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Blog: विचार

Blogger: मनोज कुमार
गांधी और गांधीवाद-149संदर्भ और पुराने पोस्टों के लिंक यहां पर1909हिंद स्‍वराज्‍य-4स्वदेशी और ग्राम समाज‘हिंद स्वराज’ एक ऐसे समाज की बात करता है जो पिरामिड नहीं है। यह ऊंचाई के साथ चौड़ाई में प्रसारित होता है। यह समाज भारत का ग्राम समाज है। गांधी जी ग्राम समाज के साथ साथ स... Read more
clicks 324 View   Vote 0 Like   12:18pm 22 May 2013 #
Blogger: मनोज कुमार
22मार्च - विश्‍व जल दिवस के अवसर परजान लेंसूखती जा रही है धरा की कुक्षिदिन ब दिन गिर रहा है स्तर जल काकरें कल्पना उस पल काआने वाले भयानक कल का!जब समस्या होगी विकटपृथ्वि पर होगा जल का संकटलोग हैरान होंगेहालात से परेशान होंगेभयावह है आने वाला कलजल जब न होगा सारा जग जाएगा जल... Read more
clicks 350 View   Vote 0 Like   2:35am 22 Mar 2013 #विश्व जल दिवस
Blogger: मनोज कुमार
कुबराविया परम्पराहज़रत  नज़्मुद्दीन कुबरा (1146-1212ई.) इस परम्परा के संस्थापक थे। उन्होंने अपने जन्म-स्थान ख़्वारज़म में अपनी ख़ानक़ाह स्थापित की। 1212ई. में मंगोलों के आक्रमण के कारण उनके शिष्य इधर-उधर चले गए और उनमें से कुछ भारत आए। भारत में इस परंपरा के प्रसिद्ध शेख़ सैय... Read more
clicks 441 View   Vote 0 Like   6:22am 21 Mar 2013 #
Blogger: मनोज कुमार
गांधी और गांधीवाद-148संदर्भ और पुराने पोस्टों के लिंक यहां पर1909हिंद स्‍वराज्‍य-3उत्तर आधुनिक युग मेंपुस्तक का महत्व‘हिंद स्वराज’ मूलतः सभ्यता का विमर्श है। दरअसल यह पाश्चात्य आधुनिक सभ्यता की समीक्षा है। साथ ही उसको स्वीकार करने पर प्रश्नचिह्न भी है। इसमें भारतीय आ... Read more
clicks 312 View   Vote 0 Like   3:58am 17 Mar 2013 #गांधी
Blogger: मनोज कुमार
गीली   मिट्टी   पर   पैरों   के निशान!! काश!मेरी ख़ामोशी का गीतसुन लेतींएक बार ... ... शब्‍द बनकर नज़्म बहेयह    ज़रूरी तो नहीं !मुहब्‍बत का पैगाम लिए कोई आया क्या? … पेड़ो की सरसराहटतेरे आने कादे जाती भ्रम।गीली मिट्टी पर पैरों के निशानगुजरा है कोई इस राह सेकल शाम घिरे थे बादलबा... Read more
clicks 264 View   Vote 0 Like   1:56pm 14 Mar 2013 #
Blogger: मनोज कुमार
कस्तूरबा गांधी की पुण्यतिथि पर साहसी और निर्भिक महिलाभारत की आज़ादी की लड़ाई में बापू का कदम-कदम पर साथ देने वाली कस्तूरबा गांधी का 22 फरवरी 1944 को निधन आगा ख़ां महल जेल में हुआ। वहीं उनका अंतिम संस्कार भी हुआ।तेरह वर्ष की उम्र में 1882 में गांधीजी का विवाह कस्तूरबाई से हुआ। उन... Read more
clicks 297 View   Vote 0 Like   12:30am 22 Feb 2013 #गांधी
Blogger: मनोज कुमार
कुल्हड़ की चाय!मेहरबान! क़दरदान!!कोलकाता ! जहां ..बारीश की नम फुहार .. पूरबइया,पछुआ बयार .. पसीनों से सराबोर तन ... परोपकार से भरा मन .. लोकल की भीड़-भाड़ .. ट्रामों की सुस्त रफ्तार .. घर लौटते मजदूर थक-हार!! कोलकाता ! जहां ..सुबह-सबेरे होती भोर .. देर रात तक ट्राफिक का शोर .. संस्कृति की पह... Read more
clicks 288 View   Vote 0 Like   3:13am 10 Feb 2013 #आलेख
Blogger: मनोज कुमार
गांधी और गांधीवाद-147संदर्भ और पुराने पोस्टों के लिंक यहां पर1909हिंद स्‍वराज्‍य-2विद्वानों के विचारगोखले जी ने इस किताब को नापसंद किया था और आशा की थी कि भारत लौटने के बाद गांधी जी स्वयं इस किताब को रद्द कर देंगे। लेकिन वैसा हुआ नहीं। गांधी जी के सर्वाधिक महत्वपूर्ण राजन... Read more
clicks 293 View   Vote 0 Like   4:00pm 31 Jan 2013 #गांधी
Blogger: मनोज कुमार
सुहरवर्दी सिलसिला-4 शेख़ जलालउद्दीन तबरेज़ी र.अ.ने बंगाल को अध्यात्मिक केन्द्र बनाकर सुहरवर्दिया परम्परा की ख़ानक़ाहें पूरे बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश तक फैला दी। उन्होंने लखनौती में अपनी ख़ानक़ाह स्थापित की जिसमें लंगर की व्यवस्था भी थी। वहां से ये बाद में देवतला चले ... Read more
clicks 336 View   Vote 0 Like   4:01am 19 Jan 2013 #सूफ़ी
Blogger: मनोज कुमार
गांधी और गांधीवाद-146संदर्भ और पुराने पोस्टों के लिंक यहां पर1909हिंद स्‍वराज-11909में जब गांधी जी के लंदन से दक्षिण अफ़्रीका लौटने का समय पास था तो एक महत्वपूर्ण घटना हुई। कनाडा में रह रहे एक भारतीय क्रांतिकारी तारक नाथ दास ने लिओ टॉल्सटॉय को एक पत्र लिखा था। वह वैंकोवेर (Vancouver... Read more
clicks 334 View   Vote 0 Like   2:35pm 13 Jan 2013 #गांधी
Blogger: मनोज कुमार
साहब की कोठीआज सुबह की सैर से वापस आते समय पहले तो धीरे-धीरे फिर ज़ोर से वर्षा होने लगी। तेज हो चुकी बारिश से बचने के लिए मैं छाता ताने अपनी रफ्तार तेज करता घर की तरफ वापस जा रहा था। तभी काफी तेज रफ्तार से पुलिस की गाड़ी मेरे बगल से गुजरी।छपाक ...!!!... और सड़क पर जम आए पानी से मे... Read more
clicks 305 View   Vote 0 Like   4:37am 16 Dec 2012 #लघुकथा
Blogger: मनोज कुमार
गांधी और गांधीवाद-145संदर्भ और पुराने पोस्टों के लिंक यहां पर1909लंदन में नतीज़ा कुछ नहीं निकलासंवैधानिक मोर्चे पर लड़ने के लिए शिष्टमंडल के प्रतिनिधि के रूप में गांधी जी और सेठ हाजी हबीब 10जुलाई 1909को लंदन पहुंचे। लंदन पहुंचते ही बिना समय गंवाए गांधी जी अपने काम में जुट ग... Read more
clicks 298 View   Vote 0 Like   4:25pm 14 Dec 2012 #गांधी
Blogger: मनोज कुमार
साहब आप भी न........!सुबह सुबह मॉर्निंग वाक पर जाता हूँ। सवा से डेढ़ घंटे की हमारी सैर होती है। जिस दिन जैसा स्‍पीड रहा। कभी ब्रिस्‍क वॉक, तो कभी फ़्रिस्क (frisk – to move sportively), कभी कभी तो रिस्‍क वॉक भी हो जाता है। अब उसी दिन एक टैक्सी वाला छूकर कर निकल गया, बाल-बाल बचा। कान में मोबाइल का ... Read more
clicks 325 View   Vote 0 Like   3:37am 5 Dec 2012 #आलेख
Blogger: मनोज कुमार
गांधी और गांधीवाद-144संदर्भ और पुराने पोस्टों के लिंक यहां परइंगलैण्ड के लिए शिष्टमंडल 1909समझौता समितिउस समय कोई भी पक्ष आगे बढ़ने या पीछे हटने की स्थिति में नहीं था। जून 1909में हाजी हबीब की अध्यक्षता में एक समझौता समिति गठित की गई, ताकि सरकार से बातचीत का रास्ता खोला जाए ... Read more
clicks 316 View   Vote 0 Like   2:52pm 28 Nov 2012 #गांधी
Blogger: मनोज कुमार
सुहरवर्दी सिलसिला-3शेख़ हमीदुद्दीन नागौरीक़ाज़ी शेख़ हमीदुद्दीन सुहरवर्दी नागौरी र.अ. (1192-1274) सुहरावर्दिया संप्रदाय के प्रसिद्ध सूफ़ी संत थे। उन्होंने नागौर में इस संप्रदाय की स्थापना की और । उनका मानना था कि इंसान को ईश्वर तक पहुंचने के लिए सांसारिक वस्तुओं का त्याग कर दे... Read more
clicks 283 View   Vote 0 Like   7:29am 22 Nov 2012 #सूफ़ी
Blogger: मनोज कुमार
गांधी और गांधीवाद-143संदर्भ और पुराने पोस्टों के लिंक यहां पर1909भारतीयों को निष्कासित किया गयासत्याग्रह आंदोलन के तीन वर्ष हो चुके थे। अब तक ट्रांसवाल के 7000भारतीयों में से लगभग 1500गिरफ़्तार हो चुके थे। फिर भी सत्याग्रही, खासकर तमिल सत्याग्रही अदम्य उत्साह का परिचय दे रह... Read more
clicks 296 View   Vote 0 Like   11:09am 17 Nov 2012 #गांधी
Blogger: मनोज कुमार
दीपावली तेरा अभिनंदन !!तोड़  कर  तम   के   सारे   बंधन,आ .. दीपावली तेरा अभिनंदन !!तिमिर   घृणा   का   नहीं   हो,हर ह्रदय मे बस   ख़ुशी   हो।हो चतुर्दिक शांति और शुभ,प्यार में   नित   समृद्धि   हो।फिर तेरा   करूं   मैं वंदन !दीपावली तेरा अभिनंदन !!घिसी   पिटी    बेमानी    रस्में,भा... Read more
clicks 344 View   Vote 0 Like   3:17pm 12 Nov 2012 #
Blogger: मनोज कुमार
चार क्षणिकाएँ(एक)मेरे दर परतुम्‍हारा पदार्पणजैसेवर्षा से भींगे पल्‍लवों परचमक उठीसूरज की पहली किरण।(दो)तेरा आनाअगरबत्ती की सुगंध-सा!उड़ जाता हैअवसाद मन काप्रकाश में अंधेरे साजब तुम आ जाती हो!(तीन)काश! ....हम, तुम,नदी का किनाराऔर मधुमास!नाविक बिन नावलहरों का उच्‍छल विल... Read more
clicks 253 View   Vote 0 Like   6:57am 10 Nov 2012 #
Blogger: मनोज कुमार
गांधी और गांधीवाद-142संदर्भ और पुराने पोस्टों के लिंक यहां पर1909जब बा थोड़ी अच्छी हुईं, तो गांधी जी जनवरी के मध्य तक फिर से जोहान्सबर्ग आ गए। अगस्त 1908में जो सत्याग्रह की लडाई फिर से ज़ारी किया गया था, वह अपने उत्कर्ष पर थी। चार महीनों से कम के समय में 1500से भी अधिक सत्याग्रही ... Read more
clicks 325 View   Vote 0 Like   3:24am 9 Nov 2012 #गांधी
Blogger: मनोज कुमार
सुहरवर्दी सिलसिला-2शेख़ बहाउद्दीन ज़क़ारियासुहरावर्दी सम्प्रदाय के दो विख्यात संत शेख हमीदुद्दीन नगौरी र.अ.और शेख वहाउद्दीन ज़कारिया र.अ.हज़रत सुहरवर्दी र.अ. के शिष्य थे। सुहरावर्दी सिलसिले के प्रथम संत सिंध में आकर बस गए थे और मुलतान उनका मुख्य केन्द्र था। भारत मे... Read more
clicks 306 View   Vote 0 Like   3:32am 7 Nov 2012 #
Blogger: मनोज कुमार
गांधी और गांधीवाद-141संदर्भ और पुराने पोस्टों के लिंक यहां पर1909गांधी जी की प्रतिज्ञागांधी जी पहली बार 1908में जेल गए थे। वहां उन्हें चाय या कॉफी नहीं दी जाती थी। नमक तो भोज्य पदार्थ में होता नहीं था और अगर खाना हो तो अलग से लेना होता था। मसाले आदि होते नहीं थे, इसलिए कुछ खाया... Read more
clicks 345 View   Vote 0 Like   3:36am 6 Nov 2012 #गांधी
Blogger: मनोज कुमार
थोड़ी बात करेंज़िन्दगी की!एक बार मैंने उन्हें कह दिया तुम मेरी ज़िन्दगी हो! बहुत ख़ुश हुईं!! खनकती आवाज़ में बोलीं, “शुक्रिया!”खनक! सिक्कों की खनक तो सुनी ही होगी आपने। सिक्के, मूल्य वाले तो होते हैं एक, दो, पांच के,  पर आवाज़ ज़्यादा निकालते हैं। वहीं दस, बीस, पचास, सौ, पांच सौ और हज़... Read more
clicks 249 View   Vote 0 Like   5:10am 4 Nov 2012 #आलेख
Blogger: मनोज कुमार
गांधी और गांधीवाद-140संदर्भ और पुराने पोस्टों के लिंक यहां परबा और बापू की दृढ़ताबा के बारे में गांधी जी लिखते हैं, “… उनमें एक गुण बहुत बड़े परिमाण में है, जो दूसरीकितनी ही हिन्दू-स्त्रियों में थोड़ी-बहुत मात्रा में पाया जाता है। मन से हो या बेमन से, जान में हो या अनजान मे... Read more
clicks 385 View   Vote 0 Like   4:23am 3 Nov 2012 #गांधी
Blogger: मनोज कुमार
सुहरवर्दी सिलसिला-1सुहरवर्दी सिलसिलाबा-शर परंपरा का अंग था। यह सम्प्रदाय मशहूर संत शेख़ शहाबुद्दीन सुहरवर्दी र.अ. (1145-1234ई.) के नाम पर क़ायम हुआ। उन्होंने इस्लामी विधि-विधान की शिक्षा शेख़ अब्दुल क़ादिर जीलानी र.अ. से प्राप्त की थी। लेकिन सूफ़ीमत में उन्हें शेख़ अबू-उन-न... Read more
clicks 271 View   Vote 0 Like   12:30am 29 Oct 2012 #सुहरवर्दी
Blogger: मनोज कुमार
गांधी और गांधीवाद-139संदर्भ और पुराने पोस्टों के लिंक यहां पर1908कस्तूरबा की बीमारीसज़ा की अवधि पूरा हो जाने के बाद, जेल से गांधी जी को 12दिसम्बर को रिहाई मिली। जोहान्सबर्ग जाने के लिए जब वे वॉल्करस्ट रेलवे स्टेशन पहुंचे,स्टेशन मास्टर ने उन्हें बधाई दी। गांधी जी ने स्टेशन... Read more
clicks 281 View   Vote 0 Like   3:07am 25 Oct 2012 #
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