Hamarivani.com

जज़्बात

कितनी जद्दोजहद से वे गुजरे होंगेतब कहीं गहरी झील में उतरे होंगे उड़ान भरने से कतरा रहा है परिंदा बेरहम ने मासूम के पर कुतरे होंगे दर्द छुपा लेते है लोग आसानी सेनीद मे मगर जरूर ये कहरे होंगेजज्बात हों नहीं, ये हो नही सकताजज्बात किसी मोड़ पर ठहरे हो़गे मासूमों की चीखें सु...
जज़्बात...
Tag :
  May 20, 2019, 9:00 am
ख़बर ये है कि ख़बरों में वो ही नहींजिनकी ये ख़बर है.डर से ये कहीं मर न जाएंबस यही डर है.लूटेरे भी लूटेंगे किसको?लुटा हुआ ये शहर है.दवा भला असर करे कैसे?शीशियों में तो ज़हर है.मंजिल तोइस रास्ते पर है ही नहींअँधा ये सफर है.खौफजदा,गुमनाम सा, दुबका हुआये शेरे-बब...
जज़्बात...
Tag :ज़ज्बात
  May 13, 2019, 1:21 pm
जमीन से कुछ उठाकर  यह परिंदा पंख फैलाकर उड़ रहा है सच तो यह है किइस तरह वह अपने जमीन से जुड़ रहा हैस्तुत्य है इसका श्रमपरखना हो तो परखो इसका हौसलातिनका-तिनका जोडकर बना रक्खा है इसने खूबसूरत एक घोसला जहाँ इसके बच्चे चीत्कार कर रहे हैंऔर बेसब्री से इसका इन्तेजार कर रहे ...
जज़्बात...
Tag :चिड़िया
  May 5, 2019, 7:22 am
तुमने कहा --रूको, मत जाओमैनें समझा --रूको मत, जाओऔर मैंचुपचाप चला आया था -- उस दिनबिना किसी शोरबिना किसी तूफानकितना भयानकज़लज़ला आया था -- उस दिनकाश !तुमने देखा होताचट्टान का खिसकनाकाश !तुमने भी देखा होतावह मंजरजब एक मकानढहा था अधबनाऔरउड़ने को आतुर एक कबूतरदब गया थाशायद यह --...
जज़्बात...
Tag :
  May 2, 2019, 10:32 am
हालात परनज़र रखने का वायदा थासमुंदर की सतह पर इस देश को रखकर हम नज़र रक्खे हैं कि नहीं?कीमतें कम करने पर सवाल आखिर क्यूँ?डालर की तुलना मेंरूपये का कीमत हम कम रक्खे हैं कि नहीं?किये वायदे से हम मुकर तो नहीं रहे हैंउन्हीं वायदों को फिर से घोषणापत्रों में हम रक्खे हैं कि नहीं?...
जज़्बात...
Tag :सामयिक
  April 28, 2019, 5:30 am
यूं तो तुमने मुझेजीवन जीने का नज़रिया दियापर अफ़सोस कि तुमने जीवन जीने कान ज़रिया दिया ×××लोग समझ रहे हैं किचल रहा है मंदी का दौर सच तो यह है किचल रहा है रजामंदी का दौर ...
जज़्बात...
Tag :
  April 25, 2019, 9:41 pm
पहचान करबयान देकर वापस लेने के ट्रेंड कोमाँ-बहन की अनगिनत गालियाँ दे डाली मैंने अपने फ्रेंड कोसोचा था मैं उसको सरप्राईज दूंगा बाद में अपनी गालियाँ वापस ले लूंगा,गालियाँ सुनकर उसका ब्लडप्रेशर बढ़ गया पारा भी सातवें आसमान पर चढ़ गया आव देखा न ताव छोड़ दिया उसने अपना अब तक ...
जज़्बात...
Tag :हास्य
  April 22, 2019, 4:00 am
मत पूछिए ये दिल चाक-चाक क्यूँ हैएहसासों को पत्थर की पोशाक क्यूँ है?हालात का तर्जुमा तुम्हारी निगाहों में हैदर्द को छुपाने की फिर फिराक़ क्यूँ है?तुम्हारे आँकड़ों पर यकीन करें भी कैसे?ज़हर भरा आख़िर फिर खुराक़ क्यूँ है?माना परिन्दे छोड़े गये हैं उड़ान भरने कोनकेल से बँधी फिर ...
जज़्बात...
Tag :अभिव्यक्ति
  April 19, 2019, 9:35 pm
तरकश के सारे तीर चलाये जायेंगेशफ्फाक धवल वस्त्र सिलाये जायेंगे जिनकी आँखे पथरा गयी हैं उनमेंआयातित सपने भे जगाये जायेंगे वायदों के तिलस्मी दीवार के पीछे आस के मृगछौने भटकाये जायेंगे ताकि झूठ का जाल नज़र न आये    देखना अब गंगाजल उठाये जायेंगेये सिलसिला बदस...
जज़्बात...
Tag :गज़ल
  April 17, 2019, 9:21 pm
खाना नाही, बिजली आउर पानी नाही बाइ शहर में आउर कौनो परेशानी नाही बा मनई क देखा कान कुतर देहलेस चूहवालागेला कि इ शहर में चूहेदानी नाही बादेखे के पहलवान जैसन लोग दिख जालन  सच सुना कि इहा मगर जवानी नाही बाइज्जत आबरू क लूटन रोज क बात हौ बतावा के कही कि इ राजधानी नाही बा इन ल...
जज़्बात...
Tag :ग़ज़ल
  April 13, 2019, 9:24 am
ये तुम्हारा भरम है कि वे गुलाब रक्खेंगेमंजिल से ठीक पहले वे सैलाब रक्खेंगेहकीकत कही तुमसे रूबरू न हो जायेतुम्हारे पलको पर अब वे ख्वाब रक्खेंगे  औंधे पडे मिलेंगे तुम्हारे सवालो  के तेवरचाशनी से लिपटे जब वे जवाब रक्खेंगेरख दो अपनी खिलाफत ताक पर तुमखिदमत में वे कब...
जज़्बात...
Tag :
  April 1, 2019, 5:07 pm
धूप में देखिये पसीना सुखाने आया है खंजरों को वह जख्म दिखाने आया है नींद में चलते हुए यहाँ तक पहुंचा है लोगों को लगा कि राह बताने आया है गफलत की जिंदगी के मर्म को जाना फितरत को जब वह आजमाने आया है राह में जिसके पलके बिछाते रहे हम आज वो हमको आँखे दिखाने आया है सांस जब टूट गयी...
जज़्बात...
Tag :
  March 24, 2019, 8:07 pm
धुप्प अँधेरे मेंखुद को तलाशने की कोशिश मेंस्वयं के एहसासों के अवशेषों से कई बार टकराया निःशब्द स्व-श्वासों की आहट से कई बार चकराया दिग्भ्रमित करने के लिएतैनात हो गए  मेरे ही खंडित सपनेआक्रोशित से खड़े मिले तथाकथित मेरे अज़ीज़, मेरे अपने सबने मेरी गुमशुदगी का इल्जाम मु...
जज़्बात...
Tag :
  March 16, 2019, 2:16 pm
वर्णों की यायावरी से ‘शब्द’ परेशान हैं ‘व्याकरण’ खीझता सा खड़ा है ‘भाव’ व्यथित-हैरान है कल दिखा ‘ख’ वर्ण खंजर लिए हुए‘म’ वर्ण मिला दहशत का मंजर लिए हुई फटेहाल दिखा ‘अनुच्छेद’ मलीन ‘पैराग्राफ’ के चेहरे पर अब भी जख्मों के अनगिनत निशान हैं, वर्णों की यायावरी से ‘शब्द’ पर...
जज़्बात...
Tag :
  May 8, 2018, 3:30 pm
जिंदगी की तलाश मेंवह बैठा रहता है शहंशाही अंदाज़ लिए कूड़े के ढेर पर, नाक पर रूमाल रखे आते-जाते लोगो को निर्विकार भाव से देखते हुए गुनगुनाता है ‘कुण्डी मत खड़काना राजा’ सिर्फ आज की नहीं यह तो है रोज की कहानी कालोनी से आने वाला कूड़े से लदा ट्रक जब खाली होकर चला जाएगा वह सड़त...
जज़्बात...
Tag :एहसास
  November 6, 2016, 10:13 am
बलखाती थीवह हर सुबह धूप से बतियाती थीफिर कुमुदिनी-सी खिल जाती थीगुनगुनाती थी वह षोडसीअपनी उम्र से बेखबर थीवह तो अनुनादित स्वर थी सहेलियों संग प्रगाढ़ मेल था लुका-छिपी उसका प्रिय खेल थाखेल-खेल में एक दिनछुपी थी इसी खंडहर मेंवह घंटों तक वापस नहीं आई थीहर ओर ...
जज़्बात...
Tag :एहसास
  October 22, 2016, 7:18 am
मैंने देखा हैअपने जवान पश्नों कोउन बज्र सरीखे दीवारों से टकराकरसर फोड़ते हुएजिसके पीछे अवयस्क बालाएँअट्टहासों की चहलकदमी के बीच यंत्रवत वयस्क बना दी जाती हैऔरबेशरम छतें भरभराकर ढहती भी नहीं हैंमैनें देखा हैआक्सीजन की आपूर्ति बन्द कर देने के कारणअपने नवजात, नाज...
जज़्बात...
Tag :एहसास
  October 19, 2016, 3:33 pm
 यही तो गड़बड़झाला है दाल में सब काला है .ओहदे पर तो होगा ही   वो जब उसका साला है .कैसे कहें जो कहना है मुंह पर लगा ताला है .शायद किस्मत साथ दे सिक्का दुबारा उछाला है .शब्दों के बगावती तेवर परेशानी में वर्णमाला है .किरदार समझने लगे हैं दुनिया एक रंगशाला है .जख्मों ने मेरे जिस्...
जज़्बात...
Tag :गज़ल
  July 5, 2012, 9:21 pm
चिठिया लिख के पठावा हो अम्मा गऊंआ क तूं हाल बतावा हो अम्मा टुबेलवा क पानी आयल की नाही धनवा क बेहन रोपायल की नाही झुराय गयल होई अबकी त पोखरी परोरा* क खेतवा निरायल की नाही अपने नजरिया से दिखावा हो अम्मा गऊंआ क तूं हाल बतावा हो अम्मा छोटकी बछियवा बियायल त होईपटीदारी में इन्...
जज़्बात...
Tag :गीत
  June 29, 2012, 8:48 am
मेरा रहबर हर कदम पर मुझको पहाड़ देता हैसूरज के कहर से बचाने के लिए ताड़ देता है.आशियाना बनाने में वह इस कदर मशगूल हैन जाने कितनों का वह छप्पर उजाड़ देता है.हालात बयाँ करने के लिए जब भी खत लिखापता देखकर बिना पढ़े बेरहमी से फाड़ देता है.नयन नीर से सिंचित ज़ज्बाती इन पौधे को देखा उ...
जज़्बात...
Tag :
  June 22, 2012, 10:13 am
तुम पहाड़ पर चढ़ोहम तुम्हारी सफलता के लिए दुआएं करेंगे; तुम जमीन खोदकर पाताल में उतर जाओ, जब तक तुम बाहर नहीं आ जाते हम तुम्हारे लिए फिक्रमंद रहेंगे.हम लड़ रहे हैं; लड़ते रहेंगे तुम्हारे लिए.तुम चिलचिलाती धूप मेंरेतीली जमीन पार कर उस पार जब पहुंचोगे, हवाई मार्ग से पहुंचकर ह...
जज़्बात...
Tag :कविता
  June 3, 2012, 9:28 pm
छत्तीस का आकड़ा हैक़दमों में पर पड़ा है .आंसुओं को छुपा लेगाजी का बहुत कड़ा है.उंगलियां उठें तो कैसे?कद उनका बहुत बड़ा है .लहुलुहान तो होगा ही पत्थरों से वह लड़ा है .कब का मर चुका हैवह जो सामने खड़ा है.खाद बना पाया खुद को महीनों तक जब सड़ा है.कल सर उठाएगा बीजआज धरती में गड़ा है...
जज़्बात...
Tag :गज़ल
  May 23, 2012, 8:44 pm
आज वह एक बार फिर मरा हैपर यह कोई खबर नहीं है वैसे भी, उसके मरने की खबर किसी खबरनवीस के लिए खबर की बू नहीं देती, क्योंकि खबर तभी खबर बन पाती है जब उसमें पंचातारे की नजाकत हो; या फिर बिकने की ताकत हो. .यूं तो यह विषय है अनुसन्धान का कि वह पहली बार कब मरा ?स्वयं यह प्रश्न खुद के अस्...
जज़्बात...
Tag :कविता
  May 17, 2012, 8:10 pm
खाना नहीं, बिजली और पानी नहीं है इस नगर में और कोई परेशानी नहीं है . चूहों ने कुतर डाले हैं कान आदमी के शायद इस शहर में चूहेदानी नहीं है  . चहलकदमी भी है, सरगोशियाँ भी हैं मंज़र मगर फिर भी तूफानी नहीं है . आये दिन लुट जाती है अस्मत यहाँ कौन कहता है यह राजधानी नहीं है . अपनों ...
जज़्बात...
Tag :गज़ल
  May 8, 2012, 9:55 pm
जिस्म को बेइंतिहाँ उछाला मैंनेबिखरकर खुद को संभाला मैंने.बेदर्द का दिया दर्द सह नहीं पायापत्थर का एक ‘वजूद’ ढाला मैंने.किरदार छुपा लेते हैं एहसासों कोखुद को बना डाला रंगशाला मैंने.एहसास उनके रूबरू ही नही होतेन जाने कितनी बार खंगाला मैंने .अब क्या दिखेंगे जख्म के निश...
जज़्बात...
Tag :गज़ल
  May 2, 2012, 7:03 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3872) कुल पोस्ट (188697)