कुमार
आलेख ‘पूंजीवाद एक प्रेत कथा’ का बारहवां हिस्सा. यहां पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा, पांचवा, छठा, सातवां, आठवां, नौवां, दसवां, ग्यारहवां.( मूलतः ‘आउटलुक’ में प्रकाशित अरुंधति रॉय के इस आलेख का भारतभूषण द्वारा किया गया अनुवाद ‘समयांतर’ के मई-२०१२ अंक में प्रकाशित हुआ था. इसे यहा... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   2:39pm 13 Oct 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
Blogger: रवि कुमार
द्वितीय शिवराम स्मृति दिवस समारोहव्यापक जन-आंदोलन का माहौल बनाना होगाकोटा, 2 अक्टूबर 2012. सुप्रसिद्ध कवि, नाट्य लेखक, निर्देशक, समीक्षक एवं विचारक शिवराम के द्वितीय स्मृति दिवस पर ‘विकल्प’ जन सांस्कृतिक मंच, श्रमजीवी विचार मंच एवं अभिव्यक्ति नाट्य एवं कला मंच द्वारा 3... Read more
clicks 128 View   Vote 0 Like   12:32pm 8 Oct 2012 #विभिन्न गतिविधियां
Blogger: रवि कुमार
आलेख ‘पूंजीवाद एक प्रेत कथा’ का ग्यारहवां हिस्सा. यहां पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा, पांचवा, छठा, सातवां, आठवां, नौवां, दसवां.( मूलतः ‘आउटलुक’ में प्रकाशित अरुंधति रॉय के इस आलेख का भारतभूषण द्वारा किया गया अनुवाद ‘समयांतर’ के मई-२०१२ अंक में प्रकाशित हुआ था. इसे यहां के पाठक... Read more
clicks 205 View   Vote 0 Like   12:44pm 6 Oct 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
Blogger: रवि कुमार
आलेख ‘पूंजीवाद एक प्रेत कथा’ का दसवां हिस्सा. यहां पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा, पांचवा, छठा, सातवां, आठवां, नौवां.( मूलतः ‘आउटलुक’ में प्रकाशित अरुंधति रॉय के इस आलेख का भारतभूषण द्वारा किया गया अनुवाद ‘समयांतर’ के मई-२०१२ अंक में प्रकाशित हुआ था. इसे यहां के पाठकों के लिए छो... Read more
clicks 140 View   Vote 0 Like   2:22pm 3 Oct 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
Blogger: रवि कुमार
आलेख ‘पूंजीवाद एक प्रेत कथा’ का नौवां हिस्सा. यहां पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा, पांचवा, छठा, सातवां, आठवां.( मूलतः ‘आउटलुक’ में प्रकाशित अरुंधति रॉय के इस आलेख का भारतभूषण द्वारा किया गया अनुवाद ‘समयांतर’ के मई-२०१२ अंक में प्रकाशित हुआ था. इसे यहां के पाठकों के लिए छोटे-छोट... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   5:08pm 29 Sep 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
Blogger: रवि कुमार
आलेख ‘पूंजीवाद एक प्रेत कथा’ का आठवां हिस्सा. यहां पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा, पांचवा, छठा, सातवां.( मूलतः ‘आउटलुक’ में प्रकाशित अरुंधति रॉय के इस आलेख का भारतभूषण द्वारा किया गया अनुवाद ‘समयांतर’ के मई-२०१२ अंक में प्रकाशित हुआ था. इसे यहां के पाठकों के लिए छोटे-छोटे टुकड़... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   3:13pm 27 Sep 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
Blogger: रवि कुमार
आलेख ‘पूंजीवाद एक प्रेत कथा’ का सातवां हिस्सा. यहां पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा, पांचवा, छठा.( मूलतः ‘आउटलुक’ में प्रकाशित अरुंधति रॉय के इस आलेख का भारतभूषण द्वारा किया गया अनुवाद ‘समयांतर’ के मई-२०१२ अंक में प्रकाशित हुआ था. इसे यहां के पाठकों के लिए छोटे-छोटे टुकड़ो में प... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   12:22pm 22 Sep 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
Blogger: रवि कुमार
आलेख ‘पूंजीवाद एक प्रेत कथा’ का छठा हिस्सा. यहां पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा, पांचवा.( मूलतः ‘आउटलुक’ में प्रकाशित अरुंधति रॉय के इस आलेख का भारतभूषण द्वारा किया गया अनुवाद ‘समयांतर’ के मई-२०१२ अंक में प्रकाशित हुआ था. इसे यहां के पाठकों के लिए छोटे-छोटे टुकड़ो में प्रस्तु... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   2:07pm 19 Sep 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
Blogger: रवि कुमार
आलेख ‘पूंजीवाद एक प्रेत कथा’ का पांचवा हिस्सा. यहां पहला, दूसरा, तीसरा, चौथा.( मूलतः ‘आउटलुक’ में प्रकाशित अरुंधति रॉय के इस आलेख का भारतभूषण द्वारा किया गया अनुवाद ‘समयांतर’ के मई-२०१२ अंक में प्रकाशित हुआ था. इसे यहां के पाठकों के लिए छोटे-छोटे टुकड़ो में प्रस्तुत किय... Read more
clicks 148 View   Vote 0 Like   5:03pm 15 Sep 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
Blogger: रवि कुमार
आलेख ‘पूंजीवाद एक प्रेत कथा’ का चौथा हिस्सा. यहां पहला, दूसरा, तीसरा.( मूलतः ‘आउटलुक’ में प्रकाशित अरुंधति रॉय के इस आलेख का भारतभूषण द्वारा किया गया अनुवाद ‘समयांतर’ के मई-२०१२ अंक में प्रकाशित हुआ था. इसे यहां के पाठकों के लिए छोटे-छोटे टुकड़ो में प्रस्तुत किया जा रहा... Read more
clicks 147 View   Vote 0 Like   1:27pm 12 Sep 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
Blogger: रवि कुमार
आलेख ‘पूंजीवाद एक प्रेत कथा’ का तीसरा हिस्सा. यहां पहला, दूसरा.( मूलतः ‘आउटलुक’ में प्रकाशित अरुंधति रॉय के इस आलेख का भारतभूषण द्वारा किया गया अनुवाद ‘समयांतर’ के मई-२०१२ अंक में प्रकाशित हुआ था. इसे यहां के पाठकों के लिए छोटे-छोटे टुकड़ो में प्रस्तुत किया जा रहा है ता... Read more
clicks 158 View   Vote 0 Like   3:54pm 8 Sep 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
Blogger: रवि कुमार
आलेख ‘पूंजीवाद एक प्रेत कथा’ का दूसरा हिस्सा. यहां पहला.( मूलतः ‘आउटलुक’ में प्रकाशित अरुंधति रॉय के इस आलेख का भारतभूषण द्वारा किया गया अनुवाद ‘समयांतर’ के मई-२०१२ अंक में प्रकाशित हुआ था. इसे यहां के पाठकों के लिए छोटे-छोटे टुकड़ो में प्रस्तुत किया जा रहा है ताकि यह स... Read more
clicks 158 View   Vote 1 Like   1:59pm 1 Sep 2012 #यहां-वहां, जो अच्छा लगा
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