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Blog: माँ भारती

Blogger: Rahul Singh
मज़हब  के बाजार में आज रंग बिखरे मिले कुछ हरे, कुछ नीले, कुछ भगवे में मिले | कुछ को बदस्तूर मंदिर याद आया,कुछ दरगाह तो कुछ मस्जिदों में मिले | खेती, बेरोज़गारी, गरीबी और हस्पताल कहीं खो गया,कसम से ये बावला विकास कहीं खो गया | किसी को हड़प्पा की खुदाई में गोत्र मिला,तो किसी को ज़ब... Read more
clicks 121 View   Vote 0 Like   5:28pm 27 Nov 2018 #
Blogger: Rahul Singh
हिन्दू को हिन्दू रहने दो,मुसलमान को मुसलमान |सबका अपना वज़ूद है,अलग रंग, तहज़ीब और ईमानक्यों घर वापसी करा रहे हो ??क्यों सबको मिला रहे हो ??मिला दिया तो घनघोर स्याह काला हो जायेगावो इंद्रधनुष कही खो जायेगावही जिसे देख कर सुकून मिलता है,हर एक विशाल का दोस्त कोई ज़हीर होता है |क... Read more
clicks 87 View   Vote 0 Like   5:21am 4 Nov 2018 #
Blogger: Rahul Singh
सफर ...आज कल परसों में बरसों बीत गए, वो बचपन का खेल अल्हड जवानी अर्सों बीत गए|नयी निक्कर जो पहनी वो कल चुस्त हो गयी,कमबख्त चलती घडी भी सुस्त हो गयी ।याद किया तो वो काफी पहले का वाकया था,आधी नींद में जो घडी देखी वो दुरुस्त नहीं थी ।वो बूढा पलंग जिस पे सोता हूँ अब भी,घुटने में ... Read more
clicks 183 View   Vote 0 Like   5:32pm 27 Feb 2017 #
Blogger: Rahul Singh
"इस सदी के कबीर को मेरी भावभीनी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि"अधर से टुटा जो तारा वो सबका ही दुलारा थाक्या मुल्ला वो क्या पंडित सारे जग से न्यारा था ।न उसका धर्म था कोई न उसकी कोई जाती थीकिया जो कर्म उसने हर तरफ उसकी ही ख्याति थी ।हुनर उसके यूँ सर चढ़कर कुछ इस कदर बोलेकी सारा विश... Read more
clicks 225 View   Vote 0 Like   8:37am 29 Jul 2015 #
Blogger: Rahul Singh
 माँ - मुन्नवर राणासुख देती हुई माओं को गिनती नहीं आतीपीपल की घनी छायों को गिनती नहीं आती।लबों पर उसके कभी बददुआ नहीं होती,बस एक माँ है जो कभी खफ़ा नहीं होती।इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती हैमाँ बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है।मैंने रोते हुए पोछे थे किसी दिन आँस... Read more
clicks 178 View   Vote 0 Like   8:00am 10 Mar 2013 #
Blogger: Rahul Singh
देश की हालत इस कदर बदल गई,दिल भी दुखी, मन भी दुखी |दिल बोले कुछ कर पगले,देश तुम्हारा है,मन कहे छोड़ यार, ये किसको गवारा है |दिल बोले, सिस्टम बदल डाल, कुछ कर डाल,मन बोले वाह जिस पर पड़ी है सिस्टम की मार,वह बोले प्यारे सिस्टम बदल डाल |दिल बोले, कुछ कर,कब तक हाथ पर हाथ धरे बैठा रहेगा,... Read more
clicks 154 View   Vote 0 Like   5:47am 22 Sep 2012 #
Blogger: Rahul Singh
बरसों का बिछड़ा प्यार...बेजान पड़ी सुखी टहनी भी हरी भरी हो जाती है,बारिश की पहली बूँद कापुरजोर असर होता है |बरसों का बिछडा प्यार मिलेतो यार गजब होता है |ओस की वो बूँद, कोहरे की वो धुंध;सब नया नया लगता है |वही पुराना चाँद फिर आँखों में जँचता है |बरसों का बिछड़ा प्यार मिलेतो या... Read more
clicks 152 View   Vote 0 Like   10:55am 20 Oct 2011 #कविता
Blogger: Rahul Singh
आदमी...दुनिया मैं बादशा है, सो है वो भी आदमीऔर मुफलिस ओ गदा है, सो है वो भी आदमीज़रदार बे नवा है, सो है वो भी आदमीनेमत जो खा रहा है, सो है वो भी आदमीटुकड़े जो मांगता है, सो है वो भी आदमीअब्दाल ओ कुतब ओ गौस ओ वली, आदमी हुएमुन्कर भी आदमी हुए, और कुफ्र से भरेक्या क्या करिश्मे कश्फ़ ... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   6:45am 4 Oct 2011 #कविता
Blogger: Rahul Singh
सब ठाट पड़ा रह जायेगा जब लाद चलेगा बंजारा...टुक हर्स-ओ-हवा को छोड़ मियाँ, मत देस बिदेस फिरे माराकज्ज़ाक अजल का लूटे है दिन रात, बजा कर नक्काराक्या बुधिया, भैंसा, बैल, शुतुर, क्या गौएं, पल्ला, सर भाराक्या गेहूं, चावल, मूठ, मटर, क्या आग, धुआं, क्या अंगारासब ठाट पड़ा रह जाएगा, जब ला... Read more
clicks 159 View   Vote 0 Like   9:56am 29 Sep 2011 #कविता
Blogger: Rahul Singh
हिंदी की कहानी हिंदी की जुबानी सर्वश्व हम लुटा चुके,पुकारता ये छंद है,की ६४ बसंत खर्चकर भी मुंह क्यों बंद है ?माना निकम्मी सरकार कम्बख्क्त कर्जखोर है,हिंद की भाषा का क्या बस यही मोल है ??या हिंद के बेटों का अब वो खून न है खौलता,जिसको देखे मात्र से वनराज भी था बोलता |हिंदी क... Read more
clicks 150 View   Vote 0 Like   9:33am 14 Sep 2011 #कविता
Blogger: Rahul Singh
संहार... हृदय करे चीत्कार,प्रभु अब शुरू करो संहार,बहुत हो चुका इक्का-दुक्का हो अब धुवांधार |सांप सपोले बहुत हो गए जगह नहीं अब शेष,दूध पिलायें इनको कितना बहुत खा चुके ठेस |जिसको अपना समझ के पाला हाय रे मेरे देश,लज्जित करके तुमको दिखाया अपना पापी भेष |इनको जब तक माफ करोगे,सब ... Read more
clicks 165 View   Vote 0 Like   9:38am 20 Jul 2011 #कविता
Blogger: Rahul Singh
यह आग कब बुझेगी...थकती आँखों ने मेरी वो सारा मंजर देखा है,इसी बदन ने मेरे वो सारा तड़पन झेला है,कुछ गोली थी बंदूकों की चुभने वाले खंजर भी थे,बेरहम कुछ बम के गोले और चंद बहुत आतंकी थे,इसी सड़क पर उनलोगों ने बहुतों को हलकान किया,मत पूछो इस कातिल ने कितनों को लहूलुहान किया,यह व... Read more
clicks 166 View   Vote 0 Like   11:24am 15 Jul 2011 #कविता
Blogger: Rahul Singh
गर्दिश में सितारे बहुतों के होंगें,चमन में बहुत से हमारे भी होंगें,हमारे कुछ अपने बहारों में होंगें,बहारों के अपने नज़ारे भी होंगें,नजारों में टूटी हवेली भी होगी,हवेली में फैली दरारे भी होंगीं,दरारों में फैली वो मकड़ी के जाले,वो मकड़ी किसी के सहारे ही होगी,सहारों की अ... Read more
clicks 170 View   Vote 0 Like   8:03pm 25 Apr 2011 #कविता
Blogger: Rahul Singh
thought1:-किसी को प्यार करना तो कोई बात ही नहीं,किसी का प्यार पा लेना कुछ बड़ी बात है,किसी प्यार से वही प्यार पा लेना,क्या बात है?उसी प्यार को अंत तक निभा देना बातें तमाम है|thought2:-उम्रे तमाम पढता रहा दोस्तों की मानवता एक चीज़ है,एक एहसास सीने की,जीने का फ़लसफा,एक तहजीब है,कसम खुदा ... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   7:57pm 25 Apr 2011 #
Blogger: Rahul Singh
माँ भारती: हिमालय की जुबानी...: "लाल खून से सना हिमालय फिर इतिहास बताता है, छोटी आँखों के पीछे फैला षड़यंत्र आज सुनाता है, हिंदी-चीनी भाई-भाई,फिर शुरू वहाँ संग्राम हुआ, तुम..."... Read more
clicks 138 View   Vote 0 Like   3:45am 22 Apr 2011 #
Blogger: Rahul Singh
लाल खून से सना हिमालय फिर इतिहास बताता है,छोटी आँखों के पीछे फैला षड़यंत्र आज सुनाता है,हिंदी-चीनी भाई-भाई,फिर शुरू वहाँ संग्राम हुआ,तुम ही बताओ मुल्क का मेरे कैसा वो अंजाम हुआ,फिजा में फिर से वही हवाएं बहने चारों और लगी,खबरदार में करता हूँ की चिता हमारी सजने लगी |मेरी छ... Read more
clicks 188 View   Vote 0 Like   6:23pm 21 Apr 2011 #कविता
Blogger: Rahul Singh
ज़िन्दगी की धुप में जब पाँव जलने लगते हैं,अंतर आग में जब हम झुलसने लगते हैं,हर तरफ विरानगी तन्हायाँ ही दिखती हैं,करवटों में रात दिन सिसकियों में सोता है,एक ही आवाज़ आती "ऐसा क्यों होता है"|जब अपने लोग बेगानों में दिखने लगते हैं,रिश्तेदारों की गली अनचाहा रस्ता लगता है,दोस... Read more
clicks 137 View   Vote 0 Like   6:53am 24 Mar 2011 #
Blogger: Rahul Singh
रे होलिया रे होलिया होली है....गाँव का सारा लोग लुगाई लगा दू प्रेम का गुलालभंग भंग भंग पिलो पचा के चंग (2)रे होलिया मैं उड़ा रे गुलालकइयो रे  मंगेतर सेहोलिया मैं उड़े रे गुलालकइयो रे मंगेतर सेम्हारी ये मंगेतर चुडला वाली  (2)घड़िया वालो रे नवाब कइयो रे मंगेतर से (2)होलिया मैं ... Read more
clicks 157 View   Vote 0 Like   1:32pm 18 Mar 2011 #holi geet
Blogger: Rahul Singh
मिट्टी की सौंधी खुशबू का कोई मोल नहीं होता,क्षण में जो मिल जाये यूँ ही वह अनमोल नहीं होता |छोटा बिम्ब हिमालय का सूरज का तेज बताता है,किन्तु हिमालय की चोटी को हर कोई भेद नहीं पाता |द्रोणाचार्य धरा पर यारों देखो यहाँ वहाँ मिलता,पर कमबख्त दुहाई देखो कोई कर्ण नहीं मिलता |श्रे... Read more
clicks 168 View   Vote 0 Like   4:32pm 28 Feb 2011 #कविता
Blogger: Rahul Singh
वर दे, वीणावादिनि वर दे !प्रिय स्वतंत्र-रव अमृत-मंत्र नव        भारत में भर दे !काट अंध-उर के बंधन-स्तरबहा जननि, ज्योतिर्मय निर्झर;कलुष-भेद-तम हर प्रकाश भर        जगमग जग कर दे !नव गति, नव लय, ताल-छंद नवनवल कंठ, नव जलद-मन्द्ररव;नव नभ के नव विहग-वृंद को        नव पर, नव स्वर दे !वर दे, वीण... Read more
clicks 131 View   Vote 0 Like   6:44am 8 Feb 2011 #कविता
Blogger: Rahul Singh
धरती के ऐसे लाल कहाँ दुनिया में ऐसे मिलते हैं,बस एक तिरंगे की खातिर सर्वश्व समर्पण करते हैं |न कोई तिलक न कोई सुभाष दुनिया को मिल पाया है,स्वर्श्व समर्पण करने को कोई भगत नहीं आया है |माँ भारती तेरा अहो भाग्य ऐसे सपूत कण-कण में हैं,दिल-ओ-जान लुटाने का जज्बा तेरे बेटे लिये नय... Read more
clicks 136 View   Vote 0 Like   4:41pm 26 Jan 2011 #कविता
Blogger: Rahul Singh
बड़े अरमान इस दिल में चाहे तुम हो या की हम,जो शिद्दत से मिला था यार वो मुड़ जाये क्या होगा ?मय्यसर नहीं सबको वो सारे ख्वाब वो सपने ,कोई प्यासा नदी के सामने मर जाये क्या होगा ?इन्ही नज़रों से ए साथी समझना सबको पड़ता है,जो होठों से कहा जाये तो वो ज़ज्बात क्या होगा ?जुब़ा महसूस ... Read more
clicks 156 View   Vote 0 Like   8:37pm 10 Jan 2011 #कविता
Blogger: Rahul Singh
माँ भारती: कल का इंतज़ार: "ग़र गर्दिश में हो सितारा तो गम न कर, अपने आप पर जुल्मो-सितम न कर , कल सवेरा होगा,सूरज भी निकलेगा, कुछ न कर बस कल का इंतज़ार तो कर | जब होगा ..."... Read more
clicks 145 View   Vote 0 Like   8:35am 3 Jan 2011 #
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