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भानमती का कुनबा

सब एक से *उस दिन अपनी सहकर्मी नित्या के साथ दुनिया भर गप्पें चल रहीं  थीं.इतने में देखा क्या  कि  भानमती ,खुले दरवाज़े से भीतर चली आ रही है .चेहरा देख कर लगा .कुछ खिसियायी हुई है .नित्या को भी रुचि है मेरी इस निराली सहेली में.मेरे टोकने पर हल्के से मुस्करा दी ' ई तो मरदन की दुन...
भानमती का कुनबा...
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  August 3, 2012, 2:40 am
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