POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: यूरेका

Blogger: M VERMA
वह दर्पण के सामने खड़ीं हो गयी और बोली, “बता दर्पण ! मेरी ख़ूबसूरती के बारे में बता'”दर्पण ने उसे निहारा और बोला, “आपसे भी खूबसूरत लोग हैं इस नगर में"उसे गहन संताप हुआ और उसने क्रोधित होकर एक पत्थर उठा लिया और बोली, “बता दर्पण ! अब तूं मेरी ख़ूबसूरती के बारे में बता'”दर्पण ने पत... Read more
clicks 251 View   Vote 1 Like   6:20am 1 Jul 2012 #लघुकथा
Blogger: M VERMA
शाम हो चुकी है भला कैसे खड़ा होगापीकर बेचारा किसी नाले में पड़ा होगा.उसकी मुस्कुराहट कर रही है चुगली शादीशुदा नहीं शर्तियाँ वह 'छड़ा' होगा.आज फिर उसका चेहरा सूजा हुआ हैकिसी ‘नाजनीन’ ने थप्पड़ जड़ा होगा.नाक कट गयी है, आँख कहीं और होगाकिसी बिजली के खम्भे से लड़ा होगा.‘तौहीन’ इस... Read more
clicks 139 View   Vote 0 Like   1:52pm 21 May 2012 #मजाहिया ग़ज़ल
Blogger: M VERMA
(वैधानिक चेतावनी : यहाँ शारीरिक नंगई को कोई स्थान नहीं है)नंगा होने का सुख नंगा ही जान पायेगा. वस्तुत: नंगई एक नैसर्गिक गुण है जो अर्जित भी की जा सकती है और विरासत में भी मिल सकती है. नंगई के लिए आवश्यक संसाधन है माँ-बहन की गालियाँ. यह भी साधना से अर्जित की जाती है. वैसे भी आज... Read more
clicks 203 View   Vote 1 Like   12:50am 13 May 2012 #मज़ाहिया
Blogger: M VERMA
(वैधानिक चेतावनी : यहाँ शारीरिक नंगई को कोई स्थान नहीं है)नंगा होने का सुख नंगा ही जान पायेगा. वस्तुत: नंगई एक नैसर्गिक गुण है जो अर्जित भी की जा सकती है और विरासत में भी मिल सकती है. नंगई के लिए आवश्यक संसाधन है माँ-बहन की गालियाँ. यह भी साधना से अर्जित की जाती है. वैसे भी आज... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   3:46pm 12 May 2012 #मजाहिया
Blogger: M VERMA
पीये और पिलाए नहीं तो क्या किया?पीकर भी लड़खडाए नहीं, तो क्या किया?.तुम्हारी आशिकी शक के दायरे में है नाज़नीन से पिटकर आये नहीं, तो क्या किया?.सियासत का दंभ भरते हो, कच्चे हो पर गरीब की बेटी उठवाये नहीं, तो क्या किया?.माना उठ गयी थी महफ़िल जहां गए थेऔर किसी बारात में खाए नहीं, तो ... Read more
clicks 176 View   Vote 1 Like   4:20pm 30 Apr 2012 #मजाहिया ग़ज़ल
Blogger: M VERMA
आजकल वे मुझसे नाराज़ हैं. यूँ तो मैं कभी नाराज़ नहीं होता और न किसी की नाराजगी का अंदाज़ा होता है. पर पत्नी के मामले में बात अलग है. वे जब भी मुझे उलाहनों से वंचित रखती हैं मैं समझ लेता हूँ कि नाराज़ हैं. नाराजगी का कोई कारण हो जरूरी नहीं है. गर्मी ज्यादा हो तो वे मुझपर नाराज़ हो स... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   3:38pm 6 Apr 2012 #हा हा
[ Prev Page ] [ Next Page ]


Members Login

Email ID:
Password:
        New User? SIGN UP
  Forget Password? Click here!
Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3938) कुल पोस्ट (195050)