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Blogger: PAWAN KUMAR at Journey...
यह जग मेरा घर------------------हर पहलू का महद प्रयोजन, ऐसे ही तो जिंदगी में न कहीं बसते नव-व्यक्तित्वों से परिचय, नया परिवेश शनै निज-अंश बन जाता। कुछ लोग जैसे हमारे हेतु ही बने, मिलते ही माना प्राकृतिक मिलन जैसे अपना ही कुछ बिछुड़ा सा रूप, मात्र मिलन की प्रतीक्षा-चिर। ... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   11:40pm 15 Sep 2019
Blogger: Poonam Srivastav at JHAROKHA...
फोटो क्रेडिट:हेमंत कुमार यात्राएंये यात्राएं भीकितनी अजीब होती हैं।जैसे हम गुजरते हुएटेढ़े मेढे रास्तों सेनदी नालों पहाड़ों के सौन्दर्य को देखते सराहते,आश्चर्यचकित होते अपने पीछे छोड़ते हुएआगे बढ़ते जाते हैंअपनी अपनी मंजिल की ओर।ठीक वैसे हीहमारी जिन्दगी का सफ़र भी... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   8:34pm 15 Sep 2019
Blogger: डॉ आलोक त्रिपाठी at आँसू...
ऐप्रेम, तुमबसअव्यक्तरहो,अन्नन्तरहो, अशेषरहो।बिनआधारकेप्रवाहबनो,बिनध्यानकेअराध्यरहो।चेतनहोकरभीअवचेतनबनसृष्टिमेंतुमशाश्वतप्रवाहरहोआसक्ति, अनासक्तिसेसूदूर,अविरलअनन्य, परनिर्भावरहो।सासोंसदृशजीवनबनजियोतुमहोनेकीबसअनुभूतिरहोपरीक्षावपरिणामकोसोंदूरव... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   4:21pm 15 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
हो जायेंगे पाक के, अब तो टुकड़े पाँच।झूठ सदा ही जीतता, और हारता साँच।।-- पीओके बन जायगा, भारत का फिर अंग।होंगें तब कशमीर के, बन्धु-बान्धव संग।।-- सोच-समझकर फैसला, करती है सरकार।पूरे ही कशमीर पर, होगा अब अधिकार।।-- झेलेंगे अब हम नहीं, सीमा पर आतंक।धो देंगे इतिहास का, सार... Read more
clicks 1 View   Vote 0 Like   4:01pm 15 Sep 2019
Blogger: jafar at tHe Missed Beat...
कागज़ के उन टुकडो को दिल से लगा रखा हैं ,तेरे हरेक लब्ज़ को जिंदगी बना रखा हैं ,वो ख़त जो तुमने मेरे नाम किये .....दौरे तन्हाई में वो साथ चलते हैं ,मेरी थकानो में छाँव धरते  हैं ,सारे जहां में चाहे खिज़ा छाये वो फूल मेरे सिराहने महकते हैं .उस एक आग को ख़ुदमे में दबा रखा हैं ,कागज... Read more
clicks 0 View   Vote 0 Like   1:20pm 15 Sep 2019
Blogger: अर्चना तिवारी at पंखुड़ियाँ...
चूहा इधर से गया कि उधर से। पारिवारिक नोकझोंक के लिए किसी मुद्दे की आवश्यकता होती है क्या? और फिर बात तेरी-मेरी के खाल उधेड़ तक कब पहुँच जाती है पता भी नहीं चलता। आज जब बात हद से गुजरने लगी तो हम झनकते-पटकते घर से निकल आए। अनमने से कॉलोनी के पार्क की ओर चल दिए।पार्क में प्रवे... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   9:27am 15 Sep 2019
Blogger: akhtar khan akela at आपका-अख्तर खा...
एक हस्ती है ,के मिटती नहीं हमारी ,वरना बरसों से दुश्मन रहा है ,दौर ऐ ज़माना ,, में तो ख़ाक हूँ फिर भी ,कुछ बात ही ऐसी है के लोग , मुझे कभी सीने से ,कभी माथे पर लगा लेते है ,, जी हाँ दोस्तों ,में बात कर रहा हूँ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव ,बारां ज़िले के प्रभारी ,ज़मीनी हक़ीक़त से जुड़े ... Read more
clicks 6 View   Vote 0 Like   7:44am 15 Sep 2019
Blogger: प्रमोद जोशी at जिज्ञासा...
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिए गए एक फैसले में कहा कि देश के सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए पिछले 63 साल में कोई प्रयास नहीं किया गया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में कई बार कहा है। अदालत ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने भाग 4 में नीति निर्देश... Read more
clicks 8 View   Vote 0 Like   7:13am 15 Sep 2019
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at चर्चामंच...
स्नेहिल अभिवादन    रविवार की चर्चा में आप का हार्दिक स्वागत है|   देखिये मेरी पसन्द की कुछ रचनाओं के लिंक |    - अनीता सैनी  -------- दोहे... Read more
clicks 7 View   Vote 0 Like   4:00am 15 Sep 2019
Blogger: noopuram at नमस्ते namaste ...
हिंदीभाषा नहींनदी है,जो अविरलबहती है,गंगा यमुनाकावेरी गोदावरीचेनाब रावीब्रह्मपुत्र की तरहदेश भर कीयात्रा करती हुई,हर तट से गले मिलती,सुख-दुख बटोरती,लोक संस्कृतिऔर बोलीसमेटती हुई,बहती ही जाती है ।यह भाषा ऐसी है ।सबको अपनाती है ।अपनी लगती है ।जैसे नदियां जोड़ती हैं,स... Read more
clicks 6 View   Vote 0 Like   11:58pm 14 Sep 2019
Blogger: डा सुधेश at Sahityayan. साहित्य...
व्यवसाय  से सी ए          रुचि से  कवि और ब्लागर दिगम्बर नासवा  की कुछ गजलें प्रस्तुत कर रहा हूँ ।  सुधेश किस्मत जब अच्छी लिखवाई होती हैजेबों में तब पाई पाई होती हैआसमान पे नज़र टिकाई होती हैखेतों में जब फसल उगाई होती हैजिसने भी ये आग लगाई होती हैतीली हलके ... Read more
clicks 11 View   Vote 0 Like   9:23pm 14 Sep 2019
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
      जब बात मेरी इच्छा के अनुसार नहीं बनी तो मैंने अपने पति पर दुखी करने वाले शब्दों से हमला किया, और जब पवित्र-आत्मा ने मुझे बाइबल के वे पद स्मरण करवाए जो मेरे पापमय व्यवहार को मेरे सम्मुख ला रहे थे तो मैंने मेरे जीवन में पवित्र-आत्मा के अधिकार का भी अपमान किया। क... Read more
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