Deprecated: mysql_connect(): The mysql extension is deprecated and will be removed in the future: use mysqli or PDO instead in /home/hamariva/public_html/config/conn.php on line 13
लालित्यम् : View Blog Posts
Hamarivani.com

लालित्यम्

भारतीय जन-मानस में श्रीकृष्ण की छवि ईश्वर का पूर्णावतार होने के साथ परम रसिक नायक एवं प्रेम तथा करुणा के आगार के रूप में विद्यमान है .अपनी रुचि के अनुसार उसे इन दोनों के अलग-अलग अनुपातों में ढाल लिया जाता है.इन्हीं दोनों का गहरा आवरण उनके कठोर चुनौतियों भरे जीवन की वास...
लालित्यम्...
Tag :
  October 28, 2017, 8:34 am
*डॉ. प्रतिभा सक्सेना एक ऐसा नाम है जिनके नाम से जुड़े हैं उत्कृष्ट खण्ड-काव्य, लोक गीत, हास्य-व्यंग्य, निबंध, नाटक और जुड़ी हैं कहानियाँ, कविताएँ तथा बहुत सारी ब्लॉग रचनाएँ. विदेश में रहते हुए भी हिन्दी साहित्य की सेवा वर्षों से कर रही हैं. बल्कि यह कहना उचित होगा कि चुपचाप स...
लालित्यम्...
Tag :
  October 2, 2017, 8:25 pm
श्री सलिल वर्मा द्वारा कृष्ण-सखी - एक प्रतिक्रिया ,पर मैं जो कहना चाहती हूँ -कृष्ण -सखी का यह मूल्यांकन ऐसा लगा जैसे पूरी तरह रचना के गहन में प्रविष्ट होकर सम्यक् दृष्टि को साक्षी बना कर क्रम-बद्ध आकलन किया गया हो .रचनाकार के साथ जुड़ कर अंतरंग का ,और सजग-सचेत मस्तिष्क से ब...
लालित्यम्...
Tag :
  September 26, 2017, 9:44 pm

एक विज्ञापन -Shivna PrakashanAugust 24 at 9:08pm · वरिष्ठ प्रवासी कथाकार प्रतिभा सक्सेना द्वारा कृष्ण तथा द्रोपदी पर लिखा गया उपन्यास कृष्ण सखी शिवना प्रकाशन के जुलाई-अगस्त में प्रकाशित होने वाले सेट के अंतर्ग..वरिष्ठ प्रवासी कथाकार प्रतिभा सक्सेना द्वारा कृष्ण तथा द्रोपदी पर लिखा ग...
लालित्यम्...
Tag :
  September 5, 2017, 9:56 pm
एक ज्ञापन -Shivna PrakashanAugust 24 at 9:08pm · वरिष्ठ प्रवासी कथाकार प्रतिभा सक्सेना द्वारा कृष्ण तथा द्रोपदी पर लिखा गया उपन्यास कृष्ण सखी शिवना प्रकाशन के जुलाई-अगस्त में प्रकाशित होने वाले सेट के अंतर्ग..वरिष्ठ प्रवासी कथाकार प्रतिभा सक्सेना द्वारा कृष्ण तथा द्रोपदी पर लिखा गया...
लालित्यम्...
Tag :
  September 5, 2017, 9:56 pm
               *                 इंसानी कारस्तानियों से तो अब सारी दुनिया पनाह माँगने लगी है .एक छोटा सा उदाहरण अभी हाल ही में सामने आया है.अमेरिका का, अपनी विविधता के लिये विख्यात येलोस्टोन नेशनल पार्क , जो इतना विशाल है कि  तीन राज्यों में - मोंटाना,व्य...
लालित्यम्...
Tag :
  August 15, 2017, 11:13 pm
Suryakant Madhav Karandikar की वाल से -*"उरुग्वे "* एक ऐसा देश है , जिसमे औसतन हर एक आदमी के पास 4 गायें हैं ... औरपूरे विश्व में वो खेती के मामले में नम्बर वन की पोजीशन में है ...सिर्फ 33 लाख लोगों का देश है और 1 करोड़ 20 लाख 🐄 गायें है ...हर एक 🐄 गाय के कान पर इलेक्ट्रॉनिक 📼 चिप लगा रखी है ......
लालित्यम्...
Tag :
  August 8, 2017, 5:27 am
*रात्रि आधी से अधिक बीत चुकी थी ,हमलोगों को लौटने में बहुत देर हो गई थी ,उस कालोनी में अँधेरा पड़ा था.कारण बताया गया को कि रात्रि-चर और वन्य-प्राणी भ्रमित न हों इसलिये रोशनियाँ बंद कर दी गई हैं.मन आश्वस्त हुआ .पिछले दिनों एक समाचार बहुत सारे प्रश्न जगा गया था-  ऋतु-क्रम मे...
लालित्यम्...
Tag :
  July 29, 2017, 11:34 pm
जन्म से लेकर मृत्यु तक हम वस्त्रों में ही लिपटे रहते हैं.वस्त्र-विन्यास का यह तीसरा युग है . पहला युग - प्राकृतिक उपादानों से निर्मित बाह्य तत्वो से शरीर के संरक्षण के लिये,दूसरा - फ़ैशन के लिये .परिधानों  का चयन - .रुचिपूर्ण ढंग से अच्छा लुक देकर सजाने,दिखाने के लिये .इसी...
लालित्यम्...
Tag :
  July 20, 2017, 7:33 am
* बड़ी तेज़ गति से  चलते चले जाना  -  वांछित तोष तो मिलता नहीं ,ऊपर से मनः ऊर्जा का क्षय !तब लगता है क्यों न अपनी मौज में रमते हुये पग बढ़ायें ; वही यात्रा सुविधापूर्ण बन ,आत्मीय-संवादों के आनन्द में चलती रहे ......उस छोर की अनिवार गति और विदग्ध अति  से मोह-भंग के बाद ,सहृद...
लालित्यम्...
Tag :
  July 8, 2017, 5:53 am
*बाहर लान में खुलनेवाली हमारी खिड़की के शेड तले एक भूरी चिड़िया ने घोंसला बनाया है.अब तो अंडों में से बच्चे निकल आये हैं .चिड़िया दूर तक उड़ कर उनके लिये चुग्गा लाती है और वे चारो उसके आते ही चीं-चीं कर अपनी चोंचें बा देते हैं.मैंने  थोड़ा दाना-पानी यहीं पास में रख दिया .प...
लालित्यम्...
Tag :
  June 19, 2017, 10:46 am
*बाहर लान में खुलनेवाली हमारी खिड़की के शेड तले एक भूरी चिड़िया ने घोंसला बनाया है.अब तो अंडों में से बच्चे निकल आये हैं .चिड़िया दूर तक उड़ कर उनके लिये चुग्गा लाती है और वे चारो उसके आते ही चीं-चीं कर अपनी चोंचें बा देते हैं.मैंने  थोड़ा दाना-पानी यहीं पास में रख दिया .प...
लालित्यम्...
Tag :
  June 19, 2017, 10:46 am
* बाह्य संसार से जब कोई परेशान हो जाता है, उबरने का कोई रास्ता नहीं दिखाई देता   तो उस झींकन के साथ  उसके अंतःचक्षु खुलने लगते हैं.नई-नई बातें सूझती हैं॒. अगर कहें सहज ज्ञान उत्पन्न होने लगता है तो भी गलत न होगा. नवोत्पन्न  ज्ञान बाह्य जगत की अनेक गर्म-ठंडी स्थितियों ...
लालित्यम्...
Tag :ग्राहिनी पतियाय.
  May 6, 2017, 9:32 am
*     हे अपार करुणामय अमिताभ बुद्ध ,क्षमा करना -मैं एक मंद-मति  नारी हूँ, जो नर के समान  सहज मानव के रूप में तुम्हें भी स्वीकार्य नहीं थी. तुम्हारा सद्धर्म  मेरे  लिये निषिद्ध रहा ,और जब महाप्रजापति गौतमी के आग्रह पर स्त्रियों को  प्रवेश दे कर इस धर्म ने जो कुठार...
लालित्यम्...
Tag :ऊर्ध्वीकरण
  March 20, 2017, 8:50 pm
  *बहुत समय बाद कबीर भारत आये  तो  देश में अंगरेजी की शान देख कर चकित हो गये  .गुण-गान सुनते रहे  .... कैसा साहित्य -कैसी अधिकारमयी, ज्ञन-विज्ञान के क्षेत्र में में सबसे बढ़ी-चढी दुनिया की निराली  भाषा - पढ़नेवाले का दिमाग़ भी झक्क कर देती है . जानने  की इच्छा बलवत...
लालित्यम्...
Tag :
  January 30, 2017, 11:13 am
*शाम को जब भ्रमण पर निकलती हूँ तो  बहुत लोगआते-जाते मिल जाते हैं.अधिकतर फ़ोन कान से सटाये बोलते-सुनते चलते जाते हैं ,अपने आप में मग्न .सामना हो गया तो हल्का-सा हाय उछाल दिया या सिर हिलाने से ही काम चल जाता है . ऐसा भी  नहीं लगता कि जरूरत आ पड़ने पर अनायास चलती-फिरती बात हो ...
लालित्यम्...
Tag :
  January 13, 2017, 11:32 am
*यहाँ अमेरिका में लोग जिस तरह अंग्रेज़ी बोलते हैं,कभी-कभी सिर के ऊपर से निकल जाती है. रोज़ शाम को टहलने निकलती हूँ.अड़ोस-पड़ोस में कोई साथ का नहीं ,अकेले जाती हूँ .बहुत लोग निकलते हैं . रोज़ राह चलते लोगों से साबका पड़ता है . अधिकतर उसी समय टहलने निकलनेवाले परिचित चेहरे -...
लालित्यम्...
Tag :
  November 13, 2016, 6:58 am
  *'नानी ,काँ पे हो...?''कौन है ?'अनायास मेरे मुँह से निकला,महरी बोली,'आपकी नतनी ,और कौन ?'वैसे मैं जानती हूँ कौन आवाज़ लगा रहा है.और कौन हो सकता है इतना बेधड़क !पहले चिल्ला कर पूछती है ,पता लगते ही दौड़ कर चली आती है.नानी के हर काम में दखल देना जैसे उसका जन्म-सिद्ध अधिकार हो. सोच ...
लालित्यम्...
Tag :
  October 15, 2016, 6:23 am
नवरात्र !कानों में गूँजने लगता है -'यो मां जयति संग्रामे, यो मे दर्प व्यपोहति ।यो मे प्रति-बलो लोके, स मे भर्त्ता भविष्यति ।।'- बात दैहिक क्षमता की  नहीं - देहधर्मी  तो पशु होता हैं ,पुरुष नहीं . साक्षात् महिषासुर ,देवों को जीतनेवाले सामर्थ्यशाली शुंभ-निशुंभ उस परम नारी...
लालित्यम्...
Tag :
  October 1, 2016, 9:12 pm
*अललटप्पू - जिसने यह शब्द नहीं सुना होगा,पूछेगा - इसका मतलब क्या ? मतलब है अटकलपच्चू .अब यह भी समझ में नहीं आया तो समझाना पड़ेगा. सुनिये -अगड़म्-बगड़म्,अटर-शटर या अट्ट-सट्ट .एक शब्द में चाहें तो ऊलजलूल या ऊंटपटाँग . मतलब कुछ कम साफ़ हुआ हो तो और स्पष्ट कर दूँ - अंड-बंड ,अऩाप-...
लालित्यम्...
Tag :अललटप्पू
  September 30, 2016, 9:56 am
*इंग्लैंड की गद्दी के दावेदार  प्रिंस चार्ल्स की रगों में भारतीय रक्त दौड़ रहा है! एडिनबरा यूनिवर्सिटी के जेनेटिसिस्ट, जिम विल्सन ने विलियम के रिश्तेदारों की लार के नमूनो की जांच कर बात इस बात की पुष्टि की है . विल्सन के अनुसार डीएनए का R30b प्रकार बहुत दुर्लभ है.अब त...
लालित्यम्...
Tag :
  September 28, 2016, 4:11 am
अराल(अरल) सागर सूख गया  - कभी दुनिया के समुद्रों में चौथे चौथे नंबर पर रहे  अराल(अरल) सागर का 90 फीसदी हिस्सा, बीते 50 सालों में ,सूख चुका है . यह मध्य एशिया में कजाकिस्तान एवं उजबेकिस्तान के बीच लहराता था। इसके विशाल आकार के कारण इसे सागर माना गया था .स्थानीय भाषाओं के शा...
लालित्यम्...
Tag :करकराती
  September 6, 2016, 1:16 am
*भोजन समापन पर है -मेरा बेटा कटोरी से दही चाट-चाट कर खारहा है .उसकी पुरानी आदत है कटोरी में लगा दही चम्मच से न निकले तो उँगली घुमाकर चाटता रहता है . वैसे जीभ से चाटने से भी उसे कोई परहेज़ नहीं .बाद में तो  तो यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि इस कटोरी में कुछ था भी.उसके पापा ...
लालित्यम्...
Tag :नज़ाकत.
  August 9, 2016, 7:19 am
*यह दुनिया विरोधों का तालमेल है,जिसमें संतुलन बनाये रखना बहुत ज़रूरी है  - जहाँ यह  बिगड़ा वहाँ गड़बड़ शुरू. एक निश्चित मात्रा में जो वस्तु लाभदायक है ,अनुपात बिगड़ते ही वह अनर्थ करने पर उतारू हो जाती है .और यह अक्ल नाम की बला जो इन्सान के साथ जुड़ी है बड़ी दुनियाबी चीज...
लालित्यम्...
Tag :उचक लेना
  August 5, 2016, 10:14 am
  * उज्जयिनी या उज्जैन , इस धरती की नाभि , जहाँ स्थित है पीयूष पूरित मणिपुर चक्र  .  शून्य देशान्तर रेखा का प्रदेश(अर्थात लंका से उज्जैन एवं कुरूक्षेत्र होते हुए जो रेखा मेरू पर्वत तक पहुंचती है वह मध्य रेखा मानी गई है। ) जिसे परसती  कर्क रेखा कोण  बनाने का साहस न क...
लालित्यम्...
Tag :
  May 16, 2016, 1:38 pm
[ Prev Page ] [ Next Page ]

Share:
  हमारीवाणी.कॉम पर ब्लॉग पंजीकृत करने की विधि बहुत सरल हैं। इसके लिए सबसे पहले प्रष्ट के सबसे ऊपर दाईं ओर लिखे ...
  हमारीवाणी पर ब्लॉग-पोस्ट के प्रकाशन के लिए 'क्लिक कोड' ब्लॉग पर लगाना आवश्यक है। इसके लिए पहले लोगिन करें, लोगिन के उपरांत खुलने वाले प...
और सन्देश...
कुल ब्लॉग्स (3709) कुल पोस्ट (171408)