POPULAR ENGLISH+ SIGNUP LOGIN

Blog: आवारा बादल

Blogger: nilesh mathur
क्या कहा सच बोलूँ या मन की आँखे खोलूँ?क्या हँसी खेल है सच बोलनाजो मैं सच बोलूँ,मैने भी बोला था सच कभी जो कुचला गयाझूठ के पैरों तले,अब मैंसच बोलने की हिमाकत करता नहींऔर किसी से सच बोलने को कहता नहीं।... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   2:48pm 14 May 2020 #
clicks 16 View   Vote 0 Like   1:41pm 10 May 2020 #Poem
Blogger: nilesh mathur
अंधेरे के उस पाररौशनी की किरणनज़र आएगी तुम्हेंकभी ना कभी,इस सन्नाटे को चीरकरमेरी आवाजजाएगी तुम तककभी ना कभी,मेरे घर केआंगन मेंधूप जरूर आएगीकभी ना कभी,तपती बंजर भूमि पेबरसेंगे मेघउगेगी फसलकभी ना कभी,खेतों मेंजो हल चलाएगाफसल भी उसी की होगीकभी ना कभी,इमारतों के पीछे की... Read more
clicks 31 View   Vote 0 Like   11:25am 29 Apr 2020 #
Blogger: nilesh mathur
प्रेमी हूँ मैं... Read more
clicks 55 View   Vote 0 Like   12:49pm 22 Apr 2020 #Poem
Blogger: nilesh mathur
कविता... Read more
clicks 52 View   Vote 0 Like   9:16am 21 Apr 2020 #Poem
Blogger: nilesh mathur
ये जो मर गया कल रात को... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   5:08pm 18 Apr 2020 #Poem
Blogger: nilesh mathur
क्या हुआ जो तुमचालीस के पार हो गयी हो,थोड़ी सी झुर्रियां पड़ने लगी हैंपर उतनी ही खूबसूरत हो तुम अब भी,तुम्हारे चेहरे पे नूर हैऔर आँखें नशीली हैं अब भी,तिरछी नज़रों से देखते हैंमनचले तुम्हें अब भी,तुम्हारी खूबसूरती पेमर मिटने को तैयार हैं कई अब भी,जब तुम घर से निकलती होतो आ... Read more
clicks 85 View   Vote 0 Like   10:24am 11 Aug 2019 #
Blogger: nilesh mathur
हथौड़ा चला, चलता रहाछेनी भी मचलती रहीचोट पर चोट माथे से टपकता पसीना,पर वो हाथ रुकते नहींवो हाथ थकते नहींजिन्होने थामी हैहथौड़ा और छेनी,चंद सिक्कों की आस मेंअनवरत चलते वो हाथआग उगलते सूरज कोललकारते वो हाथ,क्या देखे हैं तुमनेकभी ध्यान से वो हाथ??... Read more
clicks 116 View   Vote 0 Like   9:20am 27 Jul 2019 #
Blogger: nilesh mathur
अहंकारी हूँक्योंकि पुरुष हूँ मैं सदियों से अहंकारी रहा है पुरुष और कायम रहेगा ये अहंकार सदा,रावण से मेरी तुलना कर सकते हो तुम लेकिन मेरा वध करने के लिए तुम्हे राम बनना होगा,और राम बनने का सामर्थ्य तुममे भी नहीं हैराम तो छोड़ो हनुमान भी नहीं बन सकते तुमजो मे... Read more
clicks 128 View   Vote 0 Like   5:34pm 20 Jul 2019 #
Blogger: nilesh mathur
जागो उठोदेखो सवेरा हो गया हैपंछी गा रहे हैंफूल खिलने लगे हैं,अँधेरी रात बीत गयीअब रौशनी में नहा लोऔर अंतर के मैल को धो करस्वच्छ निर्मल हो जाओ,अब तैयार हो जाओतुम्हारा ही इंतज़ार हैनियति तुम्हारी राह देख रही हैतुम्हे अपनी मंज़िल पर पहुंचना है,अब समय आ गया हैये सोचने काकि ... Read more
clicks 257 View   Vote 0 Like   2:08pm 19 Jul 2019 #
Blogger: nilesh mathur
ये जो उलझनें हैं जीवन की मुझे इनके पार जाना हैकुछ पाने की चाहत है कही दूर खो जाना है,थक चुका अब तन और भटक रहा है मनवो कौन सा है पथजहाँ मुझे जाना है और मंज़िल को पाना है,जीवन मरण के इस चक्र से अब मुक्त हो जाना हैफिर नहीं आना है दूर कहीं खो जाना है, अब तक चला ... Read more
clicks 234 View   Vote 0 Like   8:26pm 16 Aug 2018 #
Blogger: nilesh mathur
हमने भी खून बहाया कुछ तुमने भी बलिदान दिया तब जाकर मिली हमें फिरंगियों से आज़ादी,भगत सिंह ने फंदा चूमा तो असफाकउल्ला भी शहीद हुए हुएक्या हिंदु मुस्लिम करते हो कुछ इंसानियत के काम करो, पाकिस्तान को मारो गोली अब हिंदुस्तान की बात करोपडोसी अगर बदमाश है तो  मिलक... Read more
clicks 186 View   Vote 0 Like   11:20am 26 Sep 2017 #
Blogger: nilesh mathur
ध्यान, साधना, सत्संग से कोसों दूरकंक्रीट के जंगल मेंसांसारिक वासनाओं और अहंकार तलेआध्यात्म रहित वनवासभोग रहा हूँ इन दिनों,मैं फिर से लौट कर आऊँगा जानता हूँ की तुम मुझे माफ करोगे और सहर्ष स्वीकार भी करोगे। ... Read more
clicks 319 View   Vote 0 Like   2:53pm 29 Jun 2016 #
Blogger: nilesh mathur
लिखने के लिए बाज़ुओं में ताक़त चाहिए और जिगर भी,वर्ना कलम तो हरेक के पास है।खाली जा सकता है वार तलवार का और बंदूक की गोली भी दे सकती है धोखा पर बहुत गहरा है वार कलम का सीधे जिगर पर वार करती है कलम ,बंदूक थामी है तुमने तो जरूर तुम्हारे बाजुओं में ताक़त होगी और जि... Read more
clicks 310 View   Vote 0 Like   1:15pm 15 Jun 2016 #
Blogger: nilesh mathur
आज एक पुरानी रचना फिर से.......एक मुल्क के सीने परजब तलवार चल रही थीतब आसमाँ रो रहा थाऔर ज़मी चीख रही थी,चीर कर सीने कोखून की एक लकीर उभर आई थीउसे ही कुछ लोगों नेसरहद मान लिया,उस लकीर के एक तरफजिस्मऔर दूसरी तरफरूह थी,पर कुछ इंसानजिन्होंने जिस्म से रूह कोजुदा किया थावो होठो म... Read more
clicks 299 View   Vote 1 Like   11:18am 14 Aug 2015 #
Blogger: nilesh mathur
ऐ मेरे खुदा माँ के बालों की सफेदी मुझे अच्छी नहीं लगतीउसके चेहरे की झुर्रियाँ मिटा देउसका हर ग़म दे दे मुझे उसके चेहरे पे मुस्कुराहट सजा दे,उसी की दुआओं का असर है कि गिर गिर के सम्हल जाता हूँ हर बारजानता हूँ हर वक़्त मेरी फिक्र रहती है उसे,ऐ मेरे ख़ुदा अपनी हर तकलीफ ... Read more
clicks 232 View   Vote 0 Like   1:07pm 10 May 2015 #
Blogger: nilesh mathur
हाँ मजदूर हूँ मैं हाँ हाँ मजदूर हूँ मैं,ढाओ सितम जितना सामर्थ्य हैं तुममे झुका सको जो मेरी पीठ इतना सामर्थ्य नहीं तुममे,हाँ मैं मजदूर हूँ हाँ हाँ मजदूर हूँ मैं  तुम देखो मेरे पसीने की हर बूंद है तुम्हारी तिजोरी मे,वक़्त नहीं शायद तुम्हारे पास मेरे लिए ... Read more
clicks 233 View   Vote 0 Like   4:36pm 4 May 2015 #
Blogger: nilesh mathur
बरसती हुई आग में अपने वज़न से ज्यादा भार पीठ पर लादकर मुस्कुराता है वो,अपने हाथों के छाले घरवालों से छुपाता है वो,बच्चों के साथ हँसता है खिलखिलाता है वो,वो मौजूद है हर तरफहमारे इस तरफ हमारे उस तरफ,लेकिन क्या उसका हक़ अदा करते हैं हम??... Read more
clicks 218 View   Vote 0 Like   2:35pm 1 May 2015 #
Blogger: nilesh mathur
क्या सोचा है कभी उन हाथों के बारे में जिन हाथों ने बोए थे बीज, उगाई थी फसल,क्या सोचा है कभी उनके बारे में जिन्होने बहाया था पसीना और बनाए थे वो झरोखेजहाँ से आती है पुरसुकून हवा और धूप,कभी फुर्सत मिले तो झरोखा खोल कर देखनाइसे बनाने वाला कहीं खुले आसमान तले सोत... Read more
clicks 300 View   Vote 1 Like   3:49pm 15 Nov 2014 #
Blogger: nilesh mathur
आज फिर से हम दीपावली मनाएंगे जिनके घरों में चूल्हे भी नहीं जलेउन्हें शर्मशार करते हुए घी के दीप जलाएँगे,धमाकों की आवाज मेंछुप जाएंगा रुदन उनका   और वो भूखे पेट निहारेंगे रोशनी से जगमगाते शहर को,आज फिर से हम भूखे नंगों के बीच नए कपडे पहन कर ... Read more
clicks 237 View   Vote 0 Like   4:13pm 23 Oct 2014 #
Blogger: nilesh mathur
पूज्य बापू, सादर प्रणाम, आपको गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामना, हमें पूर्ण विश्वास है कि आप कुशलता से होंगे। हम सब भी यहाँ मजे में हैं। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश और समाज की स्थिति से आपको अवगत करवाने के लिए मैंने ये ख़त लिखना अपना कर्तव्यसमझा। कुछ बा... Read more
clicks 258 View   Vote 0 Like   3:18pm 25 Jan 2014 #
Blogger: nilesh mathur
मैं एक आम आदमीअब भी नहीं पहुंची हैपरिवर्तन की लहरमेरे जीवन मे,सुबह के इंतज़ार मेगुजरती है हर रातहर सुबह फिर से ले आती हैअनगिनत चिंताओं की सौगात,डरा सहमा सागुजारता हूँ दिन किसी तरहछुपता हूँ मकान मालिक सेऔर सुनता हूँ ताने बीवी के,हर सुबह निकलता हूँ घर सेबच्चों की फीस और... Read more
clicks 241 View   Vote 0 Like   2:21pm 18 Jan 2014 #
Blogger: nilesh mathur
मैं एक आम आदमीअब भी नहीं पहुंची हैपरिवर्तन की लहरमेरे जीवन मे,सुबह के इंतज़ार मेगुजरती है हर रातहर सुबह फिर से ले आती हैअनगिनत चिंताओं की सौगात,डरा सहमा सागुजारता हूँ दिन किसी तरहछुपता हूँ मकान मालिक सेऔर सुनता हूँ ताने बीवी के,हर सुबह निकलता हूँ घर सेबच्चों की फीस और... Read more
clicks 216 View   Vote 0 Like   11:11am 17 Jan 2014 #
Blogger: nilesh mathur
प्रेम क्या है?धोखा, फरेब या वफ़ा है,या किसी कि रगों में बहतानशा है,ये महज़ एक खुबसूरत लफ्ज़ हैया भावनाओ सेखिलवाड़ करने का अचूक अस्त्र है,त्याग है बलिदान हैया बहेलिये का जाल है,नहीं नहीं ये तो शायद ईश्वर का वरदान है। ... Read more
clicks 246 View   Vote 0 Like   3:30pm 16 Jan 2014 #
Blogger: nilesh mathur
पीने लगा हूँ अब शराब मैंना गम है अब ना दर्द का एहसास है,  जीने लगा हूँ अब जब से पीने लगा हूँ मैं ना उनकी याद आती हैं अब ना ख्वाबों मे सताती है वो,जब से पीने लगा हूँ मैं जी भर के जीने लगा हूँ मैं। ... Read more
clicks 207 View   Vote 0 Like   12:37pm 11 Jan 2014 #
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:

Members Login

    Forget Password? Click here!
  • Latest
  • Week
  • Month
  • Year
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3954) कुल पोस्ट (193574)