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Blog: जज़्बात

Blogger: M VERMA
आतुर सुलझाने कोउलझा धागावह जागाउठकर भागा,सूरज से टकरायाचकराया, गश खायाजीवन को दे डालाजीवन का वास्तारास्ते पर वहया उसके अंदर रास्ता?दो पल के सुकून के लालेखोले उसने सात ताले,तिलिस्मी मंजरमकडी के जाले,गुंजायमान अट्टहासकृत्रिम अनुबंध,रिश्तो की अस्थियालोहबानी गंध,खु... Read more
clicks 287 View   Vote 0 Like   5:15am 7 Aug 2019 #
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नवगठित सरकार आरम्भ से ही सक्रिय हो गयी. जनता की परेशानियो को समझने के लिये समितिया गठित की गयी. सभी समितियो ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की. सभी समितियो की रिपोर्ट में एक बात उभरकर सामने आयी कि जनता की परेशानी का प्रमुख कारण बढता हुआ अपराध है. सरकार ने मंत्रिमंडल को अपराध क... Read more
clicks 326 View   Vote 0 Like   4:51am 11 Jun 2019 #
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मूर्खता एक सात्विक गुण है, जिसे धारण करने से अपमान की सम्भावना कम हो जाती है. याद रखें अपमानित सदा विद्वत्ता का दुर्गुण धारण करने वाले ही होते हैं. यह अनुवांशिक भी हो सकती है और अर्जित भी. मेरा यह आलेख अनुवांशिक रूप से मूर्खता धारण करने वालों के लिये नहीं है वरन उनके लिये... Read more
clicks 283 View   Vote 0 Like   7:08am 30 May 2019 #मज़ाहिया
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पीये और पिलाए नहीं तो क्या किया?पीकर भी जो लड़खडाए नहीं, तो क्या किया?.तुम्हारी आशिकी शक के दायरे में हैनाज़नीन से पिटकर आये नहीं, तो क्या किया?.शादीशुदा के लिए तो तोहफा है बेलनबीबी से आजतक खाए नहीं, तो क्या किया?.सियासत का दंभ भरते हो, कच्चे हो परघोटालों के लिस्ट में आये नही... Read more
clicks 309 View   Vote 0 Like   4:39am 27 May 2019 #मज़ाहिया
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कितनी जद्दोजहद से वे गुजरे होंगेतब कहीं गहरी झील में उतरे होंगे उड़ान भरने से कतरा रहा है परिंदा बेरहम ने मासूम के पर कुतरे होंगे दर्द छुपा लेते है लोग आसानी सेनीद मे मगर जरूर ये कहरे होंगेजज्बात हों नहीं, ये हो नही सकताजज्बात किसी मोड़ पर ठहरे हो़गे मासूमों की चीखें सु... Read more
clicks 240 View   Vote 0 Like   3:30am 20 May 2019 #
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ख़बर ये है कि ख़बरों में वो ही नहींजिनकी ये ख़बर है.डर से ये कहीं मर न जाएंबस यही डर है.लूटेरे भी लूटेंगे किसको?लुटा हुआ ये शहर है.दवा भला असर करे कैसे?शीशियों में तो ज़हर है.मंजिल तोइस रास्ते पर है ही नहींअँधा ये सफर है.खौफजदा,गुमनाम सा, दुबका हुआये शेरे-बब... Read more
clicks 245 View   Vote 0 Like   7:51am 13 May 2019 #ज़ज्बात
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जमीन से कुछ उठाकर  यह परिंदा पंख फैलाकर उड़ रहा है सच तो यह है किइस तरह वह अपने जमीन से जुड़ रहा हैस्तुत्य है इसका श्रमपरखना हो तो परखो इसका हौसलातिनका-तिनका जोडकर बना रक्खा है इसने खूबसूरत एक घोसला जहाँ इसके बच्चे चीत्कार कर रहे हैंऔर बेसब्री से इसका इन्तेजार कर रहे ... Read more
clicks 252 View   Vote 0 Like   1:52am 5 May 2019 #चिड़िया
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तुमने कहा --रूको, मत जाओमैनें समझा --रूको मत, जाओऔर मैंचुपचाप चला आया था -- उस दिनबिना किसी शोरबिना किसी तूफानकितना भयानकज़लज़ला आया था -- उस दिनकाश !तुमने देखा होताचट्टान का खिसकनाकाश !तुमने भी देखा होतावह मंजरजब एक मकानढहा था अधबनाऔरउड़ने को आतुर एक कबूतरदब गया थाशायद यह --... Read more
clicks 308 View   Vote 0 Like   5:02am 2 May 2019 #
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हालात परनज़र रखने का वायदा थासमुंदर की सतह पर इस देश को रखकर हम नज़र रक्खे हैं कि नहीं?कीमतें कम करने पर सवाल आखिर क्यूँ?डालर की तुलना मेंरूपये का कीमत हम कम रक्खे हैं कि नहीं?किये वायदे से हम मुकर तो नहीं रहे हैंउन्हीं वायदों को फिर से घोषणापत्रों में हम रक्खे हैं कि नहीं?... Read more
clicks 233 View   Vote 0 Like   12:00am 28 Apr 2019 #सामयिक
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यूं तो तुमने मुझेजीवन जीने का नज़रिया दियापर अफ़सोस कि तुमने जीवन जीने कान ज़रिया दिया ×××लोग समझ रहे हैं किचल रहा है मंदी का दौर सच तो यह है किचल रहा है रजामंदी का दौर ... Read more
clicks 414 View   Vote 0 Like   4:11pm 25 Apr 2019 #
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पहचान करबयान देकर वापस लेने के ट्रेंड कोमाँ-बहन की अनगिनत गालियाँ दे डाली मैंने अपने फ्रेंड कोसोचा था मैं उसको सरप्राईज दूंगा बाद में अपनी गालियाँ वापस ले लूंगा,गालियाँ सुनकर उसका ब्लडप्रेशर बढ़ गया पारा भी सातवें आसमान पर चढ़ गया आव देखा न ताव छोड़ दिया उसने अपना अब तक ... Read more
clicks 403 View   Vote 0 Like   10:30pm 21 Apr 2019 #हास्य
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मत पूछिए ये दिल चाक-चाक क्यूँ हैएहसासों को पत्थर की पोशाक क्यूँ है?हालात का तर्जुमा तुम्हारी निगाहों में हैदर्द को छुपाने की फिर फिराक़ क्यूँ है?तुम्हारे आँकड़ों पर यकीन करें भी कैसे?ज़हर भरा आख़िर फिर खुराक़ क्यूँ है?माना परिन्दे छोड़े गये हैं उड़ान भरने कोनकेल से बँधी फिर ... Read more
clicks 315 View   Vote 0 Like   4:05pm 19 Apr 2019 #अभिव्यक्ति
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तरकश के सारे तीर चलाये जायेंगेशफ्फाक धवल वस्त्र सिलाये जायेंगे जिनकी आँखे पथरा गयी हैं उनमेंआयातित सपने भे जगाये जायेंगे वायदों के तिलस्मी दीवार के पीछे आस के मृगछौने भटकाये जायेंगे ताकि झूठ का जाल नज़र न आये    देखना अब गंगाजल उठाये जायेंगेये सिलसिला बदस... Read more
clicks 337 View   Vote 0 Like   3:51pm 17 Apr 2019 #गज़ल
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खाना नाही, बिजली आउर पानी नाही बाइ शहर में आउर कौनो परेशानी नाही बा मनई क देखा कान कुतर देहलेस चूहवालागेला कि इ शहर में चूहेदानी नाही बादेखे के पहलवान जैसन लोग दिख जालन  सच सुना कि इहा मगर जवानी नाही बाइज्जत आबरू क लूटन रोज क बात हौ बतावा के कही कि इ राजधानी नाही बा इन ल... Read more
clicks 290 View   Vote 0 Like   3:54am 13 Apr 2019 #ग़ज़ल
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ये तुम्हारा भरम है कि वे गुलाब रक्खेंगेमंजिल से ठीक पहले वे सैलाब रक्खेंगेहकीकत कही तुमसे रूबरू न हो जायेतुम्हारे पलको पर अब वे ख्वाब रक्खेंगे  औंधे पडे मिलेंगे तुम्हारे सवालो  के तेवरचाशनी से लिपटे जब वे जवाब रक्खेंगेरख दो अपनी खिलाफत ताक पर तुमखिदमत में वे कब... Read more
clicks 249 View   Vote 0 Like   11:37am 1 Apr 2019 #
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धूप में देखिये पसीना सुखाने आया है खंजरों को वह जख्म दिखाने आया है नींद में चलते हुए यहाँ तक पहुंचा है लोगों को लगा कि राह बताने आया है गफलत की जिंदगी के मर्म को जाना फितरत को जब वह आजमाने आया है राह में जिसके पलके बिछाते रहे हम आज वो हमको आँखे दिखाने आया है सांस जब टूट गयी... Read more
clicks 252 View   Vote 0 Like   2:37pm 24 Mar 2019 #
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धुप्प अँधेरे मेंखुद को तलाशने की कोशिश मेंस्वयं के एहसासों के अवशेषों से कई बार टकराया निःशब्द स्व-श्वासों की आहट से कई बार चकराया दिग्भ्रमित करने के लिएतैनात हो गए  मेरे ही खंडित सपनेआक्रोशित से खड़े मिले तथाकथित मेरे अज़ीज़, मेरे अपने सबने मेरी गुमशुदगी का इल्जाम मु... Read more
clicks 141 View   Vote 0 Like   8:46am 16 Mar 2019 #
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वर्णों की यायावरी से ‘शब्द’ परेशान हैं ‘व्याकरण’ खीझता सा खड़ा है ‘भाव’ व्यथित-हैरान है कल दिखा ‘ख’ वर्ण खंजर लिए हुए‘म’ वर्ण मिला दहशत का मंजर लिए हुई फटेहाल दिखा ‘अनुच्छेद’ मलीन ‘पैराग्राफ’ के चेहरे पर अब भी जख्मों के अनगिनत निशान हैं, वर्णों की यायावरी से ‘शब्द’ पर... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   10:00am 8 May 2018 #
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जिंदगी की तलाश मेंवह बैठा रहता है शहंशाही अंदाज़ लिए कूड़े के ढेर पर, नाक पर रूमाल रखे आते-जाते लोगो को निर्विकार भाव से देखते हुए गुनगुनाता है ‘कुण्डी मत खड़काना राजा’ सिर्फ आज की नहीं यह तो है रोज की कहानी कालोनी से आने वाला कूड़े से लदा ट्रक जब खाली होकर चला जाएगा वह सड़त... Read more
clicks 210 View   Vote 0 Like   4:43am 6 Nov 2016 #एहसास
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बलखाती थीवह हर सुबह धूप से बतियाती थीफिर कुमुदिनी-सी खिल जाती थीगुनगुनाती थी वह षोडसीअपनी उम्र से बेखबर थीवह तो अनुनादित स्वर थी सहेलियों संग प्रगाढ़ मेल था लुका-छिपी उसका प्रिय खेल थाखेल-खेल में एक दिनछुपी थी इसी खंडहर मेंवह घंटों तक वापस नहीं आई थीहर ओर ... Read more
clicks 184 View   Vote 0 Like   1:48am 22 Oct 2016 #एहसास
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मैंने देखा हैअपने जवान पश्नों कोउन बज्र सरीखे दीवारों से टकराकरसर फोड़ते हुएजिसके पीछे अवयस्क बालाएँअट्टहासों की चहलकदमी के बीच यंत्रवत वयस्क बना दी जाती हैऔरबेशरम छतें भरभराकर ढहती भी नहीं हैंमैनें देखा हैआक्सीजन की आपूर्ति बन्द कर देने के कारणअपने नवजात, नाज... Read more
clicks 155 View   Vote 0 Like   10:03am 19 Oct 2016 #एहसास
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 यही तो गड़बड़झाला है दाल में सब काला है .ओहदे पर तो होगा ही   वो जब उसका साला है .कैसे कहें जो कहना है मुंह पर लगा ताला है .शायद किस्मत साथ दे सिक्का दुबारा उछाला है .शब्दों के बगावती तेवर परेशानी में वर्णमाला है .किरदार समझने लगे हैं दुनिया एक रंगशाला है .जख्मों ने मेरे जिस्... Read more
clicks 441 View   Vote 2 Like   3:51pm 5 Jul 2012 #गज़ल
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चिठिया लिख के पठावा हो अम्मा गऊंआ क तूं हाल बतावा हो अम्मा टुबेलवा क पानी आयल की नाही धनवा क बेहन रोपायल की नाही झुराय गयल होई अबकी त पोखरी परोरा* क खेतवा निरायल की नाही अपने नजरिया से दिखावा हो अम्मा गऊंआ क तूं हाल बतावा हो अम्मा छोटकी बछियवा बियायल त होईपटीदारी में इन्... Read more
clicks 280 View   Vote 1 Like   3:18am 29 Jun 2012 #गीत
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मेरा रहबर हर कदम पर मुझको पहाड़ देता हैसूरज के कहर से बचाने के लिए ताड़ देता है.आशियाना बनाने में वह इस कदर मशगूल हैन जाने कितनों का वह छप्पर उजाड़ देता है.हालात बयाँ करने के लिए जब भी खत लिखापता देखकर बिना पढ़े बेरहमी से फाड़ देता है.नयन नीर से सिंचित ज़ज्बाती इन पौधे को देखा उ... Read more
clicks 255 View   Vote 0 Like   4:43am 22 Jun 2012 #
Blogger: M VERMA
तुम पहाड़ पर चढ़ोहम तुम्हारी सफलता के लिए दुआएं करेंगे; तुम जमीन खोदकर पाताल में उतर जाओ, जब तक तुम बाहर नहीं आ जाते हम तुम्हारे लिए फिक्रमंद रहेंगे.हम लड़ रहे हैं; लड़ते रहेंगे तुम्हारे लिए.तुम चिलचिलाती धूप मेंरेतीली जमीन पार कर उस पार जब पहुंचोगे, हवाई मार्ग से पहुंचकर ह... Read more
clicks 219 View   Vote 0 Like   3:58pm 3 Jun 2012 #कविता
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