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Blog: 'विचार प्रवाह'

Blogger: priyanka rathore
आज भोर कुछ ज्यादा ही अलमस्त थी ,पूरब से उस लाल माणिक का धीरे धीरे निकलना था या तुम्हारी आहटें थी ,कह नहीं सकती -दोनों ही तो एक से हो जब क्षितिज पर दस्तक देते हो ,रौशनी और रंगीनियाँ साथ होती हैं .....!प्रियंका राठौर ... Read more
clicks 118 View   Vote 0 Like   2:03pm 4 Aug 2014 #
Blogger: priyanka rathore
बादलों की आवाजाही के बीचआज धूपबहुत उजली थी ....उफ़क से आई थी ,बिल्कुल तुम्हारी उस झक सफ़ेद कमीज की तरह ,जिसके बटन में कभी मेरा इक बाल अटका था ...... !प्रियंका राठौर  ... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   12:48pm 25 Jul 2014 #
Blogger: priyanka rathore
कल रात फिर तेज बारिश हुयी थी ,और बूँद बूँद से टपकते तुम मेरे अहसासों को पूरा तर कर गए |अब -सुबह गीली है ,आत्मा की नमी बिस्तर के सिरहाने पड़ी है |दिमाग का सूरज अहसासों के बादल से बाहरनहीं आना चाहता ,आज फिर मुझे 'तुम'होकर ही दिन गुजारना होगा |प्रियंका राठौर ... Read more
clicks 80 View   Vote 0 Like   4:40am 21 Jul 2014 #
Blogger: priyanka rathore
तेरी गीली मुस्कराहटों से भीगे हुए लम्हेंबूँद - बूँद मेरे जेहन पर टपकतें हैं .......अब सब नम है .....!प्रियंका राठौर ... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   12:32pm 18 Jul 2014 #
Blogger: priyanka rathore
आज फिर -हथेलियों से उन्हीं लम्हों को छुआ ,जिन्हें कभी हमने साथ जिया था |पता नहीं -तुम्हें ढूँढा या खुद को पाया ,लेकिन -मन का झोला अभी भरा भरा सा है |कह नहीं सकती -तुम्हारे अहसासों से या  फिर दर्द की कतरनों से ....या शायद -दोनों ही से ...... !प्रियंका राठौर  ... Read more
clicks 89 View   Vote 0 Like   2:32pm 14 Jul 2014 #
Blogger: priyanka rathore
बहुत याद आये है वह गुजरा जमाना .....!वो चाय की प्याली और तेरा रूठ जाना |रूठने मनाने के झगड़े में वो तेरा चेहरे पर से जुल्फों को हटाना ....!बहुत याद आये है वह गुजरा जमाना .....!वो भागते हुए तेरा ट्रेन पकड़ना और पानी की बोतल घर भूल जाना वो फोन की ट्रिंग ट्रिंग वो तेरा ... Read more
clicks 144 View   Vote 0 Like   10:28am 1 Oct 2013 #
Blogger: priyanka rathore
जो रफ़्तार में थेउन पीले गुलमोहरों परबैठी तितली को ना देख पाए ।ना छू पायें उस ऒस की बूँद को ,जो सुबह सुबह घास के आखिरी छोर पर टिकी थी ।जो रफ़्तार में थेमूंगफली के दानों को कुतर कुतर कर खाती उस गिलहरी को पीछे छोड़ गये ,घर की बालकनी में रखा तुलसी का पौधा सूख रहा है ।पिज़्ज़ा ... Read more
clicks 114 View   Vote 0 Like   1:00pm 23 Sep 2013 #
Blogger: priyanka rathore
उस फिसलन भरे समय में तुम्हारा आना भी , आभासी चादर ओढ़े किसी अप्रत्याशित घटना से कम ना था | कातर आवाजों और चीत्कारों के बीच वह पल अँधेरे में जुगनू सी चमक और अनदेखे सपने दे गया था | शायद पहली बार तुम्हे महसूस करने का क्रम शुरू हुआ था , जोकि अनवरत चलता रहेगा , कभी सोचा ना था | कतर... Read more
clicks 119 View   Vote 0 Like   1:48pm 5 Aug 2013 #
Blogger: priyanka rathore
बहुत समय बाद महा देवी जी की मेरा परिवार पुनः कांपते हाथों से पढने को उठाई । (कांपते हाथों से उठाने का अभिप्राय शायद अनुभूतियों की तीव्रता से उत्पन्न बेचैनी को ना झेलने की मन: स्थिति ही हो सकती है ।) बढ़ते हुए पन्नों की संख्या के साथ बचपन की मीठी स्मृतियाँ चलचित्र की भांत... Read more
clicks 105 View   Vote 0 Like   6:48am 28 Jul 2013 #
Blogger: priyanka rathore
Gh gteedccv hjhh ... Read more
clicks 82 View   Vote 0 Like   5:39am 21 May 2013 #
Blogger: priyanka rathore
Gh gteedccv hjhh ... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   5:39am 21 May 2013 #
Blogger: priyanka rathore
यार –तुम लड़के .......क्यों नहीं किसी एक के हो पाते हो ....बस –भवरें की तरह ,हर फूल पर मंडराते हो .....!या कुछ यूँ कहूँ ...जो भी किसी एक का ना हो पायेगा ,जीवन भर उस भूत की तरह किसी अँधेरे कुएं से निकलने की आस में अकेले फड़फड़ायेगा .....सुकून ना मिल पायेगा ....सुकून ना मिल पायेगा .....!!!!!!प्रियंक... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   10:26am 28 Mar 2013 #
Blogger: priyanka rathore
जब पड़ा था पहला कदम तुम्हारा मेरे आँगन में ,तब -वो फूल  ही तो थे पलाश के ,जो बिखरे थे मेरे आँचल में ......!!!!!प्रियंका राठौर ... Read more
clicks 142 View   Vote 0 Like   2:01pm 4 Mar 2013 #
Blogger: priyanka rathore
शब्द। मैं नहीं जानती कि कहां से आते हैं। एक लेखिका जो वेदना में है। शायद, इस अवस्था में पुन: जीने की इच्छा एक शरारतभरी इच्छा है।अपने 90वें वर्ष से बस थोड़ी ही दूर पहुंचकर मुझे मानना पड़ेगा कि यह इच्छा एक संतुष्टि देती है, एक गाना है न 'आश्चर्य के जाल से तितलियां पकड़ना..' इसक... Read more
clicks 100 View   Vote 0 Like   9:34am 25 Jan 2013 #
Blogger: priyanka rathore
रचने चली हूँ फिर एक संसार ...जिसमे है -वो टिमटिम आँखों वाली दुबली पतली बार्बी ...साथ खड़ा वो मासूम हरा श्रैक .....न जाने कहाँ से .आया टॉम यहाँ पर शायद कर  रहा है पीछा प्यारे जैरी का ....ये क्या !काकश ने पीछे से आकर  खाया है  काट मेरे गोलू श्रैक  को ..गोल गोल सी आँखों में अब मोटी मोटी... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   2:11pm 24 Jan 2013 #
Blogger: priyanka rathore
हाल का टीवी आन था ... अमिताभ बच्चन का इन्टरव्यू चल रहा था और अमिताभ मधुशाला की कुछ पंक्तियाँ सुना रहे थे .... पारु उधर से गुजरी ... पंक्तियाँ सुनते ही बुदबुदाई “आई हेट अल्कोहल .... पता नहीं लोग , इस पर क्यों लिखते हैं .... दुनिया में टॉपिक कम हैं क्या ?”तभी पीछे से आती आवाज ने उसकी तन्... Read more
clicks 143 View   Vote 0 Like   12:49pm 10 Jan 2013 #
Blogger: priyanka rathore
मै  नहीं जानती .....कि  दुनिया में क्या हो रहा है ,या क्या घट रहा है ....मै  नहीं जानती .....कि  अमेरिकी तट  पर आया हरिकेन क्यूँ आया .....मै नहीं जानती कि लोग उसे सैंडी क्यूँ कह रहे हैं .....या फिर ओबामा और रोमनी में कौन अमेरिकी सत्ता संभालेगा ......मै  नहीं जानती .....कि आर बी आइ की नीति के उत... Read more
clicks 110 View   Vote 0 Like   2:03pm 30 Oct 2012 #
Blogger: priyanka rathore
ख़ामोशी की सूनी चादर में ,शब्दों का मिलना -तेरा होना ही तो है .....अंगडाई लेती धूप में ,फूलों का खिलना -तेरा होना ही तो है .....हवा की ठंडक का कानों में आकर कुछ कह जाना -तेरा होना ही तो है .....बहते जल में लहरों का आलिंगन -तेरा होना ही तो है .....और क्या कह दूँ -छूटती हुयी जिन्दगी में ,उम्... Read more
clicks 96 View   Vote 0 Like   7:56am 17 Oct 2012 #
Blogger: priyanka rathore
तज दियो है लाल रंग ,उजलों ही अब भाए रे ,धूल धूसर में भी लाग्यो रे चोखा ,म्याहरे शिव भी उसमे समाये रे ,सब रंगों का है एक रंग ये ,उजलों ही अब भाए रे .....हाँ –उजलों ही अब भाए रे ......!!!![उजलों = सफ़ेद ]प्रियंका राठौर ... Read more
clicks 106 View   Vote 0 Like   7:10am 15 Aug 2012 #
Blogger: priyanka rathore
मै 'असम 'भारतीय संस्क्रति का सिरमौर 'असम ' ..................आज -जलता , झुलसता असम  बन गया हूँ ...................दर्द की कतरनों से कई सवाल जेहन में उभर रहे हैं ....हिंसा के इस दौर को मै क्या  नाम दूँ ?क्षेत्र विशेष समस्या या फिर साम्प्रदायिकता ......अतीत के गोल - गोल छल्लों में जब अ... Read more
clicks 107 View   Vote 0 Like   2:56pm 27 Jul 2012 #
Blogger: priyanka rathore
मै 'असम 'भारतीय संस्क्रति का सिरमौर 'असम ' ..................आज -जलता , झुलसता असम  बन गया हूँ ...................दर्द की कतरनों से कई सवाल जेहन में उभर रहे हैं ....हिंसा के इस दौर को मै क्या  नाम दूँ ?क्षेत्र विशेष समस्या या फिर साम्प्रदायिकता ......अतीत के गोल - गोल छल्लों में जब अपना प्रतिबिम्ब देख... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   2:56pm 27 Jul 2012 #
Blogger: priyanka rathore
जिस्म बिकता है बाजारों में भी .......उसकी चुकानी पड़ती है कीमत .......एक 'इमोशन लेस' 'यूज'और फिर 'थ्रो'उसमें वो बात कहाँ .......बुझाने गए थे आग खुद झुलस कर  चले आये .....अब क्या -अन्दर की सुलगती आग को शांत कैसे किया जाये ?नया दांव -'इमोशनल' प्रपंच का ,जिस्म तो जिस्म है ,आंगन का हो तो सबसे बेह... Read more
clicks 123 View   Vote 0 Like   10:15am 25 Jul 2012 #
Blogger: priyanka rathore
उस गहरी , काली ,अभिसप्त सी ,दिखने वाली ,बाबी का .....वह निश्तेज ,मरणासन्न सा सांप -अभी मरा नहीं है ......बस  -प्रतीक्षा में है मुक्ति की ....पल पल मरती पुरानी  जिन्दगी से .....केंचुल उतरने की ,प्रक्रिया जारी  है ....दर्द , तड़प और कराहों का चीत्कार उसको बेबस जरूर कर रहा है .....लेकिन -नष्ट न... Read more
clicks 127 View   Vote 0 Like   9:28am 1 Jul 2012 #
Blogger: priyanka rathore
वक्त  के चेहरे पर फेकी हुयी रंगीन स्याही सी ,7गुणा 7 नाप की चाँद की तस्वीर ,तुम्हारे दिल के फ्रेम में ऐसी फिट है जिसमे कम या ज्यादा की कोई गुंजाईश नहीं .......मगर अफ़सोस -उन रंगों को देख पाना तुम्हारे लिए मुमकिन नहीं -क्योकि -तुम्हारी नजरें सिर्फ श्वेत श्याम ही ,देख पाती  है... Read more
clicks 109 View   Vote 0 Like   9:09am 22 Jun 2012 #
Blogger: priyanka rathore
अनिश्चितता की भी सीमा होती है ....अनुमानों का गुबार या फिर स्थायित्व  के खरे मापदंड दिशा सूचक रूप में अनिश्चितता को भी निश्चित स्थापित करते हैं ....जुएँ के पत्ते तभी तक अनिश्चित होते हैं जब तक बिना बांटें गड्डी के रूप में नियति के हाथ होते हैं ...खिलाड़ियों के बीचबँट जा... Read more
clicks 122 View   Vote 0 Like   10:22am 26 Apr 2012 #
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