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लालित्यम्

               *                 इंसानी कारस्तानियों से तो अब सारी दुनिया पनाह माँगने लगी है .एक छोटा सा उदाहरण अभी हाल ही में सामने आया है.अमेरिका का, अपनी विविधता के लिये विख्यात येलोस्टोन नेशनल पार्क , जो इतना विशाल है कि  तीन राज्यों में - मोंटाना,व्य...
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  August 15, 2017, 11:13 pm
Suryakant Madhav Karandikar की वाल से -*"उरुग्वे "* एक ऐसा देश है , जिसमे औसतन हर एक आदमी के पास 4 गायें हैं ... औरपूरे विश्व में वो खेती के मामले में नम्बर वन की पोजीशन में है ...सिर्फ 33 लाख लोगों का देश है और 1 करोड़ 20 लाख 🐄 गायें है ...हर एक 🐄 गाय के कान पर इलेक्ट्रॉनिक 📼 चिप लगा रखी है ......
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  August 8, 2017, 5:27 am
*रात्रि आधी से अधिक बीत चुकी थी ,हमलोगों को लौटने में बहुत देर हो गई थी ,उस कालोनी में अँधेरा पड़ा था.कारण बताया गया को कि रात्रि-चर और वन्य-प्राणी भ्रमित न हों इसलिये रोशनियाँ बंद कर दी गई हैं.मन आश्वस्त हुआ .पिछले दिनों एक समाचार बहुत सारे प्रश्न जगा गया था-  ऋतु-क्रम मे...
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  July 29, 2017, 11:34 pm
जन्म से लेकर मृत्यु तक हम वस्त्रों में ही लिपटे रहते हैं.वस्त्र-विन्यास का यह तीसरा युग है . पहला युग - प्राकृतिक उपादानों से निर्मित बाह्य तत्वो से शरीर के संरक्षण के लिये,दूसरा - फ़ैशन के लिये .परिधानों  का चयन - .रुचिपूर्ण ढंग से अच्छा लुक देकर सजाने,दिखाने के लिये .इसी...
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  July 20, 2017, 7:33 am
* बड़ी तेज़ गति से  चलते चले जाना  -  वांछित तोष तो मिलता नहीं ,ऊपर से मनः ऊर्जा का क्षय !तब लगता है क्यों न अपनी मौज में रमते हुये पग बढ़ायें ; वही यात्रा सुविधापूर्ण बन ,आत्मीय-संवादों के आनन्द में चलती रहे ......उस छोर की अनिवार गति और विदग्ध अति  से मोह-भंग के बाद ,सहृद...
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  July 8, 2017, 5:53 am
*बाहर लान में खुलनेवाली हमारी खिड़की के शेड तले एक भूरी चिड़िया ने घोंसला बनाया है.अब तो अंडों में से बच्चे निकल आये हैं .चिड़िया दूर तक उड़ कर उनके लिये चुग्गा लाती है और वे चारो उसके आते ही चीं-चीं कर अपनी चोंचें बा देते हैं.मैंने  थोड़ा दाना-पानी यहीं पास में रख दिया .प...
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  June 19, 2017, 10:46 am
*बाहर लान में खुलनेवाली हमारी खिड़की के शेड तले एक भूरी चिड़िया ने घोंसला बनाया है.अब तो अंडों में से बच्चे निकल आये हैं .चिड़िया दूर तक उड़ कर उनके लिये चुग्गा लाती है और वे चारो उसके आते ही चीं-चीं कर अपनी चोंचें बा देते हैं.मैंने  थोड़ा दाना-पानी यहीं पास में रख दिया .प...
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  June 19, 2017, 10:46 am
* बाह्य संसार से जब कोई परेशान हो जाता है, उबरने का कोई रास्ता नहीं दिखाई देता   तो उस झींकन के साथ  उसके अंतःचक्षु खुलने लगते हैं.नई-नई बातें सूझती हैं॒. अगर कहें सहज ज्ञान उत्पन्न होने लगता है तो भी गलत न होगा. नवोत्पन्न  ज्ञान बाह्य जगत की अनेक गर्म-ठंडी स्थितियों ...
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Tag :ग्राहिनी पतियाय.
  May 6, 2017, 9:32 am
*     हे अपार करुणामय अमिताभ बुद्ध ,क्षमा करना -मैं एक मंद-मति  नारी हूँ, जो नर के समान  सहज मानव के रूप में तुम्हें भी स्वीकार्य नहीं थी. तुम्हारा सद्धर्म  मेरे  लिये निषिद्ध रहा ,और जब महाप्रजापति गौतमी के आग्रह पर स्त्रियों को  प्रवेश दे कर इस धर्म ने जो कुठार...
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Tag :ऊर्ध्वीकरण
  March 20, 2017, 8:50 pm
  *बहुत समय बाद कबीर भारत आये  तो  देश में अंगरेजी की शान देख कर चकित हो गये  .गुण-गान सुनते रहे  .... कैसा साहित्य -कैसी अधिकारमयी, ज्ञन-विज्ञान के क्षेत्र में में सबसे बढ़ी-चढी दुनिया की निराली  भाषा - पढ़नेवाले का दिमाग़ भी झक्क कर देती है . जानने  की इच्छा बलवत...
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  January 30, 2017, 11:13 am
*शाम को जब भ्रमण पर निकलती हूँ तो  बहुत लोगआते-जाते मिल जाते हैं.अधिकतर फ़ोन कान से सटाये बोलते-सुनते चलते जाते हैं ,अपने आप में मग्न .सामना हो गया तो हल्का-सा हाय उछाल दिया या सिर हिलाने से ही काम चल जाता है . ऐसा भी  नहीं लगता कि जरूरत आ पड़ने पर अनायास चलती-फिरती बात हो ...
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  January 13, 2017, 11:32 am
*यहाँ अमेरिका में लोग जिस तरह अंग्रेज़ी बोलते हैं,कभी-कभी सिर के ऊपर से निकल जाती है. रोज़ शाम को टहलने निकलती हूँ.अड़ोस-पड़ोस में कोई साथ का नहीं ,अकेले जाती हूँ .बहुत लोग निकलते हैं . रोज़ राह चलते लोगों से साबका पड़ता है . अधिकतर उसी समय टहलने निकलनेवाले परिचित चेहरे -...
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  November 13, 2016, 6:58 am
  *'नानी ,काँ पे हो...?''कौन है ?'अनायास मेरे मुँह से निकला,महरी बोली,'आपकी नतनी ,और कौन ?'वैसे मैं जानती हूँ कौन आवाज़ लगा रहा है.और कौन हो सकता है इतना बेधड़क !पहले चिल्ला कर पूछती है ,पता लगते ही दौड़ कर चली आती है.नानी के हर काम में दखल देना जैसे उसका जन्म-सिद्ध अधिकार हो. सोच ...
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  October 15, 2016, 6:23 am
नवरात्र !कानों में गूँजने लगता है -'यो मां जयति संग्रामे, यो मे दर्प व्यपोहति ।यो मे प्रति-बलो लोके, स मे भर्त्ता भविष्यति ।।'- बात दैहिक क्षमता की  नहीं - देहधर्मी  तो पशु होता हैं ,पुरुष नहीं . साक्षात् महिषासुर ,देवों को जीतनेवाले सामर्थ्यशाली शुंभ-निशुंभ उस परम नारी...
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  October 1, 2016, 9:12 pm
*अललटप्पू - जिसने यह शब्द नहीं सुना होगा,पूछेगा - इसका मतलब क्या ? मतलब है अटकलपच्चू .अब यह भी समझ में नहीं आया तो समझाना पड़ेगा. सुनिये -अगड़म्-बगड़म्,अटर-शटर या अट्ट-सट्ट .एक शब्द में चाहें तो ऊलजलूल या ऊंटपटाँग . मतलब कुछ कम साफ़ हुआ हो तो और स्पष्ट कर दूँ - अंड-बंड ,अऩाप-...
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Tag :अललटप्पू
  September 30, 2016, 9:56 am
*इंग्लैंड की गद्दी के दावेदार  प्रिंस चार्ल्स की रगों में भारतीय रक्त दौड़ रहा है! एडिनबरा यूनिवर्सिटी के जेनेटिसिस्ट, जिम विल्सन ने विलियम के रिश्तेदारों की लार के नमूनो की जांच कर बात इस बात की पुष्टि की है . विल्सन के अनुसार डीएनए का R30b प्रकार बहुत दुर्लभ है.अब त...
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  September 28, 2016, 4:11 am
अराल(अरल) सागर सूख गया  - कभी दुनिया के समुद्रों में चौथे चौथे नंबर पर रहे  अराल(अरल) सागर का 90 फीसदी हिस्सा, बीते 50 सालों में ,सूख चुका है . यह मध्य एशिया में कजाकिस्तान एवं उजबेकिस्तान के बीच लहराता था। इसके विशाल आकार के कारण इसे सागर माना गया था .स्थानीय भाषाओं के शा...
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Tag :करकराती
  September 6, 2016, 1:16 am
*भोजन समापन पर है -मेरा बेटा कटोरी से दही चाट-चाट कर खारहा है .उसकी पुरानी आदत है कटोरी में लगा दही चम्मच से न निकले तो उँगली घुमाकर चाटता रहता है . वैसे जीभ से चाटने से भी उसे कोई परहेज़ नहीं .बाद में तो  तो यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि इस कटोरी में कुछ था भी.उसके पापा ...
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Tag :नज़ाकत.
  August 9, 2016, 7:19 am
*यह दुनिया विरोधों का तालमेल है,जिसमें संतुलन बनाये रखना बहुत ज़रूरी है  - जहाँ यह  बिगड़ा वहाँ गड़बड़ शुरू. एक निश्चित मात्रा में जो वस्तु लाभदायक है ,अनुपात बिगड़ते ही वह अनर्थ करने पर उतारू हो जाती है .और यह अक्ल नाम की बला जो इन्सान के साथ जुड़ी है बड़ी दुनियाबी चीज...
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Tag :उचक लेना
  August 5, 2016, 10:14 am
  * उज्जयिनी या उज्जैन , इस धरती की नाभि , जहाँ स्थित है पीयूष पूरित मणिपुर चक्र  .  शून्य देशान्तर रेखा का प्रदेश(अर्थात लंका से उज्जैन एवं कुरूक्षेत्र होते हुए जो रेखा मेरू पर्वत तक पहुंचती है वह मध्य रेखा मानी गई है। ) जिसे परसती  कर्क रेखा कोण  बनाने का साहस न क...
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  May 16, 2016, 1:38 pm
 *सुना आपने -  पानी के पुराने बिल माफ़ और बिजली के रेट आधे !समझदार थे वे, जिनने बिल नहीं चुकाया . नियमों को मान कर चलेवाले  मूर्ख निकले? मज़े से उपभोग करो  ,मूल्य चुकाने नाम कन्नी काट जाओ .अब  बिजली का दाम भी कम हो  गया डट कर फूँको.देखो न ,बिजली-पानी के लिये शोर मचा रह...
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  March 29, 2016, 5:22 pm
 *सुना आपने -  पानी के पुराने बिल माफ़ और बिजली के रेट आधे !समझदार थे वे, जिनने बिल नहीं चुकाया . नियमों को मान कर चलेवाले  मूर्ख निकले? मज़े से उपभोग करो  ,मूल्य चुकाने नाम कन्नी काट जाओ .अब  बिजली का दाम भी कम हो  गया डट कर फूँको.देखो न ,बिजली-पानी के लिये शोर मचा रह...
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  March 29, 2016, 5:22 pm
*ss ? for keyboard shortcuts.राम कहो ...मेरे पति की आदत थी हमारी नन्हीं-सी बेटी की छोटी-सी  गोद में किसी प्रकार सिर टिका कर कहते थे 'निन्ना आ रही है 'और वह दोनों हथेलियों से थपक-थपक कर लोरी गा कर सुलाने लगती थी.कभी ऊँ-ऊँ करेके रोने का नाटक करते तो लाड़ लडाना शुरू कर देती थी.केवल मेरी बेटी नही...
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  February 29, 2016, 8:06 pm
 *स्मॉग (धुँआसा शब्द  हो सकता है बिलकुल सही न हो) से  ईंट का निर्माण   -आश्चर्य मत कीजिये .चीन के एक कलाकार ने वातावरण में छाये प्रदूषण को समेट कर उसे ठोस रूप में सामने रख दिया.हवा मे समाये कटु-तिक्त कणों को समेट कर उनकी ईंट बना कर सामने रख दी. कलाकार का नाम जिंगोऊ ज़िया...
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  December 3, 2015, 11:35 am
*सहज-सरस , तोष और पोष देनेवाले बहुत से स्वाद खो गये है. नये निराले अटपटे-लटपटे स्वादों ने जगह ले ली उनकी.न परिचित रूप, न स्वाभाविक रंग .उनकी जगह लेने जाने कितने बनावटी रसायनी घाल-मेल मुख्यधारा में आते जा रहे हैं.अजीनोमोटो जैसा जीव भी  रसोई में प्रवेश पा गया .गहरी मंदी आँच ...
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Tag :मुँह लगना
  October 11, 2015, 11:37 pm
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