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Blog: हक और बातिल

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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); इमाम हुसैन (अ) की शहादत: हज़रत अली असग़र की शहादत के बाद अल्लाह का एक पाक बंदा, पैग़म्बरे इस्लाम (स) का चहीता नवासा, हज़रत अली का शेर दिल बेटा, जनाबे फातिमा की गोद का पाला और हज़रत हसन के बाज़ू की ताक़त यानी हुसैन-ए-मज़लूम कर्बला के मैदान में तन्हा और अक... Read more
clicks 13 View   Vote 0 Like   1:07am 3 Aug 2019 #ahlubayt
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इस्लाम और सेक्स लेखक: डा. मोहम्मद तक़ी अली आबदीपुस्तकालय› अख़लाक़ व दुआ› अख़लाक़ी किताबेंहिंदी 2017-04-10 12:55:36यह किताब अलहसनैन इस्लामी नेटवर्क की तरफ से संशोधित की गई है।.इस्लाम और जिन्सियातलेखकः डा. मोहम्मद तक़ी अली आबदीनोटः ये किताब अलहसनैन इस्लामी नेटवर्क के ज़रीऐ अपन... Read more
clicks 13 View   Vote 0 Like   1:03am 3 Aug 2019 #सेक्स
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सूरए बक़रह की ८९ नवासीवीं आयत इस प्रकार है।और जब ईश्वर की ओर से उनके लिए क़ुरआन नामक किताब आई (जो उन निशानियों के अनुकूल थी जो उनके पास थीं) और इससे पूर्व वे काफ़िरों पर विजय की शुभ सूचना दिया करते थे, तो जब उनके पास वे वस्तुएं आ गईं जिन्हें वे पहचान चुके थे, तो उन्होंने उन... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   3:19am 14 Jul 2019 #कुरान
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); 1. इमाम अली (अ.स.)जो शख्स भी कोई चीज़ अपने दिल मे छुपाने की कोशिश करता है तो उसके दिल की बात उसकी जबानी ग़लतीयो और चेहरे से मालूम हो जाती है।(नहजुल बलाग़ा, हदीस न. 25)   رسول اكرم صلى الله عليه و آله    مَنْ كانَ يُؤْمِنُ بِاللَّهِ وَ الْيَوْمِ الْآخِرِ فَلْيَقُلْ خَيْراً أَوْ لِيَس... Read more
clicks 47 View   Vote 0 Like   3:12am 9 Jul 2019 #ज़बान
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); رسول اكرم صلى الله عليه و آله لا تَزالُ اُمَّتى بِخَيرٍ ما تَحابّوا وَ اَقامُوا الصَّلاةَ و َآتَوُا الزَكاةَ و َقَروا الضَّيفَ... ؛1.    रसूले अकरम (स.अ.व.व)हमेशा मेरे उम्मती खैरो बरकत को देखेंगे जब तक की एक दूसरे से मौहब्बत करते रहे, नमाज पढ़ते रहे, जकात देते रहे और मेहमान की इज़्ज़त करत... Read more
clicks 23 View   Vote 0 Like   2:55am 9 Jul 2019 #ahlubayt
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); इमाम हुसैन ने आशूर के दिन शहादत के कुछ पहले खुत्बा दिया जिसमे उन्होंने कोशिश की कि यह लश्कर ऐ यज़ीद राह ऐ हक़ पे आ जाय लेकिन जब इमाम खुत्बा देते लश्कर ढोल बजने लगते जिस से ना वे सुनें खुत्बा और न लश्कर के सिपाही सुन सकें |आखिर में इमाम हसैन ने खुत्बा देना ... Read more
clicks 14 View   Vote 0 Like   10:24am 6 Jun 2019 #
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सभी लोगों को ईद की मुबारकबाद मैखान-ए-इंसानियत की सरखुशी, ईद इंसानी मोहब्बत का छलकता जाम है।आदमी को आदमी से प्यार करना चाहिए, ईद क्या है एकता का एक हसीं पैगाम है।                                                                     .........मशहूर शाय... Read more
clicks 160 View   Vote 0 Like   1:14pm 4 Jun 2019 #festival
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); वो खुशनसीब होता है जिसके घर वाले पति पत्नी भाई बहन उसके सुख दुःख के साथी होते हैं लेकिन कुछ बदनसीब होते हैं जिन्हे अपने ही घर में परिवार में अपनापन नहीं मिलता और वे मजबूर हो जाते हैं गैरों के साथ मिलजुल के खुश रहने पे | ऐसा घराना टूट के बिखर जाता है |वैस... Read more
clicks 19 View   Vote 0 Like   5:04am 27 May 2019 #
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); क्या अली (अ ) के विचारों, अक़वाल और वसीयतों को सिर्फ इमामबाड़ों और मिम्बरों तक महदूद करके हम अली वाले और मोमिन कहलायेंगे ?एस एम् मासूम आज हज़रत अली (अ ) की शहादत के १४०० साल हो गए और इन १४०० सालो से हज़रत अली के चाहने वाले उनका गम मना रहे हैं और अपने वक़्त ऐ इम... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   1:49am 27 May 2019 #
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); मान्यता है कि कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब जब पहाड़ों पर चलते थे तो उनके पैरों के निशान शिला पर अंकित हो जाते थे। आज भारत में ऐसे अनगिनत क़दम ऐ रसूल के निशानात आपको मिलेंगे जिनमे से अधिकतर बादशाओं और उनसे जुड़े लोगों की क़ब्र पे लगे हुए हैं और बहुत से मस्... Read more
clicks 18 View   Vote 0 Like   2:03am 26 May 2019 #
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); क़ुरान मजीद सुरए शूरा में अल्लाह फरमाता है इमान वाले वो हैं जो नमाज़ क़ायम करते हैं अपने रब की पुकार का जवाब देते हैं ,नमाज़ क़ाएम करते हैं और अपने काम एक दुसरे से मश्विरे के साथ अंजाम देते हैं और इसके लिए समाज के उन लोगों से राब्ता क़ाएम रखते है जिनके पास अक़... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   7:26pm 24 May 2019 #
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); मुसलमानो के खलीफा हज़रत अली इब्ने अभी तालिब को मस्जिद ऐ कूफ़ा में सुबह की नमाज़ में एक ज़ालिम इब्ने मुल्जिम से उस वक़्त शहीद  किया जब हज़रत अली सजदे में थे | यह १९ रमज़ान १४४० AH (26 jan 661 CE ) की सुबह थी  जब रसूल ऐ खुदा हज़रत मुहम्मद के दामाद हज़रत अली को ज़रबत लगी और ... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   11:54am 20 May 2019 #hazrat ali
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 अयातुल्लाह सीस्तानी 1. रोज़े की नियत *1559 - इंसान के लिए रोज़े की नियत दिल से गुजारना य मसलन यह कहना के "मै कल रोज़ा रखूंगा, ज़रूरी नहीं बल्कि उसका इरादा करना काफी है की वो अल्लाह ताअला की रिज़ा के लिए अजाने सुबह से मगरिब तक कोई भी ऐसा काम नहीं करेगा जिससे रोज़ा बातिल होत... Read more
clicks 15 View   Vote 0 Like   8:02am 10 May 2019 #
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इस लेख की सनद नहजुल बलाग़ा का 31 वा पत्र है। सैयद रज़ी के कथन के अनुसार सिफ़्फ़ीन से वापसी पर हाज़रीन नाम की जगह पर आप ने यह पत्र अपने पुत्र इमाम हसन (अ) को लिखा है। हज़रत अली (अ) ने इस पत्र के ज़रिये से जो ज़ाहिर में तो इमाम हसन (अ) के लिये है, मगर वास्तव में सत्य की तलाश करने वाल... Read more
clicks 16 View   Vote 0 Like   6:21am 1 May 2019 #ahlubayt
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); इस्लाम में अल्लाह ने यह कोशिश करने को अहमियत दी है की दुनिया में जितने भी इंसान है सबको इंसानियत के रिश्ते से कम से कम एक एक रखो | झगड़ों और मतभेद से परहेज़ करो और अगर किसी का अक़ीदा आप से टकरा जाय या अलग हो तो उसे मुहब्बत से अपना अक़ीदा समझाओ लेकिन किसी को ब... Read more
clicks 108 View   Vote 0 Like   1:28am 19 Apr 2019 #social issues
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); ये बात २० रजब सन ६० हिजरी की है जब मुआव्विया की मृत्यु हो गयी और यज़ीद  ने खुद को मुसलमानो  का  खलीफा घोषित कर दिया ।इमाम हुसैन (अ.स ) हज़रत मुहम्मद (स.अ व ) के नवासे थे और यह कैसे संभव था कि वो यज़ीद जैसे ज़ालिम और बदकार को खलीफा मान लेते ? इमाम हुसैन ने नेकी ... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   1:52am 5 Apr 2019 #ahlubayt
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); Allama Iqbal* ke chAnd ashaar:Muslim’e awwal, shahey mardaaN Ali( A.S.)ishq ra sarmaaya’e eimaaN Ali(A.S.)Allaama Iqbal*khaira na kar saka mujhey, jalwaey daanish’e farAngsurma hai meiri aaNkh ka, khaakey Madina o NajafAllaama Iqbal*faiz Iqbal* hai usi dAr kabandaey shaah’e la-fataa hooN maiNAllaama Iqbal*yeh hai Iqbal*, faiz e yaad e naam e Murtaza, jis senigaahey fikr mein khalwat saraaey la-makaaN tAk haiAllaama Iqbal*————–Mirza Ghalib* ke Qaseed’e ke chAnd ashaar:laal se ki hai paey zamzamaey midhat’e Shahtootiye sabzaey kohsaar ne paida minqaar( maqsad yeh ke pahaaRh par sabza bhi ugta hai,aur usmeiN Laal bhi ... Read more
clicks 35 View   Vote 0 Like   3:23pm 21 Mar 2019 #जश्न ऐ विलादत
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विलायत पोर्टल :घर में सन्नाटा छाया हुआ था और शौहर बाहर गए हुए थे, वह तन्हा थी और अपने हुजरे में बंद अपने रब से मुलाक़ात के लिए ख़ुद को तैयार कर रही थी, और अपने मालिक की तसबीह और तहलील में मसरूफ़ थी, उसके दिमाग़ में बीते हुए सारे हादसे एक के बाद एक आते जा रहे थे।उसके बाबा जब स... Read more
clicks 38 View   Vote 0 Like   6:44am 7 Feb 2019 #ahlubayt
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); आख़िरत में हमारा दींन क्या दीन ऐ इस्लाम होगा क्यों की जन्नत तो  इन्ही लिए है ?दुनिया में हम अपने अक़ीदे को बयान करके खुद को मुसलमान और अली की विलायत को मानने वाले  बताते हैं और जन्नत के दावेदार बन जाते हैं |  किसी भी इंसान  की बात कोई नहीं जानता इस... Read more
clicks 49 View   Vote 0 Like   12:56pm 9 Jan 2019 #
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); इस्लाम  में शादी (निकाह) का तात्पर्य सेक्सी इच्छा की पूर्ति के साथ-साथ सदैव नेक व सहीह व पूर्ण संतान का द्रष्टिगत रखना भी है। इसी लिए आइम्मः-ए-मासूमिन (अ.) ने मैथुन के लिए महीना, तारीख, दिन, समय और जगह को द्रष्टिगत रखते हुवे अलग-अलग असरात (प्रभाव) बताये ह... Read more
clicks 43 View   Vote 0 Like   12:53pm 9 Jan 2019 #sex in islam
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clicks 62 View   Vote 0 Like   4:35am 6 Dec 2018 #
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); मुवर्रेख़ीन का कहना है कि अबरहातुल अशरम का ईसाई बादशाह था। उसमें मज़हबी ताअस्सुब बेहद था। ख़ाना ए काबा की अज़मत व हुरमत देख कर आतिशे हसद से भड़क उठा और इसके वेक़ार को घटाने के लिये मक़ामे सनआमें एक अज़ीमुश्शान गिरजा बनवाया। मगर इसकी लोगों की नज़र म... Read more
clicks 56 View   Vote 0 Like   8:05pm 29 Nov 2018 #अबरहा
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बे शर्म और बे हया लोगो की कभी उनकी नज़र में  बेइज्ज़ती नही होती ! क्यों की उन्हें इज़्ज़त के मायने ही पता नहीं होते | उन्हें तो बस इतना पता होता है हर हाल में जीतना है उसके लिए आख़िरत जाय या हुक्म ऐ खुदा के खिलाफ  जाना पड़े या बेहयाई करनी पड़े और इसी जीत के शौक में उनकी हार ... Read more
clicks 72 View   Vote 0 Like   6:16am 27 Sep 2018 #dosti
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(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); लेखक:मौलाना पैग़म्बर अब्बास नौगाँवीतारीखदानो ने हिन्दुस्तान मे इस्लाम की आमद हज्जाज बिन युसुफ के नौजवान कमांडर मौहम्मद बिन क़ासिम से मंसूब की है और ये ऐसी ज़हनीयत का नतीजा है कि जो इस्लाम को तलवार के फलता फूलता मानती है यहाँ भी यही जाहिर किया गया ... Read more
clicks 69 View   Vote 0 Like   5:51am 21 Sep 2018 #
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clicks 59 View   Vote 0 Like   4:01am 21 Sep 2018 #
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